मुसद्दीलाल's banner
मुसद्दीलाल's profile picture

मुसद्दीलाल

@naeemalvik16,887 subscribers

ceo and founder alvi travel agency, हास्य, व्यंग, स्वतंत्र विचारक, आरटीआई एक्टिविस्ट

Shorts

ये अंजीर का पेड़ हमने अपने गेट पर लगाया था, लेकिन ये बात मुहल्ले वालों से सिक्रेट रखी, सब इसको गूलर समझते हैं, कोई तोड़ता ही नहीं 🥰🥰

ये अंजीर का पेड़ हमने अपने गेट पर लगाया था, लेकिन ये बात मुहल्ले वालों से सिक्रेट रखी, सब इसको गूलर समझते हैं, कोई तोड़ता ही नहीं 🥰🥰

12,589 görüntüleme

जिस तरह से अशोक खेरात के नई नई महिलाओं के साथ विडियो आते जा रहे हैं वैसे वैसे अशोक खरात पर FIR की संख्या बढ़ती जा रही है, मतलब जिन महिला के विडियो आते जा रहे हैं वह FIR कराती जा रही है, वरना अब तक सति सावित्री बनी चुपचाप बैठी थी, किसी से जिक्र भी नहीं किया, वो तो किसी एक दो महिला ने हिम्मत करके शुरू में FIR करा दी जो ये मामला खुला, वरना ना जाने आगे भी कितनी महिलाओं को यह पाखंडी अपना शिकार बनाता, और कितनी ही महिलाओं को पहले शिकार बना चुका होगा,?

Sensitive content

जिस तरह से अशोक खेरात के नई नई महिलाओं के साथ विडियो आते जा रहे हैं वैसे वैसे अशोक खरात पर FIR की संख्या बढ़ती जा रही है, मतलब जिन महिला के विडियो आते जा रहे हैं वह FIR कराती जा रही है, वरना अब तक सति सावित्री बनी चुपचाप बैठी थी, किसी से जिक्र भी नहीं किया, वो तो किसी एक दो महिला ने हिम्मत करके शुरू में FIR करा दी जो ये मामला खुला, वरना ना जाने आगे भी कितनी महिलाओं को यह पाखंडी अपना शिकार बनाता, और कितनी ही महिलाओं को पहले शिकार बना चुका होगा,?

87,480 görüntüleme

Videos

ये ऐसे नहीं होता मित्रों, जहां आस्था और धर्म के नाम पर विश्वास तो अटूट होता परंतु ईश्वर पर विश्वास कमजोर होता है, जहां ईश्वर पर विश्वास कमजोर हुआ वहां हर किसी वस्तु में ईश्वर नजर आने लगता है, और जब ईश्वर नजर आने लगता है तो ईश्वर को सब कुछ समर्पित होता है, जिसका लाभ ऐसे पाखंडी लोग उठाते हैं, अब कुछ लोग कहते ईश्वर हर जगह तुझमें और मुझमें भी ईश्वर है कण कण में ईश्वर है, अब इस पाखंडी के अंदर ईश्वर है? क्या ईश्वर ऐसा कृत्य करेंगे? नहीं कदापि नहीं, यह भी सत्य है ईश्वर हर जगह है लेकिन किसी मनुष्य जीव निर्जीव में नहीं है, है हर जगह नजर सब पर रखता है, मेरा अपना मत है कि जो जीव निर्जीव जैसा खाता पीता सोता हंसता रोता हो, जन्म मृत्यु का भागी हो वह तो कदापि ईश्वर हो ही नहीं सकता,
0:34

Sensitive content

This media may contain sensitive content.

naeemalvik's profile picture

ये ऐसे नहीं होता मित्रों, जहां आस्था और धर्म के नाम पर विश्वास तो अटूट होता परंतु ईश्वर पर विश्वास कमजोर होता है, जहां ईश्वर पर विश्वास कमजोर हुआ वहां हर किसी वस्तु में ईश्वर नजर आने लगता है, और जब ईश्वर नजर आने लगता है तो ईश्वर को सब कुछ समर्पित होता है, जिसका लाभ ऐसे पाखंडी लोग उठाते हैं, अब कुछ लोग कहते ईश्वर हर जगह तुझमें और मुझमें भी ईश्वर है कण कण में ईश्वर है, अब इस पाखंडी के अंदर ईश्वर है? क्या ईश्वर ऐसा कृत्य करेंगे? नहीं कदापि नहीं, यह भी सत्य है ईश्वर हर जगह है लेकिन किसी मनुष्य जीव निर्जीव में नहीं है, है हर जगह नजर सब पर रखता है, मेरा अपना मत है कि जो जीव निर्जीव जैसा खाता पीता सोता हंसता रोता हो, जन्म मृत्यु का भागी हो वह तो कदापि ईश्वर हो ही नहीं सकता,

मुसद्दीलाल

49,191 görüntüleme • 4 ay önce

Daha fazla içerik yok.