
Om Prakash Rajbhar
@oprajbhar • 257,210 subscribers
National President, Founder of @SBSP4INDIA Cabinet Minister @upgovt Panchayati Raj, Minority Welfare,Muslim Waqf and Haj,MLA From Zahoorabad
Shorts
Videos

कल जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान टाइम्स नाउ नवभारत की पत्रकार ज्योति मिश्रा के साथ कथित अपहरण और दुर्व्यवहार की खबर बेहद गंभीर और निंदनीय है। लोकतांत्रिक आंदोलन की आड़ में यदि किसी उपद्रवी तत्व ने किसी महिला पत्रकार के साथ अभद्रता या हिंसा की है, तो ऐसे लोगों के लिए किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं हो सकती। उग्र भीड़ से अपनी जान बचाने के लिए ज्योति मिश्रा को एक बैंक में लगभग तीन घंटे तक शरण लेनी पड़ी। इस दौरान कथित रूप से पीसीआर टीम को भी उनकी मदद के लिए पहुँचने से रोका गया, उन पर पथराव किया गया और वे लंबे समय तक बैंक के भीतर फँसी रहीं। अंततः डीसीपी रोहित राजबीर स्वयं मौके पर पहुँचे और उनका सुरक्षित रेस्क्यू कराया। पत्रकार की सुरक्षा पर हमला लोकतंत्र पर हमला है। दोषी चाहे किसी भी संगठन, समूह या विचारधारा से जुड़े हों, उनकी निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाएँ तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। आंदोलन का अधिकार लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उपद्रव, हिंसा और महिला पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। Jyoti Mishra Rubika Liyaquat Times Now Navbharat
Om Prakash Rajbhar520,436 просмотров • 2 месяцев назад

अखिलेश जी, सुना है आपने अपने अपराधियों को अब यूनिफार्म पहनाने की ठान ली है। देश में ऐसा पहला मौका है जब अपराधी भी यूनिफार्म में घूमेंगे। कमाल कर दिया महाराज आपने। वैसे अपराध का कोई रंग तो नहीं होता लेकिन आपने रंग भी चुराने की कोशिश कर ली। राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना से तो आप पहले से आकर्षित थे। जब हमने आपने हाथ मिलाया था, तब मऊ के हलधरपुर वाली पहली रैली में आपने हमारी सुहेलदेव सेना का अनुशासन देखकर तारीफ़ भी की थी। याद है ना? याद तो होगा ही, तभी तो रंग और वर्दी चुराने की कोशिश कर ली। ख़ैर, कोई बात नहीं। रंग और वर्दी चुराने से अनुशासन थोड़ी ना दे पाएंगे। वो भी अपराधियों को। वैसे कोशिश कीजिएगा कि थोड़ा सा अनुशासन अगर आपके लोग सीख लें तो भला होगा। एक सुझाव और है। आप पर पीला गमछा बहुत अच्छा लगेगा। उम्मीद है अगली बार आप पीले गमछे में दिखाई देंगे। जय भारत, जय महाराज सुहेलदेव Akhilesh Yadav
Om Prakash Rajbhar111,407 просмотров • 22 дней назад

अहिरों और अशफ़ाक़ों के प्रिय अखिलेश जी, आप आरक्षण की बात कर रहे हैं! ताज्जुब है। ग़ज़ब करते हैं महाराज आप। आप वही हैं ना जो यादव और मुस्लिमों के अलावा किसी को कुछ समझते नहीं थे? आप वही हैं ना जिनके राज में यादव और मुसलमान ख़ुद को सीएम समझते थे? आप वही हैं ना जिसके MY वाले लोग हफ़्ता वसूली करते थे? जब आप सत्ता में थे तब क्या आपने कभी राजभर, कुर्मी, जाट, निषाद, नाई धोबी, गोंड, प्रजापति, आर्कवंशी, बंजारा, बहेरिया, मुसहर, पासी से लेकर दर्जनों जातियों को उनका सम्मान देने की सोची? नहीं ना? हमारी बात पर यक़ीन ना हो तो किसी गांव-टोले में चले जाइए, लोग इतिहास गिना देंगे। जब आप लोग संघ प्रमुख के बयान को ग़लत तरीक़े से पेश करके लोगों को भरमा रहे थे, तब प्रधानमंत्री जी ने जो कहा था, वो याद भी है? ना हो तो ये वीडियो भी सुन लीजिए। पीएम मोदी ने कहा था, “अगर कोई आरक्षण छीनने की कोशिश करेगा तो मोदी अपनी जान की बाजी लगा देगा”। झूठ मत फैलाइये, जैसे संविधान के नाम पर दो साल पहले आपने और आपके दुलारे मित्र राहुल जी ने फैलाया था। लोग आपको जानते हैं। अभी सरकार नहीं आई लेकिन आपके पीडीए वाले “ए” बेक़ाबू हो चले हैं। अहिर और अशफ़ाक़ पीट रहा है, हत्या कर रहा है, इनके तो कहने ही क्या! रही बात आपकी सोच की तो शिवपाल जी आज़म ख़ान को गृह मंत्री बनाने की बात कर रहे हैं। जानते हैं क्यों? क्योंकि वो अशफ़ाक़ को कहना चाह रहे कि जो करना है करो, आज़म आयेंगे तो सब माफ़। बस इतना समझ लीजिए। आप लोगों को सरकार में तो आना नहीं है। बेमतलब अहिरों और अशफ़ाक़ों को क्यों बर्बाद कर रहे हैं। ताव में आकर ये हरकत करेंगे, फिर बाबा की सरकार इन्हें वहीं पहुँचायेगी जहां इनकी जगह है। फिर आप रोयेंगे कि अत्याचार हो रहा है। अपनों को बर्बाद मत कीजिए। परिवार बचाइए। पार्टी ही परिवार है और परिवार ही पार्टी है। बचेगा तो आपका परिवार भी नहीं। चच्चू पर नज़र रखियेगा। हर लंका में एक विभीषण ज़रूर होता है। बाक़ी आप समझदार हैं। जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम, जय महाराजा सुहेलदेव। Akhilesh Yadav
Om Prakash Rajbhar32,735 просмотров • 1 месяц назад

गौतम बुद्ध जी,बाबा साहब बी०आर अम्बेडकर जी,महाराजा सुहेलदेव राजभर जी,ज्योतिबाफुले जी,सावित्रीबाई फुले जी,छत्रपति शाहूजी के विचार को जन जन तक पहुँचाने में लगा हूँ हमारा और सुभासपा का झुकाव वंचित वर्गों की तरफ़ है,जिसकी जितनी भागीदारी उनकी उतनी हिस्सेदारी के लिए संघर्ष हो रहा है।
Om Prakash Rajbhar20,687 просмотров • 3 лет назад
Больше нет контента для загрузки