
OP Singh
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IPS (1992-25) | The 41st Director General of Police, Haryana | Author | Columnist
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"The police force has no caste; our only identity is khaki.” DGP of Haryana O P Singh #HaryanaPolice #dgpOPSingh #DGPStatement #KhakiIsOurIdentity #PoliceUnity #NoCasteOnlyKhaki #IndianPoliceService #LawAndOrder #ServeAndProtect #PolicePride #UniformPride #BharatPolice #KhakiArmy #DutyAboveAll #DisciplineAndDuty #NationalSecurity #RespectTheUniform #PoliceMotivation #PublicSafety #WeStandWithPolice
OP Singh1,031,188 views • 1 year ago

जब मैं साइबर थाना, #गुरुग्राम #DigitalArrest का मुक़दमा दर्ज कराने निजी कार से पहुँचा। गेट के सिपाही ने नहीं पहचाना। जब मैंने कहा कि मुक़दमा दर्ज कराना है तो बोला कि ड्यूटी ऑफिसर सेकंड फ्लोर पर कमरा नंबर 24 में है। वहाँ वो एक शिकायतकर्ता के काम में लगा था। थोड़ी देर सीपी, डीसीपी, एसीपी, एस एच ओ, डीए एक-एक कर पहुँचें। लंबी वार्ता हुई। फ़ैसला हुआ कि: 1)अगर बैंक ने ड्यू डिलिजेंस नहीं किया तो साइबरक्राइम का नुक़सान बैंक भरेगा। 2)फ्रीज़ हुए छोटे अमाउंट वाले मामले में बग़ैर FIR के आईओ लोक अदालत से कंप्लेनेंट को पैसे वापस दिलाएगा। 3) हेडबॉयज़ एवं गर्ल्स का स्पाइकमैके के सहयोग से एक नेटवर्क बनाया जाएगा जो इवेंट के माध्यम से साइबरक्राइम एवं ड्रग के बारे में इन Gen Alpha के उत्साही बच्चों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगा। एक फीडबैक आया कि लोक अदालत में चालान का रिकॉर्ड महीनों-महीनों नहीं पहुँचता। मैंने सीपी, गुरुग्राम को कहा कि इसका निदान करें। मैंने आईजी, साइबर को कहा कि हर सप्ताह कम से कम एक साइबर थाना विजिट करें। साइबरक्राइम के शिकार के किसी तीन समस्या को पहचान कर उसका निदान करें। #ActionAtGroundLevel
OP Singh549,494 views • 11 months ago

बहादुरगढ़ में सब्ज़ी वाले को सड़क से हटाने की कार्रवाई पर मैंने डीसीपी बहादुरगढ़ और सीपी झज्जर से बात की है। एसीपी दिनेश अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर है। दर्जनों मेडल जीतकर खेल कोटे से पुलिस में भर्ती हुए हैं। उनके सामने सड़क को सड़क रखने का काम था। जो मिला उसी से अतिक्रमण हटाने लगे। जब सब्ज़ी की टोकरी पर बुलडोजर चले तो कहानी तो बननी ही थी। मैंने सीपी कौ कहा है कि फील्ड ऑफ़िसर्स को कैमरे से भरे वातावरण में अपना काम सावधानी से करने की ट्रेनिंग दिलाएं। पुलिस का काम ही कुछ ऐसा है: मुख़्तसर सी ज़िन्दगी के अजीब से अफ़साने हैं, यहाँ तीर भी चलाने हैं और परिंदे भी बचाने हैं!
OP Singh265,067 views • 1 year ago

#IIM रायपुर कैंपस में 6km की सैर। 50 सेकेंड में 60 पुश-अप। फिर हार्ड सरफेस पर #Plank
OP Singh119,093 views • 11 months ago

डीजीपी ओ.पी. सिंह हरियाणा का सख़्त संदेश #मारा_तो_भुगतो #PayForYourCrime नशे में गाड़ी चलाकर जान जोखिम में डालने वाले ऐसे अपराधियों के लिए पुलिस की नीति स्पष्ट है: साल से पहले बेल नहीं, दस साल से कम जेल नहीं। #HaryanaPolice #RoadSafety #NoMoreDrunkDriving #ZeroTolerance #CrimeControl #LawAndOrder #SafeHaryana #JusticeForVictims #PoliceAction #RoadDiscipline #IndianPolice #PublicSafety #TrafficRules #NoExcuse #CrimeMustPay #dgpopsingh #dgpharyana
OP Singh122,198 views • 1 year ago

पंचकुला में यवनिका पार्क से डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स तक का #run साथ में थे हरियाणा पुलिस के 5,000 जवान जिनकी आज पासिंग आउट परेड है। #रन के बाद लगाये वन-गो में 75 पुश-अप्स सारे जवानों एवं उनके परिवार जनों को बधाई। हरियाणा के लोगों को भी, जिनकी सुरक्षा में ये कड़ी ट्रेनिंग के बाद तैनात होंगे। CMO Haryana Manohar Lal
OP Singh18,509 views • 10 months ago

लोग पूछते है कि आगे क्या करोगे? स्कूल में था तो यही पूछते थे। सोचता था कि जब नदी आएगी तो पार कर जाएँगे। इतनी चिंता क्यों करनी है? जब #IPS में थे तो आठ-नौ साल ही फ़ील्ड में एसपी, सीपी, आईजी-एडीजी, रेंज और डीजीपी रहे। घटनाएँ तेज़ी से घटित होती थी। हैंड्स-ऑन रहना होना था। बाक़ी जगह तो काम ख़ुद ही गढ़ना होता था। काम ख़ुद गढ़ने का समय दोबारा आ गया है। पिछले अक्टूबर जब छठ पूजा में घर गए थे तो पुराने लोगों से मिलना हुआ। हमसे पहले जैसा प्यार रखते है। जीवन के आख़िरी दौर में हैं। बच्चे रोज़ी-रोटी की तलाश में बाहर चले गए हैं। शरीर जवाब दे रहा है। कोई हालचाल भी पूछ ले तो आँखें भर आती है। परिवार में भी हमसे बड़े हैं। हमसे पहले वाली अपेक्षा रखते हैं - कुछ बड़ा करो, फिर से। सोचता हुँ कि इससे बड़ा क्या हो सकता है कि जीवन के चौथेपन से जूझ रहे स्वजनों को समय दूं? किताब #हौसनानामा का आख़िरी अध्याय - ‘चौथेपन की मार’ - इसी विषय पर है। सरकार-युवा सरोकार ठीक कैसे रहे इस विषय पर किताब बीच में है। उसे पूरा करना है। पुलिस को ताक़तवर नहीं मजबूत और कारगर कैसे बनाते हैं, इसपर भी एक किताब बनती है। पिछले दिनों हमने ये देखा कि ये संभव है। पाँच-छह सौ पेज की आत्मकथा तो लिखनी ही लिखनी है। जेपी के संपूर्ण क्रांति, #इमरजेंसी, अमिताभ बच्चन के शोले और उसके बाद की घटनायें स्मृतिपटल पर स्पष्ट है। दुनियाँ अच्छी कहने की नहीं बनाने की चीज़ है। वर्ष 2018 में हिंदी पत्रिका #कादम्बिनी में हौसलानामा की समीक्षा छपी थी। ‘चौथेपन की मार’ अध्याय का विशेष उल्लेख था। मेनुस्क्रिप्ट की स्क्रीन रिकॉर्डिंग पोस्ट कर रहा हुँ। #SoGoodToBeAmongBooks
OP Singh15,361 views • 10 months ago

पंचकुला में 5000 रिक्रूट #कांस्टेबल पासिंग आउट परेड का विहंगम दृश्य CMO Haryana Amit Shah
OP Singh10,383 views • 10 months ago
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