
Dr. Pallavi Patel
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विधायक, सिराथू 251 विधानसभा, कौशाम्बी,उत्तर प्रदेश Daughter of Dr Sone Lal Patel. सामाजिक न्याय के मिशन @adkamerawadi से जुड़िये
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डॉक्टर सोनेलाल पटेल पचास हड्डियाँ टूटने के बाद जब तीन महीने बाद बिस्तर से उठे, तो अपने शरीर की हड्डियों के दम पर नहीं, अपने शरीर में पड़े बारह किलो लोहे के दम पर उठे थे। वो उठे, वो उठे और वो एक हैसियत के साथ उठे, जो एक इंच भी नहीं झुकी, जो एक कदम भी पीछे नहीं हटी। जेल में रहकर के उन्होंने पैंसठ साल की उम्र में, 1999 में, जन्मों-जन्मों की यातना झेली थी, जो उनकी रीढ़ की हड्डी पर चोट करती थी। डॉक्टर कह रहे थे कि तुम खेत में काम करने वाले, तुम खेत की मेड़ पर काम करने वाले राजनेता हो। तब डॉक्टर सोनेलाल पटेल जब दोबारा खड़े हुए, तो चुनौती दे रहे थे। चुनौती दे रहे थे। आपने सुना होगा, मंचों से कहा था कि देश की राजनीति, देश की सत्ता किसी की बपौती नहीं है। इस देश में हक पिछड़ा वर्ग, आदिवासी का है। अपना अधिकार हमने लिया है, जानते हैं, कब्जा भी करना जानते हैं। जो हमें तलवार से देती है, वो तलवार चलाकर के गर्दन काटना भी जानते हैं और ढाल बनाकर के अपने वर्तमान और भविष्य को बचाना भी जानते हैं। मैं आपको यह बात इसलिए बता रहा हूँ कि वो नेक्स्ट की पीढ़ियाँ, जो अपने पूर्व की पीढ़ियों के प्यार, तपस्या और संघर्ष को नहीं जानते, उनके बनाए हुए इतिहास को नहीं जानते, तो आगे लड़ी जाने वाली लड़ाई को अपने आप ही आधी हार जाते हैं। वो कभी नया इतिहास नहीं लिख सकते।
Dr. Pallavi Patel33,572 views • 1 month ago

कुछ दिन पहले एक बात कानों में पड़ी कि उत्तर प्रदेश की आधी आबादी को सालाना ₹50,000 दिए जाएंगे, जिसमें चुनाव से पहले ₹20,000 और बाकी बाद में दिए जाएंगे। सुनकर अच्छा लगा, क्योंकि इस प्रदेश की आधी आबादी हम भी हैं। लेकिन तुरंत बिहार की चुनावी घोषणाएं याद आ गईं—वहां भी बड़े-बड़े वादे किए गए। और फिर वो वादा भी याद आया, जब कहा गया था कि सरकार बनने पर हर खाते में ₹15 लाख आएंगे। इसलिए सवाल ये है कि कहीं 2027 के चुनाव से पहले ₹20,000 और ₹50,000 का सपना दिखाकर वोट तो नहीं मांगा जा रहा? चुनाव के बाद कहीं यही न कहा जाए कि “वो तो चुनावी जुमला था।” इसलिए बहनों-भाइयों, घोषणा सुनकर खुश होने से पहले वादे का हिसाब मांगिए, गारंटी मांगिए और पिछले वादों का जवाब मांगिए। वोट आपका है, फैसला आपका है—लेकिन फैसला वादों पर नहीं, उनके पिछले रिकॉर्ड पर होना चाहिए।
Dr. Pallavi Patel24,133 views • 28 days ago
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गाजीपुर की नाबालिक बेटी निशा विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत... अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के संगीन आरोप लगे, पुलिस विवेचना जारी... पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा के पूर्व मंत्री श्री रामआसरे विश्वकर्मा व अन्य नेताओं और पुलिस बल पर दुस्साहसिक सत्तासंरक्षित सामंतवादियों द्वारा हमला, पथराव। सरकार के दबाव में पीड़ित पक्ष पर ही पुलिसिया कार्यवाही। अब सवाल यह है कि क्या भाजपा के तथाकथित रामराज्य में संगीन अपराधों को रोकने में विफल योगी सरकार पीड़ित पक्ष के कानूनी और संवैधानिक अधिकारों को भी छीन लेना चाहती है ?
Dr. Pallavi Patel22,005 views • 5 months ago

देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर मंतर पर बीते 10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और छात्र संगठन आइसा के छात्रनेताओं से वार्ता कर केंद्र सरकार को शिक्षा व्यवस्था को लेकर मांगों पर हल निकालना चाहिए। महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री और संसद के इतने करीब हो रहे लोकतांत्रिक आंदोलन की अवहेलना कतई ठीक नहीं है।
Dr. Pallavi Patel11,069 views • 2 months ago
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ये निर्णय जो आया है ये अधूरा निर्णय है ,अगर सरकार ये मान रही है की पेपर लीक हुआ है तो सबसे पहले सरकार ये सुनिश्चित करे की इसी प्रवेश पत्र के माध्यम से अधिकतम 15 दिन में या कह लीजिए लोकसभा की अधिसूचना लगने से पहले दुबारा करा दिया जाए। #UPPOLICE_EXAM #UPPolice_Re_exam
Dr. Pallavi Patel65,196 views • 2 years ago

यूजीसी एक्ट 2026 में ओबीसी-एससी-एसटी छात्रों के सम्मान की बात उठी और तुरंत रोक लगा दी गई। देश की रीढ़—पिछड़ा, दलित, आदिवासी और मुसलमान समाज की आवाज़ लगातार कुचली जा रही है। यह भाजपा सरकार के फूट डालो और राज करो के तहत कमाई पढ़ाई और दवाई जैसे असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रायोजित षड्यंत्र भी है।
Dr. Pallavi Patel20,928 views • 7 months ago