
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )
@pathshalagurug • 2,671 subscribers
Questioner l Thinker l Interested in Politics l Breaking silence with sense l
Shorts
Videos
0:36
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

"साली होती है आदि घरवाली l"ऐसी वाहियात सोच रखने वाले एक जीजा की कुटाई हो गई l हुआ यूँ कि इन्होंने अपनी साली से छेड़खानी कर दी l फिर क्या था, इनके सालों नें इन्हे पकड़ा, पेड़ से बाँधा और इलाज चालू कर दिया l हालांकी कानून हाथ में लेने वाले सालों पर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई हो गई है l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )101,251 Aufrufe • vor 6 Tagen

एक अच्छा खिलाड़ी बहुत दूर की सोच रहा होता है l आईपीएल मैच के दौरान जोफ्रा आर्चर वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को पहचान चुका था और यही कारण था कि वहा प्रैक्टिस सेशन के दौरान वैभव सूर्यवंशी को 100 से अधिक गेंद फेंकता था l और हुआ भी वही, इंग्लैंड दौरे के दौरान जोफ्रा आर्चर वैभव सूर्यवंशी को लगातार परेशान कर रहा है l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )183,792 Aufrufe • vor 11 Tagen

दिल का दौरा समझकर दिया CPR, महिला की दो पसलियां टूट गईं... कैलारस ( MP ) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। तिलोंजरी हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ 41 वर्षीय शिक्षिका ललिता धाकड़ गर्मी के कारण चक्कर आने से स्कूटी से गिर गईं। उसी दौरान वहां से गुजर रहे दो युवकों ने उन्हें सड़क पर अचेत अवस्था में देखा। हार्ट अटैक की आशंका में उन्होंने बिना देर किए CPR देना शुरू कर दिया। इसके बाद वे शिक्षिका को अपनी गाड़ी से कैलारस अस्पताल लेकर चले, लेकिन रास्ते भर भी लगातार उनके सीने पर दबाव डालकर CPR देते रहे। अस्पताल पहुंचने पर बीएमओ डॉ. मनीष शर्मा और उनकी टीम ने जांच के बाद बताया कि शिक्षिका को दिल का दौरा नहीं पड़ा था। कुछ देर बाद उनकी हालत तो संभल गई, लेकिन उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। एक्स-रे में पता चला कि लगातार और संभवतः गलत तरीके से CPR देने के कारण उनकी दो पसलियां टूट गई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया। यह घटना बताती है कि आपातकाल में मदद करने की भावना जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक CPR की सही तकनीक का प्रशिक्षण भी है। सही समय पर सही तरीके से दिया गया CPR जीवन बचा सकता है, जबकि गलत तरीके से किया गया CPR गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकता है।
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )316,348 Aufrufe • vor 20 Tagen

चूजे बेचने का तरीका थोड़ा केजुअल है l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )350,968 Aufrufe • vor 27 Tagen

इन पुजारी की पूरी बात सुनिए l यह पुजारी पूजा शुरू करवाने से पहले कितनी वैज्ञानिकता के साथ पूजा पर ध्यान को एकत्रित करने की बात समझा रहे थे l जब ऐसे पढ़े लिखें लोग कथा वाचन और पूजा का काम करेंगे तो यकीनन विज्ञान और धर्म का बेहतर संबंध लोगों को समझा पाएंगे l और तब कोई फ्रिज में जमी हुई नार्मल बर्फ को शिवलिंग मानकर अन्धविश्वास को नहीं बढ़ाएगा l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )64,488 Aufrufe • vor 6 Tagen

कोचिंग रसीद का कागज़ ऎसी ही गुणवत्ता का होना चाहिए कि 8 साल बाद भी बिल्कुल ऐसा ही कुरकुरा महसूस हो, कि अभी अभी कट्टे से कटकर अलग हुआ हो l लेकिन आजकल तो कोचिंग वाले रसीद में ऐसा निम्न कोटि का कागज़ उपयोग करते कि 6 महीने में खुद ही कागज़ घुलने लगता ऐसी स्थिति में बच्चे जब 8-10 साल बाद सफल होने पर कोचिंग संस्थान को अपनी सफलता की कहानी सुनाने जाते हैं तो उन्हें ये सिद्ध करने में दिक्क़त होती है कि वो आपका ही छात्र रहा है, विश्वास कर लीजिये...
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )133,091 Aufrufe • vor 1 Monat

अब इस पटना कोचिंग्स विवाद में अवध ओझा सर की भी एंट्री हो चुकी है l उन्होंने global teacher की PR टीम की दाद दी है, साथ ही उनकी मनगढ़न्त बर्तन धोने वाली लड़की की IAS की तैयारी करने वाली कहानी पर मजे लिए है l और भी बहुत कुछ खुलासे किये हैँ l अवध ओझा सर विवेक बिंद्रा वाली मीटिंग में भी थे l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )96,488 Aufrufe • vor 27 Tagen

बहुत हो गया, विवाद के कारण बच्चों की पढ़ाई बर्बाद हो रही है l इसलिए आज हम DNA का full form जानेंगे l DNA मतलब Dioxyribo l किताबों में जो Deoxyribo लिखा है वो गलत print रहता है l Di or De का टेंशन नहीं लेने का...विज्ञान ऐसे ही पढ़ते ससुरा...
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )91,465 Aufrufe • vor 1 Monat

शिक्षकों को कानून की बेहतर समझ होना जरुरी हैँ l जब तक कानून की समझ नहीं होगी, कानून के प्रति सम्मान भी पैदा नहीं हो सकता l गलती, अपराध, षड़यंत्र, और लापरवाही भी कानूनी दृष्टि से महत्व रखती हैँ l और जब किसी हॉस्पिटल खोलने वाले को ये छूट देनी ही हैँ कि हजारों मरीजों के इलाज के बाद किसी मरीज की हॉस्पिटल की लापरवाही से मृत्यु होती हैँ तो उसे जनता द्वारा कुछ न कहा जाए तो ये छूट देश के हर हॉस्पिटल मालिक को मिलनी चाहिए और हर हॉस्पिटल के मालिक को भी उसकी अन्य आपराधिक मामलों में सलग्नता को सिर्फ छोटी सी गलती मान लेना चाहिए l और हॉस्पिटल के मालिकों को ही अकेला क्यों ये बेनिफिट तो हर field में जनहित में पैसा लगाने वाले को मिलना ही चाहिए l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )36,077 Aufrufe • vor 26 Tagen

शुभांकर मिश्रा ने रौशन आनंद सर के साथ पॉडकास्ट में मेरे एक प्रश्न को सीधे-सीधे शामिल शामिल किया कि बदला लोगे या माफ़ करोगे l यह प्रश्न मैंने इसलिए suggest किया कि मुझे लगता है कि रौशन आनंद सर कुछ भी निर्णय लें, लेकिन जीवन के अलग-अलग पढ़ाव पर यह प्रश्न रौशन आनंद को परेशान करता रहेगा l वह कह रहे हैं कि “हम क्या ही बदला लेंगे, जिसका भाई ही चला गया हो।” लेकिन ऎसी स्थिति में व्यक्ति का ऐसे प्रश्नों के उत्तर खोजने का असली संघर्ष किसी पॉडकास्ट में नहीं बल्कि उसके भीतर शुरू होता है। अगर वह माफ कर देते है, तो जीवन के किसी मोड़ पर मन पूछेगा, “क्या मैंने कमजोरी दिखाई? क्या मुझे बदला लेना चाहिए था?” और अगर वह बदला लेते है, तब भी भीतर एक आवाज उठती रहेगी, “क्या इससे मेरा भाई वापस आ गया? क्या मुझे छोड़ देना चाहिए था?” जीवन के हर पड़ाव पर, हर शांत रात में, हर याद के साथ वही प्रश्न लौटने लगेगा काश बदला ले लिया होता… या काश माफ कर दिया होता… किसी प्रिय को खो देने के बाद व्यक्ति अक्सर बदले और क्षमा के बीच नहीं, बल्कि अपनी बची हुई शांति और अपने खोए हुए व्यक्ति की स्मृति के बीच खड़ा होता है।
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )33,132 Aufrufe • vor 28 Tagen

ये किस लेवल का नशा है, आप ही तय कीजिये... महाशय का कहना है कि संविधान लागू होने पर भारत में राज्य ही नहीं थे l बस A, B, C, D बोला जाता था l मतलब Up,बिहार अस्तित्व में ही नहीं थे l महोदय राज्य तो थे, लेकिन उन्हें चार श्रेणी के राज्यों में बाँटा गया था l बिहार भी था और सयुंक्त प्रान्त के नाम से UP भी था l जो A श्रेणी के राज्यों में शामिल थे l उन राज्यों को ही Part A, Part B, Part C, Part D श्रेणी में वर्गीकृत किया गया था। यानी इनके नाम और अस्तित्व थे, बस इन्हें “A, B, C, D श्रेणी में डाला गया l ताकि प्रशासन में सहायता मिले l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )112,249 Aufrufe • vor 10 Monaten

अगर किसी भी competitive exam का टीचर बच्चों को पढ़ा रहा है कि कोशिका झिल्ली प्रोटीन की बनी होती है l तो समझ लो कि छात्रों के परीक्षा में उस प्रश्न के उत्तर की लंका लग चुकी है l Note :-कोशिका झिल्ली Lipoprotein (Lipid and protein )संरचना वाली झिल्ली है। कोचिंग संस्थान का काला चिट्ठा
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )105,953 Aufrufe • vor 10 Monaten

राकेश यादव सर की कोचिंग विवाद में entry, Youtube पर 33 मिनट के वीडियो का एक अंश... कई गंभीर बातें उन्होंने उठाई है l लगता है ये मुद्दा अब किसी भी नैतिक और छात्रहित को प्राथमिकता देने वाले शिक्षक को सोने नहीं दे रहा l ये मुद्दा शिक्षकों को शिक्षकत्व की तराजू में तौलने वाला साबित होने जा रहा है l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )13,165 Aufrufe • vor 1 Monat

गलती इंसान की नहीं है l पेट के लिये व्यक्ति कुछ भी कर सकता है l वही इन्होने किया l बिना किताब पढ़े, पढ़ाना शुरू कर दिया l बकलोलीयों को कांसेप्ट बताना शुरू कर दिया l मुँह से निकली हर बात को Research का नाम दे दिया l इन्होने तो सिर्फ मजबूरीवश प्रयोग किया था, बाकी काम किताबों से वास्ता न रखने वाले लाखों लोगों ने सोशल मीडिया पर कर दिया l बस इतना ही कहूंगा जब घरवालों ने भाइयों की पढ़ाई रुकवाकर इन्हें पढ़ाया ही था, तो कम से कम GS की कोई 2 किताबें ही ढंग से पढ़ लिये होते l अब भी समय नहीं बीता है, छात्रों के विश्वास को धराशायी होने से रोकने के लिये पढ़ लेना चाहिए l
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )40,145 Aufrufe • vor 10 Monaten

महाशय आर्टिकल 1 पढ़ाते हुए बता रहे कि अमेरिका के राज्य चाहें तो अमेरिका से अलग हो सकते हैँ l मतलब इनके लिये अब इस बात का कोई मतलब नहीं हैँ कि अमेरिका "अविभाजित राज्यों का अविभाजित संघ" है l अर्थात राज्यों को भी तोड़ा ( राज्यों का विभाजन )नहीं जा सकता, और कोई राज्य अमेरिका से अलग भी नहीं हो सकता l "बकलोल क्रांति चरम पर है" America :-“Union is indestructible; States cannot secede.”
पाठशाला गुरुजी ( Pathshala GuruG )38,181 Aufrufe • vor 10 Monaten