
Dilip Mandal
@Profdilipmandal • 654,691 subscribers
Senior Advisor, Ministry of Information & Broadcasting, Government of India
Shorts
Videos

"कोलकाता में तो जुमे की नमाज सड़क पर ही होगी" का अहंकार एक दिन में टूट गया. स्ट्रीट पावर को खत्म करने के लिए लाठी-गोली की जरूरत नहीं पड़ती. लोकतंत्र में सिर्फ सरकार महाबली है. सड़क पर दादागीरी तब तक चलती है, जब तक सरकार चलने देती है. फिर कोई सरकार कहती है अब से कानून तोड़ना बंद. सब मान जाते हैं. यहां हर मस्जिद में नमाज अंदर ही हुई. कहीं कहीं दो शिफ्ट लगाई गई. पर नमाज हुई अंदर ही.
Dilip Mandal134,750 просмотров • 29 дней назад

राहुल गांधी जिमखाना क्लब के मेंबर हैं, जबकि प्रधानमंत्री के करीबी लोग भी यहां मेंबर नहीं बन पाते है. कांग्रेस के नेता, पूर्व सांसद राशिद अल्वी ये कहकर इतरा रहे हैं जैसे कि ये कोई मेडल है. वैसे अल्वी जी, राहुल गांधी को 2006 में जब बुलाकर मेंबरी दी गई तब उन्होंने क्या चमत्कार कर दिया था?
Dilip Mandal95,953 просмотров • 25 дней назад

बाबा साहब की शरण में तो सबको आना है. जिनको सत्ता में रहते बाबा साहब का ख्याल नहीं आया, राज्य में एक भव्य मूर्ति नहीं लगाई, उनको भी हार के बाद आज बाबा साहब के चरणों में ही माथा झुकाना पड़ा. जिनका मन नहीं है वे भी मान ही लें. ये बाबा साहब की सदी है. भारत की सदी है. जय भीम.
Dilip Mandal37,381 просмотров • 18 дней назад

मुसलमानों का देश के संसाधनों पर पहला हक वाला मनमोहन सिंह का बयान अचानक नहीं आया था. ठीक इसी दौरान कोशिश हो रही थी कि: 1. शिड्यूल्ड कास्ट की लिस्ट में मुसलमानों को भी घुसाया जाए 2. मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में अलग से 15% आरक्षण दिया जाए 3. ओबीसी आरक्षण को धर्म के आधार पर बांट कर मुसलमानों को 6% अलग दिया जाए. 4. धर्म परिवर्तन करने पर भी एससी का दर्जा सुरक्षित रहे. मुसलमानों को संसाधनों पर पहला हक देना सिर्फ बयान (दिसंबर, 2006, दिल्ली) नहीं था. इसकी प्रक्रिया चल रही थी. रिटायर्ड चीफ जस्टिस और कांग्रेसी नेता सांसद रंगनाथ मिश्रा इसी दौरान अपनी रिपोर्ट में लिख रहा था कि मुसलमानों में भी जाति है, इसलिए उनमें भी एससी माना जाए और एससी लिस्ट में उनको भी आरक्षण दिया जाए. ये भी सिफारिश की गई कि कोई एससी अगर धर्म बदल कर मुसलमान या ईसाई बनता है तो भी उसका एससी दर्जा बना रहे. रंगनाथ मिश्रा धर्मांतरण का रास्ता साफ करने की कोशिश कर रहे थे और सरकार की शह उनको हासिल थी. मनमोहन सिंह 3 नवंबर, 2006 को, मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण की चर्चा छेड़ चुके थे. रंगनाथ कमीशन ने मुसलमानों को नौकरियों में 15% आरक्षण देने की सिफारिश की थी. ओबीसी के 27% से 6% काटकर मुसलमानों को देने की सिफारिश भी कांग्रेस द्वारा गठित इस आयोग में है. मनमोहन सिंह के बयान से ठीक एक महीना पहले सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, जिसने ये गलतबयानी की थी कि मुसलमानों की हालत दलितों से भी खराब है. मुस्लिम आरक्षण के लिए चौतरफा माहौल बनाया जा रहा था. इसका सीधा नुकसान देश के सबसे वंचित एससी, एसटी और ओबीसी को होना था. रउनके विरोध के कारण ये हो नहीं पाया. इसमें आईएएस अफसर आशा दास मैडम की बड़ी भूमिका है. उसके बारे में फिर कभी. वो भयानक किस्म के मुस्लिम तुष्टिकरण का दौर था. मगर क्यों? कांग्रेस का मकसद क्या था? मैं इस वीडियो में बता रहा हूं कि कांग्रेस दरअसल इस समय सपा, बसपा और आरजेडी से अपना मुसलमान वोट वापस लेने की कोशिश में जुटी थी.
Dilip Mandal1,065,896 просмотров • 2 лет назад

प्रशांत भूषण और एक लॉबी वर्षों कोर्ट में केस लड़ती रही कि कश्मीर रेल प्रोजेक्ट फँस जाए। कोर्ट में वे हर बार हारे। फ़ाइन लगा। प्रोजेक्ट लेट हुआ, पर भारत 🇮🇳 जीत गया। प्रशांत ज़िद्दी हैं। नर्मदा डैम हो या कोल, रेल हो 370 या सीएए, या रोहिंग्या- राष्ट्र के विरुध्द उनकी जंग जारी है।
Dilip Mandal506,453 просмотров • 1 год назад

केंद्र सरकार भारत की सबसे बड़ी खरीदार है. इस खरीदारी में एससी-एसटी उद्यमियों को कोटा पहली बार Narendra Modi ने दिया. ये "उद्योग और बिजनेस में SC-ST आरक्षण" है. दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री DICCI के संस्थापक पद्मश्री सम्मानित मिलिंद कांबले को सुनिए.DD News
Dilip Mandal111,931 просмотров • 3 месяцев назад

जब दुनिया के 56 देशों में युद्ध चल रहे हैं, तो बुद्ध के देश भारत में चैंपियन बनने की पार्टी चल रही है. पूरा देश खुश है. बधाई. और ये न भूलें, अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष जिस तरह थोक भाव में भारत आ रहे हैं, वह भी इसलिए हैं कि यहां शांति है. समृद्धि की कामना है.
Dilip Mandal111,652 просмотров • 3 месяцев назад

The Election Commission of India should ban CSDS caste and religion-based voting survey or ask them to reveal the raw data and make it public. CSDS, funded by the Ford Foundation and other foreign agencies, releases data on which caste and religious groups vote for which parties, influencing political narratives and creating further divisions. The accuracy of this data is questionable, as people are often reluctant to disclose their caste and voting choices, even anonymously. We don't have the varifiable raw data to check it. The data is used to create divisive analyses that suggest voting patterns based on caste and religion, fostering suspicion and discord among different groups. The funding of such surveys by international organizations like the Ford Foundation aims to fragment Indian society further, given India’s rise as a global power. The Election Commission should ban caste and religion-focused surveys to prevent further societal divisions. Election Commission of India
Dilip Mandal635,017 просмотров • 2 лет назад

रामपूजन के धार्मिक आयोजन के लिए खिचड़ी प्रसाद बनाते देश के शीर्ष अर्थशास्त्री, खांटी बंगाली डॉ. अशोक लाहिड़ी अब नीति आयोग (पुराना नाम योजना आयोग) के कर्ता-धर्ता होंगे. इस पद पर पहले नरसिंह राव, मनमोहन सिंह, प्रणव मुखर्जी आदि रह चुके हैं. देश की नीतियां कैसे बनेंगी, इसका वे मार्गदर्शन करेंगे. प्रधानमंत्री Narendra Modi का ये अच्छा सेलेक्शन है. पेशे से शिक्षक डॉ. लाहिड़ी अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के पीएम रहने के दौरान भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार थे. वे वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में काम कर चुके हैं. मंगलकामनाएं Dr. Ashok Kumar Lahiri . भारत को वामपंथी सुस्त आर्थिक नीतियों के बचे-खुचे प्रभाव से मुक्त कीजिए. आपके ही मार्गदर्शन में ये कार्य संपन्न हो.
Dilip Mandal60,890 просмотров • 1 месяц назад

भारत रत्न उस्ताद बिसमिल्लाह खान की आज जयंती है. मुसलमानों में नीचे माने गए समुदाय में पैदा हुए, लेकिन वो ऊंचाई हासिल की, जो और किसी को नहीं मिली. उनके होठ से लगाते ही शहनाई शास्त्रीय हो गई. मैसूर के दत्ता पीठ से सुनिए कजरी (2001). उनको भारत रत्न देने का सौभाग्य बीजेपी को मिला.
Dilip Mandal93,603 просмотров • 3 месяцев назад

MSP खत्म करना क्यों जरूरी. #FarmersProtest पर कोई भी राय बनाने से पहले देख लें. फसल की कीमत तय करने का काम खरीदार और बेचने वाले के बीच तय होना चाहिए. सरकार द्वारा कीमत तय करना अच्छी बात नहीं है, खासकर तब जबकि हर साल करोड़ों रुपए का अनाज सरकारी गोदामों के बाहर सड़ जाता है.
Dilip Mandal624,999 просмотров • 2 лет назад

एशिया के लिए शोक का दिन आज ही के दिन 25 साल पहले, 12 मार्च, 2001 को विश्व में बुद्ध की सबसे बड़ी 18 और 15 मंजिली मूर्तियों को जिहादियों ने बारूद लगाकर उड़ा दिया था. मूर्तियों से इस्लाम को डर क्यों लगता है? महमूद गजनी ने भारत में हजारों मंदिर और मूर्तियां तोड़ने के बाद अपनी पदवी बुतशिकन यानी मूर्तिभंजक कर ली थी. आज भी उनकी ये परंपरा जारी है.
Dilip Mandal89,762 просмотров • 3 месяцев назад
1:19
Sensitive content
This media may contain sensitive content.

ये नहीं झुकेगा… टैरिफ़ विवाद में सरकार झुक गई तो विदेशी अनाज और उससे भी ज्यादा, सस्ते विदेशी दूध से भारत भर जाएगा। हमारे किसान और पशुपालक मारे जाएंगे। “नई ईस्ट इंडिया कंपनी” और भारत के करोड़ों किसानों-दुग्ध उत्पादकों बीच, आपका मोदी खड़ा है। आप निश्चिंत रहें। ये नहीं झुकेगा…
Dilip Mandal221,608 просмотров • 10 месяцев назад

अरविंद केजरीवाल का ठीक दस साल पुराना यानी 2014 लोकसभा चुनाव से पहले का बहुत ही क्रांतिकारी इंटरव्यू और देश बेचने वाले बेईमान राहुल गांधी, बेईमान मनमोहन सिंह और इनसे देश खरीदने वाले सबसे बेईमान लुटेरे मुकेश अंबानी. सुनिए सरजी के श्रीमुख से: "राहुल गांधी ने, पिछले दस साल में इस सरकार ने देश को उठाकर मुकेश अंबानी को सौंप दिया है. मुकेश अंबानी इस देश को चला रहे हैं." "पिछले दस साल के अंदर यूपीए सरकार ने, गांधी परिवार ने, मनमनोहन सिंह जी ने उठाकर इस देश को चंद बड़े लोगों के कदमों में रख दिया, इनक्लूडिंग मुकेश अंबानी." केजरीवाल के तब के ऐसे सैकड़ों इंटरव्यू और भाषण हैं, जिनके निशाने पर राहुल और मुकेश अंबानी थे. तब मुकेश अंबानी केजरीवाल की नजर में भारत के सबसे भ्रष्ट, लुटेरे और बेईमान उद्योगपति थे. जहां तक मुझे याद आ रहा है कि केजरीवाल ने मुकेश अंबानी के बारे में पिछले सात-आठ साल में एक शब्द नहीं कहा है. रिलायंस के खिलाफ, गैस की कीमतों में हेराफेरी को लेकर, केजरीवाल की सरकार ने 2013 में FIR करने का आदेश एंटी करप्शन ब्यूरो को दिया था. दूसरी बार सरकार बनने के बाद से, अब तक, उस केस को लेकर केजरीवाल ने फिर कभी बात भी नहीं की. " 2004 से 2014 के बीच मुकेश अंबानी को देश बेचने वाले " राहुल गांधी अब केजरीवाल के राजनीतिक सखा, दोस्त हैं. कुछ तो हुआ है, कुछ हो रहा है. क्या इस चुनाव में यानी 2024 में केजरीवाल ने मुकेश और अनिल अंबानी का नाम लिया है, जिनकी दिल्ली वाली बिजली कंपनी के खिलाफ आंदोलन करते हुए आम आदमी पार्टी बनी थी? क्या खेल हो सकता है? मैं गारंटी से कह रहा हूं कि केजरीवाल ने हाल के वर्षों में अनिल अंबानी का नाम एक बार भी नहीं लिया है. मुझे गलत साबित कीजिए. केजरीवाल अराजक और निहिलिस्ट और अस्थिर-चंचल मन वाले व्यक्ति है. मूल स्वभाव में वे फोर्ड फाइंडेशन पोषित एनजीओ हैं. वे विध्वंसक हैं. वे बना नहीं सकते. देखते रहिए. उनकी पार्टी के आधे से ज्यादा संस्थापक जा चुके हैं. वे अपनी पार्टी भी तोड़ देंगे. वे देश तो क्या ही बनाएंगे? Arvind Kejriwal Sanjay Pugalia CNBC-AWAAZ Rahul Gandhi
Dilip Mandal374,796 просмотров • 2 лет назад

सच जो धरती फाड़कर सामने आ गया है. चीनी यात्री ह्वेनसांग के लेखन में कश्मीर में जिस विशाल स्तूप का जिक्र था, वह मिल गया है. वहां की हर खुदाई में बौद्ध अवशेष मिले हैं. कश्मीर बौद्ध प्रदेश था. लेकिन वहां के लोग सांस्कृतिक-धार्मिक आक्रमण को झेल नहीं पाए. वे हार गए. इस हार के कारण बाबा साहब ने अपने लेखन "क्रांति और प्रतिक्रांति" में बताए हैं. बौद्धों की पुजारी प्रथा वंशानुगात न होने के कारण नए भंते और भिक्षुओं का बनना बंद हो गया. यही बौद्ध धम्म के पतन का कारण बना. उनको राज्याश्रय मिलना भी बंद हो गया था.
Dilip Mandal112,558 просмотров • 6 месяцев назад

राहुल गांधी ने 2019 में ये आरोप लगाया था कि सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स (HAL) को मोदी डूबा देंगे। लुटा देंगे। तब HAL के एक शेयर की क़ीमत 402 रुपए थी। आज HAL का एक शेयर 📈 4,470 रुपए का है। मुझे अपनी दीदी के लिए अफ़सोस है जिन्होंने HAL का शेयर सँभाल कर नहीं रखा। 😔
Dilip Mandal290,724 просмотров • 1 год назад

कल रात मुझे ये शानदार मछली जिंदा मिली तो इसकी प्रशंसा करने से रोक नहीं पाया. ये बुआल मछली है. एक तरह से नदी या मीठे पानी की शार्क या कैटफिश समझिए. हमारे परिवार में मछली का बिजनेस रहा है. इसलिए मैं सैकड़ों तरह की मछलियां पहचानता हूं. दुनिया के किसी भी देश में जाऊं तो मछली मार्केट जरूर जाता हूं. मेरे पिताजी के बड़े भाई पशुपति नारायण मंडल का दामोदर नदी में मछली का कई किलोमीटर का ठेका उठता था. बाद में वे शाकाहारी बन गए. वे स्वतंत्रता सेनानी थे. तब कांग्रेस में ही सब तरह के लोग थे तो वे भी कांग्रेस में थे. वे कांग्रेस के रामगढ़ राष्ट्रीय अधिवेशन में भी शामिल हुए थे. पिताजी पता नहीं कैसे कांग्रेस से छिटक कर सोशलिस्ट बन गए. दोनों भाई अलग अलग रास्ते चले. देखिए इस मछली की क्या शान है. क्या चमक है. क्या गरिमा है. क्या एकदम से अर्नेस्ट हेमिंग्वे की कथा ओल्ड मैन एंड द सी की याद ताजा हो जाती है. है कि नहीं?
Dilip Mandal370,695 просмотров • 2 лет назад