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Dilip Mandal

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Senior Advisor, Ministry of Information & Broadcasting, Government of India

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Breaking News: The Metamorphosis is unfolding before our eyes. It's happening. This is truly Kafkaesque.

Breaking News: The Metamorphosis is unfolding before our eyes. It's happening. This is truly Kafkaesque.

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मोदी जी के सबसे पक्के वोटर.... ये सबऑल्टर्न हिंदुत्व है. कल्चरल नेशनलिज्म यहां सबसे मजबूत है. इनको रेख्ता, सूफी और लिट फेस्ट नहीं चाहिए. इनका उत्सव भी कितना भारतीय है. भावी मुख्यमंत्री जी, इनको कभी दुखी मत करना.

मोदी जी के सबसे पक्के वोटर.... ये सबऑल्टर्न हिंदुत्व है. कल्चरल नेशनलिज्म यहां सबसे मजबूत है. इनको रेख्ता, सूफी और लिट फेस्ट नहीं चाहिए. इनका उत्सव भी कितना भारतीय है. भावी मुख्यमंत्री जी, इनको कभी दुखी मत करना.

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ये यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नरेंद्र मोदी को नहीं बोल रहे हैं. गुजरे जमाने का सामंती तलछट सपने में अपने बंधुआ मजदूर को बोल रहा है कि "$@%^ फाड़ देंगे." जमींदार साहब को दर्द है कि एक ओबीसी ने हरा दिया. लोकतंत्र और संविधान ने सब को सीधा कर दिया है. बाबा साहब की जय हो.

ये यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नरेंद्र मोदी को नहीं बोल रहे हैं. गुजरे जमाने का सामंती तलछट सपने में अपने बंधुआ मजदूर को बोल रहा है कि "$@%^ फाड़ देंगे." जमींदार साहब को दर्द है कि एक ओबीसी ने हरा दिया. लोकतंत्र और संविधान ने सब को सीधा कर दिया है. बाबा साहब की जय हो.

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आँख बंद कीजिए और #SuryakumarYadav के जादू को महसूस कीजिए। BCCI के बदमाश सलेक्टर्स ने इसके दस साल छीन लिए थे। अब हमारा शेर भूखा है। वह क़हर बरपा रहा है। ये दुनिया का सर्वकालिक श्रेष्ठ बल्लेबाज़ है।

आँख बंद कीजिए और #SuryakumarYadav के जादू को महसूस कीजिए। BCCI के बदमाश सलेक्टर्स ने इसके दस साल छीन लिए थे। अब हमारा शेर भूखा है। वह क़हर बरपा रहा है। ये दुनिया का सर्वकालिक श्रेष्ठ बल्लेबाज़ है।

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सपा ने मन बना लिया है कि मुसलमानों को अलग से आरक्षण दिए जाने तक वह महिला आरक्षण का समर्थन नहीं करेगी. अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव के बाद सपा सांसद इकरा हसन ने भी ये मांग उठा दी. जबकि वे खुद बिना आरक्षण चुन कर आई हैं क्योंकि सीट का समीकरण उनके पक्ष में था.

सपा ने मन बना लिया है कि मुसलमानों को अलग से आरक्षण दिए जाने तक वह महिला आरक्षण का समर्थन नहीं करेगी. अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव के बाद सपा सांसद इकरा हसन ने भी ये मांग उठा दी. जबकि वे खुद बिना आरक्षण चुन कर आई हैं क्योंकि सीट का समीकरण उनके पक्ष में था.

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बागेश्वर बाबा धीरेंद्र और उसके भाई गाँव में नहीं हैं क्योंकि वहाँ भीम आर्मी और ओबीसी महासभा तथा जयस के लोग पहुँच गए हैं। बाबा के तमंचाबाज लंपट भाई के जेल जाने की घड़ी क़रीब आ पहुँची है। बाबा को उसके भविष्य के बारे में पता चल चुका है। Chandra Shekhar Aazad

बागेश्वर बाबा धीरेंद्र और उसके भाई गाँव में नहीं हैं क्योंकि वहाँ भीम आर्मी और ओबीसी महासभा तथा जयस के लोग पहुँच गए हैं। बाबा के तमंचाबाज लंपट भाई के जेल जाने की घड़ी क़रीब आ पहुँची है। बाबा को उसके भविष्य के बारे में पता चल चुका है। Chandra Shekhar Aazad

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आधी रात को जब भारत से रहा है तब दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी इकॉनॉमी कैलिफ़ोर्निया में सीनेट ज्यूडीशरी कमेटी में जातिवाद विरोधी क़ानून पास हो गया है। किसी भी सीनेटर ने खिलाफ वोट नहीं डाला। राजधानी सेक्रामेंटो की सड़कों पर आम्बेडकरवादी भांगड़ा कर रहे हैं। #SB403

आधी रात को जब भारत से रहा है तब दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी इकॉनॉमी कैलिफ़ोर्निया में सीनेट ज्यूडीशरी कमेटी में जातिवाद विरोधी क़ानून पास हो गया है। किसी भी सीनेटर ने खिलाफ वोट नहीं डाला। राजधानी सेक्रामेंटो की सड़कों पर आम्बेडकरवादी भांगड़ा कर रहे हैं। #SB403

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पश्चिम बंगाल में हवा बदल गई है और उसका प्रमाण ममता बनर्जी का यह विदाई गीत है. एसआईआर के खिलाफ धरने में ममता जी का वोट बैंक को ये संदेश देना कि - "हम हैं तो आप सुरक्षित हैं, वरना आपको घेरकर निपटाने में दूसरे समुदाय को एक सेकेंड नहीं लगेगा"- को मैं ममता बनर्जी का विदाई संदेश मानता हूं. ये बयान सत्ता जाने के डर से ही आया है.

पश्चिम बंगाल में हवा बदल गई है और उसका प्रमाण ममता बनर्जी का यह विदाई गीत है. एसआईआर के खिलाफ धरने में ममता जी का वोट बैंक को ये संदेश देना कि - "हम हैं तो आप सुरक्षित हैं, वरना आपको घेरकर निपटाने में दूसरे समुदाय को एक सेकेंड नहीं लगेगा"- को मैं ममता बनर्जी का विदाई संदेश मानता हूं. ये बयान सत्ता जाने के डर से ही आया है.

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4 अगस्त, 2005... ... जब ममता बनर्जी ने, बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों को प. बंगाल की वोटर लिस्ट से हटाने की मांग को लेकर, लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था. उस समय तक ममता बनर्जी प. बंगाल की राजनीति में लेफ्ट से काफी पीछे और विपक्ष में थीं क्योंकि वहां अल्पसंख्यकों की पहली पसंद तब लेफ्ट था. 2004 लोकसभा चुनाव में तृणमूल का सिर्फ एक सांसद जीता, वो थी ममता बनर्जी. ममता बनर्जी ने लेफ्ट की राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि प. बंगाल की वोटर लिस्ट में कई लाख अवैध घुसपैठिए हैं. उनको हटाया जाए. जब उन्हें बात कहने का मौका नहीं मिला तो 4 अगस्त, 2005 को उन्होंने अवैध घुसपैठियों की तथाकथित लिस्ट लोकसभा के डिप्टी स्पीकर के मुंह पर मार दी और फिर उसी दिन लोकसभा से इस्तीफा दे दिया. पर इसे नामंजूर कर दिया गया. उनका आरोप था "पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों के नाम हैं. राज्य सरकार (लेफ्ट फ्रंट) इसे लेकर कुछ नहीं कर रही है. इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए." और एक ममता बनर्जी आज हैं. घुसपैठियों की पहचान के सवाल पर वे "गृह युद्ध" और "रक्तपात" की धमकी देती हैं. 2009 में यूपीए के साथ आने के बाद से उनकी राजनीति पूरी तरह बदल गई. एकमुश्त 30% वोट की यही तो ताकत है.

4 अगस्त, 2005... ... जब ममता बनर्जी ने, बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों को प. बंगाल की वोटर लिस्ट से हटाने की मांग को लेकर, लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था. उस समय तक ममता बनर्जी प. बंगाल की राजनीति में लेफ्ट से काफी पीछे और विपक्ष में थीं क्योंकि वहां अल्पसंख्यकों की पहली पसंद तब लेफ्ट था. 2004 लोकसभा चुनाव में तृणमूल का सिर्फ एक सांसद जीता, वो थी ममता बनर्जी. ममता बनर्जी ने लेफ्ट की राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि प. बंगाल की वोटर लिस्ट में कई लाख अवैध घुसपैठिए हैं. उनको हटाया जाए. जब उन्हें बात कहने का मौका नहीं मिला तो 4 अगस्त, 2005 को उन्होंने अवैध घुसपैठियों की तथाकथित लिस्ट लोकसभा के डिप्टी स्पीकर के मुंह पर मार दी और फिर उसी दिन लोकसभा से इस्तीफा दे दिया. पर इसे नामंजूर कर दिया गया. उनका आरोप था "पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों के नाम हैं. राज्य सरकार (लेफ्ट फ्रंट) इसे लेकर कुछ नहीं कर रही है. इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए." और एक ममता बनर्जी आज हैं. घुसपैठियों की पहचान के सवाल पर वे "गृह युद्ध" और "रक्तपात" की धमकी देती हैं. 2009 में यूपीए के साथ आने के बाद से उनकी राजनीति पूरी तरह बदल गई. एकमुश्त 30% वोट की यही तो ताकत है.

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रेड अलर्ट: US कंपनी मेटा ने सबसे बड़े लोकतंत्र के पीएम Narendra Modi की फेसबुक पोस्ट कुछ घंटों के लिए रोक दी. मोदी एक कॉरपोरेशन के शिकार बन गए. अगर वो ये कर सकते हैं तो क्या उन्होंने एक खास इंस्टा पोस्ट को वायरल नहीं किया होगा? क्या आप यकीन से कह सकते हैं कि ये नहीं हुआ होगा? सोशल मीडिया का सारा कंट्रोल तो अमेरिकी कंपनीयों के पास है. उनके लिए चुटकियों का काम है. सोशल मीडिया ने दुनिया में युद्ध कराए हैं, और सरकारें बदली हैं. आप अपने मोबाइल पर जो देख रहे हैं, वह कौन डिसाइड कर रहा है? वो आप नहीं हैं. सिर्फ चीन, रूस और कुछ हद तक जापान ने अमेरिकी कंट्रोल की समस्या का समाधान किया है. बाकी देश सोचने लगे हैं.

Dilip Mandal

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मुसलमानों का देश के संसाधनों पर पहला हक वाला मनमोहन सिंह का बयान अचानक नहीं आया था. ठीक इसी दौरान कोशिश हो रही थी कि: 1. शिड्यूल्ड कास्ट की लिस्ट में मुसलमानों को भी घुसाया जाए 2. मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में अलग से 15% आरक्षण दिया जाए 3. ओबीसी आरक्षण को धर्म के आधार पर बांट कर मुसलमानों को 6% अलग दिया जाए. 4. धर्म परिवर्तन करने पर भी एससी का दर्जा सुरक्षित रहे. मुसलमानों को संसाधनों पर पहला हक देना सिर्फ बयान (दिसंबर, 2006, दिल्ली) नहीं था. इसकी प्रक्रिया चल रही थी. रिटायर्ड चीफ जस्टिस और कांग्रेसी नेता सांसद रंगनाथ मिश्रा इसी दौरान अपनी रिपोर्ट में लिख रहा था कि मुसलमानों में भी जाति है, इसलिए उनमें भी एससी माना जाए और एससी लिस्ट में उनको भी आरक्षण दिया जाए. ये भी सिफारिश की गई कि कोई एससी अगर धर्म बदल कर मुसलमान या ईसाई बनता है तो भी उसका एससी दर्जा बना रहे. रंगनाथ मिश्रा धर्मांतरण का रास्ता साफ करने की कोशिश कर रहे थे और सरकार की शह उनको हासिल थी. मनमोहन सिंह 3 नवंबर, 2006 को, मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण की चर्चा छेड़ चुके थे. रंगनाथ कमीशन ने मुसलमानों को नौकरियों में 15% आरक्षण देने की सिफारिश की थी. ओबीसी के 27% से 6% काटकर मुसलमानों को देने की सिफारिश भी कांग्रेस द्वारा गठित इस आयोग में है. मनमोहन सिंह के बयान से ठीक एक महीना पहले सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, जिसने ये गलतबयानी की थी कि मुसलमानों की हालत दलितों से भी खराब है. मुस्लिम आरक्षण के लिए चौतरफा माहौल बनाया जा रहा था. इसका सीधा नुकसान देश के सबसे वंचित एससी, एसटी और ओबीसी को होना था. रउनके विरोध के कारण ये हो नहीं पाया. इसमें आईएएस अफसर आशा दास मैडम की बड़ी भूमिका है. उसके बारे में फिर कभी. वो भयानक किस्म के मुस्लिम तुष्टिकरण का दौर था. मगर क्यों? कांग्रेस का मकसद क्या था? मैं इस वीडियो में बता रहा हूं कि कांग्रेस दरअसल इस समय सपा, बसपा और आरजेडी से अपना मुसलमान वोट वापस लेने की कोशिश में जुटी थी.

Dilip Mandal

1,065,896 просмотров • 2 лет назад