
Dilip Mandal
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Senior Advisor, Ministry of Information & Broadcasting, Government of India
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मेटा यानी फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम ने क़बूल कर लिया है वह भारत में लोगों की फ़ीड या टाइमलाइन पैसे लेकर बदल देती है। पैसे लेकर वह एल्गोरिथम बदलती है। किसी मुद्दे को लोकप्रिय और किसी को अलोकप्रिय बनाती है। किसी टॉपिक को वायरल करती है तो तो किसी टॉपिक को दबा देती है। जो आपकी टाइमलाइन को कंट्रोल करता है, वह आपके दिल और दिमाग़ को कंट्रोल करता है। ये दुनिया में लोकतंत्र का सबसे बड़ा संकट है। मेरे विचार।
Dilip Mandal59,122 次观看 • 1 天前

रेड अलर्ट: US कंपनी मेटा ने सबसे बड़े लोकतंत्र के पीएम Narendra Modi की फेसबुक पोस्ट कुछ घंटों के लिए रोक दी. मोदी एक कॉरपोरेशन के शिकार बन गए. अगर वो ये कर सकते हैं तो क्या उन्होंने एक खास इंस्टा पोस्ट को वायरल नहीं किया होगा? क्या आप यकीन से कह सकते हैं कि ये नहीं हुआ होगा? सोशल मीडिया का सारा कंट्रोल तो अमेरिकी कंपनीयों के पास है. उनके लिए चुटकियों का काम है. सोशल मीडिया ने दुनिया में युद्ध कराए हैं, और सरकारें बदली हैं. आप अपने मोबाइल पर जो देख रहे हैं, वह कौन डिसाइड कर रहा है? वो आप नहीं हैं. सिर्फ चीन, रूस और कुछ हद तक जापान ने अमेरिकी कंट्रोल की समस्या का समाधान किया है. बाकी देश सोचने लगे हैं.
Dilip Mandal154,925 次观看 • 9 天前

चीन ने खूब इंफ्रास्ट्र्चर बनाया. इतना कोयला जलाया कि सूरज नजर नहीं आता था. मस्जिदों को शौचालय बना दिए. पर्यावरण तथा मानवाधिकार वाले इस पर चुप रहे. लेकिन भारत सांस भी लेता है तो वे शोर मचाने लगते हैं. जानिए लेफ्टि. जनरल अजय सिंह से, जो निकोबार संयुक्त कमान के कमांडर-इन-चीफ थे.
Dilip Mandal86,601 次观看 • 21 天前

"कोलकाता में तो जुमे की नमाज सड़क पर ही होगी" का अहंकार एक दिन में टूट गया. स्ट्रीट पावर को खत्म करने के लिए लाठी-गोली की जरूरत नहीं पड़ती. लोकतंत्र में सिर्फ सरकार महाबली है. सड़क पर दादागीरी तब तक चलती है, जब तक सरकार चलने देती है. फिर कोई सरकार कहती है अब से कानून तोड़ना बंद. सब मान जाते हैं. यहां हर मस्जिद में नमाज अंदर ही हुई. कहीं कहीं दो शिफ्ट लगाई गई. पर नमाज हुई अंदर ही.
Dilip Mandal134,761 次观看 • 2 个月前

मुसलमानों का देश के संसाधनों पर पहला हक वाला मनमोहन सिंह का बयान अचानक नहीं आया था. ठीक इसी दौरान कोशिश हो रही थी कि: 1. शिड्यूल्ड कास्ट की लिस्ट में मुसलमानों को भी घुसाया जाए 2. मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में अलग से 15% आरक्षण दिया जाए 3. ओबीसी आरक्षण को धर्म के आधार पर बांट कर मुसलमानों को 6% अलग दिया जाए. 4. धर्म परिवर्तन करने पर भी एससी का दर्जा सुरक्षित रहे. मुसलमानों को संसाधनों पर पहला हक देना सिर्फ बयान (दिसंबर, 2006, दिल्ली) नहीं था. इसकी प्रक्रिया चल रही थी. रिटायर्ड चीफ जस्टिस और कांग्रेसी नेता सांसद रंगनाथ मिश्रा इसी दौरान अपनी रिपोर्ट में लिख रहा था कि मुसलमानों में भी जाति है, इसलिए उनमें भी एससी माना जाए और एससी लिस्ट में उनको भी आरक्षण दिया जाए. ये भी सिफारिश की गई कि कोई एससी अगर धर्म बदल कर मुसलमान या ईसाई बनता है तो भी उसका एससी दर्जा बना रहे. रंगनाथ मिश्रा धर्मांतरण का रास्ता साफ करने की कोशिश कर रहे थे और सरकार की शह उनको हासिल थी. मनमोहन सिंह 3 नवंबर, 2006 को, मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण की चर्चा छेड़ चुके थे. रंगनाथ कमीशन ने मुसलमानों को नौकरियों में 15% आरक्षण देने की सिफारिश की थी. ओबीसी के 27% से 6% काटकर मुसलमानों को देने की सिफारिश भी कांग्रेस द्वारा गठित इस आयोग में है. मनमोहन सिंह के बयान से ठीक एक महीना पहले सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, जिसने ये गलतबयानी की थी कि मुसलमानों की हालत दलितों से भी खराब है. मुस्लिम आरक्षण के लिए चौतरफा माहौल बनाया जा रहा था. इसका सीधा नुकसान देश के सबसे वंचित एससी, एसटी और ओबीसी को होना था. रउनके विरोध के कारण ये हो नहीं पाया. इसमें आईएएस अफसर आशा दास मैडम की बड़ी भूमिका है. उसके बारे में फिर कभी. वो भयानक किस्म के मुस्लिम तुष्टिकरण का दौर था. मगर क्यों? कांग्रेस का मकसद क्या था? मैं इस वीडियो में बता रहा हूं कि कांग्रेस दरअसल इस समय सपा, बसपा और आरजेडी से अपना मुसलमान वोट वापस लेने की कोशिश में जुटी थी.
Dilip Mandal1,065,896 次观看 • 2 年前

प्रशांत भूषण और एक लॉबी वर्षों कोर्ट में केस लड़ती रही कि कश्मीर रेल प्रोजेक्ट फँस जाए। कोर्ट में वे हर बार हारे। फ़ाइन लगा। प्रोजेक्ट लेट हुआ, पर भारत 🇮🇳 जीत गया। प्रशांत ज़िद्दी हैं। नर्मदा डैम हो या कोल, रेल हो 370 या सीएए, या रोहिंग्या- राष्ट्र के विरुध्द उनकी जंग जारी है।
Dilip Mandal506,453 次观看 • 1 年前

ग्रेट निकाबोर प्रोजेक्ट को लेकर सोनिया जी और राहुल जी की 3 मुख्य चिंताएं हैं - कछुए अंडे कहां देंगे, केंकड़ा खाने वाले बंदरों का क्या होगा, तथा कई पेड़ कट जाएंगे. इसलिए वे चाहते हैं कि न पोर्ट बने, न एयरपोर्ट, और न ही बिजली उत्पादन हो. क्या ये चिंताएं सही हैं? जानिए अंडमान-निकोबार संयुक्त सैन्य कमान के कमांडर-इन-चीफ रहे और लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह से आज शाम DD News पर. वे अब सेवानिवृत्त हैं. परियोजना के विरोधी विदेशी एनजीओ लगभग ढाई सौ शोंपेन आदिवासियों का प्रश्न भी उठा रहे हैं, तो उनके विशाल आवास क्षेत्र को तो छुआ तक नहीं जाएगा.
Dilip Mandal38,089 次观看 • 25 天前

राहुल गांधी जिमखाना क्लब के मेंबर हैं, जबकि प्रधानमंत्री के करीबी लोग भी यहां मेंबर नहीं बन पाते है. कांग्रेस के नेता, पूर्व सांसद राशिद अल्वी ये कहकर इतरा रहे हैं जैसे कि ये कोई मेडल है. वैसे अल्वी जी, राहुल गांधी को 2006 में जब बुलाकर मेंबरी दी गई तब उन्होंने क्या चमत्कार कर दिया था?
Dilip Mandal96,129 次观看 • 2 个月前

पी. चिदंबरम हाजिर हों! जब देश जम्मू-कश्मीर और अन्य जगहों पर इस्लामिक आतंकवाद से तबाह था, नक्सलवादी पशुपति से तिरुपति देख रहे थे और पूर्वोत्तर में बवाल था, तब आप गृह मंत्री के तौर पर "हिंदू आतंकवाद" की खोज में क्यों लगे थे? उस समय गृह मंत्रालय में अफसर रहे आरवीएस मणि को सुनिए.
Dilip Mandal27,579 次观看 • 22 天前

The Election Commission of India should ban CSDS caste and religion-based voting survey or ask them to reveal the raw data and make it public. CSDS, funded by the Ford Foundation and other foreign agencies, releases data on which caste and religious groups vote for which parties, influencing political narratives and creating further divisions. The accuracy of this data is questionable, as people are often reluctant to disclose their caste and voting choices, even anonymously. We don't have the varifiable raw data to check it. The data is used to create divisive analyses that suggest voting patterns based on caste and religion, fostering suspicion and discord among different groups. The funding of such surveys by international organizations like the Ford Foundation aims to fragment Indian society further, given India’s rise as a global power. The Election Commission should ban caste and religion-focused surveys to prevent further societal divisions. Election Commission of India
Dilip Mandal635,017 次观看 • 2 年前

MSP खत्म करना क्यों जरूरी. #FarmersProtest पर कोई भी राय बनाने से पहले देख लें. फसल की कीमत तय करने का काम खरीदार और बेचने वाले के बीच तय होना चाहिए. सरकार द्वारा कीमत तय करना अच्छी बात नहीं है, खासकर तब जबकि हर साल करोड़ों रुपए का अनाज सरकारी गोदामों के बाहर सड़ जाता है.
Dilip Mandal624,999 次观看 • 2 年前

कोलकाता की सबसे बड़ी मस्जिद के इमाम शफीक कासिमी चाहते हैं कि सरकार संविधान में संशोधन करके आर्टिकल 44 को हटा दे. इस आर्टिकल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) है. मोदी सरकार वो सरकार है जिसने सबसे कम संविधान संशोधन किए हैं. बाबा साहब का संविधान बचाने के लिए मोदी जी जान लड़ा देंगे.
Dilip Mandal33,290 次观看 • 1 个月前
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ये नहीं झुकेगा… टैरिफ़ विवाद में सरकार झुक गई तो विदेशी अनाज और उससे भी ज्यादा, सस्ते विदेशी दूध से भारत भर जाएगा। हमारे किसान और पशुपालक मारे जाएंगे। “नई ईस्ट इंडिया कंपनी” और भारत के करोड़ों किसानों-दुग्ध उत्पादकों बीच, आपका मोदी खड़ा है। आप निश्चिंत रहें। ये नहीं झुकेगा…
Dilip Mandal221,608 次观看 • 1 年前

भारत रत्न उस्ताद बिसमिल्लाह खान की आज जयंती है. मुसलमानों में नीचे माने गए समुदाय में पैदा हुए, लेकिन वो ऊंचाई हासिल की, जो और किसी को नहीं मिली. उनके होठ से लगाते ही शहनाई शास्त्रीय हो गई. मैसूर के दत्ता पीठ से सुनिए कजरी (2001). उनको भारत रत्न देने का सौभाग्य बीजेपी को मिला.
Dilip Mandal93,676 次观看 • 4 个月前

एशिया के लिए शोक का दिन आज ही के दिन 25 साल पहले, 12 मार्च, 2001 को विश्व में बुद्ध की सबसे बड़ी 18 और 15 मंजिली मूर्तियों को जिहादियों ने बारूद लगाकर उड़ा दिया था. मूर्तियों से इस्लाम को डर क्यों लगता है? महमूद गजनी ने भारत में हजारों मंदिर और मूर्तियां तोड़ने के बाद अपनी पदवी बुतशिकन यानी मूर्तिभंजक कर ली थी. आज भी उनकी ये परंपरा जारी है.
Dilip Mandal89,805 次观看 • 4 个月前