
Pushpraj Yadav
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Die Hard Fan !! Lalu Prasad Yadav !! RJD National Social Media Team India!!
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लोग कह रहे हैं कि मोदीजी को कम से कम असम के विमान हादसे में वायुसेना के 5 जवानों की शहादत पर तो नाच–गाने की महफिल रोकनी चाहिए थी। लेकिन क्या करें। महफिलें तो पुलवामा में 40 जवानों की शहादत के बाद भी नहीं रुकी थी। वे जवान तो 2019 में उनकी चुनावी जीत के लिए शहीद हुए थे।
Pushpraj Yadav154,445 görüntüleme • 13 gün önce

जेसीबी बुलडोजर का इस्तेमाल वही किया जाना जा सकता है जहां पक्का कंस्ट्रक्शन तोड़ना हो, लेकिन देश को इस वक्त बीजेपी और आरएसएस के गुंडे और दंगाई चला रहे हैं, इनके लिए बुलडोजर मुसलमानों को डराने के लिए हिंदुत्व की ताकत दिखाने के लिए और अपनी गुंडई पक्की करने के लिए है इसलिए यह सत्ता के मद में पागल हो चुके भाजपा वाले सब्जी वाली की सब्जी का ठेला हटवाने के लिए भी बुलडोजर इस्तेमाल करते हैं, बीजेपी अब देशद्रोही हो चुकी है इनका सांप की तरह फन कुचले बिना भारत बचेगा नहीं... Himanshu दादा
Pushpraj Yadav146,301 görüntüleme • 1 ay önce
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रुद्रपुर, उत्तराखंड रविचन्द्र नाम के एक व्यक्ति ने, जो खुद को "कट्टर हिन्दू" बताता है, "इंडियन रेस्टोरेंट" नाम के एक मुस्लिम मालिक वाले रेस्टोरेंट से बिरयानी ऑर्डर की। वह इस बात पर भड़क गया कि "इंडियन" एक हिन्दू नाम है, और उसने मालिक (राशिद) पर आरोप लगाया कि वह हिन्दुओं को हलाल मीट खिलाकर धोखा दे रहा है। बजरंग दल के कार्यकर्ता वहाँ पहुँच गए, उन्होंने हंगामा मचाया, और पुलिस ने रेस्टोरेंट को बंद करवा दिया — और तो और, उन्होंने मुस्लिम मालिक के खिलाफ सिर्फ इसलिए केस दर्ज कर लिया, क्योंकि उसने "इंडियन" शब्द का इस्तेमाल करने की हिम्मत की थी!
Pushpraj Yadav98,118 görüntüleme • 1 ay önce

कल ओमान तट के पास अमेरिकी हमले का शिकार हुए जहाज के सभी 24 नाविकों को ओमान नौसेना द्वारा बचा लिया गया है…. पर यहां सरकार और मीडिया दोनों ही अमरीका को हमलावर बताने से कतरा रहे है... युद्ध की स्थिति में अगर अमरीका हमारे नागरिकों को निशाना बना रहा है... तो क्यूं मोदी सरकार कायरों की तरह बिल में छुप रही है...
Pushpraj Yadav35,717 görüntüleme • 19 gün önce

अरविंद केजरीवाल इसी जज को झाड़ा था निष्पक्षता को लेकर। और ये स्वीकार भी रही है।😊 क्या ये सच है…???
Pushpraj Yadav77,678 görüntüleme • 1 ay önce

पत्रकार🎤 : क्या आपकी गाय बिकी? गले में तुलसी की माला वाले हिंदू भाई :- नहीं! मुसलमान भाई कह रहे हैं हम ख़रीद कर मुसीबत में पड़ जायेंगे.. पत्रकार🎤- बकरीद को अब ज़्यादा दिन नहीं बचे हैं तो अब आप इन गायों का क्या करेंगे? गले में तुलसी की माला वाले हिंदू भाई :- देखिये, हमने तो भाजपा को वोट दिया था ये सोचकर कि हमारा भला होगा…पर ये लोग तो भाला कर देंगे…. लग रहा है कि “सोनार बांग्ला” "भाजपा का चुनावी नारा" से “जोय बांग्ला” TMCका चुनावी नारा ही ठीक था। हर दिन एक गाय के पीछे 200/- से 300/- खर्च है..ये जो भाजपा सरकार गाय बेचने नहीं दे रही है,क्या हमारा ये खर्चा सरकार उठायेगी?….???? पाँच लाख रुपये बैंक से लोन लिया है,अब गले में रस्सी देने के अलावा कोई उपाय नहीं बचा…. इस गाय विक्रेता का दर्द समझो भाजपा वालो… गौ रक्षक कहां हो इनसे गाय ख़रीदो…
Pushpraj Yadav32,388 görüntüleme • 1 ay önce

पश्चिम बंगाल के मुसलमान जो कर रहे हैं वह देश के मुसलमानों को बहुत पहले कर लेना चाहिए। ख़बर है कि बकरा ईद के मद्देनजर जगह जगह गाय भैंस बेचने आने वाले लोगों को वहां के मुसलमान उन्हें वापस भेज रहे हैं। बकराईद में चौराहे चौराहे 4 का माल चौदह में बेचने वाले यह लोग मौका मिलते ही मस्जिद के सामने डीजे पर नागिन डांस करने लगते हैं, उनका बहिष्कार करके सबसे पहले इनकी आर्थिक कमर तोड़नी चाहिए। बेहतर है कि मुसलमान "हज में कुर्बानी" की तरह "ईद उल अदहा" में कुर्बानी का विकल्प ढूंढे और इनसे बकरा इत्यादि ना खरीदें। बेहतर है कि मुसलमान कुर्बानी का बहुत मंहगा दिखावा ना करें और बचे उस पैसे से ज़रुरतमंद क़रीबी लोगों की मदद करें। एक और काम जो हो जाना चाहिए वह नहीं हुआ, मुसलमानों की जमियत ओलेमा ए हिन्द जैसी बड़ी तंज़ीमें गाय को राष्ट्रीय पशु और उसकी हत्या पर देशव्यापी पुर्ण प्रतिबंध की मांग के लिए आंदोलन करे..... जिस दिन 5 लाख मुसलमान गोहत्या पर देशव्यापी पुर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए दिल्ली में इकट्ठा हो गए इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। पश्चिम बंगाल वालों ने रास्ता दिखा दिया है......
Pushpraj Yadav33,869 görüntüleme • 1 ay önce

प्रियंक खड़गे के सवाल उठाने पर RSS को 'Body of Individuals' कहा गया। अब कागज़ात दिखाने की बारी है….! 100 साल पुराने संगठन के पास क्या रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स हैं……???? हिंदुस्तान में जब भगवान के दान का एक-एक रुपया हिसाब मांगता है…. तो हज़ारों करोड़ की संपत्ति बनाने वाले इस संगठन का कोई लेखा-जोखा क्यों नहीं……????? क्या कोई भी संगठन देश के संविधान और कानून से बड़ा हो सकता है…..???? जनता अब पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है।
Pushpraj Yadav16,520 görüntüleme • 18 gün önce

बंगाल में लोगों ने कर्ज लेकर गायें पालीं, सोचकर कि बकरीद पर कारोबार चलेगा और घर का खर्च निकलेगा मगर उससे पहले ही बंगाल में सोया हिन्दू जाग गया और ख़ालिस हिन्दूवादी सरकार बनवा डाली। लेकिन राजनीति और नए माहौल ने ऐसा खेल पलटा कि मुसलमानों ने गाय की कुर्बानी का एक साथ बहिष्कार कर दिया अब ना खरीदार मिल रहे हैं, ना कर्ज चुकाने का रास्ता। ऊपर से मुसीबत कि बैंक वाले भी दरवाज़े तक सूद समेत पैसा वसूलने पहुँच गए। जो लोग कभी “धर्म” के नाम पर तालियां बजा रहे थे, आज वही बैंक की किस्तों और बर्बाद होते कारोबार के बीच फंसे खड़े हैं।
Pushpraj Yadav24,111 görüntüleme • 1 ay önce