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Rajneeti Tadka 🌶️

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India's Wildest Road Moments Road Rage | Near Misses | Crashes Politics & Current Affairs 🎥 AI Film Studio 100% AI Generated Claude × Seedance 2.0 × ElevenLabs

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दिल दहला देने वाला हादसा! 💔 धनबाद (झारखंड) में रॉन्ग साइड से आ रहे कोयला लदे ट्रेलर ने एक स्कॉर्पियो को बुरी तरह कुचला। इस भीषण टक्कर में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और गलत दिशा में ड्राइविंग न केवल आपके लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी काल बन सकती है। सड़क पर सावधानी बरतें, अपनों के लिए सुरक्षित चलें। RoadAccident TrafficRules RoadSafety BreakingNews WrongSideDriving

दिल दहला देने वाला हादसा! 💔 धनबाद (झारखंड) में रॉन्ग साइड से आ रहे कोयला लदे ट्रेलर ने एक स्कॉर्पियो को बुरी तरह कुचला। इस भीषण टक्कर में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और गलत दिशा में ड्राइविंग न केवल आपके लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी काल बन सकती है। सड़क पर सावधानी बरतें, अपनों के लिए सुरक्षित चलें। RoadAccident TrafficRules RoadSafety BreakingNews WrongSideDriving

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चाचा विधायक हैं हमारे कहने से ट्रैफिक सिग्नल अपने आप हरा नहीं हो जाता। क़ानून का लाल रंग सबको रोकता है चाहे आम आदमी हो या किसी का रिश्तेदार। क्या आपको लगता है भारत में VIP संस्कृति ने सड़क पर नियमों को हल्का बना दिया है? SURINDER JEET KAUR (ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀਤ ਕੌਰ) सुरिंदर जीत

चाचा विधायक हैं हमारे कहने से ट्रैफिक सिग्नल अपने आप हरा नहीं हो जाता। क़ानून का लाल रंग सबको रोकता है चाहे आम आदमी हो या किसी का रिश्तेदार। क्या आपको लगता है भारत में VIP संस्कृति ने सड़क पर नियमों को हल्का बना दिया है? SURINDER JEET KAUR (ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀਤ ਕੌਰ) सुरिंदर जीत

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मुझे फ़र्क नहीं पड़ता ज़माना क्या कहता है ! अभिनव अरोड़ा भाई, गलत वृंदावन में पहुँच गए हो तुम!

मुझे फ़र्क नहीं पड़ता ज़माना क्या कहता है ! अभिनव अरोड़ा भाई, गलत वृंदावन में पहुँच गए हो तुम!

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रात के 3.54 A.M। रोहिणी सेक्टर 3, दिल्ली। पूरी सोसाइटी सो रही थी। एक सिल्वर सेडान धीरे-धीरे एक खड़ी टाटा नेक्सन के पास से गुज़री। फिर रुकी। फिर पीछे आई → बिल्कुल उस SUV के बराबर में खड़ी हो गई। रोड से नज़र न पड़े, इसलिए। एक आदमी उतरा। काले कपड़े। दो कदम में ड्राइवर साइड डोर पर था। लॉक टूटने में सेकंड लगे। मिनट नहीं → सेकंड। नेक्सन की हेडलाइट्स जलीं। इग्निशन bypass हो गया। और वो SUV → किसी और के हाथों में →अपनी जगह से पीछे हटने लगी। दोनों गाड़ियाँ 30 सेकंड से कम में गायब। ये मौके की चोरी नहीं थी। सेडान का positioning, रात का वक्त, entry की रफ्तार → ये सब rehearsed था। इन लोगों ने पहले भी यही किया है। उस गाड़ी का मालिक सुबह नीचे आया होगा। खाली जगह देखकर कुछ देर खड़ा रहा होगा। अगर आपकी गाड़ी दिल्ली की किसी सड़क पर खड़ी है → स्टीयरिंग लॉक लगाइए, GPS tracker लगवाइए, parking mode वाला dashcam लगाइए। अब ये ज़रूरत है, शौक नहीं। सुरक्षित रहें। 🙏 DelhiCrime CarTheft DashcamIndia RohiniDelhi StaySafe

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353,352 просмотров • 2 месяцев назад

एयरटेल फाइबर इंटरनेट नहीं देता, वो इंसानों को धीरे-धीरे ज़ॉम्बी में बदल देता है। कामकाजी प्रोफेशनल मीटिंग्स लेता है, प्रोजेक्ट डिलीवर करता है-फिर एक दिन बफरिंग का कैदी बन जाता है। नेट गायब, स्पीड लापता, दिन भर लोडिंग का चक्कर। शिकायत करो तो टिकट खुलता है और गायब। महीनों इंतज़ार, कोई जवाब नहीं। थककर कनेक्शन कैंसल किया-लगा मुक्ति मिली। लेकिन नहीं-कैंसिलेशन के बाद भी बिल थमा दिया। अतिरिक्त चार्ज, पेनाल्टी, धमकी: पैसा दो वरना क्रेडिट स्कोर बर्बाद, रिकवरी एजेंट घर आएँगे। ये ज़ॉम्बी फार्म है-ग्राहक सालों लूट खाते रहते हैं और चुप रहते हैं क्योंकि दूसरा भी तो ऐसा ही होगा। खुद को डिजिटल गुलाम सर्टिफाइड कर लिया। इस बार एक ग्राहक ने दर्द वायरल किया। सारे ज़ॉम्बी भड़क उठे-ट्रोल आर्मी सक्रिय: तुम्हारे एरिया में प्रॉब्लम होगी, जियो ले लो। लेकिन सच यही है-लूट का मॉडल एक ही है, बस ब्रांड बदलते हैं। कनेक्शन छोड़ने की सज़ा में बिल-पेनाल्टी थोपकर ग्राहकों को ज़ॉम्बी बनाना-यही एयरटेल का असली फाइबर गेम? दर्द शेयर करो तो ट्रोल आर्मी भेज देते हो? शर्म नहीं आती इन कॉर्पोरेट लूटेरों को? अब जागो, ज़ॉम्बी मत बनो।
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एयरटेल फाइबर इंटरनेट नहीं देता, वो इंसानों को धीरे-धीरे ज़ॉम्बी में बदल देता है। कामकाजी प्रोफेशनल मीटिंग्स लेता है, प्रोजेक्ट डिलीवर करता है-फिर एक दिन बफरिंग का कैदी बन जाता है। नेट गायब, स्पीड लापता, दिन भर लोडिंग का चक्कर। शिकायत करो तो टिकट खुलता है और गायब। महीनों इंतज़ार, कोई जवाब नहीं। थककर कनेक्शन कैंसल किया-लगा मुक्ति मिली। लेकिन नहीं-कैंसिलेशन के बाद भी बिल थमा दिया। अतिरिक्त चार्ज, पेनाल्टी, धमकी: पैसा दो वरना क्रेडिट स्कोर बर्बाद, रिकवरी एजेंट घर आएँगे। ये ज़ॉम्बी फार्म है-ग्राहक सालों लूट खाते रहते हैं और चुप रहते हैं क्योंकि दूसरा भी तो ऐसा ही होगा। खुद को डिजिटल गुलाम सर्टिफाइड कर लिया। इस बार एक ग्राहक ने दर्द वायरल किया। सारे ज़ॉम्बी भड़क उठे-ट्रोल आर्मी सक्रिय: तुम्हारे एरिया में प्रॉब्लम होगी, जियो ले लो। लेकिन सच यही है-लूट का मॉडल एक ही है, बस ब्रांड बदलते हैं। कनेक्शन छोड़ने की सज़ा में बिल-पेनाल्टी थोपकर ग्राहकों को ज़ॉम्बी बनाना-यही एयरटेल का असली फाइबर गेम? दर्द शेयर करो तो ट्रोल आर्मी भेज देते हो? शर्म नहीं आती इन कॉर्पोरेट लूटेरों को? अब जागो, ज़ॉम्बी मत बनो।

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151,214 просмотров • 4 месяцев назад

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शहर का चमचमाता होटल... बाहर से शानदार, अंदर तहखाने में इंसानियत की लाशें सड़ रही थीं। कई युवतियाँ बंधक बनाकर रखी गईं, दिन-रात शोषण का शिकार। पुलिस को सूचना मिली तो छापा पड़ा, कुछ बरामद हुईं। लेकिन सवाल अनसुलझा है-ये घिनौना खेल सालों से चल रहा था, होटल की नाक के नीचे, और किसी को भनक तक नहीं? प्रबंधन की मिलीभगत साफ़ दिखती है। पड़ोसी आँखें मूंदे, पैसा बोलता रहा। पुलिस सूचना के बिना अंधी। महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े-बड़े भाषण, कानून के दावे-लेकिन हकीकत तहखाने में इंसानियत दफ़्न हो रही थी। ये सिर्फ़ एक होटल की कहानी नहीं, पूरे सिस्टम की नाकामी है जो ऐसे धंधों को पनपने देता है। वाह! महिलाओं की सुरक्षा पर थोक के भाव भाषण देने वाले सिस्टम को बधाई-होटल के तहखाने में युवतियाँ बंधक शोषित होती रहीं, और किसी को भनक तक नहीं! ये मिलीभगत कब तक चलेगी? अब जागो, ऐसे धंधों को जड़ से उखाड़ो।

Rajneeti Tadka 🌶️

84,051 просмотров • 4 месяцев назад

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आपकी मेहनत की कमाई एक रात में गायब हो जाए, तो क्या करेंगे? लखनऊ की Bank of Baroda शाखा में सैकड़ों ग्राहकों के करोड़ों रुपये की FD कथित तौर पर गायब हो गईं-और बैंक की तरफ़ से अब तक कोई ठोस जवाब नहीं। ग्राहक शटर गिराकर धरना दे रहे हैं। बेटियों की शादियाँ टूट रही हैं, जिंदगी भर की पूंजी पर सवाल खड़े हो गए। बैंकिंग का पूरा ढाँचा भरोसे पर टिका है। एक शाखा में लापरवाही या मिलीभगत निकलती है तो लाखों लोगों का विश्वास हिल जाता है। बैंक कहता है-आंतरिक जाँच चल रही है, तथ्य पुष्टि के बाद बताएँगे। लेकिन सवाल वही-जिम्मेदार कौन? नुकसान की भरपाई कब? ग्राहक चिंतित हैं, नाराज़ हैं, सोशल मीडिया पर पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं। ये किसी एक बैंक की नहीं, पूरे वित्तीय तंत्र की विश्वसनीयता का संकट है। ग्राहकों की गाढ़ी कमाई लूटने का खतरा मंडराने के बावजूद बैंक सिर्फ़ आंतरिक जाँच के नाम पर टालमटोल कर रहा है, और भरोसा सिर्फ़ विज्ञापनों में बेचा जाता है? शर्म नहीं आती बैंक ऑफ़ बड़ौदा को कि लाखों लोगों का विश्वास यूँ ही कुचल रहे हैं? अब सतर्क रहो, सवाल उठाओ।

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55,836 просмотров • 4 месяцев назад