
Raksha Yatharth
@Rak_sha_2018 • 15,815 subscribers
I don't take revenge, I delete people.
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इंसानियत शर्मसार, लालच बेनकाब एक मासूम बच्ची काफी समय पहले ही दम तोड़ चुकी थी... लेकिन आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर सच बताने के बजाय इलाज और दवाइयों के नाम पर पैसे बनाते रहे। आखिर कब तक इंसानियत को कारोबार बनाया जाएगा? कब तक गरीब परिवार उम्मीद और दर्द के बीच लुटते रहेंगे? यह सिर्फ एक खबर नहीं, पूरे स्वास्थ्य सिस्टम पर एक बड़ा सवाल है।
Raksha Yatharth149,165 views • 2 months ago

पोज देने का तरीका नया है 😂 हाथ की कलाई पर पिंक बैंड नोटिस किया?
Raksha Yatharth72,184 views • 1 month ago
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महिला सशक्तिकरण इस तरह टैटू बनाकर सशक्त हो रही है सेल्फ रिस्पेक्ट, रेप जैसी तमाम वारदात जहां हो रही वहां किसी पराये पुरुष के समक्ष इस तरह ओपेन बैठकर टैटू बनवाने वाली महिलाओं की सुरक्षा कौन सी सरकार करेगी ? इन जैसी कुछ महिलाओं की वजह से लाखों महिलाओं के रियल्टी रेप व छेड़छाड़ के केस पेंडिंग हैं।
Raksha Yatharth128,720 views • 2 months ago

हल्का गाऊन , सिंपल सी स्लीपर र लाइट मेकअप में मैडम धमाल मचा रही 😂
Raksha Yatharth85,179 views • 2 months ago
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अस्पताल परिसर में डॉक्टर का मरीज पर गुस्सा दिखाना और बच्चे का इलाज करने से मना करना कई सवाल खड़े करता है। डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है, ऐसे में मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार की उम्मीद की जाती है। गुस्सा या तनाव अपनी जगह हो सकता है, लेकिन इलाज से इनकार करना मानवता और जिम्मेदारी दोनों पर सवाल खड़ा करता है। आखिर मरीज जाए तो जाए कहाँ?
Raksha Yatharth28,532 views • 2 months ago

यह भारत की रेल व्यवस्था की सच्चाई है… जहां इंसानों को सफर नहीं, खुद को ठूंसना पड़ रहा है। टिकट के पूरे पैसे वसूले जाते हैं, लेकिन बदले में ना सीट मिलती है, ना सुरक्षा और ना सम्मान। हर साल करोड़ों यात्री वेटिंग और भीड़ का शिकार हो रहे हैं, फिर भी व्यवस्था सिर्फ दावों और विज्ञापनों में चमक रही है। देश की ‘लाइफलाइन’ कही जाने वाली रेलवे आज आम आदमी के धैर्य की परीक्षा बन चुकी है।
Raksha Yatharth19,849 views • 2 months ago
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