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Ravindra Singh Bhati

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MLA, Sheo Constituency | Former President (2019-2022), JNVU (Jodhpur university )

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Leaning Tower of Pisa, Italy #Italy #7wondersofworld

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लोकतंत्र के पर्व की खूबसूरत तस्वीर निंब सिंह जी कापराऊ का कुछ दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था, उस वक्त आपका मेरी टीम से संपर्क हुआ और टीम ने आपकी पूरी सहायता की थी। आज जब लोकतंत्र के पर्व पर सभी लोग अपने घरों से निकलकर मतदान कर रहे थे तो आपने भी अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए, थार के भविष्य के लिए चारपाई पर ही मतदान केंद्र आये और अपना मत दिया। यह हिम्मत, यह हौंसला बता रहा है कि अब थार परिवर्तन की और अग्रसर है।

लोकतंत्र के पर्व की खूबसूरत तस्वीर निंब सिंह जी कापराऊ का कुछ दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था, उस वक्त आपका मेरी टीम से संपर्क हुआ और टीम ने आपकी पूरी सहायता की थी। आज जब लोकतंत्र के पर्व पर सभी लोग अपने घरों से निकलकर मतदान कर रहे थे तो आपने भी अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए, थार के भविष्य के लिए चारपाई पर ही मतदान केंद्र आये और अपना मत दिया। यह हिम्मत, यह हौंसला बता रहा है कि अब थार परिवर्तन की और अग्रसर है।

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ओरण बचाओ पद यात्रा …. Summer is coming

ओरण बचाओ पद यात्रा …. Summer is coming

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2 माह की बच्ची की माँ को आज प्रशासन ने सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया क्योंकि उसने अपनी जमीन पर लगने वाले टावर का मुआवजे मांगा …. क्या यह न्याय है ? …. #मनिहारी_प्रकरण #शिव

2 माह की बच्ची की माँ को आज प्रशासन ने सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया क्योंकि उसने अपनी जमीन पर लगने वाले टावर का मुआवजे मांगा …. क्या यह न्याय है ? …. #मनिहारी_प्रकरण #शिव

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जय हिन्द-जय भारत #congratulations_bharat 🇮🇳🇮🇳 #t20worldcup

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वर्तमान में NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक जैसी अनियमितताओं को लेकर देशभर के युवाओं में गहरा रोष व्याप्त है। लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की मांग है। आज कुरुक्षेत्र में NEET एवं CBSE परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में हजारों युवाओं के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाने पहुंचे जनप्रतिनिधि पर वाटर गन का प्रयोग कर आंदोलन को दबाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। युवाओं के भविष्य से जुड़े प्रश्नों का समाधान संवाद, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण कार्रवाई से होना चाहिए, न कि उनकी आवाज़ को दबाने के प्रयासों से। Deepender Singh Hooda

Ravindra Singh Bhati

120,777 views • 1 month ago

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अगर मैं ठहर गया …. तो क्या जवाब दूंगा भांडासर के उन 80 साल के लंगे खान जी को …. जिनसे पानी का वादा करके आया था.... क्या जवाब दूंगा डगारी गांव के उस बुजुर्ग को जिन्होनें मुझे माला पहनाते हुए कहा था कि तुमने पोस्टर पर मेरे गांव का नाम लिखा …. हमको जिंदा कर दिया फिर से .... क्या जवाब दूंगा पनिया गांव के लोगों को जिनसे में सड़क पानी बिजली का वादा करके आया हूं .... मोडरड़ी के लोगों में विश्वास है कि रवि एमएलए बनेगा और भारतमाला से एक पतली सड़क हमारे गांव तक भी आएगी.... बरसिंगा से लेकर आरंग चोचरा तक के लोगों को मैनें सोलर में स्थानीय लोगों को रोजगार का वादा किया है... अगर आज मैं रुक गया तो क्या जवाब दूंगा थुंबली, गिरल, आकली, तुड़बी के लोगों को जो 10 मिनट का सफर 1 घंटे में पूरा करते है....जिनकी जमीनों को कब्जा कर कंपनियां और सरकारें करोड़ों कमाती है लेकिन उन लोगों के हालात आज भी बदतर है... जिनके घरों पर रात में काला धुंआ छाया रहता है... जिनसे मैं वादा करके आया था...कि ये अंधेरा छंटेगा. मैनें कोटड़ा, हड़वा हड़वेचा के लोगों को सड़क का वादा किया है... भाडखा से लेकर भिंयाड़ और ऊंडू आरंग तक के किसानों की लाइट ट्रिपिंग से मोटरें जलती है....हजारों का नुकसान हो जाता है.... समय पर बिजली नहीं मिलने से फसलें बर्बाद होती है .. उनके और मेरे बीच उम्मीद और विश्वास का रिश्ता बना था... मैनें उन कोटड़ा के लोगों से कुछ वादा किया था...जिनका गौरवशाली इतिहास है...पहचान है...लेकिन वर्तमान बुनियादी सुविधाओं को भी तरस रहा है .... ये हालत ना सिर्फ़ शिव विधानसभा के रामसर, गडरा, चौहटन, भीयाड़, हरसाणी, गिराब और गागरिया सहित हर क्षेत्र के है …. बल्कि हम जितना गहरा उतरेंगे हालत और बदतर स्थिति में हमारे सामने आयेंगे …. एक लाइन में इस सच को बोला जाये तो ये है “हालत-ए-सरहद” मैं उन युवाओं को क्या जवाब दूंगा जिनको मैनें कहा था....कि एक-एक को रोजगार देने का काम करूंगा... अगर मैं ठहर गया तो उनको मुंह कैसे दिखाऊंगा …. बड़ी मुश्किलों के बाद...बड़े इंतजार के बाद...मैनें गांवों के बुजुर्गों की आखों में बेहतर कल की चमक देखी है...मैनें देखा है जब मेरे युवा भाई कंधे से कंधा मिलाकर मेरे साथ चलते है तो बुजुर्गों में भी जोश आ जाता है....वो अपने बेटों...अपने पौतों के भविष्य को लेकर बेफिक्र हो जाते है....घर की खिड़कियों से झांकती जो माएं मुझे आशीष दे रही थी....अगर मैं ठहर गया तो उनको क्या जवाब दूंगा... लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का सबको हक है....लेकिन शिव की 4 पंचायत समितियों..... 124 ग्राम पंचायतों.... 630 गावों और 2 हजार ढ़ाणियों की तरक्की कैसे होगी....इसका प्लान किसके पास है?….शिव के 200 गांव ऐसे है जहां 10वीं तक भी स्कूल नहीं है .. बहन बेटियां अनपढ़ रह जाती है... सैकड़ों गांव है जहां आज भी सड़क नहीं है...स्कूल नहीं है...पीने का पानी नहीं है... आखिर में एक विश्वास जो मैं आप सबको देता हूं... इस लड़ाई का परिणाम जो रहे.... आप मेरे काम आ सकेंगे या नहीं....लेकिन रविंद्र आपके लिए हमेशा हाजिर रहेगा.... आपकी लड़ाई अब आप नहीं...रविंद्र लड़ेगा.....और सिर्फ शिव विधानसभा क्षेत्र की बात नहीं कर रहा हूं....आपके परिवार का...आपके कुनबे का कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी कौने में कैसे भी मुसीबत में हो.... रवि को याद करना... अगर आपका भाई और आपका बेटा बनकर...आपके परिवार का बनकर काम न करूं...तो कहना, उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगा.

Ravindra Singh Bhati

1,903,547 views • 2 years ago

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आमजन में डर, कंपनियों में विश्वास — बाड़मेर पुलिस पिछले लंबे समय से पश्चिमी राजस्थान में यह आम बात हो गई है। एक तरफ़ जहाँ बाड़मेर आगोर में लंबे समय से बसे ग़रीब लोगों को तालाब की आगोर भूमि पर अतिक्रमण के नाम पर बेघर किया गया और उनके आशियाने उजाड़े गए। वही दूसरी ओर, सीताराम की ढाणी (शिव) में जब प्रशासन के चहेते कंपनी वाले तालाब की आगोर भूमि पर बिना किसी वैध कागज़ात के खंभे खड़े कर रहे थे और गाँव के लोगों ने विरोध दर्ज करवाया, तो बदले में गाँव के लोगों को ही जेल भेज दिया गया। जब किसानों की सहमति के बिना उनके खेतों से हाईटेंशन लाइनें निकाली जाती हैं और बड़े प्लांट स्थापित करने के लिए दबाव बनाया जाता है, तब यह प्रश्न और भी प्रासंगिक हो जाता है — प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी किसके प्रति है? आमजन के प्रति या कंपनियों के प्रति? क्या प्रशासन का दायित्व अपने अधिकारों तथा जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे आम नागरिकों के साथ खड़े होने का है, या फिर बड़ी कंपनियों के हितों की रक्षा करने का? जनता जानना चाहती है — आख़िर प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही किसके प्रति है? आमजन के प्रति या कंपनियों के प्रति? PMO India CMO Rajasthan Rajasthan Police Barmer District Collector & Magistrate

Ravindra Singh Bhati

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फ्रांस के नीस शहर में हूं, यहां के समुद्री तटों की सुंदरता वास्तव में काबिले-तारीफ है। स्वच्छ, सजीव और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थान इस बात का उदाहरण है कि जब आमजन, स्थानीय प्रशासन और सरकार मिलकर काम करें, तो स्वच्छता केवल नारा नहीं, संस्कृति बन जाती है। हमारी सरकारें भी स्वच्छता को लेकर लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन असली बदलाव तभी संभव है जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और उसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। स्वच्छ भारत, समृद्ध भारत का सपना तभी साकार होगा जब यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता का संकल्प बने। शास्त्रों में कहा गया है कि जहाँ साफ़-सफ़ाई, सुव्यवस्था और पवित्रता होती है, वहाँ धन-धान्य की देवी माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। एक स्वच्छ राष्ट्र न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होता है, बल्कि हर क्षेत्र में प्रगति की राह पर अग्रसर रहता है। आइए, हम सब मिलकर यह प्रण लें कि अपने देश और प्रदेश को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाएंगे।

Ravindra Singh Bhati

119,061 views • 8 months ago

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आज विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल महोदय के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने विचार सदन के पटल पर रखे। इस दौरान प्रदेश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को सरकार और सिस्टम की बड़ी विफलता बताया। यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने कहा था कि, “शिक्षा उस शेरनी का दूध है, जो जितना पीता है उतना दहाड़ता है।” लेकिन आज वही शिक्षा व्यवस्था बदहाली का शिकार है। प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं, विद्यालयों की हालत खस्ताहाल है और संसाधनों का घोर अभाव दिखाई देता है। यदि समय रहते इन गंभीर समस्याओं पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान प्रदेश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को उठाना पड़ेगा। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

Ravindra Singh Bhati

55,974 views • 5 months ago