
Ravindra Singh Bhati
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MLA, Sheo Constituency | Former President (2019-2022), JNVU (Jodhpur university )
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अगर मैं ठहर गया …. तो क्या जवाब दूंगा भांडासर के उन 80 साल के लंगे खान जी को …. जिनसे पानी का वादा करके आया था.... क्या जवाब दूंगा डगारी गांव के उस बुजुर्ग को जिन्होनें मुझे माला पहनाते हुए कहा था कि तुमने पोस्टर पर मेरे गांव का नाम लिखा …. हमको जिंदा कर दिया फिर से .... क्या जवाब दूंगा पनिया गांव के लोगों को जिनसे में सड़क पानी बिजली का वादा करके आया हूं .... मोडरड़ी के लोगों में विश्वास है कि रवि एमएलए बनेगा और भारतमाला से एक पतली सड़क हमारे गांव तक भी आएगी.... बरसिंगा से लेकर आरंग चोचरा तक के लोगों को मैनें सोलर में स्थानीय लोगों को रोजगार का वादा किया है... अगर आज मैं रुक गया तो क्या जवाब दूंगा थुंबली, गिरल, आकली, तुड़बी के लोगों को जो 10 मिनट का सफर 1 घंटे में पूरा करते है....जिनकी जमीनों को कब्जा कर कंपनियां और सरकारें करोड़ों कमाती है लेकिन उन लोगों के हालात आज भी बदतर है... जिनके घरों पर रात में काला धुंआ छाया रहता है... जिनसे मैं वादा करके आया था...कि ये अंधेरा छंटेगा. मैनें कोटड़ा, हड़वा हड़वेचा के लोगों को सड़क का वादा किया है... भाडखा से लेकर भिंयाड़ और ऊंडू आरंग तक के किसानों की लाइट ट्रिपिंग से मोटरें जलती है....हजारों का नुकसान हो जाता है.... समय पर बिजली नहीं मिलने से फसलें बर्बाद होती है .. उनके और मेरे बीच उम्मीद और विश्वास का रिश्ता बना था... मैनें उन कोटड़ा के लोगों से कुछ वादा किया था...जिनका गौरवशाली इतिहास है...पहचान है...लेकिन वर्तमान बुनियादी सुविधाओं को भी तरस रहा है .... ये हालत ना सिर्फ़ शिव विधानसभा के रामसर, गडरा, चौहटन, भीयाड़, हरसाणी, गिराब और गागरिया सहित हर क्षेत्र के है …. बल्कि हम जितना गहरा उतरेंगे हालत और बदतर स्थिति में हमारे सामने आयेंगे …. एक लाइन में इस सच को बोला जाये तो ये है “हालत-ए-सरहद” मैं उन युवाओं को क्या जवाब दूंगा जिनको मैनें कहा था....कि एक-एक को रोजगार देने का काम करूंगा... अगर मैं ठहर गया तो उनको मुंह कैसे दिखाऊंगा …. बड़ी मुश्किलों के बाद...बड़े इंतजार के बाद...मैनें गांवों के बुजुर्गों की आखों में बेहतर कल की चमक देखी है...मैनें देखा है जब मेरे युवा भाई कंधे से कंधा मिलाकर मेरे साथ चलते है तो बुजुर्गों में भी जोश आ जाता है....वो अपने बेटों...अपने पौतों के भविष्य को लेकर बेफिक्र हो जाते है....घर की खिड़कियों से झांकती जो माएं मुझे आशीष दे रही थी....अगर मैं ठहर गया तो उनको क्या जवाब दूंगा... लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का सबको हक है....लेकिन शिव की 4 पंचायत समितियों..... 124 ग्राम पंचायतों.... 630 गावों और 2 हजार ढ़ाणियों की तरक्की कैसे होगी....इसका प्लान किसके पास है?….शिव के 200 गांव ऐसे है जहां 10वीं तक भी स्कूल नहीं है .. बहन बेटियां अनपढ़ रह जाती है... सैकड़ों गांव है जहां आज भी सड़क नहीं है...स्कूल नहीं है...पीने का पानी नहीं है... आखिर में एक विश्वास जो मैं आप सबको देता हूं... इस लड़ाई का परिणाम जो रहे.... आप मेरे काम आ सकेंगे या नहीं....लेकिन रविंद्र आपके लिए हमेशा हाजिर रहेगा.... आपकी लड़ाई अब आप नहीं...रविंद्र लड़ेगा.....और सिर्फ शिव विधानसभा क्षेत्र की बात नहीं कर रहा हूं....आपके परिवार का...आपके कुनबे का कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी कौने में कैसे भी मुसीबत में हो.... रवि को याद करना... अगर आपका भाई और आपका बेटा बनकर...आपके परिवार का बनकर काम न करूं...तो कहना, उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगा.
Ravindra Singh Bhati1,903,974 次观看 • 2 年前

सरलीकरण में आयु छूट क्यों जरूरी है? गांवों से निकलकर शहरों में दिन-रात मेहनत करने वाले आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के युवाओं के संघर्ष को समझना जरूरी है। उनके सपनों को पूरा करने के लिए परिवार अपनी खून-पसीने की कमाई भेजते हैं, ताकि उनका बेटा-बेटी अपने पैरों पर खड़ा हो सके। लेकिन समय पर प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित न होने या किन्हीं कारणों से परीक्षाओं में असफल होने के कारण हजारों युवा अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इसमें युवाओं का क्या दोष, जब व्यवस्था की देरी उनके भविष्य पर भारी पड़ती है? इसलिए आयु सीमा में छूट कोई विशेष रियायत नहीं, बल्कि युवाओं के साथ न्याय करने का एक प्रयास है। अन्य वर्गों के समान अवसर और उचित आयु छूट देकर इन युवाओं को भी अपने सपने पूरे करने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि व्यवस्था की देरी उनके भविष्य की बाधा न बने। सरलीकरण का उद्देश्य ही यही है कि आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के योग्य युवा को समान अवसर मिले और किसी के साथ अन्याय न हो। #सरलीकरण
Ravindra Singh Bhati14,310 次观看 • 7 天前

वर्तमान में NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक जैसी अनियमितताओं को लेकर देशभर के युवाओं में गहरा रोष व्याप्त है। लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की मांग है। आज कुरुक्षेत्र में NEET एवं CBSE परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में हजारों युवाओं के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाने पहुंचे जनप्रतिनिधि पर वाटर गन का प्रयोग कर आंदोलन को दबाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। युवाओं के भविष्य से जुड़े प्रश्नों का समाधान संवाद, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण कार्रवाई से होना चाहिए, न कि उनकी आवाज़ को दबाने के प्रयासों से। Deepender Singh Hooda
Ravindra Singh Bhati121,092 次观看 • 4 个月前

चुनावी वादे करना राजनीतिक दलों की लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है, लेकिन सवाल यह है कि हमने कभी उनसे वापस पूछा कि किए गए वादों का क्या हुआ? आज जब डबल इंजन की सरकार सत्ता में है और उन्हीं के हाथों में निर्णय लेने की जिम्मेदारी है, तो जवाब मांगना भी हमारा अधिकार है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण में सरलीकरण की मांग आखिर कहां अटक रही है? किन विसंगतियों के कारण पात्र लोगों को उनके अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है? अब समय है कि सवाल भी हो और जवाब भी मांगा जाए। क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति, जाति या समुदाय की बात नहीं, बल्कि हर उस पात्र व्यक्ति के हक की बात है, जिसे छोटी-छोटी विसंगतियों के कारण अपने अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है।
Ravindra Singh Bhati20,585 次观看 • 18 天前

शिव विधानसभा क्षेत्र अपने विशाल भू-भाग के साथ प्रदेश एवं देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। क्षेत्र में आवागमन को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण, नवीनीकरण एवं मिसिंग लिंक कार्यों को जल्द ही स्वीकृति मिलने जा रही है। इन सड़क परियोजनाओं से क्षेत्र के ग्रामीणों एवं आमजन को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी तथा सीमावर्ती क्षेत्र में कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी। समस्त क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं। आपका बेटा, आपका भाई रविन्द्र सिंह भाटी
Ravindra Singh Bhati58,083 次观看 • 2 个月前

"आज अगर हम ही नहीं बोलेंगे तो कल बोलने के लिए कोई आगे नहीं आएगा...." मेरे पास अपना क्षेत्र है, हर सुविधा और व्यवस्था भी है। फिर भला मुझे आधी-आधी रात तक और कड़ी धूप में गांव-गांव घूमने, प्रदेशभर में जाने की जरूरत क्यों पड़ती? क्योंकि मन में एक पीड़ा है, यह लड़ाई मेरे निजी हितों के लिए नहीं, उन लोगों के लिए है जो व्यवस्था की विसंगतियों के कारण पीछे छूट रहे हैं और अपने ही हक से वंचित हो रहे हैं। सरलीकरण किसी एक जाति, वर्ग या समुदाय की मुहिम नहीं है। यह हर उस हकदार की साझा आवाज है, जिसे उसका अधिकार मिलना चाहिए। इस मुहिम को अंतिम चरण तक पहुंचाना भी हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
Ravindra Singh Bhati18,538 次观看 • 18 天前

"स्वच्छ शिव, स्वस्थ शिव" स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति शिव, रामसर, गडरारोड़ एवं चौहटन में सार्वजनिक स्थानों, विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों पर तकरीबन 94 शौचालयों के निर्माण हेतु ₹282 लाख की राशि स्वीकृत होने पर समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह स्वीकृति विधानसभा क्षेत्र शिव के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगी। विकास के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ता विधानसभा क्षेत्र शिव।
Ravindra Singh Bhati22,750 次观看 • 1 个月前