
Sarwesh
@sarweshh • 14,387 subscribers
Analyst | Politics, Society & Governance Evidence-based insights. Straight talk. No fluff. Proud Indian 🇮🇳 | Nat’l Co-ordinator, IOUNV India
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सुहागरात का पावर कट: और आखिरकार वो घड़ी आ ही गई - जिसका इंतजार मुहल्ले के लड़कों से ज्यादा दूल्हे ने किया था। 😛😛 शेरवानी उतरने वाली थी, लाइटें धीमी हुईं, अगरबत्ती जली, और दूल्हा राजा शर्माते हुए, कांपते हाथों से दुल्हन का घूंघट उठाने ही वाला था। दिल में बैकग्राउंड म्यूजिक बज रहा था - _पहला-पहला प्यार है..._ जैसे ही घूंघट दो इंच उठा, - *टुक!* लाइट चली गई। पूरा कमरा अंधेरा। यूपी-बिहार वाला परमानेंट वाला पावर कट। बाहर से इन्वर्टर की आवाज - टें... टें... टें... दूल्हे ने सोचा - चलो, अंधेरा ही सही, रोमांस तो रोमांस है। हिम्मत करके बेड पर बैठा, थोड़ा करीब खिसका। दुल्हन थोड़ी और साइड खिसक गई। दूल्हा और खिसका, दुल्हन और खिसकी। तीसरी बार में दुल्हन ने फुल फॉर्म में आकर एक जोरदार धक्का दिया। दूल्हा धड़ाम से नीचे जमीन पर। दूल्हा हक्का-बक्का, कमर पकड़ कर बोला - "अरे! ये क्या था? क्या हुआ?" अंधेरे में से दुल्हन की गंभीर आवाज आई - "लाइट आने दो।" दूल्हा - "लाइट का क्या लेना-देना?" दुल्हन - "बहुत लेना-देना है। बहुत गर्मी है। पसीना आ रहा है। लाइट आएगी, पंखा चलेगा, AC चलेगा, तब देखेंगे।" दूल्हा जमीन पर बैठा-बैठा पसीना पोंछ रहा है और पंखे को देख रहा है जो लाइट जाने से बंद पड़ा है। उधर दुल्हन बेड पर आराम से लेटी पंखा हिला रही है और मन ही मन सोच रही है - "सुबह से पार्लर में बैठी हूँ, 10 किलो का लहंगा पहना है, भूख से जान जा रही है, और इन्हें घूंघट उठाना है। पहले लाइट तो आने दो, कम से कम पसीना तो सूखे।" और बाहर दूल्हे के दोस्त दरवाजा सुन रहे थे कि अंदर से कोई आवाज क्यों नहीं आ रही। एक बोला - "लगता है लाइट चली गई इसलिए शो कैंसिल हो गया।" दूल्हा बेचारा अभी भी जमीन पर बैठा है, एक हाथ में घूंघट, दूसरे हाथ में अपनी कमर, और सामने अंधेरे में एक ही डायलॉग गूंज रहा है - *"लाइट आने दो, बहुत गर्मी है।"* सुहागरात नहीं, ये तो बिहार बिजली बोर्ड की रात बन गई।😂😂
Sarwesh127,682 views • 15 days ago
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