
Saurabh
@sauravyadav1133 • 36,107 subscribers
सौ गुलाबों के बीच से भी मैं हाथ में उठा लेता हूं पीले कनेर के फूल...
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इंदौर में बीजेपी "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” रैली कर रही थी और उसमें प्रोफेसर प्रहलाद पांडे एक पोस्टर लेकर सिर्फ खड़े हो गए जिसपर "30 हजार का बल्ब और 33 हजार के फिनाइल पर जवाब दो" लिखा था। इस पर कैलाश विजयवर्गीय नाराज हो गए और पुलिस को बुलाकर प्रोफेसर साहब को अरेस्ट करवा दिया...अरेस्ट करवाते हुए कैलाश जी की भाषा पर गौर कीजिए...
Saurabh104,531 Aufrufe • vor 9 Tagen

मैं कांग्रेस अध्यक्ष हूँ आप LOP हैं मेरा बोलना अलग है आपका बोलना अलग है😊
Saurabh247,432 Aufrufe • vor 1 Monat

अरे ये क्या हुआ...स्पीकर ओम बिरला आए वंदे मातरम करवाया और बैठते ही बोले सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित❓ क्या सभी लोग सिर्फ वंदे मातरम् करने गाने के लिए सदन में आए थे❓ और प्रधानमंत्री और गृहमंत्री आखिरी दिन क्या सदन में सिर्फ अपना चेहरा दिखाने आए थे कल संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू बार-बार विपक्ष से कह रहे थे कि हमारे पास सिर्फ दो दिन बचे हैं तो सत्तापक्ष की तरफ से आज का दिन क्यों बर्बाद किया गया❓ फिर तो आज ये साफ हो गया कि सरकार ने विपक्ष के सामने पूरी तरह से घुटने टेक दिए हैं और सरकार के लोग विपक्ष से डरे हुए हैं।
Saurabh449,804 Aufrufe • vor 2 Monaten

मॉलिटिकस के नीरज भाई ने धारा 163 पर पुलिस अफसर से बढ़िया सवाल पूछे ✅
Saurabh131,977 Aufrufe • vor 29 Tagen

कुणाल कामरा के शो में चुनाव आयोग पर इंडियन एक्स्प्रेस की इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट की चर्चा हो रही थी और रिपोर्टर की तरीफ हो रही थी इस बीच पूर्व IAS Kannan Gopinathan गौर करने लायक बात कह रहे हैं कि मैं रिपोर्टर के काम को हल्का नहीं कर रहा लेकिन मेरा मानना है कि चुनाव आयोग में इंवेस्टिगेटिव जर्नलिज्म जैसी चीज होनी ही नहीं चाहिए थी क्योंकि…
Saurabh169,045 Aufrufe • vor 1 Monat

रिपोर्टर ने पूछा आपकी FIR लिख ली गई अब खुश हैं आप❓ साहिल - खुशी तो है लेकिन दुख भी है कि लीडर ऑफ अपोजिशन के यहां होने के बाद भी 8 घंटे लग गए FIR होने में। जबकि मैं खुद गवाह हूं मेरे शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे हैं फिर भी 8 घंटे में मेरी FIR लिखी गई और ये भी ना होता अगर LOP मेरा साथ न देते
Saurabh157,320 Aufrufe • vor 2 Monaten

हमारे टैक्स के पैसे से सिक्युरिटी दी जा रही है लेकिन किसे और क्यों❓
Saurabh389,148 Aufrufe • vor 6 Monaten

संसद में माननीय सांसद निशिकांत दुबे जी की धूर्तता और स्पीकर साहब की निष्पक्षता का नमूना देखिए - प्रियंका गांधी ने कहा कि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिल्किस बानो के रेपिस्टों की रिहाई पर सहमति जताई थी। इस पर सत्ता पक्ष कहने लगा कि ऑथेंटिकेट किए बिना नहीं बोल सकते...इसे कार्यवाही से निकालिए। इस पर केसी वेणु गोपाल खड़े हुए और कहा कि इसी सदन में निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी और नेहरू पर उल्टा-सीधा बोला उसे कार्यवाही से नहीं निकाला गया। अब निशिकांत दुबे खड़े हुए और कहा कि मैं फिर कहूंगा कि "नेहरू अय्याश थे अय्याश थे और मैं ऑथेंटिकेट करने के लिए तैयार हूं" देश के पहले प्रधानमंत्री के बारे इतना भद्दा कहा जा रहा था और स्पीकर साहब खामोशी से सुन रहे थे। प्रियंका गांधी ने फिर कहा कि मैं जो प्रह्लाद जोशी के बारे में कह रही हूं उसका सबूत देने को तैयार हूं ऑथेंटिकेट करने के लिए तैयार हूं....लेकिन स्पीकर ने उन्हें नहीं बोलने दिया।
Saurabh132,351 Aufrufe • vor 3 Monaten

सिर्फ़ 50 सेकंड में लोकसभा स्थगित हो गई और किसकी वजह से हुई आप ख़ुद देखिए…
Saurabh126,483 Aufrufe • vor 3 Monaten

देहरादून में सीएम साहब का युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम चल रहा था उसमें एक स्कूल की बच्ची खड़ी होती है और कहती है कि मैं अभी जम्मू गई थी ताईक्वांडो का नेशनल खेलने सर वहां पर मेरा गोल्ड मेडल आया था(खूब तालियां बजती हैं) फिर बच्ची आगे कहती है वहां से मेरा इंटरनेशनल के लिए सलेक्शन हुआ था लेकिन वहां मुझसे पैसे मांग रहे थे डेढ़ लाख जिस वजह से मैं इंटरनेशनल खेलने नहीं जा पाई। ये कहते हुए बच्ची की आंखों में आंसू आ जाते हैं और हॉल में सन्नाटा छा जाता है। फिर सीएम साहब कहते हैं कि चलो-चलो बेटा बैठ जाओ कोई बात नहीं...फिर होस्ट से बच्ची का स्कूल पूछते हैं और कहते हैं कि ये नोट कर लो और पता करवाओ।
Saurabh105,397 Aufrufe • vor 2 Monaten

इस तीन मिनट के वीडियो में आपको करणी सेना की बहादुरी दिख जाएगी... करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शुरू में कहते हैं कि हम 4 हजार लोगों को लेकर सांसद के घर गए थे फिर एंकर कहते हैं कि आगरा पुलिस सुन रही हो तो ये हमारे स्टूडियो में बैठे हैं और जिम्मेदारी ले रहे हैं फिर उनकी आवाज बंद हो जाती है और उनके सुर ही बदल जाते हैं। आखिर में तो मना ही करने लगते हैं कि हम नहीं गए थे...
Saurabh572,215 Aufrufe • vor 1 Jahr

किसी नेता की नीयत पता करने के कई मौके आते हैं जैसे राहुल गांधी की नीयत कल इस छोटी सी घटना से जांच सकते हैं - जब वो पेपर लीक पर गंभीर बात कह रहे थे इस बीच कुछ स्टूडेंट ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए तो उन्होंने बात को बीच में रोककर मॉडरेटर को बुलाया और कि आप बच्चों से कहिए कि नारेबाजी ना करें। एकतरफ वो हैं जो सरकारी कार्यक्रम को भी बीजेपी की रैली बना देते हैं और दूसरी तरफ ये हैं जिन्हें अभी राजनीति की जरूरत है फिर भी उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया क्योंकि वो स्टूडेंट से पहले ही वादा कर चुके थे कि आज हमें कोई पॉलिटिकल बात नहीं करनी है। इसी से लगता है कि राहुल गांधी बहुत ईमानदार हैं और उनकी नीयत साफ है...
Saurabh153,396 Aufrufe • vor 4 Monaten