
Dr. Sudhanshu Trivedi
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Member of Rajya Sabha (Upper House of Indian Parliament), National Spokesperson of Bharatiya Janata Party, B.J.P.( By education PhD in Mechanical Engineering )
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आज स्वतंत्रता दिवस पर जब करोड़ों भारतवासियों की भावनाओं के अनुरूप ‘वंदे मातरम्’ संपूर्ण रूप में गाया गया, उसी समय कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस की सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी, सुपर अध्यक्ष राहुल गांधी और वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जिस तरह एक-दूसरे से बातचीत करते और असम्मान व्यक्त करते नजर आए, वह अत्यंत विचित्र, विडंबनापूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के प्रति अपमान है, जिससे करोड़ों भारतवासी आहत हैं। हम कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व के इस आचरण की निंदा करते हैं और अपेक्षा करते हैं कि कांग्रेस पार्टी देश से इसके लिए माफी मांगे।
Dr. Sudhanshu Trivedi32,766 просмотров • 13 часов назад

देखिए, नई उद्दंडता, उच्छृंखलता और सनक से संसद के सत्र को पूरी तरह अव्यवस्थित करने के बाद, सत्र के तुरंत बाद कांग्रेस के औपचारिक मंच से राहुल गांधी ने जिस असभ्य और निंदनीय भाषा का प्रयोग किया है, वह दर्शाता है कि शायद अब कुंठा में राहुल गांधी सभी पराकाष्ठाओं को पार करते चले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के प्रति प्रयोग किए गए शब्द बताते हैं कि पहले संसद का सत्र और उसके बाद कांग्रेस का मंच, अब कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश के स्वस्थ लोकतंत्र के लिए भी चुनौती बनते जा रहे हैं। कल का दृश्य भी इस मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये दो लोग गले मिल रहे थे एक, वो संदीप दीक्षित, जिन्होंने कहा था कि भारत के सेना अध्यक्ष ‘सड़क छाप गुंडा’ हैं, और दूसरे राहुल गांधी, जिन्होंने जेएनयू जाकर ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह’ कहने वाले लोगों का समर्थन किया था। देश की जनता को समझना चाहिए कि भारत के सेना अध्यक्ष को ‘सड़क छाप गुंडा’ कहने वाला और ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह’ कहने वालों का समर्थन करने वाला, मिलकर मां भारती के उस सपूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए इतनी अभद्र गालियां बक रहे हैं कि अब देश को भली-भांति समझना चाहिए कि कौन देशहित की बात कर रहा है और कौन एक गहरे षड्यंत्र का हिस्सा बन रहा है। इस देश को यह तय करना है कि जो कुछ राहुल गांधी ने किया है, यह किसी कुंठित, विक्षिप्त और मोदी जी के प्रति ईर्ष्या से भरे हुए पक्की दाढ़ी वाले चिर व्याकुल नौजवान की बचकानी हरकत है या सीमा पार के तारों से जुड़े हुए किसी व्यवस्थित षड्यंत्र के माध्यम बने हुए किसी व्यक्ति की शैतानी हरकत है।
Dr. Sudhanshu Trivedi47,803 просмотров • 1 день назад

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कल के निर्णय के बाद बहुत गंभीर प्रश्न उठकर खड़ा हो गया है। पंजाब ने संविधान की दृष्टि से राज्य के सर्वोच्च स्थान विधानसभा में पंजाब की सरकार ने झूठ बोला। अब हम केजरीवाल से पूछना चाहते हैं, जो झारखंड और पंजाब के मामले पर मुँह में दही जमाकर बैठे थे, उनसे हम पूछना चाहते हैं कि जब न्यायालय में आपकी सरकार का झूठ साबित हो गया है, तब क्या आप अपनी सरकार का इस्तीफा लेंगे? संसद में निरंतर बवाल मचा कर रखा गया है। पंजाब विधानसभा में झूठ, कै छात्रों के मन की पीड़ा और मलाल से बचने के लिये संसद में बवाल और कोर्ट द्वारा उठते सवाल साफ दर्शाते हैं कि छात्र हितों के सभी अलमबरदारों और जंतर मंतर के सभी किरदारों की तथाकथित नैतिकता ने दम तोड़ दिया है।
Dr. Sudhanshu Trivedi47,947 просмотров • 2 дней назад

पूरा देश देख रहा है कि झारखंड में छात्र शांतिपूर्ण, मर्यादित और अनुशासित संघर्ष कर रहे हैं। न गाली गलौज और न ही अभद्र भाषा और न कोई उन्हें अज्ञात स्रोतों से पेमेंट करके महंगे भोजन की व्यवस्था करा रहा है, न पिकनिक जैसा माहौल है। जबकि यह सिर्फ पेपरलीक का मामला नहीं, बल्कि सरकार के साथ सेटिंग कर नौकरियां बांटने का कहीं अधिक गंभीर विषय है। फिर भी राहुल गांधी को रांची के छात्रों की ‘गूंज’ सुनाई नहीं दे रही। कोटा से प्रयागराज तक दहाड़ने और चिंघाड़ने वाले आज रांची पर मिमिया भी नहीं पा रहे हैं। साफ है उद्देश्य छात्रहित नहीं, राजनीतिक स्वार्थ है।
Dr. Sudhanshu Trivedi83,394 просмотров • 5 дней назад
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अखिलेश जी ने श्रीकृष्ण-सुदामा की 5,000 वर्ष पुरानी मित्रता का उल्लेख किया। उसी सुदामा के लिए कहा गया है “शीश पगा न झगा तन में, प्रभु! जाने को आहि बसे केहि ग्राम। धोती फटी सी, लटी दुपटी, अरु पाय उपानह की नहि साम॥” अर्थात न सिर पर पगड़ी है, न पैर में जूते हैं; फटी हुई धोती पहने अत्यंत निर्धन सुदामा समृद्धि के शिखर पर विराजमान द्वारिकाधीश भगवान श्री कृष्ण के द्वार पर पहुँचे। सत्य यह है परंतु Secularist & Leftist propaganda ने क्या समझाया कि समृद्धि के शिखर पर विराजमान भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों के साथ Historical injustice फटी धोती पहन कर भिक्षा मांगने वाले सुदामा के वंशजों ने कर दिया। धन्यवाद अखिलेश जी, आपने यह प्रसंग याद दिलाया। अब देश के अगड़ा, पिछड़ा, अनुसूचित हर वर्ग के प्रबुद्ध व्यक्ति के ज्ञान-चक्षु खुलने चाहिए कि ऐतिहासिक सत्य क्या है और समाज में टकराव पैदा करने के लिए प्रपंच क्या है।
Dr. Sudhanshu Trivedi119,275 просмотров • 8 дней назад

सदन के इस सत्र में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती है। संविधान निर्माताओं ने कल्पना भी नहीं की होगी कि देश के सर्वोच्च सदन को कोई ‘बिगाड़ा दिल शहजादा’ अपनी सनक के आधार पर बंधक बना लेगा। कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार सार्थक चर्चा से बच रहे हैं। उनकी मांगें बार-बार बदलीं। अब जब गृह मंत्री सदन में बयान देने को तैयार हैं, तो फिर सदन क्यों नहीं चलने दिया जा रहा?
Dr. Sudhanshu Trivedi40,702 просмотров • 4 дней назад

आज जो युवा पीढ़ी है, तरुणाई है, वह आज नई ऊंचाइयों पर जा रही है। अभी प्रधानमंत्री जी ने बताया कि Physics Olympiad में हमने संयुक्त रूप से सर्वाधिक 5 Gold Medals जीतकर Top किया। Biochemistry, Biology और Maths Olympiad में भी हमारे बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। आज अगर देखें तो अभी Skyroot कंपनी ने भारत का पहला Space Satellite Vikram-1 लॉन्च किया, जिसकी Average Age 28 साल है। और यह आप याद करिए। इस समय हमारे युवाओं के प्रतीक कौन हैं? डी. गुकेश, जो 18 साल की उम्र में World Chess Champion बने। और देवव्रत महर्षि, जिन्होंने 19 साल की उम्र में दंडक्रम पारायण सहित शुक्ल यजुर्वेद का पारायण को 50 दिनकरके दिखा दिया। यही है हमारी युवा पीढ़ी की प्रतिभा। इस प्रतिभा को निखारने और संवारने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
Dr. Sudhanshu Trivedi73,560 просмотров • 8 дней назад

आज विपक्ष में बहुत से नेता कहते हैं कि NEET को समाप्त कर देना चाहिए। Try to understand real reason behind it, it has nothing to do with interest of students it is to restore the financial interest which their friends were enjoying. मैं बताना चाहता हूँ कि जब 2016 से पहले में NEET नहीं थी, तब प्राइवेट कॉलेजों की सीटें नीलाम हुआ करती थीं। लाखों रुपये की कैपिटेशन फीस के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा केवल एक सपना थी। कोई ₹25 लाख, ₹50 लाख, तो कहीं पीजी में ₹1 करोड़ तक देकर प्रवेश लेना पड़ता था। मगर आज प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के प्रयासों का परिणाम है कि इस वर्ष NEET के माध्यम से राजस्थान के बाड़मेर के दिहाड़ी मजदूर लक्खाराम की बेटी, बूंदी के सूरज सैनी, भागलपुर के सूरज कुमार, मध्य प्रदेश के रायसेन के आदर्श लोधी, लखनऊ की नीलू जिसकी माँ घरों में काम करती थीं, गोरखपुर के विशाल तिवारी जिनके पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं, और मुजफ्फरनगर के मोहम्मद सुहेल जिनके पिता ई-रिक्शा चलाते हैं, जैसे बच्चों को अवसर मिला। इन बच्चों के अरमान पूरे होने का श्रेय यदि किसी को जाता है, तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है। इन बच्चों के सपने पूरे हुए, मगर जो लोग कैपिटेशन फीस लेकर प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये कमाते थे, उनके अरमानों पर बिजली गिरी है। एक कहावत है कि तन-बदन में आग लगना, मगर यहाँ NEET की वजह से इनके तन, बदन और धन तीनों में आग लगी हुई है।
Dr. Sudhanshu Trivedi83,564 просмотров • 11 дней назад

माननीय गृहमंत्री श्री Amit Shah जी ने आज सुबह कहा था कि वे सदन में छात्र आंदोलन के विषय पर व्यापक और विस्तृत रूप से जवाब देने को तैयार है और यह भी कहा था कि कांग्रेस सांसद की व्यवस्था के अनुसार प्रस्ताव आज शाम तक दे दे। पर कांग्रेस से अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव नही दिया। इससे स्पष्ट हो जाता है कि पे चर्चा से भागना चाह रहे हैं । इस so-called Indi गठबंधन वालों के लिए मैं कहना चाहूंगा कि इनके ऊपर एक राहुकाल छाया हुआ है। इस कारण से इनका विवेक विलुप्त हो गया है। इन्हें अपनी साख बचाने के लिए यह आख़िरी मोका है की यह अभी भी आज भी सदन में नियमन अनुसार चर्चा के लिए प्रस्ताव भेजे परंतु हमें शंका है कि अपनी प्रतिष्ठा, प्रामाणिकता, साख और इज्जत बचाने के लिए भी आज ऐसा करेंगे। सदा युद्ध से भागते, नाम भले रणधीर। भाग्य चंद की आज तक, सोई है तकदीर। अगर कांग्रेस को अपनी तकदीर बचानी है तो तस्वीर बदलनी पड़ेगी। सदन से भागिए मत। सदन में आकर चर्चा कीजिए। गृह मंत्री जी की चुनौती को स्वीकार करिए, उत्तर को सुनिए और सत्य को स्वीकार कीजिए
Dr. Sudhanshu Trivedi20,974 просмотров • 3 дней назад

श्री राम जन्मभूमि के विषय के ऊपर, जिस प्रकार की राजनीति समाजवादी पार्टी करने का प्रयास कर रही है, वह अपने आप में बहुत निंदनीय है बहुत स्पष्ट रूप से सरकार पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ उस विषय पर कार्य कर रही है। यह विषय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार चल रहा है। इसके उपरांत भी राजनीति करने वालों को मैं याद दिलाना चाहता हूं कि ये वही लोग थे, जो यह कहते थे कि अयोध्या तो यहां थी ही नहीं। ये वही लोग थे, जो कहते थे कि भगवान श्री राम तो हुए ही नहीं। ये वही लोग थे, जो मजाक उड़ाते थे कि राजा दशरथ के इतने महल थे, तो श्री राम यहां पैदा हुए थे या वहां पैदा हुए थे। और ये वही लोग थे, जिन्होंने रामभक्त कारसेवकों के खून से सरयू को लाल कर दिया था। क्योंकि इनका तो एजेंडा Eradication of Sanatan Dharma, यानी हिंदू धर्म का समूल नाश है। और ये वही लोग हैं, जो मात्र कुछ साल पहले श्रीरामचरितमानस की प्रतियां फाड़ते थे। जो यह कहते थे, “Eradication of Sanatan Dharma”, कि हिंदू धर्म कोरोना वायरस, डेंगू, एचआईवी, जाने क्या-क्या है। इसलिए हम पूरे देश की जनता के सामने स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि जब अयोध्या रामभक्त कारसेवकों के खून से लाल हो गई थी। सैकड़ों कारसेवक मारे गए थे, यद्यपि इन्होंने आधिकारिक रूप से सिर्फ 16 की संख्या स्वीकार की थी। उस समय एक नारा लगा था: “अब भी जिसका खून न खौला, खून नहीं वो पानी है, और जन्मभूमि के काम न आए, वो बेकार जवानी है।” तो आज मैं इन लोगों से कहना चाहता हूं: “जिनका खून नहीं खौला था, खून नहीं वो पानी है, और वही भक्त का स्वांग रचाते हैं। ये भक्ति नहीं, बेईमानी है।”
Dr. Sudhanshu Trivedi97,947 просмотров • 16 дней назад

कर्तव्य पथ पर तिरंगा यात्रा में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में धारा 370 समाप्त होने के बाद आज जम्मू-कश्मीर में तिरंगा आन, बान और शान के साथ लहरा रहा है। यह नए भारत के आत्मविश्वास और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। 80वें स्वतंत्रता दिवस और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष का यह अवसर देश के वीर सपूतों के बलिदान को नमन करने का भी अवसर है।
Dr. Sudhanshu Trivedi18,349 просмотров • 3 дней назад

Today, the Congress party has been blatantly exposed. The mask of so-called sensitivity towards students was in Delhi, but the real ugly face was exposed in Karnataka. Congress President Mallikarjun Kharge ji’s son, Karnataka Minister Priyank Kharge, on the issue of anomalies in Police & veterinary entrance exams, insisted of owning responsibility he said, If you want my resignation, first sit on a hunger strike for 25 days and face the lathi charge. This exposes the Congress party’s sheer arrogance, utter insensitivity, and crooked politics on the issue of student concern. Those responsible must be held accountable, and stringent punishment must be ensured.
Dr. Sudhanshu Trivedi67,387 просмотров • 12 дней назад

आज स्वतंत्रता संग्राम के लोमहर्षक अध्याय काकोरी एक्शन को 101 वर्ष पूर्ण हुए। इसी के लिये युवा शौर्य के प्रतीक अमर हुतात्मा राम प्रसाद बिसमिल और अशफाक उल्ला ख़ाँ को फाँसी चढ़ना पड़ा चंद्रशेखर आज़ाद जी को प्राण त्याग करना पड़ा और सैकड़ों क्रांतिकारियों की गिरफ्तारियां व मार्मिक प्रताड़ना हुई। आज उन सब के बलिदान को स्मरण करने का पावन दिन है। परंतु एक अन्य बहुत गंभीर तथ्य को स्मरण करने भी दिन है। राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला ख़ान को फाँसी की सजा दिलाने के लिए ब्रिटिश सरकार की तरफ़ से सरकारी वकील कौन था। वो थे कांग्रेस के नेता जगत नारायण मुल्ला जो 1916 लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में स्वागत समिति के अध्यक्ष थे और नेहरू परिवार के बहुत निकट थे। आज़ादी के बाद भी उन पर नेहरु परिवार की कृपा बनी रही। उनके नाम पर लखनऊ में (सिटी स्टेशन के पास ) जगत नारायण रोड रखी गई। उनके बेटे आनंद नारायण मुल्ला इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज और बाद में कांग्रेस से राज्यसभा संसद भी बनाये गए । स्मरण करिये और स्वयं निर्णय लीजिये कि किसने अपनी जान पर खेल अंग्रेज़ों को चुनौती देकर हिला दिया और फाँसी पर झूल कर स्वतंत्रता के लिये “संग्राम” किया और किसने अंग्रेज़ सरकार के अनुसार adjust करके चलते हुए समस्त संग्रामों को नाकाम किया और समस्त सुविधाओं से युक्त होकर पुस्तक लिखते हुए अहमदनगर क़िले व आग़ा खाँ पैलेस जैसे जेल में “आराम” किया और फिर अंग्रेज़ों के साथियों को इनाम दिया।
Dr. Sudhanshu Trivedi32,184 просмотров • 6 дней назад

देखिए, मैं एकदम स्पष्ट करता हूं। इससे पहले भी अनेक छात्र आंदोलन हुए। इमरजेंसी का आंदोलन बहुत भयानक परिस्थितियों में था, सबको उठा-उठाकर जेल में डाल दिया गया था। लेकिन उस समय युवाओं के मन में अपने नेतृत्व के प्रति विश्वास था। इसलिए युवा जयप्रकाश नारायण जी, चौधरी चरण सिंह जी, चंद्रशेखर जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी के पास गए। आज सवाल यह है कि युवा विपक्ष के पास क्यों नहीं जा रहा? क्योंकि उसे विश्वास नहीं कि विपक्ष उनके विषय को ईमानदारी से उठाकर समाधान दिला सकता है। आज अगर यदि बच्चे गुमराह हो रहे हैं, तो समाज के साथ-साथ माता-पिता को भी सजग रहने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री जी ने परिवार के अभिभावक के रूप में भारतीय परंपरा की उस सूक्ति का पालन किया “क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात।” आज जो गलती हुई है, वह नौजवान तो भटका हुआ नौजवान है। मगर उससे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत उस सत्ता की लालच में पक्की दाढ़ी वाले, लटके हुए नौजवान से है। लालच में लटका हुआ नौजवान ज्यादा खतरनाक है, इसलिए बच्चों को उनसे बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
Dr. Sudhanshu Trivedi69,256 просмотров • 14 дней назад

आज जब छात्रों के आंदोलन में कुछ ऐसे अवांछित तत्व आ गए थे। 23 जुलाई को 9:30 बजे सोनम वांगचुक जी का X Post है, जिसमें उन्होंने यह कहा कि मुझे बहुत पीड़ा है कि कुछ एंटी सोशल एलिमेंट्स आ गए। बच्चों से कहूंगा, सावधान रहिए। ये बड़े खतरनाक एलिमेंट हैं। ये अवसरवादी, ये अराजकतावादी हर आंदोलन में चले जाते हैं। ये हर आंदोलन हाइजैक करना चाहते है। ये CAA में भी घुस जाते हैं, किसान आंदोलन में भी घुस जाते हैं, कुछ पहलवानों के आंदोलन में भी घुस जाते हैं। अब बच्चों के आंदोलन में भी। तो ये वही मुखौटा है, जो कभी मुसलमान के पीछे छुपता है, कभी किसान के पीछे छुपता है, कभी पहलवान के पीछे छुपता है, और आज नौजवान के पीछे छुपा है। इसलिए मैं बच्चों से कहना चाहूंगा कि देखिए, जो बच्चा हैं, वे तो भटका हुआ नौजवान हैं। मगर सत्ता के लालच में पक्की दाढ़ी वाला एक लटका हुआ नौजवान भी है। उससे उन्हें बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
Dr. Sudhanshu Trivedi73,843 просмотров • 15 дней назад

संसद में Paper Leak Prevention Bill व NEET के विषय में कांग्रेस को अकारण गौमूत्र को लाने की क्या आवश्यकता थी। केवल कोई न कोई मौक़ा निकाल कर हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति को अपमानित करना। सत्य यह है कि मैकाले और मार्क्स का मल जिनके दिमाग़ में भरा है उन्हें पता होना चाहिए कि गौमूत्र के औषधीय गुण पर अमेरिका में प्रामाणिक रूप से international patents हैं जिनका नंबर है US Patent 6410059 and US Patent 6896907, These patents cover pharmaceutical compositions that use cow urine distillate to increase the absorption, availability, and effectiveness of antibiotics, antifungal agents, and anti-cancer drugs. And Bio enhancer Engineering के लिए Physics Chemistry Math व Medical के लिये Zoology Botany Chemistry का अच्छा ज्ञान रखने वाले बच्चों को इनकी बुद्धि व असली नियत ( Intelligence & Hidden intention ) समझने की ज़रूरत है।
Dr. Sudhanshu Trivedi72,753 просмотров • 16 дней назад

आज राज्यसभा में Paper Leak Bill पर चर्चा के दौरान एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई। नेता प्रतिपक्ष खड़गे जी ने गृह मंत्री माननीय श्री Amit Shah जी के लिये बहुत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। यह वैसी ही मिलती-जुलती अभद्र भाषा है , जैसी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी लोकसभा में करते हैं। यह कांग्रेस की क्षुद्र मानसिकता, पराजित मानसिकता और फ्रस्ट्रेटेड होने के बाद उसकी कुंठा का परिचय है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी की प्रति पराजय की कुंठा दिखाई गई। हम उनसे कहना चाहेंगे कि चुनावी मैदान में होने वाली अपनी शिकस्त का इंतकाम प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी के विरुद्ध इस ढंग के निंदनीय शब्दों से लेने की कोशिश सफल नहीं होने वाली है। आप निरंतर जनता के द्वारा नकारे जा रहे हैं। उसके बाद यदि आप सोचते हैं कि इस ढंग की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करके आपको कोई सफलता मिलेगी, तो मैं कह सकता हूं कि अभी तो आप सरकार से उतरे हैं, इस तरह की भाषा के द्वारा आप जनता की नजरों से भी उतर जाएँगे।
Dr. Sudhanshu Trivedi69,526 просмотров • 16 дней назад