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Dr. Sudhanshu Trivedi

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Member of Rajya Sabha (Upper House of Indian Parliament), National Spokesperson of Bharatiya Janata Party, B.J.P.( By education PhD in Mechanical Engineering )

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कांग्रेस की लूट की, उजागर होती कहानी। जो बरबस ही आ गयी थी, प्रियंका जी की जुबानी! #CorruptionKiDukan #CongressWithCorruption

कांग्रेस की लूट की, उजागर होती कहानी। जो बरबस ही आ गयी थी, प्रियंका जी की जुबानी! #CorruptionKiDukan #CongressWithCorruption

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The Tiranga embodies our national pride and the strength of our unity. Joined the #HarGharTiranga movement by hoisting the national flag. I urge everyone to hoist the Tiranga at home and upload your selfie on to celebrate our patriotism.

The Tiranga embodies our national pride and the strength of our unity. Joined the #HarGharTiranga movement by hoisting the national flag. I urge everyone to hoist the Tiranga at home and upload your selfie on to celebrate our patriotism.

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कांग्रेस की असली हकीकत अब खुलकर सामने आ गई है मुद्दा कोई भी हो, विगत 12 वर्षों में भारत की किसी न किसी संस्था LIC, HAL, SBI, SEBI, Army, Airforce और Vaccine तथा संसद, न्यायपालिका व चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था, इन सब पर आरोप तो सिर्फ़ बहाना है अंततः प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी निशाना हैं। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि संबंधित बूथ पर चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त Booth Level Officer से यदि समस्या लग रही थी तो BLO की सहायता व उन पर निगरानी के लिये उनका अपनी पार्टियों द्वार नियुक्त अपने Booth Level Agent (BLA) ने आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई? चुनाव आयोग के अनुसार राजनीतिक दलों के BLA मतदाता सूची में विसंगतियों को चिन्हित कर सकते हैं। यदि आदरणीय लाल कृष्ण आडवाणी जी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, विदेश मंत्री जय शंकर जी, पूर्व सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी जी, नई दिल्ली की लोकसभा संसद बाँसुरी स्वराज्य जी और स्वयं चुनाव आयुक्त संधु जी के परिवार को भी यदि SIR के नोटिस मिले है। यह स्पष्ट करता है की बग़ैर किसी भेदभाव के यह काम किया गया है यह पूर्णतः प्रोफेशनल्स कंप्यूटर ऑपरेटड सिस्टम से संचालित है क्योंकि यदि कोई व्यक्ति इसमें हस्तक्षेप कर रहा होता तो कम से कम दिल्ली की मुख्यमंत्री भारत के विदेश मंत्री और चुनाव आयुक्त को तो नाम नहीं हो सकता था यह इस बात को प्रमाण है की प्रक्रिया पूरी तरीक़े से निष्पक्ष और पारदर्शी रही है अगर आरोप गंभीर हैं, तो कागजात और प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं कि इन राजनीतिक दलों के द्वारा चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त BLO पर नज़र रखने के लिए पार्टियों द्वार जो BLA नियुक्त किए गए थे उन्होंने एक भी शिकायत या आपत्ति उस समय क्यों दर्ज नहीं की। यह दर्शाता है की यह सब कुछ बाद में सोचे समझे षड्यंत्र के तहत केवल बयानबाजी से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर संदेह पैदा करने का निंदनीय प्रयास है।

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53,337 次观看 • 1 天前

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राहुल गांधी ने कहा कि anti-incumbency इस देश का established truth है और यह भाजपा के आने के बाद हुआ है। मुझे लगता है कि राजनीतिक दृष्टि से राहुल गांधी विवेक-शून्य और ज्ञान-शून्य हैं। उन्हें देश का राजनीतिक इतिहास ही नहीं पता। हाँ कांग्रेस के लिये ऐतिहासिक Anti incumbency रही है। - 1967 के बाद से तमिलनाडु में कांग्रेस कभी सत्ता में वापस नहीं लौटी। तब भारतीय जनता पार्टी का नाम तक नहीं था। - बंगाल में 1977 के बाद से कांग्रेस सत्ता में वापस नहीं लौटी, और 1977 से 2011 तक 34 वर्षों तक कम्युनिस्टों की सरकार रही, लेकिन राहुल गांधी को यह समझ में ही नहीं आता, दिखाई ही नहीं पड़ता। - बिहार में 1990 के बाद से कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं रही। तीन बार लगातार लालू यादव की सरकार रही, लेकिन राहुल गांधी को इसका भी ज्ञान नहीं है। - 1989 के बाद से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं रही, लेकिन उन्हें इसका भी पता नहीं है। - 1999 के बाद से ओडिशा में कांग्रेस की सरकार नहीं रही, लेकिन यह भी उन्हें पता नहीं है। -त्रिपुरा में लगातार कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार रही है, लेकिन उन्हें पता ही नहीं है। यही नहीं, एक जमाने में जब बूथ कैप्चरिंग होती थी, बैलेट बॉक्स लुटते थे, चुनावी हिंसा में लोग मारे जाते थे, तब कांग्रेस की भी लंबे समय तक सरकार रही है, लेकिन उन्हें इसका भी पता नहीं है। पूरा वीडियो देखें:

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65,609 次观看 • 6 天前

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लाखों दर्शकों से कहता हूँ, जाकर कोई फैक्ट-चेक करे। 1896 के कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार वंदे मातरम् गाया गया, जिसकी अध्यक्षता मुस्लिम नेता रहमतुल्लाह अहमद सयानी ने की। वहाँ से लेकर 1923 तक कभी कोई आपत्ति नहीं हुई। 1923 के अधिवेशन में तो उस समय मोहम्मद अली जौहर ने उसकी अध्यक्षता की थी उन्होंने आपत्ति की फिर भी पूरा गाया। झूठ बोलते हैं ये लोग। मैं पूछना चाहता हूँ, 1896 से 1937 तक हर बार कांग्रेस पूरा गा रही थी, तो 1937 में क्या हुआ जो काट दिया? मुस्लिम लीग और जिन्ना ने कहा कि आपको यह वंदे मातरम् काटना पड़ेगा, आप एक के बाद एक सरेंडर कर रहे थे। 1905 में बंग-भंग के बाद उस समय सारे हिंदू-मुसलमान एक होकर वंदे मातरम् गाते थे, मगर ये कट्टरपंथियों के आगे झुक गए। 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र माँग लिया। फिर उनकी हिम्मत और बढ़ी। फिर 1920 में इन्होंने कहा, टर्की का खलीफा हट गया है, तो अब हम टर्की के खलीफा के लिए आंदोलन करेंगे और महात्मा गांधी ने अली का समर्थन किया। उनकी हिम्मत और बढ़ गई। उसके बाद जिन्ना ने कहा, मैं महात्मा गांधी को महात्मा नहीं बोलूँगा। इसलिए हर फिल्म में मिस्टर गांधी बोलता है। फिर उसने कहा, मैं वंदे मातरम् नहीं गाऊँगा और मैं इनको बताना चाहता हूँ, कोई दर्शक जाकर चेक करे। 6 अप्रैल 1938 को नेहरू को जिन्ना ने एक लेटर लिखा और Selected Works of Jawaharlal Nehru, Series One, Volume 22, Page Number 230 से 239 में लिखा है। क्या शर्मनाक लेटर लिखा है। लिखते हैं, हमने वंदे मातरम् हटा दिया है। पॉइंट नंबर नौ पर। फिर उसके बाद लिखते हैं, पॉइंट नंबर 12 पर, अगर आपको तिरंगे से आपत्ति है, तो हम मुस्लिम लीग के भी झंडे को बराबर सम्मान देने को तैयार हैं। और पॉइंट नंबर सात पर लिखते हैं, मुसलमानों को सरेआम गोहत्या करने का अधिकार होगा। क्या गजब का सरेंडर किया नेहरू ने।

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410,110 次观看 • 1 个月前

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मैं राजनीतिक और मनुस्मृति, दोनों की बात बताता हूं। राहुल गांधी सरासर झूठ बोलते हैं। हकीकत ये है। ये ‘Dismantling Global Hindutva’ के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं राहुल गांधी से ये पितृसत्तात्मक संस्कृति जैसा संस्कृतनिष्ठ शब्द कहाँ से आया ? पर कभी मर्दुम अजीम रवायत सुनी है? चार बीवी क्या है ? तलाक का अधिकार सिर्फ पुरुष को। चुप। हलाला से महिला पवित्र हो जाती है। चुप। मेहरम पता है क्या होता है? हमारी सरकार आने से पहले मेहरम वो होता था कि इस्लामी मान्यता के अनुसार घर से बाहर अगर महिला निकले तो किसी पुरुष की छत्रछाया में होना चाहिए। मेहरम हमने खत्म किया। मेहरम चुप। इस व्यक्ति की हकीकत देखो। जो कहता है हिजाब होना बहुत अच्छा है, मगर हिंदू धर्म में महिलाओं को समानता नहीं है। मैं चैलेंज करके कहता हूं, दुनिया में जितने भी धर्म और मजहब हैं, उनमें भगवान सबको कुछ न कुछ इंट्यूशन देते हैं, भगवान की कृपा होती है। ये पुरुष पर ही क्यों होती है, महिला पर क्यों नहीं? सिर्फ भारतीय संस्कृति ऐसी है, जहां वेदों में 22 ऋषिकाएं हैं अपाला, लोपामुद्रा, मैत्रेयी, संध्या। फैक्ट: मनु स्मृति पर महात्मा गांधी, नेहरू, डा। अंबेडकर ने क्या कहा और इंदिरा गांधी जी के जमाने में क्या छपा। ये आदमी अपने पिता को, दादी को, नेहरू को, गांधी जी को गलत साबित करने में लगा है। ये लोग समाज के अंदर भारत के विरुध्द वैश्विक षड्यंत्र ‘Dismantling Global Hindutva’, जो 2021 में अमेरिकन यूनिवर्सिटी में बना था, इसके बाद जब इन्होंने कास्ट पर लड़ाने का विषय शुरू किया, हेनरी लूसी फाउंडेशन, मार्च 2021, फिर उसके बाद 2022!से तमिलनाडु में कॉन्फ्रेंस शुरू हुई ‘Eradication of Sanatan Dharma’। अब महिलाओं की बात आई है। अगर 4 करोड़ आवास मिले हैं प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में तो 3 करोड़ गरीब महिलाएं उसमें खुद मालिक बनकर बैठी हैं। 55 करोड़ जनधन अकाउंट में 60% महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, कैबिनेट मंत्रिमंडल में महिलाएं और एयरफोर्स व डिफेंस सर्विसेज में परमानेंट कमीशन मिला है तो हमारे जमाने में मिला है। आज तक जवाब दे दें। मैं चैलेंज करके कहता हूं राहुल गांधी कहो गांधी गलत थे, नेहरू गलत थे, डा अंबेडकर गलत थे, मेरी दादी गलत थी, सब गलत बोल रहे थे। मेरा आविर्भाव हुआ है अपने पूर्वजों व परिवार की बेइज़्ज़ती करे व भारत में अराजकता उत्पन्न करने के लिए।

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334,902 次观看 • 1 个月前

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राहुल गांधी ने आज ट्वीट किया कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी निपटा रही है। कांग्रेसियों के लिए आदरणीय और अभिनंदनीय एवं देश के लिए निंदनीय राहुल गांधी जी, आप अपने ही X पोस्ट को इतना भी नहीं पढ़ पाते कि जिनका नाम लेकर आप भाजपा को निपटाने की बात कर रहे हैं उन्हें में कांग्रेस ने ही निपटाया है। NCP का फुलफॉर्म है Nationalist Congress Party, जो कांग्रेस से टूटी हुई है, TMC तृणमूल कांग्रेस के नाम में भी कांग्रेस है। NCP के शरद पवार जी 1999 में विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग हुए थे। लेकिन विदेशी मूल के वारिस राहुल गांधी को अपनी पार्टी का ही मूल नहीं पता। 1997 में ममता बनर्जी जी कांग्रेस के अंदर की परिस्थितियों से दुखी होकर अलग हुई थी और तृणमूल कांग्रेस बनाई थी। बाद में उन्होंने तृण और मूल से पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को ध्वस्त कर दिया था। ऐसो तो नेताओं के बारे में माना जाता है की जो वो भाषण देखते हैं वो कोई और लिखता है। और राहुल गांधी संभवता आज आपने इस पोस्ट के द्वार यह साबित कर गए जो स्वयं लिखते हैं वो स्वयं पढ़ते भी नहीं हैं । पूरा वीडियो देखें:

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74,482 次观看 • 12 天前

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मैं कर्नाटक की सरकार से यही पूछना चाहता हूँ। कर्नाटक का स्टेट ऑफिशियल सॉन्ग है: Jaya Bharata Jananiya Tanujate Jaya He Karnataka Mate चुनौतियों में नम्रता से पूछता हूँ। आपका आधिकारिक राजकीय गीत भी भारत के लिए जननी कहता है और कर्नाटक को भी माता कहता है, तब आपकी धार्मिक भावनाएँ नहीं प्रभावित हो रही हैं? और तमिलनाडु का ऑफिशियल सॉन्ग कहता है तमिल थाई यानी तमिल माता। समझ में नहीं आ रहा है कि कर्नाटक माता कहने में समस्या नहीं है, भारत माता के आगे ही प्रणाम करने में सारी धार्मिक भावनाएँ आहत हो जा रही हैं। इसका मतलब इसका किसी भी प्रकार के सामाजिक, सांप्रदायिक, सामाजिक सद्भाव से कोई लेना-देना नहीं है। यह सीधे-सीधे कट्टरपंथी ताकतों के आगे और मुस्लिम लीग के आगे झुकाव ही नहीं, मुस्लिम लीग के आगे पूरी तरह सिजदा करने की कांग्रेस की नीति का यह प्रमाण है।

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82,253 次观看 • 20 天前

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वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन को लेकर संसद द्वारा पारित नियम के बावजूद कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने X पर जो आपत्ति की है उसने उसका असली चेहरा सामने ला दिया है। कांग्रेस के सहयोगी दलों, यहाँ तक कि NCP और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता भी संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन में सम्मिलित हो रहे हैं, मगर कांग्रेस को आपत्ति है।अर्थात् कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी भी उसके साथ नहीं हैं केवल मुस्लिम लीग को छोड़कर। के.सी. वेणुगोपाल जी महात्मा गांधी, सरदार पटेल और राजेंद्र बाबू का नाम लेते हैं, लेकिन केरल में, जहाँ से राहुल गांधी सांसद रह चुके हैं और प्रियंका गांधी सांसद हैं, जहाँ कांग्रेस का मुख्य मंत्री है वहाँ कांग्रेस के नेता प्रथम दो छंद भी नहीं बोल रहे।यानि अपने ही पूर्वजों का अपमान कर रहे हैं। अब कोई संदेह नहीं, कांग्रेस 21वीं सदी की मुस्लिम लीग बन चुकी है। सेकुलरिज्म का नकाब उतर चुका है और कांग्रेस ने कट्टरपंथी ताकतों के आगे पूर्ण रूपेण आत्मसमर्पण कर अपने को नई मुस्लिम लीग बना रही है।

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85,007 次观看 • 22 天前

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Rahul Gandhi has brought the dignity of the high constitutional office of leader of the opposition from a grace and gravitas to low level comedy and vulgarity. Like today, those comedians who lack creativity, they slide from laughter show to low level stand up comedy and from there to vulgarity. ठीक उसी प्रकार कांग्रेस पार्टी आज वास्तविक सृजनात्मकता और दृष्टि के अभाव में लाफ्टर शो से स्टैंडअप कॉमेडी और स्टैंडअप कॉमेडी से vulgarity की ओर बढ़कर रह गई है। मुझे लगता है कि कांग्रेस को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी के ही किसी भी अन्य नेता प्रतिपक्ष ने ऐसा छिछला आचरण किया है क्या ? संभवतः इसीलिए कांग्रेस आज जिस नीचाई पर है, 140 वर्षों में कभी इससे नीचे नहीं गई। इसलिए राहुल गांधी जी की करतूतों और कारगुजारियों की घोर भर्त्सना करते हुए मैं कहना चाहूंगा कि उन्होंने सिर्फ संसद की गरिमा नहीं गिराई, सिर्फ नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा नहीं गिराई, बल्कि अपनी पार्टी के साथ-साथ अपने परिवार की गरिमा को भी गिराया है।

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32,081 次观看 • 9 天前

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देश के संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति किस प्रकार अपने अंतरमन के भावों और कांग्रेस के मनोभावों को अभिव्यक्त करते हैं, इसका एक अत्यंत निंदनीय उदाहरण सामने आया है। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी साहब ने वर्ष 2019 में लिखी गई एक पुस्तक का उद्धरण देते हुए कहा कि, बकौल नेहरू जी, उनके लिए कम्युनिज्म उतना बड़ा खतरा नहीं था जितना हिंदू राष्ट्रवाद। इस बात के लिए मैं हामिद अंसारी साहब को बधाई देता हूं। हामिद अंसारी जी ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस पूरी तरह मुस्लिम लीगी-माओवादी कांग्रेस हो चुकी है। नेहरू जी कम्युनिज्म को एक खतरा मानते थे, यह खुलासा करने के लिए भी हामिद अंसारी साहब को बधाई। आज की कांग्रेस तो अल्ट्रा लेफ्ट में जा चुकी है, यानी वह कम्युनिज्म में पूरी तरह गोता लगा चुकी है। तीसरे, वह इस बात के लिए भी बधाई के पात्र हैं कि वह नेहरू का संदर्भ लेकर आए। आज यह भी स्पष्ट हो गया है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी की बातों में जो कुछ भी दिखाई पड़ता है, उसकी कहानी खानदानी है।

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31,562 次观看 • 9 天前

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आज भारत में BRICS शिखर सम्मेलन का प्रारंभ होना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। दुनिया की लगभग आधी आबादी और 40% वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करने वाला यह मंच बदलते वैश्विक परिदृश्य में और भी महत्वपूर्ण है। 2012-13 में भारत को BRICS की ‘weakest link’ और ‘insignificant’ कड़ी बताया जाता था, यहाँ तक कि भारत की जगह इंडोनेशिया को शामिल करने की बातें होती थीं। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वही भारत BRICS का एक महत्वपूर्ण सदस्य और विश्व में एक Independent, Important, Impartial & Inclusive Nation के रूप में उभरा है। भारत की अध्यक्षता में यह शिखर सम्मेलन आर्थिक विकास, ऊर्जा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देगा। भारत आज विश्व के साथ ‘विश्वमित्र’ की भूमिका में एक नए स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ रहा है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

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अखिलेश जी ने श्रीकृष्ण-सुदामा की 5,000 वर्ष पुरानी मित्रता का उल्लेख किया। उसी सुदामा के लिए कहा गया है “शीश पगा न झगा तन में, प्रभु! जाने को आहि बसे केहि ग्राम। धोती फटी सी, लटी दुपटी, अरु पाय उपानह की नहि साम॥” अर्थात न सिर पर पगड़ी है, न पैर में जूते हैं; फटी हुई धोती पहने अत्यंत निर्धन सुदामा समृद्धि के शिखर पर विराजमान द्वारिकाधीश भगवान श्री कृष्ण के द्वार पर पहुँचे। सत्य यह है परंतु Secularist & Leftist propaganda ने क्या समझाया कि समृद्धि के शिखर पर विराजमान भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों के साथ Historical injustice फटी धोती पहन कर भिक्षा मांगने वाले सुदामा के वंशजों ने कर दिया। धन्यवाद अखिलेश जी, आपने यह प्रसंग याद दिलाया। अब देश के अगड़ा, पिछड़ा, अनुसूचित हर वर्ग के प्रबुद्ध व्यक्ति के ज्ञान-चक्षु खुलने चाहिए कि ऐतिहासिक सत्य क्या है और समाज में टकराव पैदा करने के लिए प्रपंच क्या है।

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