
सुमन्त
@sumantkabir • 12,246 subscribers
24 साल हिंदी-अंग्रेजी के राष्ट्रीय कारोबारी मीडिया में रहा। विद्वान नहीं, जिज्ञासु हूँ। चंबल में गाय चराता हूं।
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#दूध_को_असल_कहानी भिंड के एक दूधिए की जुबानी, दूध की असल कहानी! वैसे यही कहानी भारत के हर अंचल, हर राज्य की है। करप्शन और मिलावट का कोई #लोकल_ब्रांड नहीं होता। ध्यान रहे, डेयरी इंड्रस्ट्री बहुत ताकतवर और संगठित है। हजारों करोड़ की #डेयरी_इंडस्ट्री के पीछे, अरबों करोड़ की #हेल्थ_इंडस्ट्री और इनके पीछे खरबों करोड़ की #फॉर्मा_इंडस्ट्री खड़ी है। सत्ता और लोकतंत्र को दिन-रात ताश की गड्डियों की तरह फेंटते हैं ये। फिर भी लोकतंत्र की गलतफहमी में जी रहे हैं हम। हमारी बचकानी प्रतिक्रिया पर ये ताकतवर मुस्करा कर आगे बढ़ जाते हैं। मामूली और सब्जबाग में जीने वालों के पास एक ही वाक्य, "..सरकार क्या कर रही है?" बस! हो गया इति सिद्धम! Narendra Modi Dr Mohan Yadav
सुमन्त18,811 views • 13 days ago

#इंडोनेशिया कल भी था। इंडोनेशिया आज भी है। इंडोनेशिया कल भी रहेगा। #भारत कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा! पर यह इंडोनेशिया हमें आज तक ना दिखा। क्यों? क्योंकि हम भारतवासियों के पास #नेतृत्व नहीं था। स्वतंत्रता के बाद से अनाथ हो रखे भारत को पहली बार #नेतृत्व मिला। इंडोनेशिया ने भारत को खोजा। भारत ने इंडोनेशिया को खोजा। आभार प्रधानमंत्री Narendra Modi जी!
सुमन्त51,044 views • 1 month ago

प्रयागराज आया तो आज अपने #इलाहाबाद_विश्वविद्यालय चला गया। शाम 6 बजे पहुंचा तो प्रवेश निषेध। गार्ड की टीम से अनुनय-विनय किया पर बात नहीं बनी। आखिर में साथ गए विश्वविद्यालय के अनुज #सच्चिदानंद_त्रिपाठी ने किन्ही प्रॉक्टर साहब को फोन कर अनुमति दिलाई। हमारा समय था, जब देर रात तक छात्रों की जगह-जगह चौपाल चलती। शायद ही संसार का कोई विषय बचता, जिस पर टकराहट नहीं होती। तब UPSC की हर वर्ष निकलने वाली करीब 800 सीट में इस इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 500 से 600 छात्र सफल रहते। आज विश्विद्यालय की दीवार हैं। चकाचोंध रोशनी हैं, पर #युवा_पीढ़ी नहीं है। सो कैंपस में जीवन नहीं है। आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय निजीव हो चुका है, शिक्षा के इस निर्जीव देह पर बाहर #कोचिंग पनप रहे हैं करोड़ों की संपति पर लहलहा रहे हैं। हमारे वक्त इसी विश्विद्यालय में पढ़े छात्र की पत्नी इलाहाबाद विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर हैं। लेकिन शायद ही शिक्षा क्षेत्र में कोई योगदान हों। पति सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हैं। मनुष्य ही नहीं बदलता, शहर भी बदल जाता है। #स्मृति_यात्रा
सुमन्त12,542 views • 3 months ago
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