
Sunil Astay
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Founder Member Azaad Samaj Party, & Former State President, State In-Charge, Bhim Army, Ex. MLA Candidate AGAR (SC)— 166 (MP) 📞: 7415151200
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पुलवामा हमला एक रहस्य है, जिसका सच सामने आया तो देश हिल जाएगा। 🇮🇳CRPF🇮🇳 के जवानों की ये वीडियो सिस्टम की पोल खोलती है। प्रधानमंत्री Narendra Modi जी, क्या देश के सच्चे रक्षक यूँ ही सिस्टम से लड़ते रहेंगे? कृपया देखें और जवाब दें – देश देख रहा है। #Pahalgam #Pulwama
Sunil Astay1,130,570 görüntüleme • 1 yıl önce

बाबा साहब के सम्मान में 1 लाख जूते लेकर आ रहे 15 अक्टूबर को ग्वालियर...अपमान बर्दाश्त नहीं चाहे जान चली जाएं।
Sunil Astay358,407 görüntüleme • 9 ay önce

धुरंधर मूवी के एक्टर राकेश बेदी, बुढ़ापे में सठिया गए हैं इन्हें पता नहीं है कि "हरिजन" शब्द को सुप्रीम कोर्ट ने जातिसूचक मानकर बैन कर दिया है। देखिए इनके दिमाग में जातिवादी कीड़ा घुसकर भरा है। The Rakesh Bedi अगर 24 घंटों में जातिवादी एक्टर राकेश बेदी ने माफी नहीं मांगी तो इसे मध्यप्रदेश की जेल में रात काटनी पड़ेगी। ऐसे जातिवादी कीड़ों का इलाज करना हम अच्छे से जानते हैं। TheRakeshBedi
Sunil Astay98,740 görüntüleme • 3 ay önce

देखो मनुवादियों, तुम बात करते हो जातिवाद खत्म ,ये क्या हैं? जोधपुर के चौखा गांव में दूल्हे को घोड़ी पर बैठकर बारात नहीं निकालने दी जा रही थी, आज का दलित/पिछड़ा/आदिवासी अपमान न सहेगा नहीं बर्दाश्त करेगा और सम्मान की खातिर सब कुछ न्योछावर कर देगा। जोधपुर के चोखा गांव में दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं चढ़ने देने की आशंका के चलते दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर राजीव गांधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बारात घोड़ी पर धूमधाम से निकाली गई। दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने कहा, "पुलिस का पूरा सहयोग रहा, उनकी मौजूदगी से हम निडर होकर बारात निकाल सके।" दूल्हे ने भी कहा, "हम चाहते थे कि हमारी शादी सम्मानपूर्वक हो, पुलिस ने हमारा हौसला बढ़ाया और हमारे साथ न्याय किया।" पुलिस अधिकारी रोशन मीणा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जाप्ता मौके पर भेजा गया और शांति से बारात रवाना की गई। #DalitLivesMatter News:
Sunil Astay120,144 görüntüleme • 8 ay önce

UGC को न केवल प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए, बल्कि इसे और अधिक सुदृढ़ एवं कठोर बनाया जाना आज की अनिवार्य आवश्यकता है। ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव, उत्पीड़न और रैगिंग पर निर्णायक रोक लग सके और भविष्य में किसी भी छात्र को मानसिक प्रताड़ना के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े। धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) की दलित बच्ची की घटना यह स्पष्ट करती है कि जाति आधारित रैगिंग और संस्थागत लापरवाही आज भी छात्रों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। इससे पूर्व भी रोहित वेमुला और पल्लवी जैसे मामलों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरे निहित भेदभाव को उजागर किया है। यह गंभीर प्रश्न है कि कब तक OBC / SC / ST वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षण संस्थानों में असमान व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार का सामना करते रहेंगे?और यह भी विचारणीय है कि समान परिस्थितियों में सवर्ण छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवस्थित भेदभाव क्यों देखने को नहीं मिलता। जातिवाद भारत की एक कटु वास्तविकता है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में केवल नैतिक अपीलें पर्याप्त नहीं हैं। जाति आधारित भेदभाव और रैगिंग से निपटने के लिए UGC जैसे नियामक ढांचे को और अधिक स्पष्ट, कठोर तथा जवाबदेह बनाया जाना आवश्यक है। आवश्यक है कि— जाति आधारित रैगिंग को गंभीर आपराधिक कृत्य के रूप में परिभाषित किया जाए, दोषी छात्रों के साथ-साथ लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित हो, और सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता, गरिमा व सुरक्षा की गारंटी दी जाए। शिक्षा का उद्देश्य अवसर और समानता है, न कि भय और भेदभाव। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए UGC को मज़बूत बनाना समय की मांग है। #We_support_UGC_Act
Sunil Astay77,348 görüntüleme • 5 ay önce

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक कद— दमोह में ओबीसी समुदाय के कुशवाह समाज के एक युवक को ब्राह्मण समाज के युवाओं द्वारा अपमानित किया गया— उससे जबरन पैर धुलवाए गए, पैर छुआए गए, और वही गंदा पानी पिलाया गया। इस अमानवीय कृत्य पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया। यह अपने आप में एक मिसाल है 👏🏽 अब सवाल यह है — 👉🏽 जब दलित दूल्हों को घोड़ी पर बैठकर जुलूस निकालने नहीं दिया जाता, 👉🏽 जब समाज के निचले तबकों को मंदिर में प्रवेश से रोका जाता, 👉🏽 जब जातिगत घृणा का जहर फैलाया जाता है, तो क्या उन मामलों पर भी अदालतें स्वतः संज्ञान लेंगी? अब वक्त आ गया है कि पूरे देश को जबलपुर हाईकोर्ट के इस फैसले से सीखना चाहिए। संविधान ने सभी को समानता का अधिकार दिया है — कानून के सामने न कोई ऊँचा है, न कोई नीचा। #JabalpurHighCourt #OBC
Sunil Astay101,463 görüntüleme • 9 ay önce

जय भीम साथियों, 15 अक्टूबर को बुलाए गए आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण सूचना.. कानून, प्रशासन और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, तथा संगठन के साथियों से गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि हमारा आंदोलन फ़िलहाल अस्थाई रूप से स्थगित किया जा रहा है। यह निर्णय संगठन की गंभीरता, अनुशासन और रणनीतिक सोच का प्रतीक है। यह स्थगन किसी समझौते का संकेत नहीं, बल्कि रणनीतिक विराम है। हमारी सभी मांगें और मुद्दे जस के तस हैं। जब भी समय और परिस्थिति अनुकूल होगी, हम पहले से अधिक शक्ति, एकजुटता और संकल्प के साथ फिर मैदान में उतरेंगे। सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील है कि वे पूर्ण शांति, अनुशासन और संयम बनाए रखें। हमारी लड़ाई संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर आगे बढ़ेगी। जय भीम ✊🏽 बाबासाहेब अंबेडकर के सम्मान और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
Sunil Astay95,366 görüntüleme • 9 ay önce

उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद के जटवाडा चौकी में भीम आर्मी के नेता शिव कुमार चावला व अन्य साथियो के साथ नशे मे धुत दरोगा द्वारा मार पीट की गई। बीते दिनों पहले एक महिला के साथ छेड़-छाड़ की गई थी, महिला ने परेशान होकर जेहरीला प्रदार्थ पीकर आत्मा हत्या करने की कोशिश की थी। मगर समय पर हॉस्पिटल ले जाकर उसे बचा लिया गया था। गंभीर धारा में FIR होने के बावजूद भी आज आरोपियों को रिश्वत लेकर चौकी से जमानत दे दी। जब हमारे साथी ने केस के बारे मे दरोगा से पूछा तो, नशे मे धुत दरोगा ने हमारे साथी से मार पीट शुरू कर दी, और उनको ही हवालात में बंद कर दिया गया। नशे में धुत दरोगा व अन्य पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। UP POLICE DGP UP Yogi Adityanath
Sunil Astay80,297 görüntüleme • 8 ay önce

हरदा में मंच से ओबीसी वर्ग से आने वाले मा. मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav को “गधा” कहना सिर्फ़ जुबान फिसलना नहीं—पूरे ओबीसी समाज पर हमला है। पूर्व में भोपाल में आरक्षण विरोधी मंच से उस समय के तत्कालीन CM श्री Shivraj Singh Chouhan को भी गालियां दी गई थी। यह अपमान किसी कुर्सी का नहीं, देश की रीढ़ बने बहुजन समाज की गरिमा का है। लोकतंत्र में आलोचना होती है, गाली और धमकी नहीं। दिल्ली में बम फोड़ने जैसी बात करना सीधा देशद्रोही मानसिकता और अराजकता का ऐलान है। बहुजन समाज डरता नहीं—हिसाब करता है। सम्मान नहीं दोगे, तो संविधान जवाब देगा। ओबीसी के अपमान और नफ़रत फैलाने वालों पर तुरंत सख़्त कानूनी कार्रवाई हो।
Sunil Astay64,840 görüntüleme • 6 ay önce

शिवपुरी जिले के नरवर में UGC कानून को लेकर स्वर्ण समाज द्वारा कराए गए बाजार बंद के दौरान दवाई बाजार में कुशवाह (OBC) समाज की दुकानों को खुला देखकर भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने दुकानदार के साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों पक्षों में टकराव हुआ, लाठियां चलीं, पथराव हुआ और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। MP MyGov इस तरह की जातिगत हिंसा, गुंडागर्दी और कानून हाथ में लेने की घटनाओं की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। दोषियों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में शांति, भाईचारा और कानून का राज कायम रह सके।
Sunil Astay46,553 görüntüleme • 5 ay önce
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संविधान सबका बाप है ये जुलूस निकाला जा रहा है, क्योंकि ये दरिंदे अशोकनगर के छिपोन गांव में दलित महिला को बेरहमी से पीट रहे थे,भीमआर्मी ने जब आवाज उठाई तो आरोपी कान पकड़ हाथ जोड़कर माफी मांग रहे हैं। जल्द ही बहनों के सम्मान में अशोकनगर में न्याय महापंचायत होगी। भीम आर्मी प्रदेश अध्यक्ष भाई सुनील बैरसिया जी ने हॉस्पिटल जाकर पीड़ितों से मिले और पुलिस प्रशासन से बात करके कड़े एक्शन की बात हुई है। जिसमें राष्ट्रीय नेतृत मा. विनय रतन सिंह जी ने भी मामले पर संज्ञान लेकर न्याय की लड़ाई में साथ देने की बात कही है।
Sunil Astay24,149 görüntüleme • 2 ay önce

आख़िर प्रदेश की लाड़ली बेटियाँ कब तक ज़ुल्म सहेंगी? ग्वालियर की इस बेटी की चीख़ें शायद सत्ता के बहरे कानों तक नहीं पहुँचतीं। क्योंकि यहाँ सरकार की सुस्ती और पुलिस की बेशर्मी, बेटियों की सुरक्षा पर भारी पड़ चुकी है। Dr Mohan Yadav जी मारपीट की शिकार बेटियाँ न्याय माँगें तो उन्हें थाने से थाने घुमाया जाता है, एफ़आईआर से ज़्यादा बहाने मिलते हैं। MP MyGov न्याय की उम्मीद अब दूर की बात नहीं रही—आपकी सरकार नाकारा ही नहीं, पूरी तरह असंवेदनशील और बेशर्म बन चुकी है। यह चुप्पी अपराध है, और इस अपराध में सत्ता और सिस्टम दोनों बराबर के भागीदार हैं। Chief Minister, MP
Sunil Astay43,594 görüntüleme • 5 ay önce

दतिया के इंद्रगढ़ में शान्ति पूर्वक कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री का पुतला दहन कर रहे बहुजन समाज एवं भीमआर्मी ,आजाद समाज पार्टी के साथियों पर धीरेन्द्र शास्त्री समर्थको द्वारा पथराव कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया ,जब पूर्व से प्रायोजित कार्यक्रम था तो वैचारिक विरोधी लोग पुलिस की मौजूदगी में पथराव कैसे रहे थे? दतिया पुलिस ने उन्हें रोका क्यों नहीं? ये लोग जातिय विद्वेष फैलाना चाहते हैं। हम किसी धर्म के विरुद्ध नहीं हैं क्या किसी व्यक्ति का विरोध नहीं कर सकते ? दतिया प्रशासन शान्ति बहाल करे दंगाईयों पर कठोर कानूनी कार्यवाही करें। भीमआर्मी और बहुजन समाज के साथियों से अपील करता हूं— किसी के बहकावे में न आकर शांति बनाए रखें। बहुजन आंदोलन वैचारिक क्रांति की धरा है इसमें हिंसा की कोई जगह नहीं है। हम बाबा साहब आंबेडकर के अनुयायी हैं। “हमारी लड़ाई अन्याय और भेदभाव के खिलाफ है, किसी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ नहीं।” जयभीम ✊🏿 जय भारत 🇮🇳 Chandra Shekhar Aazad Dr Mohan Yadav Vinay Ratan Singh PRO JS Datia DATIA POLICE Collector Datia DGP MP Madhya Pradesh Police
Sunil Astay53,072 görüntüleme • 8 ay önce

विरासत से तय नहीं होंगे सियासत के रास्ते , जो असली हकदार होगा वहीं होगा जनता पसंद। बिहार में GDA गठबंधन और आजाद समाज पार्टी का पहला चुनाव और दमदार प्रदर्शन ,बहुत जल्द ही बहुजनों का विकल्प बनेगी। तेजस्वी यादव की अकड़ , और राहुल गांधी और अखलेश यादव के घमंड के कारण ही आज बिहार में बीजेपी NDA की सरकार बन रही है।#BiharElection2025
Sunil Astay50,685 görüntüleme • 8 ay önce

मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav आपके के गृह शहर उज्जैन में कानून व्यवस्था शर्मसार, उज्जैन, बदनावर हाईवे टोल शुरू होते ही टोल कर्मियों ने वाहन चालकों और महिलाओं को बेरहमी से पीटा। क्या यही "सशक्त मध्यप्रदेश" है? जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो! #Ujjain #TollPlaza #MPNews
Sunil Astay72,570 görüntüleme • 1 yıl önce

मेरठ जाते समय योगी जी की तानाशाही कबतक पुलिस रोकेगी ? गाजीपुर बॉर्डर पर Chandra Shekhar Aazad चंद्रशेखर आज़ाद ने सिस्टम को आईना दिखा दिया। पुलिस को चकमा देकर सड़क पर निकले—और अकेले, मोटरसाइकिल पर मेरठ के कपसाड़ गाँव के लिए रवाना हो गए। जिसके नाम में ही “आज़ाद” हो… उसे ज़ंजीरों में कौन रोक सकता है? ये सिर्फ़ सफ़र नहीं, ये हिम्मत का ऐलान है। ये सिर्फ़ बाइक नहीं, ये अन्याय के ख़िलाफ़ चलती आवाज़ है।
Sunil Astay34,688 görüntüleme • 6 ay önce

उप्र के बीजेपी नेता का “चमार भी आतंकवादी हैं” जैसा जहरीला बयान BJP की दलित-विरोधी मानसिकता का असली चेहरा दिखाता है। गाजियाबाद से लेकर पूरे प्रदेश में BJP नफरत और जातिवादी जहर घोलने की राजनीति ही करती रही है। लेकिन सबसे बड़ा इलाज तो उन चमार नेताओं का होना चाहिए ,जो बीजेपी की चाटुकारिता में अपने ही समाज के अपमान को सही ठहराते फिरते हैं। जब पार्टी का चरित्र ही दलित-विरोध हो, तो उसके साथ खड़े लोग समाज नहीं, सत्ता की गुलामी कर रहे होते हैं।
Sunil Astay41,850 görüntüleme • 8 ay önce

ये चमार यादव 'ये देखो नकली पंडत बनके गांव में व्यास की सीट पर बैठा है। देख लो इसका चेहरा। ये चमार हैं और यहां कर रहे भागवत'' घटना : इटावा उप्र ( यादव द्वारा भागवत कथा करने पर गांव के पंडितों ने जातिवादी रवैया अपनाते हुए मारपीट कर बाल कांटे, मूत्र छिड़का, नाक रगड़वाई)
Sunil Astay59,248 görüntüleme • 1 yıl önce