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Sunil Astay

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Founder Member Azaad Samaj Party, & Former State President, State In-Charge, Bhim Army, Ex. MLA Candidate AGAR (SC)— 166 (MP) 📞: 7415151200

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ओबीसी समाज से जातिवाद, देखिये। लुहार समाज के लोगों को शादी की दावत में पंक्ति में नीचे बैठाया गया, जबकि सवर्ण लोगों को ऊपर स्थान दिया गया, यह साफ तौर पर जातिवाद का उदाहरण है।

ओबीसी समाज से जातिवाद, देखिये। लुहार समाज के लोगों को शादी की दावत में पंक्ति में नीचे बैठाया गया, जबकि सवर्ण लोगों को ऊपर स्थान दिया गया, यह साफ तौर पर जातिवाद का उदाहरण है।

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ग्वालियर में हाईकोर्ट वकील अनिल मिश्रा ने बाबा साहब आंबेडकर को गंदा और अंग्रेजों का गुलाम कहा.. इसको लेकर गुस्सा और बहुजनों के का खून उबाल मार रहा है। CM Dr Mohan Yadav जी सरकार और ग्वालियर प्रशासन सोया हुआ, SP Gwalior साहब, संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर को गंदा कहने वाले वकील अनिल मिश्रा पर अभितक FIR करके जेल क्यों नहीं भेजा, उस NSA क्यों नहीं लगाई?

ग्वालियर में हाईकोर्ट वकील अनिल मिश्रा ने बाबा साहब आंबेडकर को गंदा और अंग्रेजों का गुलाम कहा.. इसको लेकर गुस्सा और बहुजनों के का खून उबाल मार रहा है। CM Dr Mohan Yadav जी सरकार और ग्वालियर प्रशासन सोया हुआ, SP Gwalior साहब, संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर को गंदा कहने वाले वकील अनिल मिश्रा पर अभितक FIR करके जेल क्यों नहीं भेजा, उस NSA क्यों नहीं लगाई?

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आज परशुराम जयंती रैली में कुछ असामाजिक लोगों द्वारा अम्बेडकर जयन्ती के बाबा साहेब की हार्डिंग को फाड़ा और होडिंग को लात से कुचल रहे है। भिंड के बजरिया मार्केट में हार्डिंग लगी थी पुलिस प्रशासन तत्काल कार्रवाई करें। Collector Bhind

आज परशुराम जयंती रैली में कुछ असामाजिक लोगों द्वारा अम्बेडकर जयन्ती के बाबा साहेब की हार्डिंग को फाड़ा और होडिंग को लात से कुचल रहे है। भिंड के बजरिया मार्केट में हार्डिंग लगी थी पुलिस प्रशासन तत्काल कार्रवाई करें। Collector Bhind

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धुरंधर मूवी से ज्यादा तो मेरे जूते का क्रेज है। वही हक़दार हैं किनारों के,जो बदल दें बहाव धारों के✊🏿

धुरंधर मूवी से ज्यादा तो मेरे जूते का क्रेज है। वही हक़दार हैं किनारों के,जो बदल दें बहाव धारों के✊🏿

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मनुवादीयो के पेट पर सांप लौटे हम बाबा साहब डॉ आंबेडकर की प्रतिमा सम्मान स्थापित ऐसे ही करते रहेंगे।

मनुवादीयो के पेट पर सांप लौटे हम बाबा साहब डॉ आंबेडकर की प्रतिमा सम्मान स्थापित ऐसे ही करते रहेंगे।

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अगर मैं बहुजन राष्ट्र बनाने के लिए के यात्रा निकालूंगा तो क्या आप उसमें शामिल होंगे? क्योंकि, सवाल इसलिए है कि मुख्यमंत्री श्री Dr Mohan Yadav जी क्या ये सही है? आप संविधान की शपथ लेकर राज्य के संवैधानिक पद पर बैठे हैं। आजतक कोई मुख्यमंत्री इस प्रकार के आयोजन में शामिल नहीं हुआ है। जयभीम ✊🏿 जय भारत 🇮🇳 जय संविधान

अगर मैं बहुजन राष्ट्र बनाने के लिए के यात्रा निकालूंगा तो क्या आप उसमें शामिल होंगे? क्योंकि, सवाल इसलिए है कि मुख्यमंत्री श्री Dr Mohan Yadav जी क्या ये सही है? आप संविधान की शपथ लेकर राज्य के संवैधानिक पद पर बैठे हैं। आजतक कोई मुख्यमंत्री इस प्रकार के आयोजन में शामिल नहीं हुआ है। जयभीम ✊🏿 जय भारत 🇮🇳 जय संविधान

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जातिवाद: शिवरात्री पर दलितों को शिव मंदिर में पूजा करने से रोका, मन्दिर से बाहर भगा कर जातिसूचक गालियों से दलित बहनों को अपमानित किया घटना आजी खरगोन के छोटी कसरावद गांव थाना कसरावद की है। हिन्दू एकता कंहा गई दलितो को कबतक ऐसे अपमानित करेंगे? Shivraj Singh Chouhan आरोपियों पर FIR करें

जातिवाद: शिवरात्री पर दलितों को शिव मंदिर में पूजा करने से रोका, मन्दिर से बाहर भगा कर जातिसूचक गालियों से दलित बहनों को अपमानित किया घटना आजी खरगोन के छोटी कसरावद गांव थाना कसरावद की है। हिन्दू एकता कंहा गई दलितो को कबतक ऐसे अपमानित करेंगे? Shivraj Singh Chouhan आरोपियों पर FIR करें

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मध्यप्रदेश और देश में न्याय की आवाज़ दबाई जा रही है। यही वो जज हैं जिन्होंने दमोह में ब्रह्माण्ड समाज के लोगों द्वारा ओबीसी समुदाय के कुशवाह समाज के युवक से पैर धुलाई कांड पर भी कड़ी टिप्पणी की थी। अब ऐसे न्यायप्रिय जज को ही इलाहाबाद भेज दिया गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब भी कोई न्यायाधीश बहुजन, SC/ST और OBC समाज पर हो रहे अत्याचारों पर स्वत: संज्ञान लेते हैं — तो सत्ता उन्हें ट्रांसफर कर देती है। 78 साल आज़ादी के बाद भी ऐसा लगता है कि देश आज़ाद नहीं, बल्कि एक विचारधारा के कब्ज़े में है। अगर अब भी बहुजन समाज एकजुट होकर राजनीतिक शक्ति नहीं बनता — तो फिर से गुलामी तय है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूँ। अब वक्त है जागने का — 95% बहुजनों को अपनी ताक़त पहचाननी होगी। #DalitOBCLivesMatter

मध्यप्रदेश और देश में न्याय की आवाज़ दबाई जा रही है। यही वो जज हैं जिन्होंने दमोह में ब्रह्माण्ड समाज के लोगों द्वारा ओबीसी समुदाय के कुशवाह समाज के युवक से पैर धुलाई कांड पर भी कड़ी टिप्पणी की थी। अब ऐसे न्यायप्रिय जज को ही इलाहाबाद भेज दिया गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब भी कोई न्यायाधीश बहुजन, SC/ST और OBC समाज पर हो रहे अत्याचारों पर स्वत: संज्ञान लेते हैं — तो सत्ता उन्हें ट्रांसफर कर देती है। 78 साल आज़ादी के बाद भी ऐसा लगता है कि देश आज़ाद नहीं, बल्कि एक विचारधारा के कब्ज़े में है। अगर अब भी बहुजन समाज एकजुट होकर राजनीतिक शक्ति नहीं बनता — तो फिर से गुलामी तय है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूँ। अब वक्त है जागने का — 95% बहुजनों को अपनी ताक़त पहचाननी होगी। #DalitOBCLivesMatter

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“तुम कल भी आंबेडकर से डरते थे —आज भी डरते हो , दतिया ज़िले के भांडेर विधानसभा के ग्राम खिरिया में कुछ असामाजिक, मनुवादी तत्वों ने परमपूज्य डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा को क्रूरता से तोड़ा। यह केवल मूर्ति का हमला नहीं, संविधान और हमारे अधिकारों पर हमला है। मैं प्रशासन सख्त मांगा करता हूँ — 1. जिस किसी ने भी यह कृत्य किया है, उसे तुरंत गिरफ्तार कर N.S.A. सहित कठोर कानूनी धाराओं के तहत बख़्शा न जाए; कड़ी सज़ा दी जाए। 2. दोषियों के चिन्हित होते ही तुरंत जेल भेजा जाए — फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि वे किस सूरत या रस्म से जुड़े हैं। 3. उसी स्थान पर नवीन प्रतिमा तत्काल स्थापित करवाई जाए और वहाँ 24×7 पुलिस निगरानी व CCTV व्यवस्था लगवाई जाए ताकि फिर से ऐसा घिनौना कृत्य न हो सके। 4. यदि प्रशासन ने सक्रियता दिखाई नहीं, तो दतिया का माहौल बिगड़ेगा — और तब इसकी पूरी जवाबदेही स्थानीय प्रशासन की होगी। हम रोने वाले नहीं, प्रताप करने वाले हैं— हमारी मांग स्पष्ट है: अपराधी पकड़ो, मूर्ति दोबारा लगाओ, और संविधान की रक्षा करो। Chief Minister, MP यदि प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए — FIR, गिरफ्तारी और नई प्रतिमा की स्थापना — तो हम शांत हाथों से बैठकर नहीं देखेंगे। आज़ादी और सम्मान पर कोई समझौता नहीं सहेंगे। ✊🏿 Dr Mohan Yadav Collector Datia PRO JS Datia

“तुम कल भी आंबेडकर से डरते थे —आज भी डरते हो , दतिया ज़िले के भांडेर विधानसभा के ग्राम खिरिया में कुछ असामाजिक, मनुवादी तत्वों ने परमपूज्य डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा को क्रूरता से तोड़ा। यह केवल मूर्ति का हमला नहीं, संविधान और हमारे अधिकारों पर हमला है। मैं प्रशासन सख्त मांगा करता हूँ — 1. जिस किसी ने भी यह कृत्य किया है, उसे तुरंत गिरफ्तार कर N.S.A. सहित कठोर कानूनी धाराओं के तहत बख़्शा न जाए; कड़ी सज़ा दी जाए। 2. दोषियों के चिन्हित होते ही तुरंत जेल भेजा जाए — फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि वे किस सूरत या रस्म से जुड़े हैं। 3. उसी स्थान पर नवीन प्रतिमा तत्काल स्थापित करवाई जाए और वहाँ 24×7 पुलिस निगरानी व CCTV व्यवस्था लगवाई जाए ताकि फिर से ऐसा घिनौना कृत्य न हो सके। 4. यदि प्रशासन ने सक्रियता दिखाई नहीं, तो दतिया का माहौल बिगड़ेगा — और तब इसकी पूरी जवाबदेही स्थानीय प्रशासन की होगी। हम रोने वाले नहीं, प्रताप करने वाले हैं— हमारी मांग स्पष्ट है: अपराधी पकड़ो, मूर्ति दोबारा लगाओ, और संविधान की रक्षा करो। Chief Minister, MP यदि प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए — FIR, गिरफ्तारी और नई प्रतिमा की स्थापना — तो हम शांत हाथों से बैठकर नहीं देखेंगे। आज़ादी और सम्मान पर कोई समझौता नहीं सहेंगे। ✊🏿 Dr Mohan Yadav Collector Datia PRO JS Datia

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आरक्षण के समर्थन में भोपाल जाम। #12फरवरी_चलो_भोपाल

आरक्षण के समर्थन में भोपाल जाम। #12फरवरी_चलो_भोपाल

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भूख...? “जब बचपन कचरे में भूख तलाशने लगे, तो समझिए व्यवस्था सड़ चुकी है…” केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी के गृह क्षेत्र विदिशा की वो तस्वीर पूरे देश के ज़मीर को झकझोर देने वाली है — एक मासूम बच्ची, कचरे के ढेर में से फेंके गए खाने के पैकेट खोजती है… वो भूख से लड़ रही थी, जबकि सरकार फाइलों में “भोजन सुरक्षा” और “बाल कल्याण” की योजनाओं का गुणगान कर रही थी। Collector Vidisha कलेक्ट्रेट से कुछ दूरी पर, प्रशासन की नाक के नीचे, एक बच्ची को भूख मिटाने के लिए गंदगी में उतरना पड़ा —क्या यही है "विकसित भारत" का सपना? MP MyGov सवाल सरकार ये बताएं: जब हर गांव-शहर में मिड डे मील, बाल आंगनवाड़ी, और पोषण अभियान जैसी योजनाएँ चल रही हैं, तो फिर ये बच्ची भूखी क्यों थी? क्या अधिकारी सिर्फ रिपोर्टों और फोटो से योजनाओं को “सफल” दिखाने में व्यस्त हैं? क्या हमारे बच्चे अब भी सिर्फ चुनावी भाषणों के "वोट बैंक" बनकर रह गए हैं? सीएम Dr Mohan Yadav जी सच्चाई कड़वी है— मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ "लाडली लक्ष्मी" और "पोषण मिशन" की बात होती है, वहीं एक बच्ची को कचरे से रोटी ढूंढनी पड़ती है। ये सिर्फ गरीबी नहीं — ये नीति की असफलता और संवेदनहीन शासन का चेहरा है। Chief Minister, MP हमारी मांगें : विदिशा प्रशासन तत्काल इस बच्ची की पहचान करे और उसे सुरक्षित संरक्षण दे। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रदेश भर में आंगनवाड़ी और पोषण योजनाओं का वास्तविक ऑडिट कराया जाए। गरीबी-भुखमरी पर श्वेतपत्र (White Paper) जारी किया जाए — ताकि सच्चाई जनता के सामने आए। अगर एक बच्ची को खाना कचरे से निकालना पड़े — तो फिर किस मुँह से कहा जाएगा कि "देश अमृतकाल में है"? इस बच्ची की भूख हम सबकी जिम्मेदारी है। अब वक्त है कि सरकार जवाब दे, क्योंकि बचपन भूख का शिकार नहीं, भविष्य का आधार होना चाहिए।

भूख...? “जब बचपन कचरे में भूख तलाशने लगे, तो समझिए व्यवस्था सड़ चुकी है…” केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी के गृह क्षेत्र विदिशा की वो तस्वीर पूरे देश के ज़मीर को झकझोर देने वाली है — एक मासूम बच्ची, कचरे के ढेर में से फेंके गए खाने के पैकेट खोजती है… वो भूख से लड़ रही थी, जबकि सरकार फाइलों में “भोजन सुरक्षा” और “बाल कल्याण” की योजनाओं का गुणगान कर रही थी। Collector Vidisha कलेक्ट्रेट से कुछ दूरी पर, प्रशासन की नाक के नीचे, एक बच्ची को भूख मिटाने के लिए गंदगी में उतरना पड़ा —क्या यही है "विकसित भारत" का सपना? MP MyGov सवाल सरकार ये बताएं: जब हर गांव-शहर में मिड डे मील, बाल आंगनवाड़ी, और पोषण अभियान जैसी योजनाएँ चल रही हैं, तो फिर ये बच्ची भूखी क्यों थी? क्या अधिकारी सिर्फ रिपोर्टों और फोटो से योजनाओं को “सफल” दिखाने में व्यस्त हैं? क्या हमारे बच्चे अब भी सिर्फ चुनावी भाषणों के "वोट बैंक" बनकर रह गए हैं? सीएम Dr Mohan Yadav जी सच्चाई कड़वी है— मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ "लाडली लक्ष्मी" और "पोषण मिशन" की बात होती है, वहीं एक बच्ची को कचरे से रोटी ढूंढनी पड़ती है। ये सिर्फ गरीबी नहीं — ये नीति की असफलता और संवेदनहीन शासन का चेहरा है। Chief Minister, MP हमारी मांगें : विदिशा प्रशासन तत्काल इस बच्ची की पहचान करे और उसे सुरक्षित संरक्षण दे। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रदेश भर में आंगनवाड़ी और पोषण योजनाओं का वास्तविक ऑडिट कराया जाए। गरीबी-भुखमरी पर श्वेतपत्र (White Paper) जारी किया जाए — ताकि सच्चाई जनता के सामने आए। अगर एक बच्ची को खाना कचरे से निकालना पड़े — तो फिर किस मुँह से कहा जाएगा कि "देश अमृतकाल में है"? इस बच्ची की भूख हम सबकी जिम्मेदारी है। अब वक्त है कि सरकार जवाब दे, क्योंकि बचपन भूख का शिकार नहीं, भविष्य का आधार होना चाहिए।

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जिनके पूर्वज ये कहते-कहते मर गए कि पृथ्वी शेषनाग पर टिकी है, उनकी औलादें अब ये कहते-कहते मर जाएँगी कि संविधान बाबा साहब ने नहीं लिखा।

जिनके पूर्वज ये कहते-कहते मर गए कि पृथ्वी शेषनाग पर टिकी है, उनकी औलादें अब ये कहते-कहते मर जाएँगी कि संविधान बाबा साहब ने नहीं लिखा।

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मप्र के ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहेब की मूर्ति लगाने से रोकने वालों को आज जवाब मिल गया — बाबा साहेब को रोकने वालों सुन लो, अब हर गली-चौराहे पर संविधान की आवाज गूंजेगी।

मप्र के ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहेब की मूर्ति लगाने से रोकने वालों को आज जवाब मिल गया — बाबा साहेब को रोकने वालों सुन लो, अब हर गली-चौराहे पर संविधान की आवाज गूंजेगी।

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UGC को न केवल प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए, बल्कि इसे और अधिक सुदृढ़ एवं कठोर बनाया जाना आज की अनिवार्य आवश्यकता है। ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव, उत्पीड़न और रैगिंग पर निर्णायक रोक लग सके और भविष्य में किसी भी छात्र को मानसिक प्रताड़ना के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े। धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) की दलित बच्ची की घटना यह स्पष्ट करती है कि जाति आधारित रैगिंग और संस्थागत लापरवाही आज भी छात्रों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। इससे पूर्व भी रोहित वेमुला और पल्लवी जैसे मामलों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरे निहित भेदभाव को उजागर किया है। यह गंभीर प्रश्न है कि कब तक OBC / SC / ST वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षण संस्थानों में असमान व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार का सामना करते रहेंगे?और यह भी विचारणीय है कि समान परिस्थितियों में सवर्ण छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवस्थित भेदभाव क्यों देखने को नहीं मिलता। जातिवाद भारत की एक कटु वास्तविकता है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में केवल नैतिक अपीलें पर्याप्त नहीं हैं। जाति आधारित भेदभाव और रैगिंग से निपटने के लिए UGC जैसे नियामक ढांचे को और अधिक स्पष्ट, कठोर तथा जवाबदेह बनाया जाना आवश्यक है। आवश्यक है कि— जाति आधारित रैगिंग को गंभीर आपराधिक कृत्य के रूप में परिभाषित किया जाए, दोषी छात्रों के साथ-साथ लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित हो, और सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता, गरिमा व सुरक्षा की गारंटी दी जाए। शिक्षा का उद्देश्य अवसर और समानता है, न कि भय और भेदभाव। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए UGC को मज़बूत बनाना समय की मांग है। #We_support_UGC_Act

Sunil Astay

77,321 görüntüleme • 4 ay önce

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देखो मनुवादियों, तुम बात करते हो जातिवाद खत्म ,ये क्या हैं? जोधपुर के चौखा गांव में दूल्हे को घोड़ी पर बैठकर बारात नहीं निकालने दी जा रही थी, आज का दलित/पिछड़ा/आदिवासी अपमान न सहेगा नहीं बर्दाश्त करेगा और सम्मान की खातिर सब कुछ न्योछावर कर देगा। जोधपुर के चोखा गांव में दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं चढ़ने देने की आशंका के चलते दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर राजीव गांधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बारात घोड़ी पर धूमधाम से निकाली गई। दूल्हे के भाई नरेंद्र कुमार ने कहा, "पुलिस का पूरा सहयोग रहा, उनकी मौजूदगी से हम निडर होकर बारात निकाल सके।" दूल्हे ने भी कहा, "हम चाहते थे कि हमारी शादी सम्मानपूर्वक हो, पुलिस ने हमारा हौसला बढ़ाया और हमारे साथ न्याय किया।" पुलिस अधिकारी रोशन मीणा ने बताया कि शिकायत मिलते ही जाप्ता मौके पर भेजा गया और शांति से बारात रवाना की गई। #DalitLivesMatter News:

Sunil Astay

120,144 görüntüleme • 7 ay önce

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जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक कद— दमोह में ओबीसी समुदाय के कुशवाह समाज के एक युवक को ब्राह्मण समाज के युवाओं द्वारा अपमानित किया गया— उससे जबरन पैर धुलवाए गए, पैर छुआए गए, और वही गंदा पानी पिलाया गया। इस अमानवीय कृत्य पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया। यह अपने आप में एक मिसाल है 👏🏽 अब सवाल यह है — 👉🏽 जब दलित दूल्हों को घोड़ी पर बैठकर जुलूस निकालने नहीं दिया जाता, 👉🏽 जब समाज के निचले तबकों को मंदिर में प्रवेश से रोका जाता, 👉🏽 जब जातिगत घृणा का जहर फैलाया जाता है, तो क्या उन मामलों पर भी अदालतें स्वतः संज्ञान लेंगी? अब वक्त आ गया है कि पूरे देश को जबलपुर हाईकोर्ट के इस फैसले से सीखना चाहिए। संविधान ने सभी को समानता का अधिकार दिया है — कानून के सामने न कोई ऊँचा है, न कोई नीचा। #JabalpurHighCourt #OBC

Sunil Astay

101,424 görüntüleme • 7 ay önce

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जय भीम साथियों, 15 अक्टूबर को बुलाए गए आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण सूचना.. कानून, प्रशासन और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, तथा संगठन के साथियों से गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि हमारा आंदोलन फ़िलहाल अस्थाई रूप से स्थगित किया जा रहा है। यह निर्णय संगठन की गंभीरता, अनुशासन और रणनीतिक सोच का प्रतीक है। यह स्थगन किसी समझौते का संकेत नहीं, बल्कि रणनीतिक विराम है। हमारी सभी मांगें और मुद्दे जस के तस हैं। जब भी समय और परिस्थिति अनुकूल होगी, हम पहले से अधिक शक्ति, एकजुटता और संकल्प के साथ फिर मैदान में उतरेंगे। सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील है कि वे पूर्ण शांति, अनुशासन और संयम बनाए रखें। हमारी लड़ाई संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर आगे बढ़ेगी। जय भीम ✊🏽 बाबासाहेब अंबेडकर के सम्मान और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।

Sunil Astay

95,357 görüntüleme • 7 ay önce

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उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद के जटवाडा चौकी में भीम आर्मी के नेता शिव कुमार चावला व अन्य साथियो के साथ नशे मे धुत दरोगा द्वारा मार पीट की गई। बीते दिनों पहले एक महिला के साथ छेड़-छाड़ की गई थी, महिला ने परेशान होकर जेहरीला प्रदार्थ पीकर आत्मा हत्या करने की कोशिश की थी। मगर समय पर हॉस्पिटल ले जाकर उसे बचा लिया गया था। गंभीर धारा में FIR होने के बावजूद भी आज आरोपियों को रिश्वत लेकर चौकी से जमानत दे दी। जब हमारे साथी ने केस के बारे मे दरोगा से पूछा तो, नशे मे धुत दरोगा ने हमारे साथी से मार पीट शुरू कर दी, और उनको ही हवालात में बंद कर दिया गया। नशे में धुत दरोगा व अन्य पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। UP POLICE DGP UP Yogi Adityanath

Sunil Astay

80,253 görüntüleme • 6 ay önce

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दतिया के इंद्रगढ़ में शान्ति पूर्वक कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री का पुतला दहन कर रहे बहुजन समाज एवं भीमआर्मी ,आजाद समाज पार्टी के साथियों पर धीरेन्द्र शास्त्री समर्थको द्वारा पथराव कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया ,जब पूर्व से प्रायोजित कार्यक्रम था तो वैचारिक विरोधी लोग पुलिस की मौजूदगी में पथराव कैसे रहे थे? दतिया पुलिस ने उन्हें रोका क्यों नहीं? ये लोग जातिय विद्वेष फैलाना चाहते हैं। हम किसी धर्म के विरुद्ध नहीं हैं क्या किसी व्यक्ति का विरोध नहीं कर सकते ? दतिया प्रशासन शान्ति बहाल करे दंगाईयों पर कठोर कानूनी कार्यवाही करें। भीमआर्मी और बहुजन समाज के साथियों से अपील करता हूं— किसी के बहकावे में न आकर शांति बनाए रखें। बहुजन आंदोलन वैचारिक क्रांति की धरा है इसमें हिंसा की कोई जगह नहीं है। हम बाबा साहब आंबेडकर के अनुयायी हैं। “हमारी लड़ाई अन्याय और भेदभाव के खिलाफ है, किसी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ नहीं।” जयभीम ✊🏿 जय भारत 🇮🇳 Chandra Shekhar Aazad Dr Mohan Yadav Vinay Ratan Singh PRO JS Datia DATIA POLICE Collector Datia DGP MP Madhya Pradesh Police

Sunil Astay

53,069 görüntüleme • 6 ay önce