
Vikas Kumar Jatav
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An Ambedkarite, Political Analyst, Bahujan Thinker, A lawyer. LLB, B.Ed & BTC https://t.co/3tkoGruHhi M.A (Education) M.A (Political Science) NET Qualified (Commerce)
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कोई अजित भारती है। बेचारा अपने पूर्वजो के कुकर्मों पर पर्दा डालने का कार्य कर रहा है। करने दो। क्या फर्क पड़ता है।।क्यो उस बेचारे को टारगेट कर रहे हो। वैसे अवर्ण जातिया अछूत व आदिवासी तो छोड़ो पहले यह देख लो कि शुद्र जाति में पैदा होने के कारण शिवाजी महाराज के साथ कैसा बर्ताव किया गया।। यह क्लिप 1952 में मराठी मे बनी फिल्म "छत्रपति शिवाजी" से ली गई है।। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav39,476 просмотров • 16 дней назад

"अनुराग शर्मा" सादाअत अस्पताल टोंक में सीनियर मेडिकल ऑफिसर है। बैड पर से उठे, और एक महिला के सामने पेशाब कर दिया और फिर गिर गए। शराब का इतना नशा की उठ भी नही पा रहे। फिर मरीजों ने ही उन्हें उठाया। परिवार का कहना है कि दिमागी बुखार से पीड़ित होने की वजह से दो दिन से छुट्टी पर थे व इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था। खैर, अच्छा हुआ कि ऑपरेशन वग़ैरह नही कर रहे थे नही तो कैंची छोड़ आते। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav149,178 просмотров • 6 месяцев назад

ब्राह्मण पंडित ने "छत्रपति शिवाजी" को शुद्र होने की वजह से मन्दिर में जाने नही दिया था। यह क्लिप 1952 में मराठी मे बनी फिल्म "छत्रपति शिवाजी" से ली गई है।। छत्रपति शिवाजी का नाम आदर से लिया जाता है और एक तरफ उन्हें मन्दिर में जाने नही दिया गया। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav74,046 просмотров • 5 месяцев назад

अमेरिका क्या कहता था, क्या हो तुम। अब हम कहते हैं, तुम क्या हो बे। ☺️😊😊😊 बन्दा एलियन से मिल आया। दूसरे ग्रह की यात्रा कर आया। सूर्य के पीछे किसी ग्रह पर जाता रहता है। और; "अमरीका अभी तक टैरिफ में ही उलझा हुआ है" यह वाला नशा मार्किट में कब आया? ☺️😊😊😊
Vikas Kumar Jatav85,016 просмотров • 8 месяцев назад

ऋतु प्रजापति बात तो ठीक कह रही है कि; "जिनके बाप दादाओं को 1950 से पहले खाट के पास खड़ा होने तक नही दिया जाता था वो भी आज पुछते है कि बाबा साहब ने हमारे लिए करा क्या है? " एससी में जितने अधिकतर सरकारी नौकरी में चाहे आईएएस/आईपीएस/पीसीएस बन गए हो उनके दादा परदादा तक किसी सामान्य वर्ग के व्यक्ति की खाट के पास तक खड़े नही हो सकते थे। बल्कि मान्यवर कांशीराम साहब व बहनजी से पहले उत्तर भारत के अधिकतर जिलों में एससी के लिए डीएम ऐसा राजा होता था जिससे मिलना मुश्किल है। बहनजी ने उन्ही डीएम को दलित बस्तियों में घुमवा दिया जो हाथ जोड़कर पुछते थे कि कोई दिक्कत तो नही है। यह परम सत्य है। इसे स्वीकार करना चाहिए। विकास कुमार जाटव Mayawati Akash Anand
Vikas Kumar Jatav62,509 просмотров • 7 месяцев назад

"अंजलीं शर्मा" भी अब प्रसिद्ध हो गयी है। बिहार में कार्यक्रम का हिस्सा बनी। ब्राह्मणवाद, UGC गाइडलाइंस, व ब्रह्मा के मुँह हाथ से उत्तपत्ति, पोंगा वग़ैरह जैसे अन्य विषय समझाती हुई।। अंजलीं शर्मा याद है न? जिसे नीचे गिराकर रुचि तिवारी ड्रामा कर रही थी और कुछ थाने में उनकी माँ च... देंगे जैसी गालियां सरेआम दे रहे थे। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav31,905 просмотров • 4 месяцев назад

पारसी समुदाय ईरान से नावों में आया था। भारत में उन्हें आश्रय मिला उन्होंने एक दिन बाबा साहब के कपड़े बिस्तर पारसी धर्मशाला से बाहर कर दिया। इस क्लिप में देख सकते हांज। बाबा साहब डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर को पारसी धर्मशाला से इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि वो अछूत जाति से थे। जबकि मराठा राजा सैयाजी गायकवाड़ ने उन्हें उस समय के पीसीएस रैंक के बराबर पद पर नियुक्त किया। वैसे पारसी द्वारा किये इस कार्य के कारण ही बाबा साहब ने नौकरी छोड़कर देश के 18% अछूत समाज को उनके मानव अधिकार दिलवाने के प्रण उसी दिन लिया। एक तरह से यह घटना देश के 27 करोड़ दलितो के लिए वरदान बन गयी। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav36,644 просмотров • 5 месяцев назад

अविमुक्तेश्वरानंद एक क्लिप में कह रहे थे कि गौतम बुद्ध की तश्वीर कार्यालयों में क्यो है? क्या यह धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध नही है। इसका उत्तर यह है। अमरीका में भारत से गए बौद्ध भिक्षु 3000 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे है, उनका भव्य स्वागत ईसाई अमरीकन कर रहे है। लम्बी लाइन लगाकर भव्य स्वागत उनका हो रहा है। कारण? वो लोग "शांति, करुणा व अहिंसा" का स्लोगन लेकर यात्रा कर रहे है। जो कि मानव के मूल व्यवहार से जुड़ा हुआ है। दुनिया मे गौतम बुद्ध का आशय धर्म नही बल्कि; "शांति, अहिंसा, करुणा" से है। में काफी मुस्लिम के घर तक में बौद्ध तश्वीर देखी है। क्योंकि यह तीनों तत्व मौलिक व्यवहार से जुड़े हुए है। अविमुक्तेश्वरानंद चाहे तो ऐसी यात्रा अमरीका मे कर सकते है। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav27,987 просмотров • 5 месяцев назад

जिंदा अम्बेडकर से , मरे हुए अम्बेडकर ज्यादा खतरनाक। ओशो दर्शन (समर्थक द्वारा)
Vikas Kumar Jatav17,769 просмотров • 3 месяцев назад

मुट्ठी भर पठानों को देखा है। मुट्ठी भर मुगलो को देखा है। थोड़े बहुत संख्या वाले।अंग्रेजो को देखा है। उनके जाने के बाद 15% वाले ऊँची जातियो को देखा है। इनके ऊपर अत्याचार नही होता है। न ही इनकीं महिलाओ का बलात्कार होता है। क्योंकि यह "हुक्मरान" रहे है।। अगर हम भी अन्याय अत्याचार खत्म करना है या इसे खत्म करने की चाहत है तो हम बहुजन समाज को भी; "हुक्मरान" बनना पड़ेगा। मान्यवर साहब कांशीराम को नमन। जय भीम। जय भारत। जय बसपा।
Vikas Kumar Jatav20,403 просмотров • 4 месяцев назад

"Power of Baba Sahab" अनुसुचित जाति देश मे 17% व उत्तर भारत मे 22% तक है। लेकिन वोटर्न पैटर्न की देखे तो उनके बूथों पर वोटिंग 70% से 90% तक रहती है जबकि 2% ब्राह्मण व अन्य सामान्य वर्ग जिनकी कुल आबादी 10% से कम है, उनके बूथों पर वोटिंग 40% तक रहती है जिसमे एससी 22% होकर भी वोटिंग पैटर्न में 32% तक दिखता है। समझे। इसलिए किसी राजनैतिक पार्टी की हिम्मत नही की वो बाबा साहब का अपमान कर दे। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav26,547 просмотров • 6 месяцев назад

न किसी ने अपने आप को "जगतगुरु" कहा। न किसी ने अपने आप को अन्य से श्रेष्ठ कहा। लेकिन पूरा अमरीका इनके सम्मान में फूल लेकर अभिवादन की मुद्रा में स्वागत करता रहा। सम्मान फर्जी पदवी लगाने से नही बल्कि अर्जित किया जाता है। Walk for Peace के अंतर्गत बौद्ध भिक्षुओं की लंबी यात्रा का समापन वाशिंगटन में हो गया। ।उद्देश्य "शांति" था। इस शांति के संदेश को बौद्ध भिक्षु फैला रहे थे। जो गौतम बुद्ध का संदेश है। जब जब गौतम बुद्ध का संदेश की बात होगी तब तब भारत भूमि के प्रति लोगो का सम्मान बढेगा। ओशो ने सही कहा है कि भारत को केवल गौतम बुद्ध की वजह से सम्मान की नजरों से देखा जाता है।। नमो बुद्धाये। जय भीम। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav19,636 просмотров • 5 месяцев назад

अनामिका उपाध्याय ने बाबा साहब पे गलत।टिपण्णी करी, गिरफ्तार हो गयी। निखिल चावड़ा की चिंता मुझे काफी समय से थी, मेने कई को कहा भी था कि निखिल को समझाए की विरोध आपत्तिजनक के रूप में नही नही बल्कि "क्यो, कब, कैसे" के आधार पर करे। कल अहमदाबाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। ब्राह्मण या दलित वर्ग के युवाओ से आग्रह है कि विवादित बयान से बचे। क्योंकि केस होने पर आप अकेले कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाएंगे। ग्वालियर के मिश्रा एंड कम्पनी के कारण सैकड़ो ब्राह्मण युवा जो पढाई कर रहे थे उनपर केस दर्ज हो चुके है, कई जेल चले गए। इसी प्रकार काफी दलित पर केस दर्ज हुए, जेल गए। लाभ क्या हुआ? इसलिए विवाद से बचे। विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav11,932 просмотров • 2 месяцев назад

"केवट से पूछा चमार बनोगे, बिगड़ गया" समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के अनमोल विचार के अनुसार आरक्षण मतलब केवल जो "चमार" को मिल रहा है। फुलन् देवी की जाति केवट का व्यक्ति चमार से अपने आप को उच्च मान रहा है, यह आपको पता था क्या जो आपने ऐसा पूछा? इन्होंने ऐसा क्यो नही कहा; मीणा बनोगे बाल्मीकि बनोगे धोबी बनोगे खटीक बनोगे यादव बनोगे कुशवाह सैनी मौर्या बनोगे क्या आरक्षण केवल एक जाति को मिल रहा है? विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav17,916 просмотров • 5 месяцев назад

"ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ो सब सम बसै, रविदास रहे प्रसन्न" बेगमपुरा एक ऐसा स्थान जँहा ऊंच नीच न हो, विभेद न हो, किसी का अपमान न हो, किसी प्रकार से अन्य के मानव अधिकार को न हड़पा जाए। यह संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का Length लक्ष्य था। आज सभी जगह गुरु रविदास जी की शोभायात्रा विशाल रूप से निकाली जा रही है। कल गुरु रविदास जी का जन्मोत्सव है। सभी को बधाई। विकास कुमार जाटव।
Vikas Kumar Jatav18,509 просмотров • 5 месяцев назад

यह भोजपुरी में किसे गाली दे रही है? बिहार में चमार जाति 6% है, लेकिन ऐसी महिलाओ पर कार्रवाई क्यो नही करवाती? ऐसी महिलाओ की बाते सुनकर ही बिहार के प्रति नकारात्मक छवि बनती है।। (क्लिप में इस महिला ने काफी गालियों का प्रयोग किया है, इसलिए हैडफोन लगाकर सुने) विकास कुमार जाटव
Vikas Kumar Jatav21,934 просмотров • 7 месяцев назад