
Akhilesh Yadav
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Socialist Leader of India | President @samajwadiparty | Member of Parliament, Kannauj | Former Chief Minister, Uttar Pradesh
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उप्र में फ़िल्म ‘आओ तुम्हें चाँद पे ले जाएं’ की शूटिंग शुरू हो गई है। दरअसल ये प्रयागराज है जहाँ भाजपा राज में महाकुंभ के नाम पर 1 लाख करोड़ डकारा गया है। भाजपाई कह रहे हैं “नहीं खाएंगे” ये कहा था, डकारेंगे नहीं, ये वादा नहीं किया था। ये तो उस सबसे ख़ास काली सड़क का हाल है जो संगम की ओर जाती है, बाक़ी इधर-उधर की सड़कें कितनी बदहाल होंगी… कहने की ज़रूरत है क्या? जिन भाजपाइयों ने धर्म-धन के रूप में चढ़ावा-चंदा-दान चुराने से नहीं छोड़ा, वो भला स्मार्ट सिटी का बजट क्या छोड़ेंगे। ‘मेन स्ट्रीट मीडिया’ का हर सच्चा और साहसी पत्रकार सराहना का पात्र है। आप सब यूँ ही ‘सत्यकारिता’ करते रहिए, हम आपके साथ हैं। बड़े चैनल और अख़बार इनसे प्रेरणा लें।
Akhilesh Yadav213,429 Aufrufe • vor 2 Tagen

हर राज्य की मातृभाषा का सम्मान और उत्थान होना चाहिए लेकिन किसी भी भाषा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इससे देश की भाषिक-भाविक एकता में दूरी और दुराव पैदा होता है। मुंबई में भाजपा के उत्तर भारतीय नेता हैं या भ्रष्टाचार में लीन होकर ठंडे पड़े हैं। क्या इस तरह की भाषा-ज्ञान की शर्त रखकर किसीको संपूर्ण देश में व्यवसाय करने की स्वतंत्रता के सांविधानिक अधिकार का हनन नहीं होता है? अगर ऐसा ही है तो फिर जो विदेशी कंपनियाँ मुंबई में काम कर रही हैं, उन पर भी ये शर्त लागू हो लेकिन होगी नहीं क्योंकि धन लोलुप भाजपा धनवानों के आगे कालीन की तरह बिछने को तैयार रहती है। भाजपा का सारा ज़ोर गरीबों, शोषितों, वंचितों और उपेक्षितों पर ही चलता है। एक तो भाजपा सरकार नौकरी-रोज़गार नहीं दे रही है, दूसरी तरफ़ जो अपनी रोज़ी-रोटी अपनी मेहनत से कमा रहे हैं, उन पर भी वार-प्रहार कर रही है। कहीं इसके पीछे भी कमीशनख़ोरी का खेल तो नहीं? हो सकता है भाजपा को कमीशन का लालच देकर ‘गाड़ियों की बड़ी कंपनियाँ’ आम जनता की सवारी ‘आटो -रिक्शा’ ही बंद करवाना चाहती हों, जिससे लोग बड़ी कंपनियों की महंगी गाड़ियों से चलने के लिए बाध्य हो जाएं। अगर किसी राज्य में काम करने के लिए, स्थानीय भाषा के ज्ञान की यही अनिवार्य शर्त बाक़ी राज्यों ने लगा दी तो? हर व्यक्ति पढ़ा-लिखा नहीं होता है और न ही हर व्यक्ति की भाषिक क्षमताएं एकदम से किसी भाषा को सीखने योग्य होती हैं। यदि ऑटो-रिक्शावाले मानसिक दबाव में ऑटो चलाएंगे तो ये ड्राइवर के साथ-साथ सवारी-गाड़ी सबके लिए घातक साबित हो सकता है। अगर ऐसा ही है तो मुंबई-महाराष्ट्र की भाजपा घोषित कर दे कि वो किसी हिंदी, ब्रज, बुंदेली, रोहेली-कौरवी, अवधी, भोजपुरी, मैथिली; हरियाणवी, गढ़वाली- कुमायूँनी; मारवाड़ी, ढूंढाड़ी, मेवाती, मालवी, हाड़ौती, बागड़ी, शेखावाटी, मेवाड़ी; गुजराती, काठियावाड़ी, सुरती, चरोतरी, महसाणी; तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयाली, तुलु, ओड़िया, गंजामी, संबलपुरी-कोसली, बालेश्वरी देसिया; सिंधी, पंजाबी; कश्मीरी-कॉशुर, डोगरी, गोजरी, पहाड़ी, शिना, बाल्टी, लद्दाखी; असमिया, मणिपुरी-मेइतेइलोन, मिजो, कोकबोरोक, खासी, गारो, नागामी, बोडो, भीली, गोंडी, कुड़ुख, मुंडारी, संथाली व अन्य भाषा भाषियों का एक भी वोट नहीं लेगी। सरकारों को दिल भी बड़ा रखना चाहिए और दिमाग भी।
Akhilesh Yadav947,767 Aufrufe • vor 9 Tagen

कहने को मुफ़्त परिवहन, पर शहर-शहर परेशान बहन! रक्षाबंधन पर भाजपा की फ़्री बस सेवा भी जुमला निकली। उप्र की बहनें अब इसी बस में लादकर किसी को हमेशा के लिए गोरखपुर विदा कर देंगी। अब क्या मुख्यमंत्री जी बस पर बुलडोज़र चलवाएंगे या परिवहन व्यवस्था के फेल होने पर अधिकारियों का निलंबन से एनकाउंटर करेंगे। लोग कह रहे हैं रक्षाबंधन के दिन सड़कों पर बस से ज़्यादा गोवंश नज़र आ रहा था।
Akhilesh Yadav183,917 Aufrufe • vor 2 Tagen

उप्र के मुख्यमंत्री जी जाट समाज में व्याप्त आक्रोश और मारे गये लोकप्रिय युवा गायक अंकित बालियान के ‘दुखी पिता’ की सुनेंगे या उनसे भी लखनऊ के अग्निकांड में मारे गये बच्चे की ‘दुखी माँ’ की तरह धमकी भरे अंदाज़ में ये कहकर निकल जाएंगे कि ‘भाषण सुनने के मूड में नहीं हैं।’ भाजपा सिर्फ़ वोटों की सगी है, जाट या किसी अन्य समाज की नहीं। आज जो जाट नेता भाजपा के साथ अपने स्वार्थवश खड़े हैं, संपूर्ण जाट समाज उनसे जवाब माँग रहा है। भाजपा के सहयोगी जाट नेता कहाँ भूमिगत हो गये हैं। युवा जाट आज उन्हें तलाशते फिर रहे हैं।
Akhilesh Yadav282,652 Aufrufe • vor 5 Tagen

दिन पर दिन बढ़ रहा है पीडीए का क़ाफ़िला और अपनेपन से हौसला!
Akhilesh Yadav148,134 Aufrufe • vor 3 Tagen

भाजपा सरकार है या दुकानदार? अब उप्र की भाजपा सरकार ने लखनऊ के JPNIC (जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय कैबिनेट में ले लिया है। अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है। ‘कमीशन’ भ्रष्ट भाजपा की गाड़ी का तेल-पानी है और ‘निजीकरण’ उसका जुगाड़।
Akhilesh Yadav278,446 Aufrufe • vor 6 Tagen

लो अब ‘सोशलमीडिया बंदी’ आ गई! सोशल मीडियावालों को सरकारी स्कूलों में जाने से रोकना बताता है कि सरकारी स्कूलों के हालात सच में बदहाली की दुखभरी कहानी कह रहे हैं। स्कूलों में क्लासरूम, बोर्ड, पंखे-बिजली, पीने के पानी, दोपहर के खाने, टॉयलेट, लैब, कॉपी-किताब, यूनिफ़ॉर्म से लेकर कई विषय के टीचर्स की बेहद कमी है। सोशल मीडिया को तो सरकार रोक लेगी लेकिन जेन अल्फा का क्या करेगी?
Akhilesh Yadav565,506 Aufrufe • vor 12 Tagen

भाजपा अब चाहे कितनी भी कीचड़ फैला दे अब उसका कमल नहीं खिलेगा। बहनों के साथ धोखा तो रावण ने भी नहीं किया था। अधर्मी भाजपा और उनके संगी-साथी तो दशानन से बड़े झूठे निकले क्योंकि ये दस से भी अधिक मुख से दस गुना झूठ बोलते हैं। रावण ने तो केवल एक बार भेष बदलकर छल किया था, ये तो निरंतर उसी भेष में रहकर छलते-ठगते हैं। भाजपा जाएगी, फिर कभी नहीं आएगी।
Akhilesh Yadav153,221 Aufrufe • vor 4 Tagen

भाजपाइयों छोड़ो खाना, बचाओ थाना! कह रहा भाजपाई भ्रष्टाचार सब तैयार रखो अपनी नाव!
Akhilesh Yadav430,016 Aufrufe • vor 14 Tagen

देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ! भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है। तुरंत गिरफ़्तारी हो! भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं। भरोसे का विलोम भाजपा!
Akhilesh Yadav1,245,134 Aufrufe • vor 1 Monat

श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए। जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं। लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के ख़िलाफ़ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी। Sonam Wangchuk
Akhilesh Yadav1,536,795 Aufrufe • vor 1 Monat

पूरे देश के सूचनार्थ: बेहद गंभीर ख़बर प्रयागराज प्रोटेस्ट के नाम पर बहुत सारे छात्रों को यूपी पुलिस की विशेष टीम बिना नंबर की गाड़ी में उठाकर ले गई है। जब केंद्र सरकार ने वादा किया था कि किसी भी छात्र के विरुध्द कोई कार्रवाई नहीं होगी तो फिर ऐसी धोखाधड़ी किसके कहने पर हो रही है। क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रधानमंत्री जी के आश्वासन और वादे को जुमला साबित करना चाहती है। उठाए गए सभी छात्रों की तुरंत रिहाई हो और इस अवैध गतिविधि में लिप्त सभी पुलिसकर्मियों और उच्च अधिकारियों को निलंबित करके उनके विरुद्ध सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए। माननीय न्यायालय से आग्रह है कि इन छात्रों के जीवन पर मंडरा रहे ख़तरे का तत्काल संज्ञान ले।
Akhilesh Yadav1,046,737 Aufrufe • vor 1 Monat