#पर्ची

अगर हिम्मत है.. तो भाजपा चर्चा करे, डरे नहीं! आज फिर साबित हो गया कि राजस्थान के मुखिया.. केवल #पर्ची के मुख्यमंत्री हैं। सदन में मुख्यमंत्री जी ने कांग्रेस की चुनौती पर भाजपा के 2 साल बनाम कांग्रेस के 5 साल पर बहस स्वीकार की थी। जब मुख्यमंत्री जी ने बहस स्वीकार की, तो फिर सदन में भाजपा क्यों इनकार कर रही है? क्या भाजपा के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री की बात की कोई अहमियत नहीं है? कांग्रेस चर्चा के लिए तैयार है.. भाजपा सरकार की 2 साल की विफलताओं का पर्दाफाश होकर रहेगा। #RajasthanAssembly
Govind Singh Dotasra45,771 просмотров • 6 месяцев назад

पर्ची मुख्यमंत्री जी बिना पर्ची कुछ बोल नहीं पा रहे हैं ये ऐसे लोग क्या प्रदेश की दिशा और दशा बदलेंगे 🤔 #पर्ची
Subhash Fouji111,632 просмотров • 1 год назад

फर्जी, कर्मचारी नहीं... बल्कि फर्जी है #पर्ची और भाजपा की #पर्ची_सरकार में बने वो तमाम लोग जो अपना दायित्व भूलकर प्रदेश की साख को बट्टा लगा रहे हैं। ये सरकार थानेदारों से लेकर दिव्यांगों, तलाकशुदा महिलाओं एवं शिक्षकों समेत उन सभी कर्मचारियों को #फर्जी बताकर बदनाम कर रही है, जो अपनी मेहनत से लगे हैं।
Govind Singh Dotasra55,492 просмотров • 11 месяцев назад

"अक्षम मुखिया" ने पूरे राजस्थान और मुख्यमंत्री पद का मज़ाक बनाकर रख दिया है। RSS प्रचारक के ये बोल प्रदेश के मुखिया और उनकी कार्यशैली पर सीधा हमला है। RSS के नेता भाजपा सरकार के 'मुखिया' को सीधे-सीधे कृपा (#पर्ची) से बने हुए 'अक्षम और अयोग्य' व्यक्ति करार दे रहे हैं। इस सरकार के 2 पॉवर सेंटर में खुलेआम खींचतान का असर सीधे तौर पर प्रदेश की जनता पर पड़ रहा है। राज्य के हालत बेकाबू हैं, कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है, अपराधी बेलगाम हैं, और भ्रष्टाचार चरम पर है। बार-बार RSS का दखल और सरकार द्वारा किसी भी मुद्दे पर निर्णय न कर पाने की स्थिति से राज्य की जनता दु:खी है।
Govind Singh Dotasra46,427 просмотров • 10 месяцев назад

जब बजट दावों की आई बारी खोखली निकली घोषणाएं सारी वित्त विनियोग विधेयक पर जवाब का सार सिर्फ इतना है कि मुख्यमंत्री जी ने RSS की वाहवाही में कसीदे गढ़कर अपनी #पर्ची कायम रखने लुभावना प्रयास किया है। इतना ही नहीं RSS की शाखाओं से निकली नफ़रत की जड़ों को आदर्श विद्या मंदिर स्कूलों में ताकत से बढ़ावा देने के लिए MLA लेड में 10 लाख की जगह 25 लाख रुपए की सहायता का षड्यंत्र रचा है, लेकिन कामयाब नहीं होंगे। प्रधानमंत्री मोदी 'पकोड़ा तलने' को रोजगार बताते हैं, तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अपने गुरू से एक क़दम आगे 'ढाबे पर काम' करने को रोजगार कहते हैं। मुख्यमंत्री जी ने आज सदन में कहा कि "कांग्रेस को बड़े-बडे़ काम करने की आदत है" मुख्यमंत्री जी आपने ठीक फरमाया... ▪️25 लाख का मुफ्त इलाज ▪️कर्मचारियों को OPS ▪️200 यूनिट फ्री बिजली ▪️500 रुपए में गैस सिलेंडर ▪️किसानों को कृषि के लिए 2 हजार यूनिट बिजली फ्री ▪️21 लाख किसानों का 14 हजार करोड़ का कर्ज माफ ▪️अस्पताल में फ्री इलाज, फ्री जांच और फ्री दवाई ▪️10 लाख रुपए का चिरंजीवी दुर्घटना बीमा ▪️करीब 3 लाख युवाओं की सरकारी नौकरी ▪️1 करोड़ परिवार को मुफ्त फूड पैकेट ▪️गरीबों को 8 रुपए में भरभेट भोजन ▪️गरीब, कमजोर हर आय वर्ग के लिए अंग्रेजी माध्यम स्कूल ये कांग्रेस का दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति ही थी कि हमारी सरकार ने ये सब काम करके दिखाएं हैं, क्योंकि हम किसी की लकीर काटते नहीं हैं। कांग्रेस अपनी लकीर इतनी बड़ी खींचती है कि विरोधी भी हमारी उपलब्धियों का गुणगान करने को मज़बूर हो जाते हैं। लेकिन भाजपा सरकार की लोकलुभावन बजट घोषणाओं का कोई वास्तविक आधार नहीं है, इनकी घोषणाएं झूठी और पब्लिसिटी का पुलिंदा हैं। मुख्यमंत्री जी सदन को गुमराह करके भले ही कागजों में घोषणाएं पूरी होने का दावा करे लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। 2047 की संकल्पना कर रहे मुख्यमंत्री जी, धरातल पर हालात ये हैं कि भाजपा सरकार के मंत्री आपके ही विभाग पर भ्रष्टाचार में शामिल होने, भाजपा के कार्यकर्ता ट्रांसफर-पोस्टिंग में लूट के प्रमाण देने और आपके छात्र संगठन ABVP के युवा राज्यपाल के सामने कुलपति पर सरकार की मिलीभगत से चोरी के आरोप लगा रहे हैं। ▪️हर दिन 7 करोड़ की बजरी चोरी, अवैध खनन, ध्वस्त कानून व्यवस्था, आए दिन पुलिसवालों व वन विभाग पर हमला, हर दिन औसतन 19 महिलाओं से रेप, नाबालिगों को रिकॉर्ड दरिंदगी, पिछले 3 साल में सबसे ज्यादा पॉक्सो एक्ट के मामले, कॉलेज-यूनिवर्सिटी के पेपर लीक, अस्पतालों में दवाई नहीं, बेरोजगारों को भत्ता नहीं, असहायों को पेंशन नहीं, 500 रुपए में उज्ज्वला वाले सिलेंडर की सब्सिडी नहीं, किसानोंं को 6 घंटे बिजली नहीं और ऊपर से महंगी बिजली की लूट इस सरकार की उपलब्धि है। भाजपा सरकार की इससे बड़ी नाकामी क्या होगी कि मुख्यमंत्री के मुंह पर लोग इनके मंत्रियों को NPA बताते हैं। ▪️भाजपा ने किसान सम्मान निधि 12 हजार रुपए करने की घोषणा की गई लेकिन सिर्फ 8 हजार रुपए किए। भाजपा सरकार का डेढ़ साल पूरा होने को है, लेकिन किसान सम्मान निधि 12 हजार करने, गेहूं की MSP पर बोनस देकर 2700 रुपए में खरीदने, बाजरा को MSP पर खरीदने पर मुख्यमंत्री जी ने एक शब्द नहीं बोला। आज राजस्थान के 1.05 करोड़ किसानों पर 1.74 लाख करोड़ का कर्ज है लेकिन मुख्यमंत्री जी ने उनको राहत देने के लिए एक शब्द नहीं बोला। सिंचाई के पर्याप्त पानी, ओलावृष्टि के मुआवजे, बकाया बीमा क्लेम, समर्थन मूल्य पर मूंग-मूंगफली की खरीद नहीं होने से किसानों को हुए 9 हजार करोड़ के घाटे और फसल पर MSP की क़ानूनी गारंटी पर मुख्यमंत्री जी ने एक शब्द नहीं बोला। ▪️युमना जल समझौते पर 4 महीने में डीपीआर बनाने वाली भाजपा सरकार को टास्क फोर्स बनाने में ही 1 साल बीत गया। शेखावाटी की जनता को कब और कितना पानी मिलेगा, मुख्यमंत्री जी ने एक शब्द नहीं बोला। क्योंकि यमुना के जल में छल के सिवा कुछ नहीं है। ▪️राजस्थान में बेरोजगारी देश में दूसरे नंबर है। सरकार युवाओं को एक नई नौकरी नहीं दे पा रही और मुख्यमंत्री गुमराह करने के लिए हर दूसरे दिन नौकरी की हवाई घोषणा करते हैं। पहले साल 1 लाख नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन सिर्फ पिछली कांग्रेस सरकार की नौकरियों को अपना बताकर खानापूर्ति कर ली। अकेले शिक्षा विभाग में 1 लाख से अधिक पद रिक्त हैं लेकिन मुख्यमंत्री जी ने सिर्फ 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा करके रात-दिन तैयारी कर रहे युवाओं के साथ मजाक किया है। ▪️राजस्थान के बेरोजगारों को 1 साल से बेरोजगारी भत्ते का इंतजार है, युवा दर-दर की ठोकरें खा रहे लेकिन मुख्यमंत्री जी ने उनके लिए एक शब्द बोला। ▪️आज भी राजस्थान की जनता पड़ोसी राज्य हरियाणा और गुजरात के मुकाबले पेट्रोल 10 रुपए प्रति लीटर महंगा खरीद रही है लेकिन मुख्यमंत्री जी ने पेट्रोल के दाम घटाने और महंगाई कम करने पर एक शब्द नहीं बोला। ▪️सरकार के 1.5 साल होने वाले हैं लेकिन नकल माफियाओं एवं 'मगरमच्छों' की जांच करके कब पकड़ेंगे और कब SI भर्ती पर फैसला लेंगे? इस पर मुख्यमंत्री जी के मुंह से कुछ नहीं निकला। युवाओं को भ्रमित करके सत्ता में तो आए गए, लेकिन अब युवाओं को जवाब नहीं दे पाएंगे। ▪️भाजपा सरकार ने विदेश में विदेश में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाली स्कॉरशिप योजना का आते ही नाम बदल दिया। लेकिन शर्म की बात है कि 1 साल से बच्चों को स्कॉलरशिप बंद करके बैठे हैं और बच्चे भीख मांगने को मजबूर हैं। ▪️सतत विकास का ढिंढोरा पीट रहे मुख्यमंत्री जी, सच्चाई ये है कि सदन में आपके मंत्री, साथी विधायकों के सवालों का जवाब तक नहीं दे पाते। मुद्दों से हटकर सिर्फ इधर-उधर का झूठा वाचन और दोषारोपण करते हैं। ▪️सनातन के नाम पर सत्ता हासिल करने वालों ने आईफा पर 100 करोड़ रुपए बर्बाद कर दिए लेकिन भगवान गोविन्द देव जी, खाटूश्याम जी और सालासर बालाजी के लिए के लिए 1 पैसा नहीं दिया। ये ही धूर्त भाजपाईयों के सनातनी होने की सच्चाई।
Govind Singh Dotasra43,627 просмотров • 1 год назад

प्रदेश की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध और दलित-आदिवासी उत्पीड़न से त्रस्त है, लेकिन #पर्ची से बनी सरकार मस्त है। अंता उपचुनाव में जनता इस निकम्मी भाजपा सरकार को सबक सिखाएगी। कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी और जीतेगी। प्रत्याशी चयन के लिए स्थानीय स्तर से फीडबैक और रायशुमारी करके जल्द ही उपयुक्त नामों का पैनल भेजा जाएगा, जिस पर पार्टी हाईकमान फैसला करेगा। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट है, सभी नेता और कार्यकर्ता एक साथ मिलकर जनता का भरोसा जीतने में जुटे हैं, यहां भाजपा की तरह गुटबाजी नहीं चलती।
Govind Singh Dotasra20,535 просмотров • 10 месяцев назад

भाजपा ने झूठ बोलकर सत्ता तो ले ली, लेकिन दिल्ली से आई #पर्ची गूंगी है, दिल्ली से आई #पर्ची बहरी है। आज राजस्थान की जनता का एक काम नहीं हो रहा, भाजपा की नाक कट रही है। लेकिन BJP के नेता तो पहले से नककटे हैं, जिन्हें मान और माजना नहीं, केवल माल चाहिए।
Govind Singh Dotasra20,932 просмотров • 11 месяцев назад

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, डिप्टी सीएम, मंत्री और विधायक सब मिलकर एक RAS की परीक्षा स्थगित नहीं करवा पाए। इसका क्या मतलब है? भाजपा में न मुख्यमंत्री की चलती है, न प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रियों की। भाजपा में सिर्फ #पर्ची और #खर्ची से काम चलता है। : Govind Singh Dotasra जी
Rajasthan PCC17,345 просмотров • 1 год назад

भाजपा सरकार ने सुनियोजित साज़िश के तहत पंचायत व निकाय चुनाव नहीं करवाने, जनप्रतिनिधियों का अधिकार व बजट छीनने और वोट चोरी करने के लिए SIR की घोषणा करवाई है। ताकि न चुनाव करवाना पड़े, न इनके 2 कुशासन की पोल खोल खुले और इनकी #पर्ची बरकरार रहे। नियम के मुताबिक जिस राज्य में चुनाव लंबित होता है वहां SIR की घोषणा नहीं होती। कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार से पूछना चाहती हूं कि आपने किस आधार पर निर्वाचन आयोग को यह झूठी जानकारी दी कि यहां कोई चुनाव लंबित नहीं है, और SIR कराया जाए। जबकि राज्य में पंचायत व निकायों के कार्यालय की अवधि पूरी हो चुकी है, हाईकोर्ट भी सरकार को चुनाव कराने की कह चुका है। हमारे नेता Rahul Gandhi जी बार-बार देश को आगाह कर रहे हैं कि ये लोग वोट चोरी करके सरकारें बनाते हैं। यहां भी भाजपा वाले SIR और वोट चोरी के जरिए गांव की सरकार बनाना चाहते हैं, लेकिन इनकी चोरी पर हम पूरी पहरेदारी कर रहे हैं और इन्हें कामयाब नहीं होने देंगे।
Govind Singh Dotasra12,009 просмотров • 9 месяцев назад
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