#मेरठ

आंगन में रखी पोटली में सिमटे सौरभ 9 साल बाद घर लौटे है. सौरभ की लाश की छाती पर मां सिर पीट रही है कोस रही है उस वक्त को जब #मेरठ के सौरभ को मुस्कान से इश्क हुआ था. बेटे के लिए सब कुछ बर्दाश्त किया. उस बहू को भी जो हमेशा लड़ती-झगड़ती थी. उसी बहू ने सौरभ को मांस के कुछ टुकड़ों में तब्दील कर दिया अपनी गर्लफ्रेंड और फिर पत्नी बनी मुस्कान को सौरभ बेतहाशा मोहब्बत करता था. बेवफा मुस्कान ने अपने नशेड़ी प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ को मार डाला मुस्कान की मां अपनी बेटी के लिए फांसी की सजा चाहती है लेकिन अपने बेटे की लाश के टुकड़ों को कलेजे से लगाने को बेताब, बिलख रही इस मां को फांसी से भी क्या हासिल होगा. ना बेटा, ना बहु और ना उनकी औलाद..
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आंगन में रखी पोटली में सिमटे सौरभ 9 साल बाद घर लौटे है. सौरभ की लाश की छाती पर मां सिर पीट रही है कोस रही है उस वक्त को जब #मेरठ के सौरभ को मुस्कान से इश्क हुआ था. बेटे के लिए सब कुछ बर्दाश्त किया. उस बहू को भी जो हमेशा लड़ती-झगड़ती थी. उसी बहू ने सौरभ को मांस के कुछ टुकड़ों में तब्दील कर दिया अपनी गर्लफ्रेंड और फिर पत्नी बनी मुस्कान को सौरभ बेतहाशा मोहब्बत करता था. बेवफा मुस्कान ने अपने नशेड़ी प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ को मार डाला मुस्कान की मां अपनी बेटी के लिए फांसी की सजा चाहती है लेकिन अपने बेटे की लाश के टुकड़ों को कलेजे से लगाने को बेताब, बिलख रही इस मां को फांसी से भी क्या हासिल होगा. ना बेटा, ना बहु और ना उनकी औलाद..

Narendra Pratap

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