#समय

लियो टॉल्स्टॉय ने कहा था कि #समय और #धैर्य दो सबसे शक्तिशाली योद्धा हैं। एक बीज को भी वृक्ष बनने और फल देने में समय लगता है। ग्रेजुएशन के बाद का समय युवा के लिए 'स्वयं को गढ़ने' का समय होता है। जब समाज और परिवार की अपेक्षाएं बोझ बन जाती हैं, तो सृजन रुक जाता है। सफलता की कोई निश्चित समय सीमा नहीं होती। लेकिन करियर विशेषज्ञों का भी मानना है कि धैर्य न केवल वित्तीय स्थिरता देता है बल्कि लंबे समय तक मानसिक शांति भी सुनिश्चित करता है।
Bhupendra Singh Rathore11,024 次观看 • 6 个月前
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