#शंकराचार्य

अफ़सरों द्वारा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को दिया गया नोटिस अब उल्टा पड़ने लगा है… गोवर्द्धन पीठ पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी को सुनिए… हाँ में हाँ मिलाने वाला #शंकराचार्य बाकी सब पाखंडी हैं प्रयागराज मेला प्राधिकरण के हिसाब से… शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को Rolls Royce से आना चाहिए था तब पलकों से सफ़ाई करके अफ़सर रास्ता देते उन्हें
Mamta Tripathi131,598 görüntüleme • 5 ay önce

ध्यान से सुने वो लोग जो पूछते हैं की शंकराचार्य क्या करतें हैं? #जगद्गुरु #शंकराचार्य
Har Ghar Gurukul42,958 görüntüleme • 5 ay önce

AajTak क्या अब #शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी हिंदू/सनातन विरोधी हो कहलाएंगे ? ।।जय सियाराम।।
Mehul Maru158,658 görüntüleme • 2 yıl önce

#शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने #योगी जी का इस्तीफ़ा माँगा तो महंत जी ने इसे सनातन का अपमान और सनातन के खिलाफ खड़यंत्र करार दे दिया!!! ग़ज़ब चल रहा है लेकिन महाराज जी ये बताइए कि शाम तक छिपाया क्यूँ घटना को? डुबकी का नम्बर बढ़ चढ़ कर बताने वाले आपके सूचना के अफ़सरों से कहिए मौतों का सही आकंडा कब जारी करेंगे? पाजिटीव न्यूज़ चलाने का दबाव छोड़कर थोड़ी नैतिकता रखें और नम्बर बताएँ!! #महाकुंभ_2025_प्रयागराज
Mamta Tripathi93,678 görüntüleme • 1 yıl önce

ग़ज़ब सर्कस चल रहा है यूपी सरकार में…किस बात के उप-मुख्यमंत्री हैं आप? आप तो दावा करते हैं कि “राम मंदिर आंदोलन” की लड़ाई लड़ी थी आपने फिर अपनी ही सरकार में सनातन की रक्षा के लिए कुछ क्यूँ नहीं कर रहे!! भगवान #शंकराचार्य से आग्रह क्यूँ कर रहे हैं जाइए स्नान कराइए…अब ये गाल बजाने वाली राजनीति नहीं चल पाएगी आपकी !! धर्म का मजाक बनाकर रख दिया है आप लोगों ने…
Mamta Tripathi14,075 görüntüleme • 5 ay önce

टीवी डिबेट में बैठकर ज्ञान बांटने वालों को कभी कभी पठन पाठन और दूसरों की डिबेट भी सुन लेना चाहिए। IT सेलियाँ बन गए हैं वरिष्ठ जन भी… #शंकराचार्य जी की बातों से कई ऐसे लोगों को भी मिर्ची लगी है। उनकी जलन बरकरार रखने के लिए बरनॉल रूपी एक टीवी डिबेट की क्लिप शेयर कर रही हूँ। जिसमें शंकराचार्य जी खुद बता रहे हैं कि वो #ABVP के पैनल से छात्रसंघ अध्यक्ष बने थे ना कि #NSUI से… विचारक, चिन्तक बनकर झूठ का साथ देने वाले भी उतने ही दोषी हैं जितना शासन प्रशासन… ख़ेमेबाजी और खनकते सिक्कों की आवाज पर पल पल पाला बदलने वालों को हर कोई अपने जैसा लगता है। महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद जब सरकार के कुप्रबंधन पर सवाल उठाने चाहिए और सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए, ऐसे वक्त में भी सरकारी पैसों की खनक ने खुद को वरिष्ठ पत्रकार मानने वालों के मुँह पर ताला लगा रखा है। थोड़ी तो नैतिकता बचाए रखिए ख़ासतौर से उन फैक्ट चेकर्स और उनके चेलों के लिए जो सुबह से साधुवाद देकर एक दूसरे की पीठ थपथपा रहे है। भगवान सुबुद्धि दे राम राम 🙏🏻 #FactsMatter
Mamta Tripathi12,091 görüntüleme • 1 yıl önce
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