#ujjain

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातःकालीन भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 'बाबा महाकाल' के जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। #Mahakaleshwar #Mahakal #BhasmaAarti #Ujjain #ATReel #AajTakSocial
AajTak27,327 просмотров • 20 дней назад

#Ujjain #Land #Express बात पिछले महीने की है, जब उज्जैन से भाजपा विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय की कथित कंपनी द्वारा महाकाल मंदिर की पार्किंग की जमीन खरीदने की खबर दैनिक भास्कर ने छापी या छपवाई गई। उस पर कांग्रेस ने ट्विटर और मीडिया में खूब हंगामा किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस जमीन को मूल रूप से सरकारी संपत्ति के तौर पर तय किया गया था, उसे पहले प्राइवेट बनाया गया और फिर 2 मार्च 2026 को यूटोपिया होटल एंड रिजॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने यह जमीन ₹3.82 करोड़ में खरीदी। इसके जवाब में विधायक चिंतामणि मालवीय ने उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिना मुख्यमंत्री या उनके परिवार का नाम लिए "राजनीतिक परिवार" पर आरोप लगाया। "एक राजनीतिक परिवार उज्जैन में धांधली कर जमीन खरीद रहा है..." मालवीय ने, एक्सप्रेस में जिस जमीन का जिक्र है, उसका भी उदाहरण देते हुए कहा था कि आप (मीडिया) अगर जांच करें कि कौन राजनीतिक परिवार जमीन कब्जा रहा है, तो पता चल जाएगा। "अगर आप हमारे ऊपर उंगली उठाओगे तो हम आपका भी काला चिट्ठा खोल देंगे।" आज काला चिट्ठा खुल गया। खैर, मालवीय और मोहन जी के बीच की अनबन पिछले दो सालों में कई बार सामने आई है। जब मुख्यमंत्री द्वारा उज्जैन सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर "लैंड पुलिंग एक्ट" पास किया गया था। इसके तहत हजारों किसानों से सिंहस्थ क्षेत्र में आने वाली सभी जमीनों को हमेशा के लिए अधिग्रहित किया जाना था, जबकि इनका अधिग्रहण सिर्फ कुछ महीनों के लिए होना था। चिंतामणि मालवीय ने इस पॉलिसी का खुलकर विरोध किया। विधानसभा में मुद्दा उठाया। उनके पीछे संघ का भी समर्थन था, जिस वजह से भारतीय किसान संघ ने भी उनका समर्थन किया। आखिर में गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद इसे खारिज कर दिया गया। मध्य प्रदेश के पत्रकार यह सब देख रहे थे, लेकिन बिल्ली के गले में घंटी बांधने को कोई तैयार नहीं था। जब खबर न छापने से ज्यादा फायदा कमाया जा सकता है, तो छापकर संस्थान और अपना नुकसान क्यों किया जाए। खैर, जितनी जमीन खरीदने का आरोप मुख्यमंत्री पर है, उससे कई ज्यादा तो मध्य प्रदेश के एक पटवारी के पास भी होती है। विधायक, सांसद और मंत्री के PA का इससे ज़्यादा प्रॉपर्टी बनाए हुए है। शायद यह पहली बार है जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के परिवार की जमीन खरीदने पर खबर की गई है। जो उज्जैन और उसके आसपास हो रहा है, यह खबर Tip of the Iceberg है।
काश/if Kakvi28,591 просмотров • 1 месяц назад

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Zee News42,783 просмотров • 2 месяцев назад

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AajTak19,369 просмотров • 29 дней назад



