#कांस्टेबल_घेवरचंद

साहब रहम करो गरीब पर इनके लिए तो आप ही भगवान हो, आप ही कानून हो, आप ही जेल हो, आप ही न्याय हो! हिम्मत कैसी हुई सायला थाने के #कांस्टेबल_घेवरचंद से टोल मांगने की? शुक्र है कि सिर्फ #गला_दबाया, #थप्पड़_मारा, जेल नहीं भेजा। Nitin Gadkari जी बताओ क्या घेवरचंद अपने तेवरो के साथ अपनी निजी कार से भारतमाला पर सफर नहीं कर सकता? टोल तो आम आदमी पर ही लागू होता है। 📍सांगाणा (जालोर)
एक नजर73,562 Aufrufe • vor 1 Jahr
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