正在加载视频...

视频加载失败

साहब रहम करो गरीब पर इनके लिए तो आप ही भगवान हो, आप ही कानून हो, आप ही जेल हो, आप ही न्याय हो! हिम्मत कैसी हुई सायला थाने के #कांस्टेबल_घेवरचंद से टोल मांगने की? शुक्र है कि सिर्फ #गला_दबाया, #थप्पड़_मारा, जेल नहीं भेजा। Nitin Gadkari जी बताओ क्या...

10 条评论

truthseeker 的头像
truthseeker1 年前

@nitin_gadkari टोल वाले कोई शरीफ़ तो होते नहीं! कोई नियम नहीं मानते, अगर कुछ बोलो तो माँ बहन की गाली देते हैं! परिवार और बच्चे अगर गाड़ी में हैं तो गाली ज़रूर देते हैं और अगर आप बोलो की फ़ैमिली साथ है तो आपको मारते हैं! हम तो कहते हैं सही हुआ सब टोल वाले गुंडे हैं!

Karan Meena 的头像
Karan Meena1 年前

@nitin_gadkari ये टोल वाले भी कम नहीं है , बहुत दादागिरी कर है , छड़ों कभी इनकी आट में पता चल जाएगा ,

Vinit kumar singh 的头像
Vinit kumar singh1 年前

@nitin_gadkari भारत में थप्पड़ मारने का अधिकार लगता है सब रसूख दार लाइसेंस की तरह रखते है। बिना कानून के डर के तप्पड़ मार देते हैं।

Gs Gurjar 的头像
Gs Gurjar1 年前

@nitin_gadkari @RajPoliceHelp

Ad NM 的头像
Ad NM1 年前

@nitin_gadkari ऐसे टोल प्लाजा पर राजस्थान सरकार और भारत सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए

GURUDUTT SINGH 的头像
GURUDUTT SINGH1 年前

@nitin_gadkari @JalorePolice ?? Any action? Please update immediately

kamal kumawat 的头像
kamal kumawat1 年前

@nitin_gadkari @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp ऐसे कर्मचारी पर सख्त कारवाई करे

Rameshawar 的头像
Rameshawar1 年前

@Dev9V @nitin_gadkari कुछ उम्र का तो ख्याल रखना चाहिए ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए

NiShU_rAjPuT⁹⁸ 的头像
NiShU_rAjPuT⁹⁸1 年前

@nitin_gadkari Police khud dusre ko lutne wala wo kaha se toll dega bhai garib se nahi lena chahiye toll

Vishnu meena 的头像
Vishnu meena1 年前

@nitin_gadkari @RajPoliceHelp @DmJalore

相关视频

सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी ही तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक टोल कर्मियों से यह कहता दिख रहा है कि टोल मत काटना भाई, 15 सैकंड से ज्यादा हो गए हैं। इस पर टोल कर्मी युवक से कहता सुनाई दे रहा ऐसा कोई रूल ही नहीं है. क्या हैं टोल पर फ्री एंट्री के नियम? यदि आपको किसी टोल प्लाजा पर 10 सैकंड से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है तो आप बिना टोल दिए जा सकते हैं. 100 मीटर का नियम :- अगर किसी टोल प्लाजा पर वाहनों की लाइन 100 मीटर से अधिक है तो आपको टोल टैक्स नहीं देना होगा. 60 किलोमीटर का नियम:- अगर आपने 60 किलोमीटर के अंदर किसी राजमार्ग या किसी एक्सप्रेसवे पर टैक्स दिया होता है तो आपको टोल नहीं देना होता. 20 किलोमीटर :- अगर आपका वाहन ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GPS) होता है तो कुछ राज्यमार्गों और एक्सप्रेसवे पर आपका 20 किलोमीटर तक का सफर फ्री हो सकता है। क्यों देना पड़ता है टोल टैक्स? अगर कोई वाहन चालक अपने तीन पहिया, चार पहिया और भारी व्यावसायिक वाहनों के साथ एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करता है तो उसे एनएच और एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के लिए टोल देना होता है. सरकार टोल के पैसों से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे का रखरखाव करती है और सड़कों का निर्माण कराती हैं.

Arvind Sharma

79,108 次观看 • 1 年前

पूरे फंस गए मंत्री जी.... आप सरकार के प्रतिनिधि हैं और बाड़मेर जिले के प्रभारी है तो सवाल जायज है बाड़मेर का जिला अस्पताल जो मेडिकल कॉलेज से संबंधित है इससे बड़ी दुर्गति क्या होगी कि इस अस्पताल में ना सोनोग्राफी की मशीन है और ना ही सीटी स्कैन की सुविधा पिछले 2 साल से पूरे जिले की जनता परेशान हो रही है प्रभावशाली नेता छोटे-छोटे काम के टेंडर लेकर के मोटी कमाई कर रहे हैं लेकिन गरीब जनता की सुनने वाला कोई नहीं है जब नेताओं से सवाल पूछा जाता है तो एक ही जवाब मिलता है फाइल प्रक्रिया में है जल्द ही काम हो जाएगा हाल ही में बाड़मेर में 100 करोड़ से ज्यादा डीएमएफटी का फंड रिलीज हुआ है लेकिन उसका एक भी पैसा जिला अस्पताल में नहीं लगा है इससे बड़ी विडंबना क्या होगी। मंत्री जी अब तक तो सिर्फ मीडिया सवाल कर रही है कहीं ऐसा नहीं हो कि आप किसी कार्यक्रम में जाएं और आम पब्लिक आपसे इस प्रकार कड़े सवाल दागे और आपकी बोलती बंद होकर आप वहां से रवाना हो जाए यही चलता रहा तो वह दिन भी दूर नहीं है जब आप पब्लिक के सामने जाने से कतराएंगे।

Ashok Shera

16,394 次观看 • 10 个月前

प्रदेश के वर्तमान हालात पर मीडिया से 49 सिविल लाइंस पर बातचीत की : दिक्कतें ही दिक्कतें हैं चारों ओर। सरकार बनते ही ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ कि दो चार महीने के अंदर ही लोग कहने लगे गवर्नेंस नहीं हो रही, शासन नहीं हो रहा। कुशासन चल रहा है और मैं बराबर आग्रह करता हूं मुख्यमंत्री जी से, वो इसे लेते आलोचना और हम चाहते हैं कि सुधार हो जिससे कि पब्लिक को फायदा मिले। अगर सरकार इन्हीं को रहनी है मान लीजिए इनकी मेजॉरिटी है तो शासन तो यही करेंगे। मगर कुशासन होगा तो पब्लिक में काम नहीं होंगे। आप कल्पना कीजिए कि क्या हालत बने, करप्शन की हदें पार हो गई। चाल, चेहरे, चरित्र एक्सपोज हो गए इनके पर उसके अलावा भी जिस प्रकार से पेमेंट नहीं हो रहे हैं कोई डिपार्टमेंट के अंदर तो फिर क्या हो रहा है? शिक्षा में, स्वास्थ्य सेवाएं तो चरमरा गई है। आप बताइए जिस प्रकार से शिक्षा की स्थिति बनी है, वो तो बड़ी अजीब सी बन गई है। स्कूलें बंद हो रही है, टीचर्स नहीं है और साथ में आपका यह स्वास्थ्य, RGHS का पता ही नहीं है। लोग खुद दुखी हो गए तो चारों ओर से आकर शिकायतें करते जो आप बात पूछ रहे थे हैं वही उसी बात। तो कहने का मतलब है कि हम बार बार कहते हैं मुख्यमंत्री जी को कि कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट, रेप अलग हो रहे हैं, डकैती अलग हो जाती है, फायरिंग करके मार देते हैं ज्वेलर्स को या किसी को। एक के बाद एक घटना, इतने सारे मुद्दे एक साथ हो गए हैं कि विपक्ष की पार्टी भी क्या क्या मुद्दा उठाए? सरकार जब तक खुद आगे नहीं आएगी, पूरा मंत्रिमंडल जब तक उस ढंग से बिहेव नहीं करेगा, जनता के साथ में डिपार्टमेंट की पकड़ नहीं करेंगे, मजबूती से डिपार्टमेंट को कसेंगे नहीं वो, तो नीचे तक जो हालात होते हैं वो बदलेंगे नहीं और नुकसान क्या होगा पब्लिक का। हमें चिंता पब्लिक की है। बाकी तो देखिए शासन तो आते जाते रहते हैं, उन्नीस बीस तो देखो हर शासन में होता है करप्शन तो यह मैं दावा नहीं कर सकता, लेकिन कांग्रेस शासन होते तब नहीं होता है, होता है, पूरे देश में होता है, सब जगह होता है। पर जो इस बार जो जिस रूप में हो रहा है ना तो आम जनता से पूछ लीजिए, मालूम पड़ेगा। स्थिति बड़ी नाजुक है। मैं चिंता कर रहा हूं कि वो ठीक होनी चाहिए।

Ashok Gehlot

43,757 次观看 • 2 个月前