#मारवाड़

जब आख़िरी खेजड़ी काट दी जाएगी, आख़िरी ओरण-गोचर की ज़मीन पर कब्ज़ा हो जाएगा और हमारी आख़िरी नाड़ी भी सूख जाएगी… तब सत्ता की कुर्सियों पर बैठे हाकिमों को समझ आएगा कि तिजोरियों में भरे काग़ज़ के नोट न तो #मारवाड़ की प्यास बुझा सकते हैं, न ही अकाल के दिनों में छांव दे सकते हैं।#WeWillSaveKhejari
Bhupendra Singh Rathore16,277 次观看 • 6 个月前

मारवाड़ से पूर्वी राजस्थान तक: छात्र राजनीति के उभरते चेहरे मोती सिंह जोधा ने हाड़ौती और मेवात में संभाला मोर्चा। जोधपुर विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में अपनी दबंग छवि के लिए पहचाने जाने वाले छात्र नेता मोती सिंह जोधा इन दिनों #मारवाड़ की सरहदों को लांघकर पूर्वी राजस्थान और #हाड़ौती के इलाकों में खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। 'मारवाड़ के मोती' के नाम से चर्चित जोधा का यह नया राजनीतिक और सामाजिक विस्तार आगामी 1 फरवरी, 2026 को गंज खेड़ली में आयोजित होने वाले 'पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासंगम' को लेकर देखा जा रहा है। क्षेत्रीय दौरों के दौरान मोती सिंह जोधा ने शक्ति सिंह बांदीकुई के सान्निध्य में अलवर स्थित श्री प्रताप राजपूत छात्रावास सहित क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण गांवों और कस्बों का दौरा किया। पत्रकारिता के नजरिए से देखें तो जोधा की यह सक्रियता केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान के युवा नेतृत्व का पूर्वी राजस्थान के सामाजिक समीकरणों के साथ बढ़ते तालमेल का संकेत भी देती है। विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान जोधा ने समाज के युवाओं और प्रबुद्धजनों से संवाद करते हुए आगामी महासंगम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने "हाड़ौती की धन्यधरा" पर समाज की एकजुटता और संगठन की शक्ति पर जोर देते हुए अधिक से अधिक संख्या में गंज खेड़ली पहुंचने की अपील की। जानकारों का मानना है कि जोधपुर की छात्र राजनीति से तपकर निकले मोती सिंह जोधा का पूर्वी राजस्थान में इस तरह सक्रिय होना क्षेत्र के युवाओं के बीच एक नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। अब सभी की निगाहें 1 फरवरी को होने वाले महासंगम पर टिकी हैं, जहाँ यह देखना दिलचस्प होगा कि मारवाड़ के इस युवा नेता का प्रभाव भीड़ को जुटाने में कितना सफल रहता है। Moti Singh Jodha Phalsund #MOTISINGHJODHA | The Marwar Times
Bhupendra Singh Rathore11,608 次观看 • 7 个月前
没有更多内容可加载


