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Ana Sayfaya Dön

2nd Grade Exam 2026 आगे जायेगा ? || बड़ी खुश खबरी || 🎯 ------------------------------ क्या फॉर्म Re-Open होंगे ? 🤔

36,397 görüntüleme • 2 ay önce •via X (Twitter)

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Re-Exam, Re-Exam…. बस एक बार सोच कर देखिए- 50 लाख से अधिक युवाओं ने फॉर्म भरा। ये प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा थी। 400रू का एक फॉर्म था। 48 लाख एडमिट कॉर्ड जारी हुए। और परीक्षा के पहले पेपर लीक हो गया। क्या बीत रही होगी बच्चों पर? उनके परिवारों पर? ऐसा ही RO Exam में हुआ। पेपर लीक हो गया। यूपी के एक एक गाँव में यह चर्चा हो रही है। सरकार सो रही है। लड़के-लड़कियाँ इलाहाबाद, मेरठ से लखनऊ तक चीख-पुकार-प्रदर्शन कर रहे हैं और Re-Exam की माँग कर रहे हैं। सरकार उन्हें अपमानित कर रही है, लाठियों से पिटवा रही है। कौन कराता है ये पेपर लीक? कैसे होता है ये पेपर लीक? चाँद-मंगल पर जाने वाला हमारा देश एक फुलप्रूफ परीक्षा नहीं करा सकता? जहां एक युवा की मेहनत चोरी न हो, उसके भविष्य पर डाका न पड़े!!

Priyanka Gandhi Vadra

320,604 görüntüleme • 2 yıl önce

#WATCH | Delhi: On NEET-UG 2026 exam cancelled due to allegations of paper leak, NTA DG Abhishek Singh says, "...We have handed over the matter to CBI. All accused will be nabbed and jailed so that the future of students are not adversely impacted. We will conduct a re-exam for students and it will be done in a fair manner. We have also decided that we will not charge any additional fee for the re-exam, we will also refund the fee charged in the first exam..." "On the night of 7th May, we received information through a whistleblower that before the exams were conducted, the individual had received a WhatsApp message wherein some questions were matching the exact questions in the exam...It was our job to verify those allegations and also to verify whether those PDFs were available to anyone before 3rd May - the day of exam. Upon checking, it was found that some questions matched our question paper. It was also found that on 1st and 2nd May, the PDF was available on the phones of a few people...This was against our zero tolerance policy. This would have impacted the future of students preparing hard for the exam...So, in their interest, we took this step. We have handed over the matter to CBI. All accused will be nabbed and jailed so that the future of students are not adversely impacted. We will conduct a re-exam for students and it will be done in a fair manner. We have also decided that we will not charge any additional fee for the re-exam, we will also refund the fee charged in the first exam..."

ANI

36,237 görüntüleme • 3 ay önce

दिन-रात पंडित नेहरू के नाम की माला जपने वाले मोदी जी भयंकर ‘हीन भावना’ और ‘कुंठा’ में जी रहे हैं अपने 4400 दिन के कार्यकाल की लकीर बड़ी दिखाने के लिए पंडित जी के 6130 दिनों की लकीर कैसे छोटी करें ये टेंशन मोदी जी को खाए जा रही है क्योंकि खुद भी जानते हैं कि अगला चुनाव तो जीत पाएंगे नहीं इसीलिए ‘Longest Serving PM’ का स्वघोषित ताज अपने ही अँधभक्तों के हाथों से पहन रहे हैं 🥴 पर एक बात तो बताइए मोदी जी, यदि आपके हिसाब से आज़ादी 1947 में मिली पर नेहरू जी प्रधानमंत्री 1952 में बने, तो फिर… सरदार वल्लभ भाई पटेल भी 1947 में देश के पहले गृहमंत्री नहीं बने होंगे बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर भी 1947 में देश के पहले कानून मंत्री नहीं बने होंगे मतलब, हम जानते हैं कि ‘Entire Political Science’ की degree के अलावा आप जीवन में कुछ ज्ञान अर्जित नहीं कर पाए..पर मूर्खता की कुछ तो limit होनी चाहिए 🥴 कहॉं तो नेहरू जी ने दुनिया में Non Aligned Movement चलायी और कहॉं आप अमेरिका के आगे नाक रगड़ कर Surrender कर आए ! कहॉं तो नेहरू जी ने IIT, IIM, AIIMS, DRDO, ISRO, SAIL, BHEL, UGC, LIC, BARC, HAL, Doordarshan बनाए और कहॉं आप सारे PSUs अपने मित्रों को बेच आए वो क्या है ना मोदी जी - ऐड़ियां उचकाने से कद नहीं बढ़ा करते !!!

Dr. Ragini Nayak

17,624 görüntüleme • 2 ay önce

प्रदेश के वर्तमान हालात पर मीडिया से 49 सिविल लाइंस पर बातचीत की : दिक्कतें ही दिक्कतें हैं चारों ओर। सरकार बनते ही ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ कि दो चार महीने के अंदर ही लोग कहने लगे गवर्नेंस नहीं हो रही, शासन नहीं हो रहा। कुशासन चल रहा है और मैं बराबर आग्रह करता हूं मुख्यमंत्री जी से, वो इसे लेते आलोचना और हम चाहते हैं कि सुधार हो जिससे कि पब्लिक को फायदा मिले। अगर सरकार इन्हीं को रहनी है मान लीजिए इनकी मेजॉरिटी है तो शासन तो यही करेंगे। मगर कुशासन होगा तो पब्लिक में काम नहीं होंगे। आप कल्पना कीजिए कि क्या हालत बने, करप्शन की हदें पार हो गई। चाल, चेहरे, चरित्र एक्सपोज हो गए इनके पर उसके अलावा भी जिस प्रकार से पेमेंट नहीं हो रहे हैं कोई डिपार्टमेंट के अंदर तो फिर क्या हो रहा है? शिक्षा में, स्वास्थ्य सेवाएं तो चरमरा गई है। आप बताइए जिस प्रकार से शिक्षा की स्थिति बनी है, वो तो बड़ी अजीब सी बन गई है। स्कूलें बंद हो रही है, टीचर्स नहीं है और साथ में आपका यह स्वास्थ्य, RGHS का पता ही नहीं है। लोग खुद दुखी हो गए तो चारों ओर से आकर शिकायतें करते जो आप बात पूछ रहे थे हैं वही उसी बात। तो कहने का मतलब है कि हम बार बार कहते हैं मुख्यमंत्री जी को कि कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट, रेप अलग हो रहे हैं, डकैती अलग हो जाती है, फायरिंग करके मार देते हैं ज्वेलर्स को या किसी को। एक के बाद एक घटना, इतने सारे मुद्दे एक साथ हो गए हैं कि विपक्ष की पार्टी भी क्या क्या मुद्दा उठाए? सरकार जब तक खुद आगे नहीं आएगी, पूरा मंत्रिमंडल जब तक उस ढंग से बिहेव नहीं करेगा, जनता के साथ में डिपार्टमेंट की पकड़ नहीं करेंगे, मजबूती से डिपार्टमेंट को कसेंगे नहीं वो, तो नीचे तक जो हालात होते हैं वो बदलेंगे नहीं और नुकसान क्या होगा पब्लिक का। हमें चिंता पब्लिक की है। बाकी तो देखिए शासन तो आते जाते रहते हैं, उन्नीस बीस तो देखो हर शासन में होता है करप्शन तो यह मैं दावा नहीं कर सकता, लेकिन कांग्रेस शासन होते तब नहीं होता है, होता है, पूरे देश में होता है, सब जगह होता है। पर जो इस बार जो जिस रूप में हो रहा है ना तो आम जनता से पूछ लीजिए, मालूम पड़ेगा। स्थिति बड़ी नाजुक है। मैं चिंता कर रहा हूं कि वो ठीक होनी चाहिए।

Ashok Gehlot

43,688 görüntüleme • 26 gün önce

उत्तरप्रदेश के बाद बिहार में भी #Normalization प्रक्रिया के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन। #Normalization एक Technical Scam है जो दिखता नहीं बस होता हैI #no_normalization_in_bpsc बीजेपी समर्थित सरकारे normalization लागू करने के पीछे क्यों पडी है। 🤔 पुलिस ने पटना में BPSC अभ्यर्थियों पर जमकर लाठी चार्ज कर दिया. कई अभ्यर्थी इस लाठीचार्ज में घायल हो गए हैं। बीपीएससी में सिर्फ #नोर्मलाइजेशन मुद्दा नहीं बल्कि फोर्म एक लाख बच्चे सर्वर डाउन के वज़ह से नहीं भर पाएं। एक महीने से आयोग विभिन्न शिक्षकों से मीटिंग करके विधार्थी का मानसिक शोषण किया । बच्चों को और समय दिया जाएं। जिन बच्चों का रजिस्ट्रेशन हो गया था उन्हें फोर्म भरने का मौका दिया जाएं। - BPSC परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन रद्द हो - परीक्षा एक शिफ्ट में हो, एक दिन में हो - सर्वर डाउन होने के कारण जिन अभ्यर्थियों ने फॉर्म नहीं भरा उन्हें एक दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए। - परीक्षा की डेट आगे बढ़ाई जाए। लाठी चलाने से समाधान नहीं होगा। 😡 #no_normalization_in_bpsc #BPSC_70th #bpsc_jawab_do #Normalization #BpscChairman #Bihar #BiharNews #Patna #BiharPolice #BPSC #Bihar #BSEB #BiharBoard #Bihar #Matric_Annual_Exam_2025 #2ndDummyAdmitCard #patnaprotest #Exam #KhanSir #RehmanSir #BiharNews Nitish Kumar Tejashwi Yadav Rajesh Ranjan Pappu Yadav BJP Bihar ETVBharat Bihar Rashtriya Janata Dal Janata Dal (United) Rahul Gandhi Congress #BPSC #BPSC_70th #bpsc70th #breakingnews Police lathi-charge aspirants protesting outside the Bihar Public Service Commission (BPSC) office in Patna over the issue of 'normalisation.' - PTI reports

Yuvrajsinh Jadeja

24,993 görüntüleme • 1 yıl önce

जरूर पढ़ना यूपी पुलिस और उत्तर प्रदेश को लेकर आँखें खुल जाएंगी , आज समझ में आ रहा है क्यों पीड़ित पुलिस स्टेशन के सामने आत्मदाह तो कभी हारकर सुसाइड करने को मजबूर हो जाता है। UP POLICE ALIGARH POLICE से न्याय की उम्मीद करना क्यों बड़ी गलती है। क्यों सरकार Yogi Adityanath को लोग कोसते हैं क्योंकि जब खुद पर बीती तब समझ गई। मैं भी यही कहूंगी गलत सरकार चुनी गई है। भ्रष्टाचार के लिए दिल्ली बदनाम है लेकिन बड़े खेल तो UP POLICE में हो रहे हैं। यहां हर कदम पर पैसा चलता है। इसकी गवाह तो कल मैं खुद हूं। मेरे परिवार और मुझ पर जानलेवा हमला करने वाले 4 आरोपियों को पकड़ा गया। हमला करने वालों पर पुलिस ने 151 लगा दी (यहां भी खेल) जो कि मामूली धारा थी। इसके बाद ACM 2 के आगे पेश किया गया। जहां आरोपियों के वारंट भी निकल गए जेल जाने के हस्ताक्षर भी हो गए लेकिन डेढ़ घंटे में ऐसा खेल हो गया कि आरोपी छूट गए। आरोपियों के पेपर्स चेक करने का समय बढ़ा दिया। उनके पेपर्स का इंतजार किया जा रहा था। इस बीच क्या खेल हुआ सब समझगए होंगे। आरोपियों को पेपर्स जमा करने का एक घंटे का समय दिया गया था लेकिन वहां बैठी मैडम डेढ़ घंटे के बाद भी पेपर्स का इंतजार कर रही थी। साफ है क्यों बैठकर इंतेज़ार कर रही थी। ये स्थिति है उत्तर प्रदेश की। इस सरकार को वोट देना सबसे बड़ी भूल होगी। और हां ALIGARH POLICE आप अपना वही रात रटाया जवाब यहां मत चिपकना । जवाब आप लोगों के पास होते नहीं है। मडराक पुलिस , अलीगढ़ पुलिस, यूपी पुलिस कोई किसी काम की नहीं है। ये लोग सिर्फ चैन स्नैचर्स को पकड़कर ही खुश हैं। मिशन शक्ति , एंटी रोमियो स्क्वाड सिर्फ कागजी बातें हैं। आप महिलाओं पर हो रहे अत्याचार में कुछ नहीं कर पा रहे। फ्लॉप हैं । क्योंकि जानलेवा हमला, महिलाओं पर अटैक इनके लिए बड़ी बात नहीं। उस पर ये 151 लगाते हैं। ताकि मज़रिम छूट जाए और आगे के इनके मौके बने रहे। मडराक पुलिस से जवाब मांगा जाए ध्रुव ठाकुर, दीपू, हनी और करण जिसने जानलेवा हमला किया उस पर किस दबाव में 151 लगाई। जो धारा बनती थी उसे क्यों नहीं लगाया। श्याम सुंदर को क्यों नहीं पकड़ पा रहे? सुधा चौधरी भी फरार है? मडराक पुलिस क्यों इतना संरक्षण दे रही है अपराधियों को? IO को जब जानकारी हुई आरोपियों को पकड़ा जा रहा है तो वे खुद पहुंच गए तहसील। आप सब लोग वीडियो देखो और सोचो कि पुलिस इस पर 151 लगाती है, जिससे उनका सोर्स बंद न हो पाए। सब समझ रही हूं... DGP UP Yogi Adityanath Office PMO India Akhilesh Yadav Dimple Yadav Congress Indian Youth Congress AAP Keshav Prasad Maurya

माधुरी सेंगर

55,135 görüntüleme • 1 yıl önce

हमारे धैर्य की परीक्षा न ली जाए। बीते शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मैनपुरी में सपा प्रत्याशी अपनी पत्नी के रोड शो के दौरान सपा कार्यकर्ताओं द्वारा देश के वीर सपूत,राष्ट्रनायक और प्रत्येक देशभक्त भारतीय के आराध्य पूज्य महाराणा प्रताप जी की मूर्ति के साथ जिस प्रकार अनादर कर अपमानजनक व्यवहार का प्रदर्शन किया गया यह समाजवादी पार्टी की देश के मान बिंदुओं के प्रति घृणा की मानसिकता का परिचायक है। यह कुकृत्य समाजवादी पार्टी के हिंदुत्व के महानायकों के प्रति घिनौने और नफरत से भरे चरित्र को उजागर करता है। क्या महाराणा प्रताप किसी एक जाति के हैं या उन्हें किसी एक जातीय समुदाय से जोड़कर देखा जाना चाहिए, फिर महाराणा प्रताप जी से इतनी नफरत क्यों है, और महाराणा प्रताप जी की मूर्ति का अनादर कर आप किसे और क्या संदेश देना चाहते हैं? कहीं मुस्लिम तुष्टिकरण में आप इतना आगे निकलना चाहते हैं कि मुगल अकबर से सतत संघर्ष के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा को अपमानित कर मुगलों की संतानों को खुश करने के लिए यह सब जानबूझकर तो नही कराया गया हैं। अखिलेश यादव जी यदि आपमें वास्तव में यदुवंशी रक्त है तो बिना देर किए आपको इस कुकृत्य पर देश से माफी मांगनी चाहिए । मैं क्षत्रिय समाज के नौजवानों से, तमाम सामाजिक संगठनों उनके पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं से निवेदन करता हूं कि शांति बनाए रखें। हम नही चाहते कि सामाजिक सद्भावना मे किसी प्रकार की कटुता उत्पन्न हो लेकिन हम अपने देश के महान बलिदानी,आजादी के उपासकों के आराध्य, पूज्य महाराणा प्रताप जी का अपमान करने वालों से निपटने में सक्षम है। क्षत्रिय समाज के धैर्य की परीक्षा न ली जाए वरना अगर हमारा धैर्य टूटा तो इसके परिणाम बहुत घातक होंगे। ।। जय श्री राम, जय महाराणा ।।

संगीत सोम सेना

49,744 görüntüleme • 2 yıl önce

स्व. श्री भैरोंसिंह शेखावत की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब : जोधपुर की बात छोड़ो, मेरे संबंध उनसे अच्छे हो गए थे। वो बत्तीस पर आ गए, मैं 156 पर आ गया। तब भी हमारा उस वक्त से ही संबंध अच्छे रहे। सीधा मैं शपथ लेकर उनके घर गया। वो लंबी कहानी छोड़ दो। मैं कह चुका हूं। मीडिया द्वारा पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को डिले करने को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब: आज फिर खबर पढ़ी मैंने कि OBC का जो रिकमेंडेशन है उसके लिए तो अपने हिसाब से करेंगे। नीयत खराब है, हाईकोर्ट दो बार कह चुका, इस सरकार को भंग करने लायक सरकार है ये। मैंने पहले भी कहा, ऐसी सरकार जो संविधान की पालना नहीं कर रही है। हमने प्रयास किया, नहीं माना स्ट्राइक के वक्त में हमें चुनाव करवाने पड़े। हम भी कोई बहाना ढूंढ लेते। आज ये चुनाव नहीं कराने के बहाने ढूंढते हैं। इतनी घबराई हुई है कि साफ हो जाएंगे हम नगर निकायों में, पंचायतों में। को-ऑपरेटिव में चुनाव नहीं करवा रहे। कल आए को-ऑपरेटिव वाले मेरे पास में। राजस्थान के अंदर स्थिति बड़ी गंभीर है, हर वर्ग असंतुष्ट है। ऐसी सरकार आजादी के बाद में कभी आई नहीं होगी, यह मैं कह सकता हूं। ये मंत्री जी हैं न आपके जो इनको मैं कहना चाहूंगा अगर आप ये दस साल में मेरे साथ दो-तीन बार चाय पी लेते तो इनको कम से कम मैं सुझाव देता काम कैसे कराए जाते हैं। ब्रॉड गेज आ गई जोधपुर के अंदर, दो ट्रेन चलती थी, अब पचास चलती होंगी। हिंदुस्तान भर में जुड़ गए हम लोग, पानी लेकर हम आ गए। क्या-क्या काम उस वक्त नहीं हुआ बताइए आप। एयरपोर्ट भी उस वक्त बना था। सब कुछ हमारे वक्त में काम हुए और काम भी इस प्रकार से हो गए जो लोग कल्पना नहीं करते थे। लोग मांग नहीं करते थे, उसके पहले काम हो जाते थे। यह हमारी अप्रोच थी। अब यह पता नहीं अपने को तीस मार खां समझते होंगे कि सब अक्ल मेरे में ही है इसलिए किसी को सलाह करते नहीं हैं। अरे हम भी यहां के एमपी रहे हुए हैं। हमसे बातचीत करते, बैठ के बातचीत करते, चाय पर बुलाते, चाय पर आते, कुछ करते तो हम भी अपने जो अनुभव थे, शेयर करते हम लोग। हो सकता है राजस्थान का या जोधपुर का भला ज्यादा होता। ये अपनी भूमिका पूरे राजस्थान में निभा सकते थे। पर ये तो ये तो यही हैं। बड़ी-बड़ी मीठी बातें करते रहते हैं और काम पास कर रहे हैं। तो भाई इनको समझाओ कम से कम जोधपुर में आपकी बारह साल में क्या उपलब्धि है। बारह साल हो गए मोदी जी को, बारह साल इनको हो गए। इनको बताओ एक उपलब्धि, बताएं कि मेरे वक्त में उपलब्धि हो गई। ये ओवर ब्रिज बन रहा है, पता नहीं कब बनेगा, वो भी मैंने गडकरी जी को कह करके इसको सेंक्शन करवाया। ठीक है वो केंद्रीय मंत्री हैं तो मुझे एतराज नहीं है। पर मेरा सुझाव था क्योंकि मैंने कहा स्टेट गवर्नमेंट से एक हज़ार करोड़ के मैंने सेंक्शन कर दिए इसके लिए, तो मुझे पता था कि ये जो आपका एरिया है, क्या बिल्डिंग का नाम क्या है, हैदर बिल्डिंग, यहां हमें तकलीफ आएगी क्योंकि अंडर ब्रिज बन सकता है ओवर ब्रिज भी हो सकता है, तो मैंने कहा ये काम, ये एक्सपर्टाइज़ करते हैं गडकरी जी और इनका डिपार्टमेंट। वो बनाएं इस बात को लेकर, डीपीआर करवा दी और मेरे ख्याल से मोदी जी ने शिलान्यास भी कर दिया, मैंने सुना है। पता नहीं आगे काम कितना बढ़ रहा है।

Ashok Gehlot

21,582 görüntüleme • 3 ay önce

अबे ट्रम्प तो खेल गया Netanyahu के साथ 😂 पत्रकार : तुर्की को F-35 फाइटर जेट चाहिए। क्या आप तुर्की के पास एक बड़ा गिफ्ट पैकेज लेकर जा रहे हैं? Trump : हां, मुझे ऐसा लगता है, तुर्की NATO का सदस्य है। मैं शायद कुछ ऐसा करने जा रहा हूँ जिससे एर्दोगन बहुत खुश होंगे। NATO Secretary General Mark Rutte : तुर्की में डिफेंस इंडस्ट्री का बहुत बड़ा बेस है। NATO और अमेरिका में 3000 कंपनियां काम कर रही हैं। Trump : ज़्यादातर लोग नहीं जानते कि तुर्की की मिलिट्री पावर कितनी बड़ी है। उनके पास बहुत ताकतवर आर्मी है। मैं नाटो समिट में इसलिए जा रहा हूँ क्योंकि मैं प्रेसिडेंट एर्दोगन की इज्ज़त करता हूँ अगर अंकारा में NATO समिट की मेज़बानी एर्दोगन नहीं कर रहे होते, तो मैं उसमें शामिल नहीं होता। एर्दोगन एक ऐसे आदमी हैं, जो थोड़े विवादित हैं, लेकिन वो तो मैं भी हूँ पर मैं उन्हें जानता हूँ। मुझे लगता है कि वह बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्होंने हमारी बहुत मदद की है। - प्रेसिडेंट एर्दोगन एक महान लीडर हैं और बहुत ताकतवर इंसान हैं, वह युद्ध से दूर रहे लेकिन उनके पास बहुत ज़्यादा मिलिट्री पावर और बहुत ताकतवर आर्मी है। शी और पुतिन भी ऐसे ही थे, लेकिन आप कह सकते हैं कि व्लादिमीर को कुछ और चीज़ों पर ध्यान देना है। वे सभी बाहर रहे। यह बहुत कमाल की बात थी। - आपको पता है, ईरान युद्ध में जाने के लिए वह एक मुख्य उम्मीदवार थे। शायद ईरान की तरफ से, क्योंकि जैसा कि आप जानते हैं, वह इज़राइल के बहुत बड़े प्रशंसक नहीं है। एर्दोगन ईरान की तरफ से युद्ध में लगभग शामिल हो गए थे, लेकिन उन्होंने मेरी रिक्वेस्ट मान ली और दखल नहीं दिया। - एर्दोगन को तुर्की से प्यार है, मुझे अमेरिका से प्यार है, वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वह एक सम्मानित आदमी हैं, एक सम्मानित नेता हैं। ज़्यादातर समय, जब उन्हें (यूरोपियन लीडर) एर्दोगन से कोई प्रॉब्लम होती है, तो वे मुझे फ़ोन करके कहते हैं, क्या आप उनसे बात कर सकते हैं? वे मुझे फ़ोन करके पूछते हैं, क्या आप हम पर एक एहसान कर सकते हैं और उनसे बात कर सकते हैं? (नेतनयाहू का BP 📈 और कंट्रोल में रखने की निंजा टेक्नीक)

Mr_cool77777

58,192 görüntüleme • 2 ay önce

सवाल : सर, जादूगरी आज पूरे विश्व में कला कहलाती है, कल मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अशोक गहलोत जी हेराफेरी करते हैं। जवाब : हेराफेरी है। ये सरकार पूरी हेराफेरी से ही चल रही है। सरकार नाम की चीज है नहीं। ये सरकार खुद ही हेराफेरी कर रही है और लोगों को भ्रमित कर रही है और कुछ काम नहीं कर रही है। मैजिशियन की कला तो देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय जगत में बहुत ही प्रसिद्ध कला है। उसका उद्गम स्थान कहते हैं हिंदुस्तान से ही हुआ था। सैकड़ों साल पहले, जादू कला का उद्गम जो है हिंदुस्तान से चला था दुनिया के मुल्कों में अमेरिका हो या इंग्लैंड हो। तो हमें तो गर्व होना चाहिए। अब मुख्यमंत्री को पता ही नहीं है इस कला बैकग्राउंड क्या है तो फिर वो ऐसे कमेंट करेंगे और क्या करेंगे? किसी ने कह दिया होगा उनके पीआर देखने वाले ने कि आप ये जुमला बोल दो। वो जुमला बोल गए। अपने मन से नहीं बोले थे मुझे मालूम है। सवाल : पिताजी के साथ आप विदेश में इस कला का प्रदर्शन करने गए थे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर। जवाब : वो छोड़िए, वो तो विदेश गए हम लोग। पिताजी जापान भी गए थे। हम हांगकांग भी गए थे। लंबी कहानी है। सवाल : आपने सरकार चलाई। जादूगरी करते थे हर कामकाज, मॉडल लेकर आए। जवाब : लोग प्यार से कहते हैं भाई जादूगर तो प्यार से, आप लोगों के प्यार, आपकी मोहब्बत, प्रदेशवासियों का विश्वास अटूट है। मेरी लाइफ की पूंजी यही है। मुझे जिंदगी में जो प्यार, जो विश्वास मुझे मिला है प्रदेशवासियों से, वो मिसाल बहुत कम है। मैं समझता हूं कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे प्रदेश के लोगों ने कमी नहीं रखी। छत्तीस ही कौम के लोगों ने मुझे जो विश्वास दिया है, वोट दिया नहीं दिया परंतु उनका प्यार, उनकी मोहब्बत, उनका विश्वास अटूट रहा है। जब जाकर एक आदमी मेरी कम्युनिटी का है MLA विधानसभा में और वो माली कम्युनिटी का मैं खुद ही था कांग्रेस के अंदर ,तब भी मुझे मुख्यमंत्री रखा पाँच साल, दस साल, पंद्रह साल। ये आप समझ लीजिए इससे बड़ा क्या उदाहरण हो सकता है देश के अंदर कि जिस व्यक्ति का एक MLA हो और वो व्यक्ति जो है, चाहे सोनिया जी थी, चाहे राहुल जी थे, सबका सहयोग रहा, प्रियंका जी का रहा और मुझे तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बना दिया। पहली बार जब बनाया होगा तो क्या सोचा होगा? कुछ तो देखा होगा । कुछ तो जो मैंने काम किया PCC के अंदर तो कुछ ऐसे काम हुए होंगे पार्टी के इंटरेस्ट के अंदर जिसके कारण से मुझे अवसर मिला। तो मैं समझता हूं कि वो मेरी जिंदगी की बहुत बड़ी एसेट है, पूंजी है। उसको साथ लेकर मैं आगे बढ़ना चाहता हूं।

Ashok Gehlot

51,255 görüntüleme • 24 gün önce

क्या ही लिखा जाए इस पर? क्या ही कहा जाए? लेकिन फिर भी जो लिखा है उसको पढ़िए और ये समझिए कि मज़ाक करने में और मानसिक तौर पर दिवालिया होने में फर्क होता है। आप बीजेपी के किसी भी नेता-कार्यकर्ता से मिलिए, वो अपनी सरकार के तमाम खामियों पर हामी भरने के बाद भी अंत में आपको यही कहेंगे कि जब तक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राजनीति में सक्रिय हैं, जब तक वे कांग्रेस के पोस्टर बॉय बने हुए हैं तब तक बीजेपी की सत्ता में वापसी होती रहेगी। ये सुनकर निश्चित है लगता है कि बीजेपी का ये अति-आत्मविश्वास ही उनको लेकर डूबेगा लेकिन फिर आप नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बीजेपी कार्यकर्ताओं की बातों को यथार्थ करते सुन लेते हैं। तब समझ आता है कि बीजेपी की असल ताकत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कांग्रेस ही है। कारण कि राहुल गांधी के आस-पास के Congress Courtier (दरबारी) में उतनी कुव्वत नहीं है कि वे अपने नेता को ये बता सकें कि साहब ये दांव उल्टा भी पड़ सकता है। ऐसे में अक्सर ये दरबारी अपने नेता को खुश करते-करते उनके ही गले पर आरी रगड़ देते हैं। इस बात को प्रमाणित करने के लिए इस वीडियो से बेहतर और क्या ही होगा! इंदिरा गांधी की कांग्रेस के भीतर की रचनात्मकता इस स्तर पर उतर जाएगी, ये कल्पना से परे की बात अब लगती नहीं है। ये कहने में गुरेज नहीं करना चाहिए कि पीएम मोदी के लिए जंतर-मंतर पर जिन अपशब्दों और घटिया टिप्पणियों पर इस देश के GenZ ने माफी मांगी है, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस शायद उन अभद्र और ओछे संदर्भों से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुईं है। तभी तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब पीएम मोदी के विदेशी नेताओं से गले मिलने का उपहास उड़ा रहे होते हैं तभी संदीप दीक्षित झट से इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी का भी जिक्र कर देते हैं, इसी ताक में कि देश के GenZ को ये घटिया मजाक पसंद आयेगा। क्या रचनात्मक कांग्रेस के बैनर तले राष्ट्रीय सम्मेलन कर रही कांग्रेस पार्टी की यही नई रचनात्मकता है? और क्या होती है वैसे विदेश नीति? क्या अभी ईरान-इज़राइल युद्ध के समय यही कांग्रेस नहीं कह रही थी कि देश में भयंकर ऊर्जा संकट आने वाला है, भूखे मरने की नौबत आने वाली है, ऐसा कुछ हुआ क्या? जिस दौर में पूरा विश्व "ट्रम्प" नाम की वैश्विक अस्थिरता से पीड़ित है, जहां अमेरिका भारत की संप्रभुता को टैरिफ का डर दिखा कर झुकाने की जुगत में लगा रहता है, वहां भारत के साथ रूस और यूरोप जैसी बड़ी वैश्विक ताकतें आज साथ नहीं है क्या? जिस इटली की पहली प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर कांग्रेस के पोस्टर बॉय Rahul Gandhi अपने नेता Sandeep Dikshit के साथ एक स्तरहीन टिप्पणी पर खिखिया रहे हैं, आज वही इटली भारत के सबसे महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEEC) का प्रमुख भागीदार बना है, इसके अलावा आज इटली चीन के 'बेल्ट एंड रोड' (BRI) प्रोजेक्ट से बाहर निकलकर G7 और G20 जैसे वैश्विक मंचों पर भारत के इंडो-पैसिफिक विजन का खुलकर समर्थन कर रहा है, इसको विदेश नीति नहीं कहते है क्या? या फिर विदेश नीति इसको कहते हैं कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल (UPA-1) के दौरान ईरान-पाकिस्तान-भारत (IPI) गैस पाइपलाइन परियोजना जिसे 'पीस पाइपलाइन' भी कहा जाता था, वो 2008-2009 के दौरान अमेरिका के राजनीतिक दबाव और भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की शर्तों के कारण रोक दी गई, या यूं कहें कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया? नोट कर लीजिए। बकौल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बीजेपी, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गुब्बारा तो साल 2013 से ही फूल-फूल के उड़ रहा है, जो उनके मुताबिक अब फटने लगा है..लेकिन असल में चिंता अब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपने गुब्बारे की भी होनी चाहिए कि आखिर उसमें ऐसा छेद कैसे हो जा रहा कि सुबह तो उसमें बराबर हवा भरा मालूम पड़ता है लेकिन वो शाम होते-होते फुस्स हो जाती है। इस गुब्बारे को भी वैसे 2013 से ही फुलाने की कोशिश हो रही है लेकिन ये संदीप दीक्षित जैसे Royal Congress Courtier ही हैं शायद, जो राहुल गांधी का ये गुब्बारा उड़ने ही नहीं दे रहे!

Bharat Suraj भारत सूरज

25,612 görüntüleme • 13 gün önce