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Air pollution has become a national catastrophe that demands a comprehensive and immediate national action plan. This is not a political issue but a bipartisan responsibility, for which we are ready to work with the PM to combat it, solve it and protect the future of our people. वायु...

600,815 次观看 • 9 个月前 •via X (Twitter)

32 条评论

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NSUI9 个月前

LoP Shri Rahul Gandhi clearly said - Air pollution is now a national catastrophe requiring urgent, comprehensive action, and that opposition is ready to work with the government to tackle it and safeguard the people’s future. Government must take step and Act Now.

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BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما9 个月前

AQI नहीं बदल सकते तो खुद का IQ ही बदल लिया

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Shubhra9 个月前

It's a genuine issue which should be addressed by government. And these problems can be raised and understand by only an educated leader Not like our current PM. #delhipollution

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Truth Unplugged9 个月前

बड़ी जल्दी याद आया तुम्हे @RahulGandhi 🤷‍♂️

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D9 个月前

Modi Ji, please rise beyond petty politics and stop giving statements like "Mausam Ka Mazaa Lijiye" "India has its own Air standards" Every living being has the same breathing standard, not everyone is a Non-biological Avatar in the country.

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Sridhar Ramaswamy శ్రీధర్ రామస్వామి ✋🇮🇳9 个月前

Be it the great smog of London in the 1950s or the pollution of Beijing more recently, countries like the UK and China worked towards resolving the crisis and made tremendous progress. Rahul Gandhi is right, the Government needs to take all stakeholders into confidence and come up with concrete solutions. The present Indian Government should learn from other countries that solved the problems!

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Akhilesh Yadav9 个月前

This pollution disaster requires immediate government intervention. A national effort must begin without delay.

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The Protagonist9 个月前

Non biological doesn’t care about national catastrophe

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MrsG9 个月前

Lekin vo maan hi nahin rahe 😂

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VIKRAM9 个月前

साहेब ने तो गिनती जी बदल दी अब हवा साफ दिखेगी हमेशा

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Ashfaq Joiya9 个月前

प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है जिसमें सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं। प्रदूषण की वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, गंभीर बीमारियां हो रही हैं। इसलिए मैंने संसद में सुझाव दिया है कि हमें प्रदूषण पर चर्चा करनी चाहिए !

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itz_daniyal809 个月前

Air Pollution" Delhi attack'' IndiGo crisis" Modi ji******************* Vande matram 🥱

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Vanitha9 个月前

People leader Rahul Gandhi

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Suresh Meena9 个月前

सारे के सारे झूठे हैं

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Prince Singh 🐦9 个月前

As a support of Modi, I am totally agree with you. If you raise issues like this, may be you get the support you are looking for.

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Amar Singh Chouhan9 个月前

Cities are choking, children’s lungs are collapsing, cancer is rising and the PM is still doing event management. Rahul Gandhi is demanding a real plan, but this Govt treats air pollution like an inconvenience, not a national emergency. How long will India suffocate for their politics?

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Varun Choudhary9 个月前

“शहरों में जहरीली हवा के मुद्दे पर विपक्ष, सरकार के साथ सहयोग करने को पूरी तरह तैयार हैं। सरकार, विपक्ष और एक्सपर्ट मिलकर विस्तृत चर्चा करें, योजना बनाएं और जमीन पर इस लड़ाई को लड़ें। लाखों लोग भयंकर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।” — नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी

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Dear Men9 个月前

Everybody knows how you want to control Air Pollution. After flop fake Vote Chori Propaganda where Gen Z and common people rejected it, You want another attempt by giving your anti National Anti Hindu objectives in the garb of social issue like Air Pollution. Drama that's it.🤡

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Knight Rider9 个月前

Kejriwal aur Bhagwant Mann ko bolne ki Aukaat hai teri ?

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Jibu Sinha 🇮🇳9 个月前

इसपर भी दो शब्द बोल देते ये चाचा इतना कैसे सुधर गया?

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Gurtej singh pannu9 个月前

On one side, Shri Rahul Gandhi ji is raising the pollution crisis with facts and sincerity. While BJP’s Rekha Gupta claim that sprinkling water on the monitor can reduce AQI — as if people don’t know the data was being manipulated. This mockery of public health won’t work anymore.

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Kavi Kandpal9 个月前

first time rahul use his brain appreciated.

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prof dr Arun Prakash Mishra 🇺🇲9 个月前

समाधान यहाँ है👇

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Knight Rider9 个月前

Pappu Kolkata ko nahi bolega ?

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Jitte9 个月前

We request everyone to please sign the petition on Aravali 🙏

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Kapil9 个月前

Finally he is speaking for Pollution, this should be the top most issue for both ruling & opposition party & requires immediate attention

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Aditya Ojha9 个月前

Don’t do politics around air pollution

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Ravindra Arjun9 个月前

Modi is Disaster for India 💯

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Pushpendra Meena9 个月前

डबल इंजन की सरकार दिल्ली की जनता झेल रही प्रदूषण की मार। #वोट_चोर_गद्दी_छोड़

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𝐒𝐚𝐧𝐣𝐢𝐛 𝐁𝐡𝐚𝐭𝐭𝐚𝐜𝐡𝐚𝐫𝐲𝐚9 个月前

#airpollution के मुद्दे पर, हम सरकार के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। सरकार और विपक्ष को मिलकर • काम करना चाहिए, •योजना बनानी चाहिए, •और संसद में इस पर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए। — नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी

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अशोक तिवारी9 个月前

ओए पप्पू... जे का हुआ बे 🤣🤣😂 👇 टूट गई ट्रम्प की अकड़!

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राजस्थान की सियासत9 个月前

वायु प्रदूषण एक राष्ट्रीय आपदा बन चुका है, जिसके खिलाफ़ एक तत्काल, व्यापक और निर्णायक राष्ट्रीय योजना की ज़रूरत है।

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#BharatJodoYatra is a People’s Movement, unequalled in history. As the Yatra completes one year today, on behalf of the Indian National Congress, I congratulate Shri Rahul Gandhi, all Bharat Yatris and the lakhs of our citizens who walked and joined in this historic endeavour. From Kanyakumari to Kashmir, Bharat Jodo Yatra covered more than 4000 Kms and carried a message of unity in diversity, with lakhs of people from all walks of life. The trend of manufacturing irrelevant headlines to divert attention from the real issues of people to hide the agenda of hate and division is a systemic attack on our collective conscience. The Yatra seeks to bring real issues of economic inequalities, price rise, unemployment, social injustices, subversion of Constitution, centralisation of power, to the centre stage of people’s imagination. The Yatra continues to fight the menace of hate and hostility in our society through a conversation. The Bharat Jodo Yatra is not just a physical endeavour, it is a sincere effort to rebuild our broken collective conscience. Our ingrained values of Justice, Liberty Equality, and Fraternity, for us, are supreme. The Congress party is continuously reaching out to people in an endeavour to reclaim our Constitution and protect our Democracy. Today, Bharat Jodo Yatra continues...🇮🇳 *** #BharatJodoYatra - एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन है, जो इतिहास में अद्वितीय है। आज यात्रा के एक वर्ष पूरा होने पर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, मैं श्री Rahul Gandhi, सभी भारत यात्रियों और हमारे लाखों नागरिकों को बधाई देता हूँ जो इस यात्रा में शामिल हुए। कन्याकुमारी से कश्मीर तक, भारत जोड़ो यात्रा ने 4000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की और जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ विविधता में एकता के लिए संवाद स्थापित किया। नफ़रत और विभाजन के एजेंडे को छिपाने के लिए, लोगों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए, अप्रासंगिक सुर्खियां बनाने की प्रवृत्ति हमारी सामूहिक चेतना पर एक सोचा-समझा प्रहार है। यात्रा आर्थिक असमानताओं, महँगाई, बेरोज़गारी, सामाजिक अन्याय, संविधान के विध्वंस, सत्ता के केंद्रीकरण के वास्तविक मुद्दों को लोगों की कल्पना के केंद्र में लाने का प्रयास करती है। यह यात्रा लोगों की भागीदारी के माध्यम से हमारे समाज में नफ़रत और शत्रुता के खतरे से लड़ने के लिए जारी है। भारत जोड़ो यात्रा सिर्फ एक भौतिक प्रयास नहीं है, यह हमारी टूटी हुई सामूहिक चेतना को फिर से बनाने का एक ईमानदार प्रयास है। हमारे लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के हमारे संवैधानिक मूल्य सर्वोच्च हैं। कांग्रेस पार्टी, हमारे संविधान की रक्षा और हमारे लोकतंत्र की सुरक्षा करने के प्रयास में लगातार लोगों तक पहुंच रही है। आज भी, भारत जोड़ो यात्रा जारी है...🇮🇳

Mallikarjun Kharge

176,665 次观看 • 3 年前

नमस्कार साथियों, सबसे पहले, मैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी, संचार विभाग के महासचिव श्री जयराम रमेश जी, मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष श्री पवन खेड़ा जी, और इस आयोजन में शामिल सभी वक्ताओं का धन्यवाद करता हूं। यह कार्यशाला केवल एक कार्यक्रम नहीं है, यह हमारे विचार और संघर्ष की निरंतरता है। आज जब देश जातीय न्याय की बात कर रहा है, तब कांग्रेस पार्टी का यह दायित्व बनता है कि वह इस विमर्श को दिशा दे, उसे नारे से नीति तक ले जाए, और जितनी आबादी उतना हक को केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प बनाए। साथियों, हम सभी जानते हैं कि जातिगत जनगणना का मुद्दा कोई नया नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने इसे लगातार उठाया है, हमारे घोषणापत्रों में, संसद में, सड़कों पर, और हर उस मंच पर जहाँ सामाजिक न्याय की बात होनी चाहिए । मैंने स्वयं अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग दोहराई थी कि जाति जनगणना को तत्काल शुरू किया जाए। उस पत्र में मैंने साफ कहा था, जब तक हमारे पास सही आंकड़े नहीं होंगे, तब तक कोई भी सरकार यह दावा नहीं कर सकती कि वह सबको न्याय दिला रही है। आज हमें यह पूछना है, OBC, दलित और आदिवासी समुदायों की देश के सत्ता-संरचनाओं में भागीदारी क्या है? क्या वे मीडिया में, नौकरशाही में, न्यायपालिका में, कॉर्पोरेट सेक्टर में, और उच्च शिक्षा संस्थानों में अपनी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व रखते हैं? अगर नहीं, तो इसका कारण क्या है? और समाधान क्या है? इसका समाधान है सच्चाई को सामने लाना, आंकड़ों को सार्वजनिक करना, और फिर नीतियों का पुनर्निर्माण करना। यही कारण है कि जाति जनगणना को हम केवल एक आँकड़ों की कवायद नहीं मानते, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र का नैतिक दायित्व है। साथियों, हमें यह भी स्पष्ट रूप से मांग करनी है कि संविधान के अनुच्छेद 15(5) को तुरंत लागू किया जाए, जिससे OBC, दलित और आदिवासी छात्रों को निजी शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण मिले। आज जब शिक्षा का बड़ा हिस्सा निजी क्षेत्र में केंद्रित हो गया है, तब इन समुदायों को उस पहुँच से वंचित रखना एक प्रकार का शोषण है। कांग्रेस का मानना है कि शिक्षा में समान अवसर के बिना कोई भी समाज बराबरी का नहीं हो सकता। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि 50% आरक्षण की सीमा पर अब नए आंकड़ों के आलोक में पुनर्विचार हो। जब सामाजिक वास्तविकताएं बदल चुकी हैं और आंकड़े नई तस्वीर पेश कर रहे हैं, तो हमारी नीतियों में भी उसी अनुरूप परिवर्तन होना चाहिए। आरक्षण की वर्तमान सीमा को आंकड़ों और न्याय दोनों के संतुलन से देखा जाना चाहिए, ताकि OBC, दलित और आदिवासी समुदायों को उनका वास्तविक हक मिल सके। तेलंगाना में जो जाति सर्वेक्षण हुआ, उसने एक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें समाज, विशेषज्ञ और सरकार सभी की भागीदारी रही। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार भी ऐसा ही जन-संवादी और पारदर्शी मॉडल अपनाए। हम इस प्रक्रिया में सहयोग करने को तैयार हैं। साथियों, आप सभी हमारे पार्टी के प्रवक्ता हैं, हमारे विचारों की आवाज़ हैं। आज जब देश जाति जनगणना को लेकर जागरूक हो रहा है, तब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम तथ्यों के साथ, संवेदनशीलता के साथ, और निडर होकर इस विषय को जनता के बीच ले जाएं। यह न केवल सामाजिक न्याय की लड़ाई है, बल्कि संविधान की आत्मा की रक्षा की लड़ाई है। मैं आपसे अपील करता हूं कि इस अभियान को केवल चुनावी मुद्दा न समझें, यह हमारी वैचारिक प्रतिबद्धता है। आज का यह संवाद, इस दिशा में हमारी एकजुटता का प्रमाण है। आप सभी को इस ऐतिहासिक प्रयास के लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं। आइए, हम मिलकर एक ऐसा भारत बनाएं जहाँ हर नागरिक की पहचान, गरिमा और अधिकार को समान रूप से सम्मान मिले। जय हिन्द , जय कांग्रेस, जय संविधान !

Mallikarjun Kharge

63,129 次观看 • 1 年前

हम सिर्फ मूकदर्शक नहीं बने रह सकते। अब समय आ गया है कि हम, सभी धर्मनिरपेक्ष भारतीयों को इन ताकतों को हराने के लिए एक साथ आना चाहिए। इन लोगों के बीच कितना ज़हर फैल गया है और वे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ ऐसा करने के बारे में कैसे सोच सकते हैं जो शायद उनके दादा की उम्र का है। बहुत हो गया ज्ञापन देना और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करना। अगर सरकार और पुलिस आंखें मूंद रही है तो एक समुदाय के तौर पर हमें खड़े होकर इन ताकतों का मुकाबला करने की जरूरत है। यह अब एक सामान्य चलन बन गया है और हम भारतीय कुछ नहीं कर रहे हैं। We just can’t be mute spectators. It’s high time we, all secular Indians should come together to defeat these forces. How so much poison has spread among these men and how could they even think of doing such a thing to somebody who maybe their grandfathers age. Enough of giving memorandums and expressing our anger on social media. If govt and police is turning a blind eye then we as a community need to stand and counter these forces. It has become a normal trend now and we as Indians our doing nothing. PMO India CMO Maharashtra Devendra Fadnavis महाराष्ट्र पोलीस - Maharashtra Police Asaduddin Owaisi

Imtiaz Jaleel

271,126 次观看 • 2 年前

उड़ीसा के बलांगीर जिले के जुराबंध गांव में एक आदिवासी लड़की के साथ हुई अमानवीय घटना ने सरकार की संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी अभया बाग ने न केवल पीड़िता के साथ दरिंदगी की, बल्कि उसे जबरन मल-मूत्र खिलाने जैसा क्रूरतम और घृणित अपराध किया। इस घटना की गंभीरता को समझते हुए मैंने अपने संगठन की ओर से Manoj Tandi को पीड़ित परिवार से मिलने और घटना की पूरी जानकारी लेने भेजा। मनोज ने परिवारजनों से बातचीत की, जिसके बाद मुझे फोन पर जानकारी दी गई कि आरोपी अभया बाग एक दबंग और प्रभावशाली व्यक्ति है। परिवार ने बताया कि आरोपी स्थानीय बीजेपी विधायक का करीबी है, और इसी राजनीतिक संरक्षण के कारण न तो पुलिस ने उसे अब तक गिरफ्तार किया है और न ही पीड़ित परिवार को कोई सुरक्षा दी गई है। परिवार गहरे भय और असुरक्षा में जीने को मजबूर है, और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद धुंधली नजर आ रही है। यह घटना न केवल एक आदिवासी लड़की के जीवन और सम्मान पर हमला है, बल्कि यह पूरे आदिवासी समुदाय के अधिकारों और गरिमा के प्रति हमारे समाज की उपेक्षा को भी उजागर करती है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह की घटनाओं पर प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक नेतृत्व चुप्पी साधे हुए हैं। हम इस घृणित अपराध की कड़ी निंदा करते हैं और प्रशासन से मांग करते हैं कि आरोपी अभया बाग को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसे कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए और उनकी सामाजिक व आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाए। यह मामला केवल एक आदिवासी लड़की का नहीं है, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय के सम्मान, अधिकार और सुरक्षा का सवाल है। अगर इस घटना पर प्रशासन ने शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हम इसे लेकर बड़ा जन आंदोलन करेंगे और देशभर में इस मुद्दे को उठाएंगे। आदिवासी बेटियों की गरिमा और न्याय के लिए यह लड़ाई किसी भी स्थिति में रुकेगी नहीं। मैं Mohan Charan Majhi, Narendra Modi, Jual Oram, President of India, Governor Odisha, CMO Odisha, DGP, Odisha, NHRC India Vijaya Rahatkar और National Commission for Scheduled Tribes से अपील करता हूं कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं। यह लड़ाई सिर्फ न्याय की नहीं, बल्कि इंसानियत को बचाने की है। #TribalLivesMatter

Hansraj Meena

69,946 次观看 • 1 年前

माननीय सदस्यगण... मैं आपसे कुछ शब्द कहना चाहूंगा। उप-राष्ट्रपति पद के चुनाव 2-3 दिन में होने वाले हैं। मेरी सभी से दरखास्त है कि देश के हित में सोच-समझकर मतदान करें। मुझे पूरा विश्वास है कि आप जो भी निर्णय लेंगे, वो मेरे या आपके हित में नहीं, बल्कि देश के हित में होगा। जो भी आपका निर्णय होगा, मैं वो स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। ये देश हम सबका है। देश को संभालकर रखना, हम सभी की जिम्मेदारी है। यह केवल उप-राष्ट्रपति पद के लिए वोट नहीं है, ये भारत की आत्मा के लिए वोट है। आइए, हम सब मिलकर अपने गणतंत्र को मजबूत बनाएं और एक ऐसी विरासत बनाएं जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें। NOW IT IS FOR THE PEOPLE OF INDIA TO DECIDE : बी. सुदर्शन रेड्डी जी, विपक्षी दल की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एवं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज

Congress

192,624 次观看 • 1 年前

PhysicsWallah maintains a zero-tolerance policy toward any form of discriminatory or insensitive language. We are deeply concerned by the recent remarks made by a faculty member, which represent a grave violation of our core values and institutional code of conduct. ​Taking this matter with the utmost seriousness, the faculty member has been suspended with immediate effect pending a thorough investigation by a senior disciplinary committee. ​We offer an unconditional apology to the community. We remain committed to ensuring our platform is a space of dignity and respect for every student. The concerned educator has also tendered an unconditional apology and requested us to share the same. फिज़िक्सवाला किसी भी तरह की असंवेदनशील या भेदभावपूर्ण भाषा के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी रखता है। हाल ही में एक लाइव क्लास के दौरान एक फैकल्टी द्वारा की गई टिप्पणियाँ हमारे मूल्यों और नियमों का गंभीर उल्लंघन हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित फैकल्टी को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। इस पर वरिष्ठ अनुशासन समिति द्वारा जांच की जा रही है। हम इस घटना के लिए सभी से माफी मांगते हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से कोशिश करेंगे कि हमारा प्लेटफ़ॉर्म हर छात्र के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित बना रहे। संबंधित शिक्षक ने भी माफी मांगी है और हमें इसे साझा करने का अनुरोध किया है।

Physics Wallah (PW)

222,744 次观看 • 6 个月前

• 5 अप्रैल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दो दिन बाद असम सरकार की मशीनरी ने पूरी ताकत के साथ एक NBW याचिका डाली, जिसे ख़ारिज कर दिया गया था • जिस निर्णय के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट गए थे, उस पर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, उसमें ऐसे प्रावधानों का जिक्र है, जो शिकायतकर्ता, याचक और जांच एजेंसी ने नहीं कही है • सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि हम भूल जाते हैं कि अंतरिम जमानत के मामले में जब तक दोष सिद्ध न हो जाए, तब तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता है • इस मामले में कई प्रकार के पहलुओं को डाल दिया गया, ताकि यह मानहानि से एक अलग केस बन जाए। इसमें 9 प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया था, जिसे हमने साबित किया है- ये सभी प्रावधान जमानती हैं • हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी है और अगर राजनीतिक अभियान के दौरान एक राजनीतिक बयान को इतना बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा तो ये Article 19(1)(a) को खतरा होगा मैं इस निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं और इस फैसले पर कांग्रेस पार्टी समेत सभी लोगों को बधाई देता हूं। : AICC-Law, Human Rights and RTI Department के Chairman Abhishek Singhvi जी 📍 दिल्ली

Congress

23,944 次观看 • 5 个月前

मैं जानती हूँ कि आप में से बहुत सारे लोग हरियाणा के नतीजों से परेशान हैं • चुनाव हमारे पक्ष में होने के बावजूद परिणाम ना आने से हम भी व्यथित हैं. पार्टी एवं नेतृत्व इसका आँकलन करके आगे के लिए रणनीति बना रहे हैं • लेकिन एक बात याद रखियेगा, हमारा वजूद एक हार या एक जीत से तय नहीं हो सकता • हमारी लड़ाई उन ताक़तों से है जिनको साम दाम दंड भेद हर तरह के हथकंडे अपनाने से कोई परहेज़ नहीं है • जिनके लिए हर क़ीमत पर सत्ता हासिल करना एकमात्र लक्ष्य है. जिनके पास अकूत पैसा ही नहीं पूरा तंत्र है • और हमारे पास है केवल सत्य और साहस - पर वो इतना है कि इन जैसों के लिए काफ़ी है • इतना है कि इनको परेशान करके रख देता है • आज वक़्त है सबक़ सीख कर आगे बढ़ने का, आज वक़्त है अपने हौसले और विश्वास को और मज़बूत करने का • आज राहुल गांधी के संकल्प में संकल्प मिलाने का वक़्त है, क्योंकि यह मत भूलिएगा कि जब सबने हथियार डाल दिये थे • तो उस एक आदमी ने अकेले इस देश को जोड़ने का बीड़ा उठा लिया था. बिना अपनी जान की परवाह किए इस देश को पैदल नाप दिया और इस देश में मोहब्बत का परचम लहरा दिया • उस एक आदमी ने मोदी और उनकी निरंकुश सरकार के ख़िलाफ़ संविधान उठा कर उनको बैसाखी पर ला खड़ा कर दिया • सफलता ना मिलना ज़रूर दुखी करता है, लेकिन याद रखियेगा आप अभिमन्यु नहीं अर्जुन हैं और इनके चक्रव्यूह को तोड़ कर ही हम दम लेंगे • एक बार सोचियेगा आप राहुल के साथ क्यों खड़े हैं? सिर्फ़ इसलिए क्योंकि आपको विश्वास है कि यह बंदा डरता नहीं है, यह आँख में आँख डाल कर ललकारता है, यह अजनबियों को, ग़रीबों को, समाज की अंतिम पायदान पर खड़े उस आदमी को गले लगाकर इज़्ज़त देता है जिसको कोई पूछता नहीं है, आप जानते हैं कि राहुल गांधी आपके हक़ की लड़ाई लिए, इस देश के लिए हर क़ीमत चुकाने को तैयार हैं • तो उठिये, निराशा को त्यागिये और फिर से लड़ाई के लिए कमर कस लिजिये. महाराष्ट्र झारखंड में जीत का झंडा गाड़ना है • हम कांग्रेस के सिपाही हैं, उस पार्टी के योद्धा हैं जिसने ब्रिटिश हुकूमत से निहत्थे लड़ कर इस देश को आज़ादी दिलाई • जो लड़ता है - वही जीतता है. और इतिहास गवाह है कि अंततोगत्वा जीत हमेशा सच और साहस की होती है दिनकर के शब्दों में: सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें आगे क्या होता है We are fellow fighters, we are Rahul Gandhi’s soldiers, we are his strength and he is our leader who inspires us to fight the good fight. So rise and together we will shine! हम साथ लड़ेंगे और जीतेंगे! ❤️

Supriya Shrinate

973,746 次观看 • 2 年前

आज आयोग में काम करने का मेरा आखिरी दिन है। आज मैं इतने दिनों के मेरे अनुभवों को निश्चित रूप से आपसे साझा करना चाहूंगा। आयोग में काम करते हुए मुझे प्रोफेशनल और व्यक्तिगत दोनों तरह के अनुभवों के साथ गुजरना पड़ा। लगभग एक दशक का समय इस आयोग में मेरा निकला है। मनुष्य का जीवन नश्वर है और इसका नष्ट होना तय है। हम किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जीवन को नष्ट कर रहे हैं, यह महत्वपूर्ण है। आयोग में आने के बाद बच्चों के साथ काम करते हुए मेरा जो व्यक्तिगत व्यक्तित्व विकास हुआ है वो मैं साझा करना चाहूंगा। मेरे अंदर एक आध्यात्मिक चेतना का विकास हुआ है और इस अध्यात्मिक चेतना ने मेरे स्वभाव को बदलने का काम किया है। जो लोग मुझे 20-25 वर्षों से जानते हैं उनको पता है कि एक दशक पहले मेरे स्वभाव में कमजोरियां थी और क्रोध मेरी सबसे बड़ी कमजोरी थी। आज यह कहते हुए मैं देश भर के बच्चों के प्रति कृतज्ञता से भर जाता हूं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के प्रति मेरा मन श्रद्धा से भर जाता है कि उन्होंने ये काम मुझे सौंपा और देश के बच्चों के साथ काम करने का मुझे अवसर दिया। मेरे मन का विकार खत्म हो गया, चित्त निर्मल हो गया औऱ मुझे क्रोध आना बंद हो गया। जब हम उन लोगों की पीड़ा देखते हैं जो संसार के सबसे दुश्वार कष्टों का सामना कर हैं, आनाथ बच्चे, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चे, बलात्कार जैसे यौन शोषण का शिकार बच्चे, ट्रैफिकिंग, दासता, बाल श्रम में लगे हुए बच्चे, मानसिक विकारों से जूझ रहे बच्चे, स्कूल जाने का रास्ता खोज रहे बच्चे, वो लडकियाँ जिनको बराबरी का हक हासिल नहीं हैं, उनके कष्टों को जब हम देखते हैं और कोशिश करते हैं कि उनके कष्टों के सहभागी बनकर उस पीड़ा को कम करने का प्रयास करें। यह कार्य व्यक्तिगत रूप से आपको बदल कर रख देगा और यही मेरे जीवन का अनुभव है जो जीवन भर मेरे साथ चलेगा। मेरा स्वभाव बदला, मेरा व्यक्तित्व बदला गया। प्रधानमंत्री जी के बारे में सब लोग यह बात जानते हैं कि उनके स्पर्श मात्र से लोगों के जीवन बदल गए हैं। मैंने इस बदलाव को अपने अंदर महसूस किया है। मेरे प्रधानमंत्री जी का ही मेरे ऊपर विश्वास है ना केवल मेरा जीवन बदला बल्कि उन्होंने मुझे वो माध्यम बनने का अवसर प्रदान किया है कि मैं देश के बच्चों के कष्टों को उन तक पहुंचा पाया और फिर प्रधानमंत्री जी ने देश के लाखों बच्चों के जीवन को बदलने का काम किया। यह once in a life opportunity है, मैं कृतज्ञता से भरा हुआ हूं। आयोग में यहां के अधिकारी यहां के सहयोगी एक परिवार की तरह हम लोगों ने साथ काम किया। मैं मगर पीछे जाकर याद करूं तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में ऐसे दिन भी है जब हमारे आयोग परिवार के किसी सदस्य ने अपने निकट परिजन में से किसी को खोया। त्रासदियों का सामना किया, उसके बावजूद उस दिन भी बच्चों का काम करने के लिए वह व्यक्ति खड़ा रहा। बच्चों के प्रति जिसके मन में संवेदना, सद्भावना और उनकी पीड़ा को कम करने का जज्बा है वही लोग इस आयोग में टिक के काम कर पाए और आयोग इसी जज्बे के साथ ऐसे ही चलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि जो संसाधन हमने आयोग के रूप में डेवलप किया है वह माननीय प्रधानमंत्री जी की सीधी निगरानी में देश के बच्चों के कल्याण का काम करने के लिए तत्पर हैं। 2014 से जिस नए भारत के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है, उस प्रक्रिया में सहभागिता निभाने के लिए यह आयोग तैयार है। देश के सभी बच्चों को आज मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हमने कानूनी, सामाजिक, व्यवस्थागत कमियों का सामना किया, संघर्ष किया और सफलता प्राप्त की है । जीवन में जो प्रवाह है वह नदी के समान होना चाहिए और मोक्ष के सागर में मिलने तक नदी का प्रवाह ऐसे ही बना रहे,इसी कामना के साथ देश के बच्चों को, देशवासियों को बहुत-बहुत धन्यवाद। आदरणीय प्रधानमंत्री जी का मनपूर्वक बहुत बहुत आभार। भारत माता की जय 🇮🇳🙏 PMO India Narendra Modi NCPCR

प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo

73,903 次观看 • 1 年前

Youth are not only the Agents of Change, they are also the Greatest Beneficiaries of Change. 🇮🇳 A strong democracy is built not only on the courage to raise our voice, but also on the dignity of the words we choose. हाल के दिनों में कुछ ऐसे videos सामने आए, जिनमें कुछ युवा जिस तरह की abusive, derogatory and disrespectful language का प्रयोग करते दिखे, उसने मन को सचमुच विचलित किया। यह केवल भाषा का प्रश्न नहीं है, बल्कि एक बड़ा सवाल है— हम अपने बच्चों को कैसी parenting, mentoring और value system दे रहे हैं? क्या अपशब्दों का सहज प्रयोग अब सामान्य होता जा रहा है? अगर हाँ, तो यह हम सभी के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय है। असहमति लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन अभद्रता कभी उसकी पहचान नहीं हो सकती। विचारों में मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन शब्दों में संयम, संवाद में शालीनता और व्यवहार में मर्यादा हमेशा बनी रहनी चाहिए। एक माँ होने के नाते मैं इतना अवश्य कहना चाहूँगी— हम अपने बच्चों को अपनी आवाज़ बुलंद करना सिखायें , लेकिन यह भी सिखायें कि शब्दों की गरिमा कभी न खोएँ। क्योंकि व्यक्तित्व की पहचान केवल विचारों से नहीं, बल्कि उन्हें व्यक्त करने के तरीके से भी होती है। Let us empower our youth to speak with courage, compassion and civility. 🙏🏻🌱 Disagreement strengthens democracy. Respectful dialogue sustains it. 🤝 जय हिन्द 🇮🇳

Sonal Goel IAS 🇮🇳

20,239 次观看 • 2 个月前

कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में मेरे प्रारंभिक भाषण के कुछ अंश — • हमारी नयी CWC 20 अगस्त 2023 को बनी थी, जिसकी पहली बैठक हैदराबाद में 16 सितंबर को हुई। • हमने सामूहिक रूप से देश को विभाजनकारी और Polarisation की राजनीति से मुक्त करने, सामाजिक न्याय की स्थापना और एक जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी सरकार देने का संकल्प लिया। • आप ने देखा कि हाल में अचानक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया जिसमें मोदी सरकार महिला आरक्षण विधेयक लेकर आई। • हमेशा की तरह इस बार भी सरकार ने विपक्ष के साथ कोई संवाद नहीं किया और असली मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की रणनीति पर ही काम किया। • कांग्रेस और विपक्षी दलों ने खुले दिल से महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया। मोदीजी चाहते तो महिला आरक्षण इसी चुनाव से लागू हो सकता था। और OBC महिलाओं को भी स्थान मिल सकता था। ये बिल केवल प्रचार और वोट बैंक के लिए लाया गया है। • सच्चाई यह है कि भारत में महिलाओं को शक्तियां देने का सबसे अधिक काम कांग्रेस ने ही किया है। • राजीवजी के दृष्टिकोण के कारण पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिला। इसी की देन है कि आज दुनिया में सबसे ज़्यादा ELECTED महिलाएं (करीब 14 लाख) भारत में हैं। • ​आज देश भर में लोग यही सोच रहे हैं कि मोदीजी ने ओबीसी महिलाओं को महिला आरक्षण के दायरे में क्यों नहीं रखा? . महिला आरक्षण को उलझाने के लिए इसके साथ जनगणना और परिसीमन की शर्त क्यों रख दी गयी। इसीलिए पता ही नहीं है कि ये हकीकत कब बनेगा। • ​जातिगत जनगणना भी एक अहम सवाल है। कांग्रेस पार्टी लगातार देशव्यापी जाति आधारित जनगणना की मांग उठा रही है। यह अहम मुद्दा है लेकिन इस पर सत्तारूढ दल मौन है। • कल्याणकारी योजनाओं में उचित सहभागिता के लिए ये जरूरी है कि हमारे पास कमजोर तबकों की स्थिति पर सामाजिक-आर्थिक Data हो। • हमारे लिए इन चिंताओं को आम लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। 2024 में सत्ता में आने पर OBC महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी तय करने के साथ हम महिला आरक्षण तुरंत लागू करेंगे। • अब हमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति बनानी है। इन राज्यों में PM/ HM कई महीनों से दौरा कर रहे हैं। झूठ दर झूठ फ़ैला रहे हैं। उनके पास केवल मणिपुर जाने का समय नहीं है। • साथियों, लोक सभा चुनाव भी हमारे सामने खड़े हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनावों का ऐलान हो सकता है। • हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में निर्णायक जीत के बाद देश भर में हमारे साथियों में एक नया उत्साह है। हमें अपनी पूरी ताकत लगा कर सभी 5 राज्यों को जीतना है। • पिछले 2 महीनों में मैं कई राज्यों में जनसभाओं में गया और पाया कि अच्छा वातावरण है। हमें प्रत्येक वोटर तक जाना है, प्रचार करना है और माहौल बनाना है। • इन चुनावों में राजनीतिक दलों के नेता ही नहीं, संवैधानिक पदों पर बैठे लोग भी सक्रिय हैं। वे हम लोगों पर सीधे हमले कर रहे हैं। मर्यादाएं टूट रही हैं। ऐसी स्थिति में हम मौन नहीं रह सकते। • जैसे-जैसे हम आम चुनाव के करीब आएंगे, ऐसे हमले और झूठ और तेज़ हो जाएंगे। ऐसे हमलों और दुष्प्रचार का मुकाबला करना और झूठ को तुरंत खारिज करना जरूरी है। • RULING PARTY को आगामी चुनाव में अपनी हालत का अंदाजा हो चुका है, इसीलिए वे लोगों को मुद्दों से भटकाने के लिए झूठ पर झूठ बोल रहे हैं। • तीन बैठकों के बाद INDIA गठबंधन आगे बढ़ रहा है। PM के भाषणों से इस गठबंधन की शक्ति का असर साफ दिख रहा है। • बहुत से बुनियादी सवाल हमारे सामने हैं। कई चिंताओं के बिंदु भी हैं। आज देश में - o कमरतोड़ महंगाई है। o 45 साल की सबसे अधिक बेरोजगारी है। o नयी पेंशन स्कीम को लेकर सरकारी कर्मचारियों में भारी नाराजगी को सरकार नजरंदाज कर रही है। o विभाजनकारी नीतियां देश के लिए चिंताजनक है। o ED/ CBI/ IT जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग विपक्षी दलों और मीडिया के खिलाफ हो रहा है। o मणिपुर की हालत पिछले 5 महीने से चिंताजनक बनी हुई है। विपक्ष की मांग के बाद भी प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं गए। • ​मोदी सरकार की नीतियों से अमीर और गरीब की खाई लगातार बढ रही है। हमारे Constitutional Values से लेकर Federal character पर हमला हो रहा है। सामाजिक तनाव पैदा हो रहा है। • राहुलजी लगातार इन मुद्दों को उठा रहे हैं। मैं उनकी सक्रियता और लगातार मेहनत के लिए बधाई देना चाहूंगा। किसानों, मजदूरों, शिल्पकारों, छात्रों, कुलियों और विभिन्न तबकों के बीच वे व्यापक सक्रिय हैं। उनकी मणिपुर और लद्दाख यात्रा का पूरे देश पर असर है। हाल में उनकी पंजाब यात्रा ने एक अलग असर डाला है। • आज लोकतंत्र और संविधान बचाने की चुनौती है। दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बचाने की चुनौती है। • ऐसे बहुत से सवालों पर हमें मंथन कर कुछ ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है। एक ऐसी सरकार हमें स्थापित करनी है, जो भारत के लोगों के सामने आने वाली इन गंभीर चुनौतियों का समाधान करे। कमजोर तबकों, पिछड़ों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और मजदूरों आदि की जिंदगी को आसान बना सके। • इसके लिए हमें घर-घर हर दरवाजे तक अपनी सरकारों की उपलब्धियों को बताना होगा। अपनी भविष्य की योजना के बारे में भी विस्तार से बताना है। जय हिन्द

Mallikarjun Kharge

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महात्मा गाँधी नरेगा को ख़त्म करने वाले बिल पर संसद में बहस के दौरान मेरे वक्तव्य के कुछ अंश - ▪️ये कानून सबसे कमजोर तबकों को फिर से भुखमरी और गरीबी के चक्रव्यूह में फंसा देगा। ▪️आप गरीबों को जो सपना दिखा रहे हैं, वो कभी पूरा नहीं होगा। इसीलिए गरीब कह रहे हैं कि "बुलंद वादों की बस्तियां लेकर ,हम क्या करेंगे हमें हमारी जमीं दे दो, हम आसमां लेकर क्या करेगे" ▪️देश भर में इस कानून का विरोध होगा और आपको ये कानून वापस लेना पड़ेगा। इसलिए मेरा सुझाव है कि MGNREGA को पुराने रूप में जारी रखें और अधिक धन आवंटित करें। ▪️यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार योजना की हत्या है। पिछले 11 वर्षों में MGNREGA को मोदी सरकार ने कई तरीकों से धीरे-धीरे कमजोर किया गया: o बजट में लगातार कटौती o राज्यों के भुगतान रोके गए o मजदूरों के नाम काटे गए o प्रशासनिक अड़चनें खड़ी की गईं ▪️16 दिसंबर 2025 को लोक सभा में एक सवाल के जवाब में आपने माना है कि MGNREGA बहुत सफल योजना रही है। नीति आयोग के अध्ययन में पाया गया कि MGNREGA से Durable assets का निर्माण हुआ, जल सुरक्षा में सुधार आया, soil conservation, land productivity में वृद्धि हुई, गरीबों की आजीविका सुरक्षित की गई। ▪️2020 के COVID-19 संकट में, जब प्रवासी मज़दूर पैदल गाँव लौटे, MGNREGA ही उनकी LIFELINE बनी। ▪️MGNREGA कानून व्यापक विचार-मंथन और विपक्ष की सहमति से लाया गया। इस योजना को आजादी के बाद के सबसे महत्वपूर्ण विधानों में एक माना गया था। ▪️इस कानून की पडताल जिस समय Standing Committee ने की तो बीजेपी के नेता कल्याण सिंह उसके अध्यक्ष थे। ▪️“महात्मा गांधी” नाम जुड़ने से इस योजना को एक मजबूत और व्यापक राष्ट्रीय पहचान मिली। MGNREGA महात्मा गांधी के ग्रामीण उत्थान, आत्मनिर्भरता और श्रम की गरिमा के विचारों को सम्मान देने के लिए किया गया था। ▪️गांधी वही हैं जिनके सम्मान में दुनिया के करीब 20 राष्ट्राध्यक्षों ने सिर झुकाया, ऐसा सम्मान दुनिया में बहुत कम लोगों को मिला है। गांधी जी का mission था की “wipe every tear from every eye” -- RIGHT TO WORK को ख़त्म कर मोदी सरकार इस सोच को ख़त्म कर रही है। ▪️Standing Committee of Rural Development and Panchayati Raj की 19वीं रिपोर्ट ने कहा है कि “यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों और समाज के वंचित वर्ग के लोगों के लिए रोजगार सुनिश्चित करती है। लिहाजा ये जरूरी है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वन (Effective Implementation) के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन किया जाये।” ▪️आपने जो नया रुप बनाया है उसमें अब रोज़गार देने का आधार काम की ‘माँग’ नहीं होगा। जबकि MGNREGA में माँग होने के 15 दिन में काम देना अनिवार्य था। ▪️कटाई-बुवाई SEASON में 60 दिन तक काम नहीं दिया जाएगा। ▪️अब केंद्र तय करेगा कहाँ, किस योजना पर, कितना खर्च होगा। पंचायतें और ग्रामीण नेतृत्व हाशिये पर चले जाएंगे। ▪️राज्य सरकारों की भूमिका सीमित की जा रही है। सूखा, बाढ़, स्थानीय ज़रूरतें, राज्य और उनकी गांव पंचायतें बेहतर जानते हैं, दिल्ली नहीं। केंद्र द्वारा एक जैसा खाका थोपना अव्यावहारिक, अलोकतांत्रिक, भारत की federal structure पर सीधा हमला है। ▪️अभी तक इसका focus रोजगार गारंटी था पर अब जल संरक्षण, सड़कें, ग्रामीण आवास और Digital Infrastructure होगा। इन योजनाओं के लिए पहले से ही बजट आवंटन होता है। ▪️केंद्र ने अपना खर्च 90% से घटा कर 60% कर लिया और बिना सलाह के राज्यों पर 40% खर्च का बोझ डाल दिया गया। कई राज्यों के पास इतने संसाधन नहीं है की वह 40% खर्च का बोझ उठा सके। ▪️सवाल यह है कि जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है तो केंद्र सरकार तमाम योजनाओं से पीछा क्यों छुड़ा रही है। MGNREGA जैसी योजना से खर्च कम क्यों कर रही है? ▪️आप एक चलती हुई योजना को बिना बात के रोक रहे हैं। यह आप की दूसरी नोटबंदी साबित होगी। आप फिर लोगों से माफी मांगेंगे। 50 दिन मांगेंगे। ▪️सरकार लोगों पर कोई उपकार नहीं कर रही है, बल्कि यह राज्य की कानूनी ज़िम्मेदारी है, जिसे आप राम-राम (Bye-Bye) करना चाहते है।

Mallikarjun Kharge

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मैं श्री महिपाल ढाँडा की इस बात से तो सहमत हूँ कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है, हमें इस पर गर्व है और अगर किसी को अंग्रेज़ी नहीं आती, तो इसमें कोई शर्म या दिक्कत की बात नहीं है। पर बतौर हरियाणा के शिक्षा मंत्री के उनकी बात ये सही नहीं है कि हमारे युवाओं, हमारी अगली पीढ़ियों को हिंदी के साथ अंग्रेज़ी सीखने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रकार तो हम उन्हें दुनिया भर में आगे बढ़ने से वंचित कर देंगे। अंग्रेज़ी जानने और सीखने में न हिचक होनी चाहिए और न ही इसका अनावश्यक विरोध करने की आवश्यकता है। अंग्रेज़ी दुनिया भर में, ख़ास तौर से दक्षिण भारत में, एक ‘लिंक लैंग्वेज’ है। अंग्रेज़ी जानने से रोज़गार के साथ साथ तकनीक व विज्ञान के अनगिनत दरवाज़े खुलते हैं, संभावनें बढ़ जाती हैं। मैं तीन उदाहरण दूँगा-: 1. हरियाणा में नौकरी न मिलने से रोज़ी रोटी की तलाश में हरियाणा के लाखों लड़के-लड़कियां विदेशों में चले गए हैं और वहाँ अंग्रेज़ी की कमज़ोरी रोज़ उन्हें खलती है। अगर हमने उन्हें हिंदी के साथ साथ अंग्रेज़ी भी सिखाई होती तो उन्हें नये सिरे से सीखना नहीं पड़ता। यही स्तिथि हरियाणा के उन बच्चों की भी है जो लाखों की संख्या में विदेश पढ़ने जा रहे हैं । 2. गुरुग्राम में ही दिल्ली और देश से दस लाख से अधिक लोग काम करते हैं और इनमें से अधिकतर हरियाणा से बाहर से हैं। कारण - काल सेंटर हो या सॉफ्टवेर कंपनी, सबमें ही फ़्लूएंट अंग्रेज़ी जानना नौकरी पाने के लिए अनिवार्य है। अगर हरियाणा के युवा, जो बहुत गुणी हैं, अच्छे से अंग्रेज़ी में निपुण हों तो उन्हें अपने प्रांत में बेहतरीन रोज़गार में मदद मिलेगी। अच्छे रोज़गार का यही मापदंड पुणे, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवंतापुरम की IT, सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी कंपनियों में भी है। 3. इंटरनेट, इथरनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, सोलर व हाइड्रोजन रेवोलुशन के युग में पूरी दुनिया तेज़ी से बदल रही है। ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन ही भविष्य की कुंजी है। इन सबके लिए भी लिंक लैंग्वेज अंग्रेज़ी है। इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने युवाओं को हिंदी के साथ साथ अंग्रेज़ी में भी ट्रेन करें। यह प्रदेश के लिए भी जरूरी है और युवाओं के भविष्य के लिये भी। उम्मीद है इसे अलीचना के तौर पर नहीं बल्कि सार्थक सुझाव के तौर पर देख, जरूरी दुरस्ती के कदम उठायेंगे।

Randeep Singh Surjewala

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भारतीय लोकतंत्र का आधार निष्पक्ष चुनाव है। डॉ अंबेडकर ने 15 जून 1949 को संविधान सभा में कहा था कि -- “Franchise is a most fundamental things in a democracy. No person who is entitled to be brought into the electoral rolls….should be excluded merely as a result of prejudice….” परन्तु अब सत्ताधारी दल कुर्सी पर बने रहने के लिए अनैतिकता की हद तक जाने को तैयार है। बड़े पैमाने पर चुनाव में गड़बड़ियाँ सामने आ रही हैं। Special Intensive Revision (SIR) के नाम पर खुले आम विरोधी पक्ष के वोटों को काटा जा रहा है। जो जीवित हैं उन्हें मृत बना दिया गया। केंद्रीय चुनाव आयोग की निष्पक्षता इस बात से समझी जा सकती है कि वो यह बताने को तैयार नहीं थे कि किन लोगों के और किस आधार पर वोट काटे जा रहे हैं। हम Supreme Court के आभारी है, जो उन्होंने लोगों की आवाज़ सुनी और चुनाव आयोग को Voter List सार्वजनिक करने को कहा। सबसे आश्चर्यजनक बात ये है कि सत्ताधारी दल को 65 लाख लोगों के वोट कटने पर कोई आपत्ति नहीं है। इस बात से साफ़ जाहिर है कि इस Exercise का फ़ायदा किसे पहुचाने की कोशिश थी। राहुल जी ने आँकड़ों के साथ साबित कर दिया कि किस तरह से लोक सभा सीट पर गड़बड़ी कर उसे जीता गया। अब वैसे ही प्रमाण कई सीटों पर सामने आ रहे है, जहाँ सभी Assembly segment पर काँग्रेस पार्टी को बढ़त मिली परन्तु एक segment पर BJP के बढ़त ने काँग्रेस के उम्मीदवार को हराया। हमें यहीं आशंका महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर भी है। पार्टी बारीकी से ऐसे सीटों का अध्ययन कर रही है। समय आनेपर यह लोगों के सामने पेश किया जाएगा। क्योंकि ये हमारे लिए ही नहीं, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। मैं काँग्रेस पार्टी के देश भर में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि आप अपने बूथ की Voter List निकालिए और उसकी बारीकी से जाँच करिए। देखिए कि कितने लोगों के नाम काटे गए हैं, या उन्हें मृत बता दिया गया है, या साज़िश के तहत उन्हें दूसरे booth में shift कर दिया गया। कितने बाहरी लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं। या एक ही Voter ID Card को एक से अधिक बार कहाँ--कहाँ जोड़ा गया है। एक नई बात देखने को आई है कि चुनाव से एक दिन पहले additional list के नाम पर नई Voter List भेज दी जाती है। जिसकी जाँच समय के अभाव में candidate नहीं कर पाता। यही हमारे विरोधियों की साज़िश है। लेकिन हमें उनकी इस साज़िश का पर्दाफाश करना होगा। कांग्रेस पार्टी ने एक website बनाई है, उसपर आप सारी गड़बड़ियों की जानकारी दे सकते है। इसके अलावा, पूरे देश से लोग ऐसी जानकारी भेज रहे हैं हम उन्हें भी इकट्ठा कर रहे हैं। याद रखिए, ये चुनाव जीतने की लड़ाई नहीं है, ये भारतीय लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। यह हमारे संविधान को सुरक्षित रखने की लड़ाई है। हम महात्मा गाँधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, डॉ अंबेडकर, मौलाना आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं के सपनों को ऐसे बिखरने नहीं दे सकते। हमें इस लड़ाई को उसी शिद्दत से लड़ना होगा, जिस शिद्दत से हमने आजादी की लड़ाई लड़ी थी। इसी लड़ाई को लड़ने के लिए, राहुल जी आने वाली 17 तारीख़ से बिहार के सासाराम से “वोट अधिकार यात्रा” शुरू करने जा रहे है। आप सभी को मिलकर इसे सफल बनाना है। जय हिन्द 🇮🇳

Mallikarjun Kharge

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