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Ana Sayfaya Dön

BJP आग बबूला! मगर क्यों? अभी पिछले दिनों एयरपोर्ट पर गरबा खेला जा रहा तब BJP आग बबूला क्यों नहीं हुई? जब ट्रेन में, हवाई अड्डे पर, रेलवे स्टेशनों पर विशेष गीत गाए जा रहे होते हैं, तब BJP आग बबूला नहीं होती? नमाज़ अदा करने से आग बबूला...

96,023 görüntüleme • 10 ay önce •via X (Twitter)

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यह वीडियो उत्तरकाशी की यमुना घाटी का है। वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि दिसंबर के महीने में ही जंगल किस तरह धधक रहे हैं। यह वह समय है जब पहाड़ों में ठंड अपने चरम पर होती है, जब जंगलों को नमी मिलनी चाहिए। लेकिन यहां हालात उलटे हैं। अपर यमुना से लेकर टौंस वन प्रभाग तक आग फैली हुई है। दिन में धुएँ के गुबार और रात में लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। यह सिर्फ जंगल की आग नहीं है। यह बदलते मौसम, लापरवाही और सिस्टम की विफलता की चेतावनी है। दिसंबर में जंगलों का जलना बताता है कि आने वाले महीनों में हालात कितने भयावह हो सकते हैं। अगर अभी भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आने वाला फायर सीजन और ज़्यादा विनाशकारी होगा।

Kumaon Jagran

14,587 görüntüleme • 9 ay önce

काशी - पवित्र और प्राचीन है. भगवान शिव की नगरी, मोक्ष का द्वार है. काशी का उल्लेख वेदों, पुराणों, प्राचीन ग्रंथों में है उसी वाराणसी में विकास के नाम पर धर्म की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, विनाश किया जा रहा है मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मूर्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है, मंदिर ढहाये जा रहे हैं - लोग आहत हैं, मुखर हैं - कोई सुनवाई नहीं है पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के लिए सैकड़ों प्राचीन मंदिर और मूर्तियों को तोड़ दिया गया - अब फिर से बुलडोज़र चल रहा है लेकिन, जब प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में आस्था पर इस तरह से हमला किया जा रहा है तब हिंदू धर्म के स्वयंभू ठेकेदारों के मुँह में दही जम गई है

Supriya Shrinate

57,178 görüntüleme • 8 ay önce

गुजरात के भरूच जिले के वागरा स्थित सायखा GIDC की मोरुडिया केमिकल्स कंपनी में मंगलवार शाम अचानक भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आए सॉल्वेंट के ड्रम एक के बाद एक धमाकों के साथ फटने लगे, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के वक्त कंपनी में 7-8 कर्मचारी मौजूद थे, जो समय रहते बाहर निकल गए और सभी सुरक्षित रहे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारण और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। #Bharuch #Gujarat #ChemicalFactory #FactoryFire #ChemicalFire #IndustrialAccident #ATReel #AajTakSocial [Bharuch Fire, Gujarat Chemical Factory, Saykha GIDC Fire, Morudiya Chemicals, Chemical Unit Blast]

AajTak

12,850 görüntüleme • 17 gün önce

भारत का AI summit, AI के अलावा, बाकी सारी वजहों से चर्चा में है। ChatGPT बनाने वाली OpenAI के CEO Sam Altman बोल रहे हैं- उन्हें पता ही नहीं था क्या हो रहा है, जब मोदी जी ने उनका हाथ पकड़कर ऊपर कर दिया.... भाई, ये मोदी जी का पार्टी का ईवेंट था क्या? और याद कीजिए, नीतीश कुमार, हाल में क्यों चर्चा में रहे हैं? मंच पर गेस्ट के साथ, उनके कैसे-कैसे वीडियो सामने आए हैं... महिला डॉक्टर वाला एपिसोड हटा दीजिए तब भी... क्या दोनों वीडियो में आपको कुछ समानता नजर आती है? और ये छोटा-मोटा ईवेंट नहीं था ... इंटरनेशनल ईवेंट था... इसके जरिए हमें भारत में विकास के रास्ते खोलने थे... और उसके सबसे खास गेस्ट को हम uncomfortable कर रहे हैं, क्यों भाई, क्यों ? हम फोटोशूट से आगे क्यों नहीं बढ़ रहे हैं... ये खबर क्यों नहीं आ रही है कि भारत सरकार ने दुनिया की 5 बड़ी AI कंपनियों से कोई बड़ी डील की है... भारत के हर स्कूल में अब AI का क्लासरूम होगा... ऐसी बातें क्यों नहीं होती? फोटोशूट, अपने अंदाज में फोटोशूट ही हमारे लिए सबसे ऊपर क्यों है?

Abhinay Maths

33,509 görüntüleme • 7 ay önce

युद्ध रुकने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं मिल रही है? तेल के दाम क्यों नहीं घटाए जा रहे? इस पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि भारत जिस कच्चे तेल का इस्तेमाल कर रहा है, वह लगभग दो महीने पहले खरीदा गया था। अगर कच्चे तेल की कीमतें अगले 2–3 महीने तक इसी तरह कम बनी रहती हैं, तभी कीमतों में कमी पर विचार किया जा सकता है। अभी इस पर कुछ कहना काल्पनिक होगा। मतलब, 2–3 महीने पहले जो कच्चा तेल खरीदा गया था, वह महंगा था, इसलिए अभी सस्ते तेल का फायदा ग्राहकों को नहीं दिया जा सकता। बस मंत्री जी से लगे हाथों यह भी पूछना था कि यह पूरी स्कीम पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही कैसे लागू हो गई और लगभग उत्तर प्रदेश चुनाव तक कैसे चलने वाली है?

Ankit Kumar Avasthi

395,208 görüntüleme • 3 ay önce

यूपी: संभल के बहजोई में प्रशासन द्वारा सैकड़ों परिवारों को अचानक उनके घरों से बेघर किया जा रहा है। सरकार और प्रशासन द्वारा पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से रह रहे इन सैकड़ों परिवारों को बिना किसी पूर्व चेतावनी के बेघर किया जा रहा है। लोगों का सामान जबरन घरों से बाहर फेंक दिया गया है। लोगों का सवाल है कि यदि यह इलाका अवैध था, तो नगर पालिका द्वारा यहां पर सड़कों, नालियों और विद्युतीकरण जैसे विकास कार्य क्यों कराए गए? यदि यह सब अवैध था, तो सरकार ने इतने वर्षों में इसका संज्ञान क्यों नहीं लिया और इतना सरकारी पैसा क्यों खर्च किया? 50 वर्षों तक प्रशासन और सरकार ने इस मुद्दे पर मौन क्यों साधा?

The Pressmark

96,882 görüntüleme • 1 yıl önce