Sensitive content

This media may contain sensitive content.

Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

#EpsteinFiles एपस्टीन फाइलों में हुए सभी खुलासे। ऐसे लोग मानव रूप में शैतान हैं। वीडियो देखिए, आपकी रूह कांप उठेगी.! The world largest crime: criminal is animal

523,533 Aufrufe • vor 5 Monaten •via X (Twitter)

0 Kommentare

Keine Kommentare verfügbar

Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt

Ähnliche Videos

पहले वीडियो में यह जो नोएडा में है होजरी गारमेंट्स ब फैक्ट्री में हिंसा हुई है उसमें 70 से ज्यादा ऐसे लोग पकड़े गए हैं जो ना तो किसी फैक्ट्री में काम करते थे ना नोएडा में उनका घर है इस पूरे आगजनी की प्लानिंग करने वाली एक संस्था है जिसका नाम मजदूर बिगुल दस्ता है दूसरा जो वीडियो है वह इस संस्था से जुड़े हुए लोग पिछले कई दिनों से इंस्टाग्राम और फेसबुक पर डाल रहे थे पिछले कई दिनों से एक कामरेड अभिनव सिंहा नोएडा की होजियरी फैक्ट्री में घूम घूम कर मजदूरों को भड़का रहा था आज पुलिस ने कई कामरेड्स जिसमें रूपेश आकृति सृष्टि मनीषा है उनको गिरफ्तार किया है > कुछ किलोमीटर आगे मानेसर में इसी संगठन ने भी वहां की गवर्नमेंट फैक्ट्री में हिंसा करवाई और वहां से शनि सार्थक श्याम मूर्ति वीरेंद्र उर्फ प्रिंस गिरफ्तार किए गए हैं यह सभी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हैं अब पुलिस छानबीन कर रही है कि इनको फंडिंग कहां से मिली है और यह किसके इशारे पर यह दंगा मचाए पांच अन्य लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिन लोगों ने ट्रकों में बाहर से आगजनी करने के लिए लोगों को लेकर आए यह लोग समाजवादी पार्टी के नेताओं से संपर्क में थे

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

18,398 Aufrufe • vor 4 Monaten

यूपी में रिश्वतखोरी चर्म पर है...सरकारी तनख्वाह पाने वाले अधिकारी बिना घूस लिए घर चला पाने में असमर्थ है क्या...? कानपुर के रसूलाबाद से वायरल ये वीडियो देखिए - लेखपाल साहब गाड़ी में ड्राइविंग सीट पर बैठे हैं...पीछे सीट पर पैसा लेने वाला Daलाल बिठाए है..! खुद घूस नहीं लेते DAलाल के माध्यम से सुविधा शुक्ल लेते है.....! किसान से जमीन की नपाई के एवज में साहब ने 10000 सुविधा शुल्क लिया है...सोचिएं कितने करप्ट है यह अधिकारी कर्मचारी..! गरीब आदमी की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी गाढ़ी कमाई नहीं उनका खून चूसने का काम कर रहे हैं..ऐसे लोगों को आजीवन पिंजरे में रखना चाहिए..! मिसाल बने लोग 100 बार सोचेंगे घूस मांगते हुए..? आप क्या कहते है..?

Rahul Saini

30,826 Aufrufe • vor 2 Monaten

क्या ये गलत है.. देखिए, सोचिए, बताइए.. स्कूल के एक कमरे में बच्चियां और शिक्षिकाएं डांस कर रही हैं. बैकग्राउंड में कोई गाना बज रहा है.. पंजाबी सॉन्ग.. शिक्षिका का डांस करते हुए वीडियो देखकर समझा जा सकता है कि वो झिझक रही हैं.. शर्मा रही हैं.. फिर किसी के आग्रह पर डांस कर रही हैं.. डांस करने वाली महिला शिक्षामित्र हैं और उनका नाम प्रीति जैन बताया जा रहा है. डांस का ये वीडियो मेरठ के कृष्णापुरी स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है. सोशल मीडिया पर जो वीडियो और मैसेज वायरल है, उसका मजमून समझिए.. " शिक्षा का मंदिर बना नृत्यशाला.. सरकारी विद्यालय में ठुमके लगाने का वीडियो वायरल.." क्यों भई, वीडियो वायरल करने वालों.. क्या गलत है इस वीडियो में!! क्यों इतना फ्रस्ट्रेटेड रहते हो आप लोग.. किसी की जरा खुशी आप लोगों से क्यों बर्दाश्त नहीं होती.. अरे, वो टीचर सार्वजनिक मंच पर तो नाच नहीं रही हैं!! वीडियो वायरल करने वाले बताएं, इसमें क्या गलत है.. इस वीडियो में क्या अश्लीलता है.. कौन से नैतिक मूल्यों का उल्लंघन किया गया है.. कहां लिखा है कि क्लास रूम में बच्चों के साथ टीचर नाच-गा नहीं सकते.. हमारी पूरी क्लास के बच्चों ने तो अपने टीचर्स के साथ खूब गाना-बजाना, मौज-मस्ती, बकैती की है.. अरे भई, पढ़ाई ऐसे ही तो होती है.. अपनी छात्राओं के साथ बंद कमरे में नाचना.. मस्ती करना कोई गुनाह है क्या!! क्या उन टीचर मैडम ने अपने स्टूडेंट्स के साथ मनोरंजन के कुछ पल बिताकर गुनाह कर दिया.. क्या शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को नृत्य करने की मनाही है.. इसमें कौन सी मर्यादा का हनन हो गया!! ये कौन से नियम हैं!! ये कौन सी पहरेदारी है!! ये कौन सा प्रतिबंध है!! विभाग के नियम-कानून की किसी किताब में तो नहीं लिखा.. और इस वीडियो के वायरल होने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश भी दे दिए.. कितना बेवकूफ अधिकारी है जो फालतू के आदेश दे रहा है. सबसे पहले तो उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.. मैं तो इस वीडियो में दिख रहीं बेटियों और शिक्षिकाओं के लाख-लाख बार समर्थन में हूं.. आप भी ये वीडियो देखिए और बताइए, क्या गलत है इसमें.. #TEACHers #teacherandstudent #Dance #school #education #educational #EducationReform

Vivek K. Tripathi

13,045 Aufrufe • vor 1 Jahr

अभिनय सर के इस वीडियो से उनको जज नहीं किया जा सकता है। वो इस सरकार के कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन यहां ये कह देना विपक्ष कहां है.? राहुल गांधी कहां हैं.? ये मेरे अनुसार उचित नहीं है। राहुल जी बड़े नेता हैं उनका अचानक से कहीं आगमन नहीं हो सकता है। क्या किसी शिक्षक संघ ने उन्हें इस आंदोलन की जानकारी पहले से दी थी.? क्या किसी ने उन्हें आमंत्रित किया था..? शायद नहीं! राहुल गांधी जी 6 दिन पहले ही अपने ट्वीट के माध्यम से SSC छात्रों के मुद्दे को उठाया था। रेलवे NTPC के समय भी राहुल जी मजबूती से छात्रों के साथ खड़े थे। अभी बिहार में चुनाव है उनकी अपनी व्यस्तता है। ऐसे में उनके ऊपर ऐसे टिप्पणी करना सही नहीं है। इस देश में कई आंदोलन हुए विपक्ष के लोग बढ़ चढ़कर शामिल हुए लेकिन सरकार झुकी क्या.? एक किसान आंदोलन हुआ सैकड़ों लोग जान गंवा दिए, यूपी का चुनाव निकट आ गया तब जाकर सरकार चुनाव के डर से झुकी। मीडिया भी आज पूरी तरीके से सरकार के चरणवंदना में व्यस्त है। जो कुछ स्वतंत्र यूट्यूबर हैं वहीं लोग इस देश की मुद्दा को दिखा रहे हैं। ये भी सत्य है कि कई शिक्षक भाजपा के प्रबल समर्थक हैं। उनके साथ हमारी कोई हमदर्दी नहीं है।वो आंदोलन में भी सिर्फ इसलिए हैं ताकि उनके बच्चे उनसे सवाल न करें। वैसे भी ये कहा जाता है छात्र आंदोलन को राजनीति से दूर रखने पर ही उसके सफ़ल होने के ज्यादा उम्मीद रहती है। चुकी मैं अभिनय सर को काफ़ी पहले से जानता हूं,वो किसी रूप में मुझे भाजपा के समर्थक नहीं लगते हैं। वो गुस्से में ये बात बोल गए हैं लेकिन विपक्ष और राहुल गांधी जी हमेशा बच्चों के साथ हैं और रहेंगे। बाकी आप क्या सोचते हैं अपनी प्रतिक्रिया दीजिए।

Pratik Patel

435,200 Aufrufe • vor 1 Jahr

मंदिरों को सरकारी प्रशासन के भ्रष्टाचार से बचाया जाए! सभी बड़े मंदिरों पर सरकार के प्रबंधन के बहाने भाजपा और उनके संगी-साथी अप्रत्यक्ष रूप से अपना क़ब्ज़ा करते जा रहे हैं। जो परंपरागत रूप से सैकड़ों सालों से इन मंदिरों के प्रबंधन-संचालन में आस्था से अपने कर्तव्य निभाते आ रहे हैं, उनसे उनके सेवा-भाव के अधिकार छीने जा रहे हैं साथ ही उनके ऊपर अविश्वास प्रकट करते हुए, एक तरह से ये आरोप भी लगाया जा रहा है कि वो इस काम में सक्षम नहीं है या फिर उनका संचालन त्रुटिपूर्ण है। मंदिरों में श्रद्धालु जो दान-पुण्य करते हैं उसका सदुपयोग मंदिर में दर्शन, प्रसाद-भेंट, सुरक्षा, जन सुविधा, धर्मशाला आदि धर्मार्थ कार्यों में होता आया है और सेवा-भाव से भरा आस्थावान प्रबंधन इसीको सुनिश्चित करता है क्योंकि उनका ऐसे धर्म-कर्म से एक बहुत गहरा भक्ति भावना से भरा लगाव होता है। जो लोग बाहरी होते हैं या पेशेवर होते हैं, वो इन सब धार्मिक-निवेश को लाभ-हानि की तराज़ू पर तोलते हैं, उनके लिए ये श्रद्धा का विषय नहीं होता है। ऐसे प्रकरण उपलब्ध हैं जब ऐसे प्रशासनिक लोगों ने मंदिर में चढ़ाये गये बेलपत्रों तक को बेचकर भ्रष्टाचार किया है। कारोबारी भाजपा और उनके धन लोलुप संगी-साथी याद रखें कि धर्म भलाई के लिए होता है, कमाई के लिए नहीं। ये अनायास नहीं है कि जबसे भाजपा आई है एक के बाद एक मंदिरों पर ‘प्रशासनिक क़ब्ज़ा’ होता जा रहा है। ये देश की सांस्कृतिक-धार्मिक परंपरा के विरुध्द है। जो भावना एक न्यास में होती है, वो प्रशासन के उन लोगों में कैसे हो सकती है, जिनका कब स्थानांतरण हो जाए, उन्हें पता नहीं होता और जो शासन के कृपापात्र होते हैं, वो ईश्वर के कृपा पात्र सच्चे न्यासियों जैसे हो ही नहीं सकते हैं। आस्थावान कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।

Akhilesh Yadav

65,007 Aufrufe • vor 1 Jahr

राहुल गांधी भारतीय राजनीति में अब तक इंपॉर्टेंट खिलाड़ी बने हुए है, अब राहुल गांधी को हल्के में नहीं लिया जा सकता – राजदीप सरदेसाई राजदीप का तर्क है कि 2024 के बाद राहुल गांधी की राजनीति स्थिति पहले से मजबूत हुई है...! कांग्रेस भले सत्ता में नहीं है, लेकिन राहुल विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं..! राजदीप के अनुसार राहुल गांधी को ताकत यह कि वे कई ऐसे मुद्दे उठाते है जिन्हें बाकी के नेता उतनी आक्रामकता से नहीं उठाते...! राजदीप सरदेसाई ने कहा बीजेपी ने उन्हें विपक्ष के मुख्य चेहरे के रूप में देखती हैं....! भले कांग्रेस के अभी भी कई राज्यों में कमजोर है, लेकिन 2024 के बाद राहुल गांधी विपक्ष इंडिया गठबंधन का सबसे बड़ा चेहरा हैं....! नोट – राजदीप सरदेसाई के एक वीडियो Rahul Gandhi in or out..? Why The congress leader still matters का शीर्षक है...!

Ratan acharya

20,347 Aufrufe • vor 2 Monaten

शाहपुरा ठिकाना के एक राजकुमार की शाही शादी पिछले हफ्ते जयपुर के पास हुई। इस वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं, उनके पास पूरे राजस्थान और बाहर लगभग 150 से अधिक किले हैं। भारत और विदेश में कई होटल और रिसॉर्ट्स हैं। हज़ारों एकड़ ज़मीन है। घोड़े, प्राचीन वस्तुएं (antiques), और न जाने क्या-क्या है। इन सबसे ऊपर, उनके पास पूर्व-शाही परिवार की एक बड़ी पहचान है। लेकिन, जरा अंतर देखिए कि वे अपने इस भव्य दिन को कैसे मना रहे हैं और कैसे दिखावटी आम लोगों ने अपनी शादियों को क्या से क्या बना दिया है। हम जिन शादियों में जाते हैं, वहां परिवार वाली वह भावना ही गायब मिलती है। इस वीडियो में मौजूदा मंत्री, उपमुख्यमंत्री, कई शाही घराने, उद्योगपति, अधिकांश राजपूत अभिजात वर्ग (elites) और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद हैं। दूल्हे ने व्यक्तिगत रूप से सभी से मुलाकात की, आशीर्वाद लिया और सम्मान व्यक्त किया। वरमाला जैसी चीजों में कोई फिजूल का दिखावा नहीं है, समारोह भव्य होते हुए भी एक निजी आयोजन जैसा लग रहा है। यह किसी के लिए कोई सबक या उपदेश नहीं है। यह सिर्फ एक observation है कि अंततः परिवारों की जीत होनी चाहिए। पीढ़ियों का यह बंधन आपके इन इवेंट वालों और 20 कैमरामैनों पर भारी पड़ना चाहिए। अपने रीति-रिवाजों की कद्र करें। ❤️🙌

Bhupendra Singh Rathore

44,720 Aufrufe • vor 4 Monaten