Loading video...
Video Failed to Load
Reservation hatao movement
64,744 views • 1 month ago •via X (Twitter)
29 Comments

Cheaters hatao movement. #BrahminGenes

आरक्षण पर शोर आक्रोश, बाकी विशेषाधिकारों पर सन्नाटा क्यों? देश में सामाजिक न्याय की बहस अब संतुलित कम और चयनात्मक अधिक दिखाई देती है। जैसे ही आरक्षण का विषय उठता है, सबसे पहले निशाने पर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को मिला संवैधानिक आरक्षण आता है। ऐसा वातावरण बनाया जाता है मानो देश की हर समस्या और हर असमानता का कारण यही आरक्षण हो। लेकिन क्या सामाजिक न्याय का पूरा विमर्श केवल यहीं समाप्त हो जाता है? यदि समानता की बात करनी है, तो प्रश्न भी समान होने चाहिए। क्या उतनी ही तीखी बहस उन सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, संस्थागत सहायता और विशेष कल्याणकारी प्रावधानों पर होती है, जो अल्पसंख्यको के नाम पर मुस्लिम व अन्य वर्गों के लिए संचालित किए जाते हैं? क्या उनके लाभार्थियों, प्रभाव और पारदर्शिता पर भी वही राजनीतिक और बौद्धिक उत्साह दिखाई देता है? यदि नहीं, तो यह निष्पक्ष बहस नहीं, बल्कि चयनात्मक राजनीति है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिन समुदायों ने सदियों तक अस्पृश्यता, सामाजिक अपमान और बहिष्कार झेला, उनके संवैधानिक अधिकार आज भी सबसे आसान राजनीतिक निशाना बने हुए हैं। दूसरी ओर, अन्य सरकारी प्रोत्साहनों और विशेष योजनाओं पर अपेक्षाकृत कम सार्वजनिक विमर्श दिखाई देता है। यदि किसी नीति की समीक्षा आवश्यक है, तो यह सिद्धांत सभी नीतियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। यह भी समझना होगा कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का आरक्षण केवल आर्थिक सहायता नहीं है। उसका आधार ऐतिहासिक अन्याय, सामाजिक बहिष्कार और अवसरों से व्यवस्थित वंचित किए जाने का इतिहास है। इसलिए उसकी तुलना बिना संदर्भ के अन्य कल्याणकारी योजनाओं से करना संविधान की मूल भावना को सरल बनाकर प्रस्तुत करना होगा। लोकतंत्र में किसी भी नीति पर प्रश्न उठाना वैध है। लेकिन प्रश्न सबके लिए समान होने चाहिए। यदि आरक्षण की समीक्षा हो सकती है, तो हर सरकारी योजना, हर विशेष प्रावधान और हर कल्याणकारी कार्यक्रम की भी कठोर, पारदर्शी और तथ्य-आधारित समीक्षा होनी चाहिए। चयनात्मक मौन और चयनात्मक आक्रोश, दोनों ही लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करते हैं। सामाजिक न्याय का अर्थ किसी एक वर्ग को कठघरे में खड़ा करना नहीं, बल्कि हर नीति को एक ही संवैधानिक तराजू पर तौलना है। जब तक यह समान मानदंड स्वीकार नहीं किए जाते, तब तक आरक्षण पर होने वाली बहस अधूरी ही नहीं, बल्कि पक्षपातपूर्ण भी मानी जाएगी। न्याय का अर्थ एक ही नियम, एक ही कसौटी और एक ही ईमानदारी है। यदि यह सिद्धांत वास्तव में स्वीकार कर लिया जाए, तो सामाजिक न्याय की बहस नारेबाज़ी से निकलकर नीति और संविधान की गंभीर चर्चा बन सकती है।

To get away from the curse of Reservation. Support this movement.

Try

GC superiority complex shouldn’t be allowed. All are Hindus. No caste. No casteism. Only Hindus. Only Sanatan.

Why any political party wud prefer talking about reservation when those who are badly affected by this illogical system, are continuously voting for them..See when they don't bother about our votes then why should we bother about them..stop voting for them

Didi...ye data dekh lo ek baar..aur apna casteism ka poison apne paas rkho.....sc st obc ke khilaf jahar uglna bad kro.....get some life.....

Acha jiiii

हमारे युवाओं तुम एक नई पहल करो। प्रेम विवाह को बढ़ावा दो। एंडोगेमी (स्वजातीय) विवाह का पूर्ण बहिष्कार करके जातिवाद और इससे उपजी जाति आधारित आरक्षण दोनों को निष्प्रभावी कर दो। विज्ञान कह रहा हैं कि Endogamy से भारतीयों के जींस खराब हो रहे हैं।

Aap sans bhi nahin Le Pa Rahe uska bhi Karan reservation ha Reservation nahin rahata to abhi aap ISRO mein scientist Ek retired IAS officer Leading DRDO research scientist ISRO ka spoke person hoti This people with no qualification just have a camera and shit to split

Phele Dubai se India aur streets par protest karo, fir dekhenge kitna dum hai!

Feminism per apka kya take h Apka ispe kya kehna h ?? 3 major problem in this country 1. Feminism 2. Reservation 3. Secularism All are based on atrocities literature Recommended books The beautiful tree by professor dharampal Dr. Meenakshi jain books DM baat krni h

Didi pehle apne caste ki general women ki reservation hatao if women are equal to men then why they need 30% women reservation

Yeah, this is the IBPS PO application fee. If you still don't believe it, you can Google it or check the official IBPS PO notification yourself. I've also shared the cut-off. Now you can judge for yourself whether OBC and EWS candidates get the benefit of reservation or not.

"जब तक किसी व्यक्ति की पहचान उसकी मेहनत से ज़्यादा उसकी जाति से की जाएगी, तब तक सामाजिक न्याय की आवश्यकता बनी रहेगी। समानता केवल कानून से नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने से आएगी।"

इनका दोष सिर्फ इतना है की ये #दलित समाज से आते हैं और #अम्बेडकर आवासीय विद्यालय में पढ़ने के बावजूद इन्हें वहीं के सवर्ण शिक्षक लगातार प्रताड़ित करते हैं।#आरक्षण हटाने की बात तो जोर शोर से हो रहा लेकिन शोषण-उत्पीड़न और जातिवाद खत्म करने की बात क्यों नहीं हो रहा ? इंतजार रहेगा तथ्यपूर्ण जवाब का ?

देवी आप कन्फ्यूजन ना क्रिएट करे, पहले ये बताए आरक्षण सही है या गलत है। या आरक्षण का विरोध करें या समर्थन करें। आरक्षण केवल गरीबों वाला नौटंकी बंद करें।

Your efforts are for our future generations and a better India. I Salute you. 🫡🫡🫡

I Support Reservation Hatao Andolan 🔥 #ReservationFreeIndia #EndReservations

Reservation hatao aandolan ❌ Caste hatao aandolan ✅

Generals are the bunch of selfish low quality idiots.Tgey wont hit back even if you stab them. They are kandhiyans.

Meanwhile ! is this true ? 😆

आरक्षण हटाओ देश बचाओ

Kab aa rhe ho ground level pr.... 😂 Ya sm pr hi hata doge.

#आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत #आरक्षणमुक्तभारत

I guess you remember yourself what you did nd posted don't try to fool people

एकदम नहीं रुकना चाहिए और आवाज उठाओ इतना ज्यादा उठाओ कि जो भी खुचा मिल रहा वो भी छिन जाए

Remove discrimination first then reservation

Full support reservation hatao movement.

