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SIR को संगठित अपराध की श्रेणी में डाल देना चाहिए।
70,620 görüntüleme • 8 ay önce •via X (Twitter)
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अखिलेश जी पहले SIR को 'वोट कटवाने की साजिश' बताते थे, अब कह रहे हैं कि BJP फॉर्म-7 भरकर नाम हटा रही है। 48 घंटे में ही उनकी बात बदल गई! पहले कहते थे करोड़ों वोट डिलीट हो रहे हैं, अब वीडियो लेकर कह रहे हैं कि BJP एजेंसी हायर करके फेक सिग्नेचर करवा रही है

सर, हार से घबराई BJP के दिन लद चुके हैं। आज वो भी इनके साथ नहीं हैं जो इनकी अंधभक्ति करते थे| हर कोई क़सम खा रहा है की अब गलती नहीं हक़ की बात होगी। मतदाता कह रहे हैं BJP कुछ भी कर ले सत्ता में नहीं आएगी| आपकी मेहनत, सजगता लोकतंत्र को बचा रहा,जिसकी भूरी भूरी प्रशंसा हो रही है।

आदरणीय @yadavakhilesh जी, मैं संतकबीरनगर का मूलनिवासी हूँ, Lko में रहता हूँ। मेरे जिले में स्व भालचंद जी के बाद अगर कोई तेवर वाला नेता है तो जयराम पांडेय। सूचना मिलती है सुबह से रात तक ये जनता में काम करते हैं उनके लिए प्रशासन से लड़ जाते हैं। इस बार हर आदमी इनकी मदद करेगा।

वोट चोर भाजपा

त्रिपाठी , शुक्ला , पांडे…..? ई सब…

वोट चोरों की सत्ता

बहुत जरूरी है

लाख टका परम् आदरणीय माननीय विकास पुरुष भइया जी 👏

Aap apna bhi vidhayak aur karyakarta ko jameen par utharie aur har ghar ghar ja check kijiye kis naam voter list me juda hai aur kis ka nahi... jiska nahi juda hai reason ke sath janta ke samne rakhie aur ECI ko shikayat kar ke naam judae..bas video dalne se kuch nahi hone wala

बिल्कुल, अगर सबूत और पैटर्न साफ़ हों तो ऐसे मामलों को संगठित अपराध की श्रेणी में लाना ज़रूरी है। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए पद या पहचान से ऊपर न्याय होता हैं

सत्ता का दुरुपयोग: जब सरकारी तंत्र का उपयोग मुट्ठी भर लोगों के लाभ के लिए किया जाता है, तो यह 'कानून के शासन' का उल्लंघन है।

यही लोग घूम-घूम कर वोट कटवा रहे हैं।

Yahi sai tumhari haar kee shuruaat jo gai hai !!! 2027 nahi jeeto gai . Intact you will never ever become CM of U.P .....

SIR होना चाहिए लेकिन सब को अपना सबूत पेश करने के लिए समय तो दे बहुत सारे ऐसे है जो पहचान पत्र तक भी नहीं रखते इसका मतलब यह तो नहीं वह विदेशी हो गए..??

अखिलेश यादव जी को संगठित अपराध की परिभाषा बताने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उत्तर प्रदेश ने उनके शासन में संगठित अपराध का सबसे काला दौर देखा है। माफ़िया, गुंडे और अपराधी सत्ता के संरक्षण में खुलेआम घूमते थे। आज जब SIR और कानून एजेंसियाँ सख़्ती से काम कर रही हैं, तो वही लोग बौखलाहट में उसे ‘अपराध’ बता रहे हैं। यह बयान नहीं, अपराधियों के प्रति हमदर्दी का खुला सबूत है। कानून से डरने वालों को हर कार्रवाई अपराध ही लगती है।

ये भाजपायी चोरी पर उतर गए है

मुख्य आरोपी

इधर भी आरक्षण लो ना.... या सिर्फ हराम का खाने के लिए आरक्षण लेगा ST, ST, OBC

बात बिल्कुल पते की है अगर ऐसा ही चला तो बुरा हाल होगा हर विपक्षी दल का ।

यह तो खुली धांधली है। उम्मीद है इलेक्शन कमीशन सभी पर कड़ी कार्रवाई करेगा। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ceoup

@Anshulydv02 जब बंद कमरे में आप लोग मोदी जी के साथ चाय पी रहे थे प्रियंका गांधी जी भी वहां मौजूद थी तो सवाल नहीं पूछे थे सब नेता मिलकर बस जनता को ही चुटिया बनाते हो

🙏🏻

हाँ..! क्यूंकि उत्तर प्रदेश के विपक्ष सबसे बड़े नेता ने अपने AC वाले बंगले से tweet कर के कह दिया है तो अब डाल ही दिया जाएगा

बिल्कुल

अखिलेश अब हर प्रशासनिक प्रक्रिया को “संगठित अपराध” बताकर खुद को सबसे बड़ा जज और जांच एजेंसी साबित करना चाहते हैं। जब तर्क कम पड़ते हैं, तब आरोपों की आंधी चला देना उनकी पुरानी रणनीति है। गंभीर मुद्दों पर समाधान देने के बजाय सस्ती सुर्खियाँ बटोरना ही उनका असली एजेंडा दिखता है। जिन्हें हर व्यवस्था में साज़िश दिखे, वे पहले अपनी राजनीति के रिकॉर्ड पर भी ईमानदार नज़र डाल लें।

SIR पर सवाल उठाने वाले वही हैं जिनके दौर में अपराध unchecked था योगी राज में कानून मजबूत है और अपराधी सिस्टम के सामने टिक नहीं पाते

@nirveshky खुद सबसे पहले SIR फॉर्म भर दिया और दूसरे को बेवकूफ बना रहा है टोटी 😆

अब चुनाव आने वाला है अब लोग मैदान मे मतदाता का नाम काटने पर उतर चुके है

