Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

अमेरिका के राष्ट्रपति Trump ने अपने आदेश में लिखा है- "भारत रूस से तेल नहीं ख़रीदेगा, वह हमारे हथियार भी ख़रीदेगा। अगर हमें लगता है कि भारत किसी भी तरह से रूस से तेल ख़रीदना शुरू कर देता है तो भारत पर फिर से 25% टैरिफ़ लगाया जाएगा।” यह...

48,977 görüntüleme • 7 ay önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

ट्रेड डील में भारत की ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ ⦿ 6 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पेनल्टी टैरिफ के आदेश में लिखा- भारत ने अमेरिका से वादा किया है कि वह रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा ⦿ ट्रंप ने ये भी लिखा- अमेरिका ये निगरानी करेगा कि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर, रूस से कच्चा तेल न खरीदे। अगर ऐसा हुआ तो पेनल्टी दोबारा लगा दी जाएगी ⦿ 9 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा जारी फैक्ट शीट में भी भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल न खरीदने का वादा करने की बात दोहराई गई ⦿ 14 फरवरी, 2026 को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत ने रूस से कच्चा तेल न खरीदने का सशर्त वादा किया है ⦿ अमेरिका मई, 2024 में पाबंदी लगा चुका है कि भारत, ईरान से भी कच्चा तेल नहीं खरीद सकता, जिसे मोदी सरकार ने स्वीकार कर लिया है ⦿ भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है। हम 40% कच्चा तेल रूस और 11% कच्चा तेल ईरान से आयात करते थे। यानी कुल जरूरत का लगभग 51% ⦿ फरवरी 2022 से जनवरी 2026 के बीच भारत ने रूस से 15.24 लाख करोड़ रुपए का कच्चा तेल आयात किया और सस्ती दरों के कारण लगभग 1.81 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई अब ट्रंप के कहने पर मोदी सरकार अमेरिका और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगी, लेकिन रेट सस्ता नहीं होगा। ऐसे में मेरा सीधा सवाल है- क्या ये भारत की आत्मनिर्भरता के साथ खिलवाड़ नहीं है? : कांग्रेस महासचिव Randeep Singh Surjewala जी 📍 दिल्ली

Congress

11,871 görüntüleme • 7 ay önce

U.S. सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो“ को जवाब देते हुए EAM डॉ. एस. जयशंकर“ को सुनिए.. कल अमेरिका कह रहा था कि भारत को जितना तेल चाहिए, उतना अमेरिका बेचने को तैयार है। आज एस. जयशंकर ने इशारा साफ कर दिया, आपके लिए अमेरिका फर्स्ट है, तो हमारे लिए भारत फर्स्ट है। भारत की जिम्मेदारी अमेरिका को खुश करना नहीं, बल्कि 1.4 अरब लोगों को सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा देना है। हम अपने लोगों के लिए किसी एक देश के सप्लाई पर या उसे देश की इकोसिस्टम पर निर्भर नहीं रह सकते हमें इसके लिए मल्टीपल सोर्स चाहिए और सस्ता सोर्स चाहिए और हम कहीं से भी तेल लेने के लिए स्वतंत्र है तेल कहां से आएगा, यह फैसला दबाव से नहीं, भारत के हित से होगा। अगर सस्ता तेल कहीं और मिलेगा, तो भारत वही देखेगा। उन्होंने ये भी दोहराया की भारत के रूस के साथ मज़बूत रिश्ते हैं"🔥 एस जयशंकर ने आज दिल जीत लिया 🇮🇳🙌💪🏻

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

15,541 görüntüleme • 4 ay önce

“जो तुमको हो पसंद, वही बात कहेंगे तुम दिन को कहो रात, तो रात कहेंगे” यही गाना आजकल नरेंद्र मोदी ट्रम्प के लिए गा रहे हैं ▪️अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर दोनों सरकारों का joint statement आ गया है और इसमें ठीक वही बात कही गई है, जो ट्रंप ने आज से चार दिन पहले अपने ट्विटर पर कही थी - जिसके ख़िलाफ़ भारत सरकार ने कोई प्रतिकार नहीं दी थी. क्योंकि मोदी सरकार ने तो ट्रम्प के आगे दण्डवत प्रणाम करके पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया है ▪️यह एक ज़बरदस्त, शानदार, लाजवाब ट्रेड डील है - लेकिन अमेरिका के लिए. ▪️भारत के किसानों, छोटे और बड़े व्यापारों, यहाँ पर होने वाले निवेश, हमारे वैश्विक ट्रेड की तो आहुति चढ़ाई गई है. मोदी ने अमेरिका के हाथों देश बेच दिया है. • बयान के मुताबिक- अमेरिका हमसे 18% टैरिफ वसूलेगा, जो पहले 3% से कम होता था. भारत अमेरिका से आने वाले सामानों पर से टैरिफ हटाएगा. • भारत के कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक कैमिकल, घर की सजावट के सामान, कारीगर उत्पाद, मशीनरी सब पर 18% टैरिफ लगेगा और इसका बहुत नुकसान भारत को होगा. • अमेरिका से आने वाले खेती से जुड़े बड़ी संख्या में सामानों पर टैरिफ नहीं लगेगा. अमेरिका के फल, dried distillers’ grains (DDGs), पशु चारा के लिए लाल ज्वार, ड्राई फ्रूट पर टैरिफ हट जाएगा. • भारत अमेरिकी फूड और खेती के उत्पादों पर से नॉन-टैरिफ बैरियर को भी हटाएगा. मतलब भारत अपने बाजार को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोल रहा है. • इसके साथ ही अमेरिका से आने वाले खाने पीने के सामान पर भी टैरिफ हट जाएगा. • मोदी ने ट्रंप से ये भी समझौता किया है कि भारत अगले 5 साल में 500 बिलियन डॉलर का सामान अमेरिका से खरीदेगा, जैसे- ऊर्जा (तेल-गैस), विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट, खेती का सामान और कोयला. • रूस से तेल ना खरीदने की शर्त भी मानी गई है. रूस से तेल ख़रीदने पर जो 25% टैरिफ लगा था उसको हटाते हुए ट्रंप ने धमकाते हुए कहा है- हम भारत पर निगरानी रखेंगे. अगर ये लगा कि भारत फिर से रूस से तेल खरीद रहा है तो हम तुरंत टैरिफ ठोक देंगे. 👉मोदी ने भारत के आत्मसम्मान को मटियामेट किया है. यह साफ़ है कि अमेरिका में अडानी पर कसते कानूनी शिकंजे और ख़ुद अपना नाम Epstine Files में आ जाने के बाद मोदी जी भयंकर दबाव में हैं - और कुछ भी करके बचना चाहते हैं - फिर वो राष्ट्रहित का समझौता ही क्यों ना हो 👉👉एक compromised प्रधानमंत्री ने एक compromised डील करके देश का भारी नुक़सान किया है

Supriya Shrinate

67,208 görüntüleme • 7 ay önce

ट्रंप की धमकी के आगे एक बार फिर नरेंदर-सरेंडर हो गए हैं। ट्रंप ने आदेश दिया कि रूस से तेल खरीदना बंद करो, मोदी फटाफट आदेश का पालन करने में जुट गए। अब खबर है कि रिलायंस रूस से तेल खरीदना कम करेगा। रिलायंस रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीदता था। ट्रंप पहले ही बता चुके हैं कि इस साल के अंत तक भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। एक बात साफ है- नरेंद्र मोदी कमजोर प्रधानमंत्री हैं। यही वजह है कि भारत के फैसले अब ट्रंप ले रहे हैं। रूस भारत का पुराना सहयोगी रहा है और ट्रंप के दबाव में मोदी रूस से संबंध खराब कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने अपनी 'पप्पी-झप्पी' वाली विदेश नीति से देश का बहुत नुकसान किया है।

Congress

204,070 görüntüleme • 11 ay önce