Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

मैं खुश नहीं हूं कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है. इसे लेकर मैं मोदी से भी खुश नहीं हूं. इसलिए आज मोदी ने मुझे आश्वासन दिया है कि वो रूस से तेल नहीं खरीदेंगे. यह एक बड़ा पड़ाव है. अब हमें चीन से भी यही काम करवाना...

96,277 views • 10 months ago •via X (Twitter)

0 Comments

No comments available

Comments from the original post will appear here

Related Videos

ट्रंप की धमकी के आगे एक बार फिर नरेंदर-सरेंडर हो गए हैं। ट्रंप ने आदेश दिया कि रूस से तेल खरीदना बंद करो, मोदी फटाफट आदेश का पालन करने में जुट गए। अब खबर है कि रिलायंस रूस से तेल खरीदना कम करेगा। रिलायंस रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीदता था। ट्रंप पहले ही बता चुके हैं कि इस साल के अंत तक भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। एक बात साफ है- नरेंद्र मोदी कमजोर प्रधानमंत्री हैं। यही वजह है कि भारत के फैसले अब ट्रंप ले रहे हैं। रूस भारत का पुराना सहयोगी रहा है और ट्रंप के दबाव में मोदी रूस से संबंध खराब कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने अपनी 'पप्पी-झप्पी' वाली विदेश नीति से देश का बहुत नुकसान किया है।

Congress

204,066 views • 10 months ago

भारत सरकार जो निर्णय लेती है, उसकी घोषणा वाशिंगटन से होती है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप बताते हैं कि भारत सरकार ने क्या निर्णय लिया है। 10 मई, 2025 को अमेरिका के राष्ट्रपति का ट्वीट आता है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को रुकवाया गया है। उसके बाद वे 51 बार अलग-अलग देशों में ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' रुकवाया है। वहीं, कल शाम को ट्रंप कहते हैं- मैंने कहा है कि भारत को रूस से तेल नहीं खरीदना चाहिए और मुझे ये भरोसा दिलाया गया है कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। इतना सब हो रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप हैं- उनकी '56 इंच की छाती' कहां गई? आखिर मोदी सरकार ट्रंप से क्यों डरी हुई है? : कांग्रेस महासचिव (संचार) Jairam Ramesh जी

Congress

42,852 views • 10 months ago

ट्रेड डील में भारत की ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ ⦿ 6 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पेनल्टी टैरिफ के आदेश में लिखा- भारत ने अमेरिका से वादा किया है कि वह रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा ⦿ ट्रंप ने ये भी लिखा- अमेरिका ये निगरानी करेगा कि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर, रूस से कच्चा तेल न खरीदे। अगर ऐसा हुआ तो पेनल्टी दोबारा लगा दी जाएगी ⦿ 9 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा जारी फैक्ट शीट में भी भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल न खरीदने का वादा करने की बात दोहराई गई ⦿ 14 फरवरी, 2026 को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत ने रूस से कच्चा तेल न खरीदने का सशर्त वादा किया है ⦿ अमेरिका मई, 2024 में पाबंदी लगा चुका है कि भारत, ईरान से भी कच्चा तेल नहीं खरीद सकता, जिसे मोदी सरकार ने स्वीकार कर लिया है ⦿ भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है, जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है। हम 40% कच्चा तेल रूस और 11% कच्चा तेल ईरान से आयात करते थे। यानी कुल जरूरत का लगभग 51% ⦿ फरवरी 2022 से जनवरी 2026 के बीच भारत ने रूस से 15.24 लाख करोड़ रुपए का कच्चा तेल आयात किया और सस्ती दरों के कारण लगभग 1.81 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई अब ट्रंप के कहने पर मोदी सरकार अमेरिका और वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगी, लेकिन रेट सस्ता नहीं होगा। ऐसे में मेरा सीधा सवाल है- क्या ये भारत की आत्मनिर्भरता के साथ खिलवाड़ नहीं है? : कांग्रेस महासचिव Randeep Singh Surjewala जी 📍 दिल्ली

Congress

11,871 views • 6 months ago