Video wird geladen...
Video konnte nicht geladen werden
आँखों-आँखों में गुज़र गया एक सदी का चौथा हिस्सा…
245,293 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)
10 Kommentare

नेतृत्व की नज़रों में बसी उम्मीदों की रोशनी है, अखिलेश यादव जी में बदलाव की सदी झलकती है। 🌟👏

OLD is gold. Akhilesh yadav zindabad ✌️♥️🚲

आजमगढ़ असली गढ़ 🙏

गजब का रेला है भईया ने

लगता है अम्बेडकरनगर की जनता सम्मान नहीं देती है क्या भैया जी अम्बेडकर नगर में कोई काला झंडा नहीं दिखता है आज़मगढ़ की तरह रही बात सम्मान की हम लोग भी हम लोग भी अम्बेडकरनगर के रहने वाले हैं आपने यह गलत बोल दिया 😢

कृष्ण से बड़ा कोई....

इसी सदी की शुरुआत हुई थी,तभी आपकी भी राजनीति की शुरुआत हुई थी।तब बहुत कम लोगों को ये अंदाज़ था कि ये नया इतिहास बनाने की भी शुरुआत है

पहले की अपेक्षा अब अनुभवी प्लेयर हो चुके हैं

इस पर क्या राय है आप सबकी ?

युवा अखिलेश से बहुत उम्मीदे थी! सोचा था शिक्षित हे, अपने दंगल-प्रेमी और अखाड़े के पहलवान, मुलायम सिंह साहेब से कुछ अलग दाव-पेच इस्तेमाल करेगा, अपनी युवा-सोच सहारे! पर जिसदिन इस खुदगर्ज़ ने अपने बाप को मंच पर सबके सामने जलील किया, उस दिन समझ आ गया, ये सत्ता-का भूखा किसी का नहीं!🤔
