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Ana Sayfaya Dön

आखिर बीमा के नाम पर ये कैसी लूट मचा रखी है! यदि आपको SBI की भांकरोटा शाखा मे खाता खुलवाना है तो पहले अपने पिछवाडे वाली जेब मे 2000 रुपये बीमा के लिए अतिरिक्त लेकर चले अन्यथा आप अपना खाता Online खुलवा सकते है संभवत बिना बीमा के आपका...

82,586 görüntüleme • 4 ay önce •via X (Twitter)

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Benzer Videolar

खुल्ले लेने के चक्कर मे Uncle का पोपट हो गया... 😜 ले बेटा 100 के खुल्ले दियो... Uncle खुल्ले तो नही है.... अरे देदे बेटा बाहर रिक्से वाला खड़ा है. देने है ऊसे. Uncle जब नही है तो क्या बना के दु....🤣 बड़ा बदतमीज बच्चा है तु तुझे तमीज नही सिखाई बड़ों से बात करने की... Uncle मेने कॉनसे आपके सर के बाल नोच लिए.... बस इतना ही तो कहा है केह रहा हु खुल्ले नही है... चॉकलेट ले लिया अब तो हो जायेंगे न खुल्ले... नही Uncle अभी भी नही होंगे..... ले मे एक और चॉकलेट ले लेता हु अब तो हो जायेंगे ? हा Uncle अब तो सीधा सीधा हिसाब हो गया.. ये लो आपके बचे हुए पैसे.... ये क्या दे रहा है तु मुझे 90 रुपये दे... 5 5 की 2 चॉकलेट खाई है. 10 रुपये तो हुए... Uncle ये 5 रुपये वाली चॉकलेट नही है 45 वाली है... Ferrari कंपनी की..... 😝 ग्राहक Uncle और इस क्यूट से बच्चे की प्यारी नोक जोक से बना ये वीडियो आपको हसने पर मजबूर कर देगा.... वीडियो आखिर तक देखे तभी मजा है....

Hussain Ali🇮🇳

12,653 görüntüleme • 4 ay önce

मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं। Epstein files में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना - ये शर्म की बात है। आपने अमेरिका के साथ जो Trade deal की है, जिसमें आपने देश को बेच दिया - ये शर्म की बात है। हमारे देश का डेटा दे दिया। किसानों को खत्म कर दिया। टेक्सटाइल इंडस्ट्री बर्बाद कर दिया - ये शर्म की बात है। पूरा देश जानता है, अडानी पर अमेरिका में चल रहे केस ने आपकी रातों की नींद उड़ा रखी है - क्योंकि वो BJP और आपके फाइनेंशियल आर्किटेक्चर पर केस है। 14 महीनों से उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई - ये शर्म की बात है। मोदी जी, आप अपने मित्रों अनिल अंबानी, अडानी और अपने लिए जो उचित समझें, वो कीजिए। मैं और कांग्रेस पार्टी के बब्बर शेर देश की रक्षा करते रहेंगे - एक इंच पीछे नहीं हटेंगे।

Rahul Gandhi

2,294,420 görüntüleme • 6 ay önce

मध्यप्रदेश, रायसेन में कल्लू ने खुद को मरा हुआ घोषित करने के लिए अपने दोस्त मोहम्मद सलमान की हत्या कर दी और चहरे को पत्थर से मार–मार कर बिगाड़ दिया! कल्लू पर बैंक का 35 लाख रुपए का कर्ज था! कर्ज से बचने के लिए कल्लू पूरे परिवार के साथ मिलकर साजिश रची कि– "किसी भी तरह कल्लू को मरा हुआ घोषित कर दे ताकि कर्ज माफ हो जाए" कल्लू ने 25 लाख का बीमा भी करा रखा था जो उसके मरने के बाद उसकी पत्नी को मिलते! कल्लू ने साजिश के तहत अपने दोस्त सलमान को नौकरी दिलाने के बहाने सुनसान जगह ले जाकर रुमाल से गला घोंटकर कर हत्या कर दी और पत्थर से कूच कर चहरा बिगाड़ दिया! और जेब मे अपना आधार कार्ड और घर का फ़ोन नंबर डाल दिया! जब कुछ लोगों ने लाश देखी तो पुलिस को सूचना दी! पुलिस को सलमान के पॉकिट से कल्लु का आधार कार्ड व उसके घर का मोबाइल नंबर मिला! परिवार वालो ने कहा ये लाश कल्लू की है! पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद लाश परिवार को सौंप दी! घरवाले जैसे लाश लेकर घर पहुंचे तो बिना किसी को बताए आनन–फानन मे अंतिम संस्कार के लिए जाने लगे! पुलिस को शक हुआ तो पड़ोसियों से पूछ ताछ की! तो लोगों ने कहा– "ये लाश कल्लु की नही है, कल्लु के पैर की दो उंगलियां चिपकी हुई थी, रंग भी कल्लु से नही मिल रहा" घरवाले लाश को जलाने ही वाले ही थे, तभी पुलिस पहुंच जाती है और लाश को कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर देती है! पुलिस जब सख्ती से पूछताछ करती है तो परिवार टूट जाता है और कल्लु का पता बता देता है! तब भांडा फूटता है कि लाश कल्लु की नही मोहम्मद सलमान की है!

Sadaf Afreen صدف

54,288 görüntüleme • 3 yıl önce

बृजेश मिश्रा- हनुमान गढी पर नामज का क्या मामला है वीरेन्द्र सिंह- बात सन 2003 की है तब हनुमान गढी के महन्त ज्ञान दास जी थे और उन्होने सामाजिक सौहार्द बढाने के लिए रमजान महीने मे हनुमान गढी मे रोजा इफ्तार कराया था तो ये महन्त ज्ञान दास का आयोजन था सपा का इससे कोई लेना देना नही था हिन्दू-मुश्लिम एकता को बढाने के लिए ये आयोजन किया गया था CM योगी इस मामले को राम मंदिर चोरी की काट में मंच से मुद्दा बनाने की पूरी कोशिश कर रहे है पर सफल नही हो पा रहे तो ये मुद्दा है 23 साल पहले का, अब 23 साल बाद जिन्न फिर जिन्दा हुआ है 🤪🤣 इस सरकार में हिन्दू-मुस्लिम तो आपने खूब सुना होगा, अली-बजरंगबली भी आपने सुना, शमशान-कब्रिस्तान भी आपने सुना अब नमाज-पूजा की बात भी आई है !!

Braj Shyam Maurya

32,704 görüntüleme • 1 ay önce

पत्रकार:- अगर राहुल गाँधी नौटंकी कर रहे तो दिल्ली पुलिस को FIR करनी ही नही चाहिए भाजपा प्रवक्ता:- बिल्कुल है नौटंकी 😳 पत्रकार:- अच्छा तो उनकी बात क्यो मान ली भाजपा प्रवक्ता:- (मिमियाते हुए) मै आज आपकी पत्रकारिता पर सवाल उठाता हूं कि आपने झारखंड के बच्चो की बात की, पंजाब के बच्चो की बात की पत्रकार:- अच्छा, गोली चला दी, पैलेट गन चला दी और यहां पर पर्दा दारी कर रहे, संसद मे कह रहे पैलेट गन नही चली, और FIR करने मे 7 दिन लग गए भाजपा प्रवक्ता:- (हक्का बक्का होकर) उसने ये नही कहा की पुलिस ने मेरे उपर गोली चलाई 😳 पत्रकार:- अच्छा ये FIR पढी आपने, देखिए आप इतना WhatsApp का गलत ज्ञान क्यो डालते है, अब तो IT सेल भी बदलना पड गया आपको 🤪🤣 –––– इस डिबेट मे एंकर सुधीर चौधरी के आगे भाजपा प्रवक्ता प्रोफेसर महेश वर्मा रोए नही है बाकी सब हो गया 🤣🤪

Braj Shyam Maurya

216,052 görüntüleme • 7 gün önce

प्रयागराज की निवासी IPS अंशिका वर्मा ने UPSC 2020 के एग्जाम मे 136 वीं रैंक हासिल की थी। वर्तमान बरेली की IPS है। 🔥 अंशिका वर्मा का कहना है स्टूडेंट जब पढ़ाई करता है तो उसके पास पढ़ने के लिए बहुत सारे मटेरियल होते हैं स्टूडेंट उसी में उलझ कर रह जाता है और जो नही इंपॉर्टेंट होता है उसे पढ़ने लग जाते हैं तो इन सबको एलिमिनेट करने के लिए आपको एनालिसिस करना चाहिए की एग्जाम में प्रश्न कैसे पूछे जाते हैं उसके बाद पुराने पेपर्स का विश्लेषण करते हुए पढ़ाई करनी चाहिए तो फिर आपका सलेक्शन कोई नहीं रोक सकता अंशिका वर्मा करीब 10 घंटे पढ़ाई करती थी...!! यदि आप काॅम्पिटीशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो अंशिका वर्मा की बात को गौर से सुने। SP अंशिका वर्मा SP कृष्ण कुमार विश्नोई की शादी सम्पूर्ण भारत मे चर्चित है।

SARITA_BISHNOI

108,115 görüntüleme • 5 ay önce

जय श्रीराम साथीयो। जैसा की हमने हिमांशी स्वामी के बारे मे दो अलग अलग पार्ट मे जितना जरूरी था सब पढा। मगर इस बार पढने लायक कुछ नही है तो मे इसका एक विडीयो पोस्ट कर रहा। पहले पार्ट को साथ मे संलग्न किया है जहा से दुसरे पार्ट भी मिल जाऐंगे। लेफ्टिस्ट होने की वजह से ही राहुल गांधी बाकी 27 मृतको के घर ना जाकर सिर्फ हिमानी को ढांढस बधाने पहुंचे थे और वही पर यह कहानी लिखी गयी होगी की कश्मीरी और मुस्लिम समुदाय के लिए मार्मिक अपील करे। जेएनयू के ही राहुल ने आंखो देखी बात फोन पर बताई। आप लोगो को समझाने के लिए यह काफी होगा की एक बाप की बिगड़ हुई औलाद किस तरह की होती है। शायद विनय नरवाल से शादी करने का कारण भी पैसा ही रहा होगा जो 7 दिन की शादी के बाद भर भर कर मिलेगा हिमांशी स्वामी को। मगर लोचा उसमे यह भी है की किसी भी सरकारी कर्मचारी को शादी के बाद शायद नॉमिनी अपडेट करना होता है जो 7 दिन की शादी मे विनय नरवाल ने नही किया होगा। उम्मीद है की सरकार इन सारी चीजो को ध्यान मे रखकर विनय के माता पिता को हरसंभव मदद करे। और आप सब लोग रिकार्डिंग सुनकर विनय को श्रद्धांजली दे। लेफ्टिस्ट के प्रोपागांडा फेल करने के लिऐ साथ जुडे रहे। धन्यवाद।

Cyber Huntss

197,561 görüntüleme • 1 yıl önce

कुमार अभिषेक:- 2027 आपको लगता है कि आप लोग जीत लेंगे, सपा का PDA आपके लिए चैलेंज नही है...? मनोज पाण्डेय:- सवाल ये है कि जब आप मलाई खा रहे हो तो चार लठैत बैठा दे कि कोई इधर देखने भी न पाए... सिपाही की भर्ती हुई तो क्या हुआ सिचाई विभाग की भर्ती हुई तो क्या हुआ PWD विभाग की भर्ती हुई तो क्या हुआ सहकारिता की भर्ती हुई तो क्या हुआ मनोज पाण्डेय लगातार सपा सरकार मे हुई भर्तियों पर निराधार आरोप लगा रहे... पर वहीं योगी सरकार मे लगातार हो रहे पेपर लीक और पेपर कैंसिल के विषय में इनके मुह से एक शब्द नही निकलता !! बाकी सत्ता की मलाई खाने के लिए सपा से गद्दारी किसने की ये तो पूरे उत्तर प्रदेश ने देखा है !!

Braj Shyam Maurya

15,540 görüntüleme • 2 ay önce

ये एक्टर विनोद सूर्यवंशी जी है, जी हाँ वही पंचायत सीरीज के नए सचिव जी, वैसे सूर्यवंशी नाम से आप इन्हें वैभव सूर्यवंशी से जोड़ के ना देखे इन्होंने बताया की 2012 मे ये dairy फैक्ट्री मे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे और ज़ब सुनील शेट्टी इनके फैक्ट्री के विजिट पर आये तो इन्हें सेल्फी लेने का मौका तक नहीं मिल पाया परन्तु अपनी लगन, ज़िद, मेहनत के बूते इन्होंने फिर 2023 मे सुनील शेट्टी अभिनीत सीरीज “Hunter Tootega Nhi Todega” मे उनके दोस्त की भूमिका निभाई तो सार ये है की अपनी पहचान बनाये, जो नहीं मिला उसके लिए अफ़सोस ना करे बल्कि अपनी लगन, परिश्रम के बल पर आगे बढे शायद उससे भी बड़ी मुकाम आपकी इंतज़ार मे हो. ..

नश्वर

138,479 görüntüleme • 1 ay önce

1997 में शरद जी अपने प्रधानमंत्री गुजराल जी को रोक कर गर्जना करते हुए स्पीकर से कहते हैं, "दो मिनट सुनने में क्या परेशानी हो रही है? इतने बड़े देश का फ़ैसला कर रहे हैं आप! आपने बड़ी सिम्पलीफ़ाय कर दिया इसको, बहुत सिम्पलिस्टिक तरीक़े से कर दिया इसको। ये बात ऐसी नहीं है। कंसेंसस की बात नहीं है। ये हाउस के अंदर होगा फ़ैसला! आपने अलाउ किया था 5 मिनट के लिए (नीतीश कुमार जी की ओर इशारा करते हुए)। मैं भी बहुत बात बोलना चाहता हूं। ये मामूली बात नहीं है। मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता। हमलोग सबलोग इसके हक़ में हैं। सब लोग इसके हक़ में हैं। लेकिन बग़ैर बात सुने... आपने अलाउ कर दिया उनको पांच मिनट के लिए और इसके बाद आप कह रहे हैं... आपने फिर रूलिंग कर दी! मैं आपसे विनती करना चाहता हूं कि करोड़ों लोगों की भावना को... 280 लोग हैं यहां, जो लोग हैं जो अपने पुरुषार्थ से... आरक्षण (राजनैतिक) से नहीं आए हैं। आरक्षण से नहीं आए हैं वो। हमलोग जो यानी मध्य की जाति के लोग हैं यहां, हमने कभी रेज़र्वेशन नहीं मांगा। तैंतीस फ़ीसदी, 180 सीटों का आप आरक्षण करना चाहते हैं और 5 मिनट के लिए किसी मेंबर को बोलने नहीं देना चाहते? देश का फ़ैसला करना चाहते हैं आप! इस सदन के चरित्र को बदलना चाहते हैं। अध्यक्ष जी, मैं बोलना नहीं चाहता। मुझे इतनी तकलीफ़ है! आप यानी लोगों के, करोड़ों करोड़ों लोगों के... इस तरह नहीं हो सकता ज़बरदस्ती! आपने कहा कि एक मिनट बोलेंगे। यहां लोगों को, मेंबरों को आपने अनुमति दी! एक मिनट के लिए उनकी भावना सुनने को तैयार नहीं कोई। आप कहते हैं कंसेंसस! कंसेंसस पता चल जाएगा इस हाउस में आपको! आपको पता चल जाएगा! कहां है कंसेंसस? देश में आप पैंडोरा बॉक्स खोल रहे हैं। संग्राम होगा! आप समझ क्या रहे हैं? यानी इस सदन में आप फ़ोर्स कर रहे हैं? हो सकता है आपके पास मीडिया है, आपके पास अख़बार है, आप हमारी तकलीफ़ को पांच मिनट के लिए सुनना नही चाहते हैं? हमने इस तकलीफ़ को... कौन-सा कंसेंसस है? मैंने बार-बार कहा है इसको। मैंने स्टीयरिंग कमिटी मे कहा है, डीएमके के लोगों ने कहा है, कौन-सा‌ कंसेंसस कर रहे हैं आप? लोगों की बात नहीं सुनना चाहते? कौन-सी महिला? क्या अंतर है सुषमा स्वराज मे, क्या अंतर है मुरली मनोहर जोशी मे, क्या अंतर है गीता मुखर्जी मे? इनके बोलने मे? इनके संस्कार मे? हमारी महिला, उसके हाथ आप कुचल‌ देंगे यहां? इतना बड़ा बिल लाएंगे, 2 दिन पहले सर्कुलेट होता! कॉन्स्टिट्यूशन बिल जो है, 2 दिन पहले, 2 दिन पहले उसको सर्कुलेट किया जाता है। मै इस संस्था का, इस सरकार का आदर करता हूं। बड़ा ख़ून बहा कर के हमलोगों ने इसको बनाया है। मै बात ज़्यादा नही करना चाहता। इसको ज़रूर समझ लीजिए। मुझे, मै इतना आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि इस पर घंटों बोला जाएगा। और इस सदन मे जो-जो लोग हैं, उनको बेनक़ाब किया जाएगा! बेनक़ाब किया जाएगा! और आप सोच रहे हैं महिला! अरे आप महिला का जुलूस निकालना! यदि दस गुणा नही (निकाला हमने), तो हम हलक से सांस बाहर निकाल देंगे! कौन महिला है, कौन नही है! सिर्फ़ बाल कटी महिला भर महिला नहीं है! ये लोगों की दो मिनट बात नही सुनेंगे आप! बात नही सुनेंगे आप!" क़ानून मंत्री तक को यह वहम था कि शरदजी क़ोटे मे क़ोटे की मांग करके शायद ओबीसी पुरुषों के लिए भी लोकसभा& विधानसभा की सीटें आरक्षित करना चाहते हैं जिस पर सर्वदलीय बैठक मे शरदजी ने कन्फ़्यूजन दूर किया था कि ऐसा हम कतई नही चाहते, न भविष्य मे कभी चाहेंगे। हम तो सिर्फ इतना चाहते हैं कि जब महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढाना चाहते हो तो उसमे ओबीसी & माइनॉरिटी महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व करो ताकि उन्हे वाजिब हक़ मिल जाए। शरदजी बार-बार विभिन्न दलों के अपने मित्रों के बीच रायशुमारी कर सहमति बना चुके थे कि स्पीकर से कहना है कि जब कभी वोटिंग होगी, बस व्हिप ज़ारी न किया जाए, फिर देख लें कि बिल मौजूदा स्वरूप में कैसे पास हो जाता है? शरदजी के इस कालजयी हस्तक्षेप के बाद जो होना था, हुआ। सबने अपने-अपने रंग दिखाए, फिर जब शरदजी के इस वक्तव्य पर उस दिन चर्चा हुई तो एक बार पुनः स्पीकर के रवैये (वैसे शरद जी प्रधानमंत्री द्वारा किये गये छल से अधिक आहत थे, पर‌ स्पीकर से वे उम्मीद कर रहे थे कि वे इंसाफ की भावना के साथ उस बिल को ट्रीट होने देंगे) के प्रति अपने आक्रोशपूर्ण लहजे के लिए खेद प्रकट किया और महिला आरक्षण विधेयक पर दिन की शुरुआत के समय से भी अधिक अपने पक्ष मे लोगों को कर गये& राष्ट्रीय स्तर पर जातिवार जनगणना करा कर आबादी के अनुरूप महिला आरक्षण को 33 ही नही, बल्कि 50% करने की वकालत के साथ बेहद ठोस दार्शनिक आधार प्रदान करते हुए क़ोटे मे क़ोटे की लडाई को कवच से लैस कर दिया। शरद यादव होने का इस इस देश की संसद मे यही मतलब था!

Dr. Jayant Jigyasu

30,248 görüntüleme • 4 ay önce

आपका नाम ओशिन शर्मा है ,आप हिमाचल प्रदेश की पीसीएस अधिकारी हैं ,आप असली रानी हैं , साल के बारह महीने आप अपने ऑफिस से लेकर घर तक केवल कोचिंग ,ट्यूटोरियल और मोटिवेशनल वीडियो बनाया करती हैं , कभी बांग्लादेश क्राइसिस समझाती हैं तो कभी बच्चों का एफडीआई कांसेप्ट क्लियर करती हैं , वीडियो की रीच 5 मिलियन होने पर लोगों का धन्यवाद देने का समय है अपनी बहन को प्रमोट करने का समय है लेकिन अपने इलाके के काम करने का समय नहीं है, जब आपकी जांच की गई तो पाया गया कि छोटे से लेकर बड़े काम लंबित पड़े हैं और इसके लिए आपको नोटिस भी दी गई है , रानी यही तो करती है पेल के सरकारी तनख्वाह लेती है और सरकारी नौकरी के नाम पर दिन भर सोशल मीडिया इनफ्लूएंसिंग करती है ,क्षेत्र और राज्य जाए भाड़ में यूट्यूब मोनेटाइजेशन आता रहना चाहिए । ये होती है रानी वाली क्वालिटी ।

खुरपेंच

448,484 görüntüleme • 1 yıl önce