Video wird geladen...
Video konnte nicht geladen werden
आज लोकसभा में संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर अपनी बात रखी।
89,941 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)
8 Kommentare

चन्द्र शेखर आजाद ने आज लोकसभा में संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने संविधान की उद्देशिका और उसकी मूल भावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि आज के समय में संविधान की रक्षा और उसके आदर्शों को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने दलित, पिछड़े, और वंचित समुदायों को संविधान के माध्यम से मिले अधिकारों पर प्रकाश डाला और कहा कि इन अधिकारों को बनाए रखने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। चंद्र शेखर आजाद ने यह भी कहा कि संविधान की आत्मा को जीवित रखने के लिए शासन-प्रशासन को उत्तरदायी होना चाहिए।

सीधी बात नो बकवास

बहन मायावती जी ने डॉ. अंबेडकर और कांशीराम साहब के विचारों को अपनाकर, दलित समाज को सत्ता की मुख्यधारा में लाने के लिए संघर्ष किया। उनका नेतृत्व सिर्फ बातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने हमारे अधिकारों को प्राप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए।

बहुत ही शानदार

आपने तो पूरा संसद भवन ही हिला दिए हैं एक ही दिल है कितना बार जीतेगा भईया

आज हर परिस्थिति में बहुजनों का आवाज बनकर सदन में हमारे हक हकूक के लिए लड़ते एकमात्र वीर योद्धा "चंद्रशेखर भाई आजाद " को हृदय सलाम🫡 जोहार 🙏🏻जय भीम ✊🏻नमोः बुद्धाय 💐 भाई तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं... 🫡🫡 लाख लाख जोहार, जय भीम, जय संविधान ✊🏻✊🏻

#बहुजनों_की_बुलंद_आवाज़_चंद्रशेखर_आज़ाद

निडर बेबाक भाई चंद्रशेखर आजाद जय भीम ✊ झुकने का नहीं।।
