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•आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने भाजपा पर 5 मिनट में बड़ा खुलासा कर दिया🔥 •कपिल सिब्बल: आपने यह खुलासा किया था कि जमीन को कम कीमत पर खरीदकर राम मंदिर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये में बेच दिया गया..उसके बाद क्या हुआ? •संजय सिंह: एक जमीन का सौदा...

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यह कपिल सिब्बल है मनमोहन सिंह के समय में ताकतवर कैबिनेट मंत्री हुआ करते थे यह विस्तार से वक्फ बोर्ड के बारे में बता रहे हैं और साथ में यह भी बता रहे हैं कि कैसे कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड को इतना मजबूत बना दिया कि वक्फ बोर्ड को कोई हिला नहीं सकता वैसे यह जो बता रहे हैं कि मुस्लिम लोग अपनी संपत्ति अल्लाह के नाम दान करते हैं जब भारत का बंटवारा हुआ तब पाकिस्तान से जितने सिख और हिंदू और जैन भारत आए उनकी प्रॉपर्टी वहां के मुसलमानो ने ले ली भारत से जितने भी मुस्लिम पाकिस्तान गए ज्यादातर ने सादे कागज पर लिख दिया कि मैं अपनी संपत्ति वक्फ कर दी और कईयों ने तो कहीं लिखा भी नहीं फिर भी वह संपत्ति वक्फ बोर्ड की हो गई और उस वक्फ संपत्ति का इस्तेमाल केवल मुस्लिम कर सकता है यानी की भारत और पाकिस्तान का बंटवारा जो इतिहास का सबसे बड़ा इंसानों का डिस्प्लेसमेंट है करीब 2 करोड लोग इधर से उधर गए तो दोनों जगह पर संपत्ति का मजा सिर्फ मुसलमान ने लिया आज वक्फ बोर्ड का विवाद सबसे ज्यादा उन जगहों पर है जहां नवाबों का राज हुआ करता था जैसे कर्नाटक आदि और वैसे भी भारत 1000 सालों तक मुगल शासन के अंतर्गत रहा यह लोग केवल ऐसे ही कह देते हैं कि फलाने बादशाह ने यह मकान वक्फ कर दिया था या फलाने बादशाह ने यह जमीन वक्फ को दिया था या फलाने बादशाह ने यह पूरा गांव वक्फ कर दिया था और इस बेसिस पर वक्फ बोर्ड अपना दावा ठोक देता है अभी ताजा मामला अहमदाबाद का है अहमदाबाद नगर निगम के 32 प्लॉट पर वक्फ बोर्ड ने दावा किया है जिनकी कीमत 5400 करोड रुपए हैं दावा यह है अहमदाबाद का सुल्तान अहमद शाह बेगड़ा ने यह जमीन वक्फ कर दिया था अब आप सोचिए इस तरह से भारत में कांग्रेस के कुकर्म की वजह से किसी भी हिंदू का ना जमीन बचेगा ना खेत बचेगा ना मकान बचेगा कपिल सिब्बल यह भी विस्तार से बता रहे हैं कि कैसे हमने यानी कांग्रेस ने 1995 में बेहद कड़ा कानून लाकर वक्फ बोर्ड को इतना मजबूत कर दिया कि अब दुनिया की कोई ताकत इसे हिला नहीं सकती

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

153,618 Aufrufe • vor 1 Jahr

रात में चोरों की तरह आकर मस्जिदों पर नोटिस लगाए जाते हैं और फिर बुलडोज़र कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। यह आरोप एसीपीआर (APCR) के सेक्रेटरी नदीम खान ने लगाया है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्रभावित लोगों को उनकी संपत्ति का उचित मुआवज़ा नहीं दिया गया। नदीम खान के अनुसार, वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में एक मकान के साथ छह दुकानें थीं, जिनका वास्तविक मुआवज़ा लगभग एक करोड़ रुपये होना चाहिए था, लेकिन मालिक को केवल 8 लाख रुपये ही दिए गए। उन्होंने दावा किया कि दालमंडी में सबसे पहले जिस दुकान को तोड़ा गया था, उसके लिए शुरुआत में करीब 4 करोड़ रुपये मुआवज़े की बात कही गई थी, लेकिन बाद में मात्र 75 लाख रुपये का भुगतान किया गया। नदीम खान ने आरोप लगाया कि बुलडोज़र कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों के साथ न्याय नहीं हुआ और उन्हें उनकी संपत्तियों की उचित कीमत नहीं दी गई। Nadeem Khan

Lallanpost

12,377 Aufrufe • vor 2 Monaten

उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई। उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। हमारे सवाल: • आखिर 500 करोड़ रुपये की जमीन 1 रुपये में क्यों दी गई? • यदि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट झूठी है, तो FIR क्यों नहीं हुई? • BJP के प्रदेश अध्यक्ष से सवाल जमीन पर पूछा गया, तो जवाब जाति पर दिया गया। क्या यही इनकी सोच है? • मुख्यमंत्री बनने के बाद, मोहन यादव के परिवार द्वारा तेजी से जो जमीन खरीदी गई, उसके लिए पैसे कहां से आए? • क्या मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों का पूरा विवरण जनता के सामने नहीं आना चाहिए? : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitendra (Jitu) Patwari जी 📍 दिल्ली

Congress

208,728 Aufrufe • vor 2 Monaten

प्रभु श्री राम के नाम पर चढ़ावे की चोरी और दानपात्र से गबन बेहद शर्मनाक है! गुप्त कैमरों की मदद से ये चोरी पकड़ी गई है, जिसमें अविनाश शुक्ल और अन्य लोग शामिल हैं।अब तक चोरी का 25 लाख रुपये बरामद किया जा चुका है। जो लोग मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम पर हो रही इस चंदा चोरी और घोटाले को सही ठहरा रहे हैं, वे भी पाप के भागीदार हैं। सभी रामभक्तों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। रामद्रोही वो हैं जो राम नाम पर घोटाला कर रहे हैं! पूर्व में भी 5 मिनट के भीतर सुल्तान अंसारी से 2 करोड़ की जमीन ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ में खरीदकर 16.5 करोड़ का भ्रष्टाचार किया गया था। पूरी भाजपा इन चोरों के बचाव में क्यों उतरी हुई है? उन्हें कितना कमीशन मिलता है?

Sanjay Singh AAP

42,829 Aufrufe • vor 2 Monaten

एक आईएएस अधिकारी के पहाड़ी बंगले में पचपन करोड़ रुपये नकद पड़े हैं। एक नौकर उसे लेकर भाग जाता है और इस तरह जनता को सड़ांध की असली भयावहता का पता चलता है। यह अब छोटी-मोटी रिश्वत नहीं है। यह औद्योगिक भ्रष्टाचार है.. कांस्टेबलों के घर करोड़ों रुपये हैं। क्लर्कों के पास बीस करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति है। ज़िला स्तर के अधिकारी हज़ारों करोड़ रुपये पर बैठे हैं। एक पीढ़ी पहले, "भ्रष्ट" का मतलब कुछ प्लॉट, एक फ्लैट, शायद एक फार्महाउस होता था। आज इसका मतलब है पूरी तरह से चुराए गए सार्वजनिक धन पर बने साम्राज्य। चौंकाने वाली बात यह नहीं है कि भ्रष्टाचार मौजूद है। चौंकाने वाली बात यह है कि लोग पूरे राज्य में तीन ईमानदार अधिकारियों का नाम भी नहीं बता सकते। यह संक्रमण इतना गहरा हो गया है। और यह बेहतर होने के बजाय बदतर होता जा रहा है..! ~ शीतल सिंह वरिष्ठ पत्रकार

Raju_Advocate

75,839 Aufrufe • vor 9 Monaten

एंकर ने जब पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई से भारत की न्याय व्यवस्था के बारे में सवाल पूछा तब पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि मैं चाह कर भी भारत की न्यायपालिका को सुधार नहीं सकता क्योंकि हमारा अदालती सिस्टम कुछ बड़े फिक्सरों (दलालो) के कब्जे में है और यह बड़े फिक्सर जब चाहे जो चाहे जैसा चाहे उस तरह से हमारी न्याय व्यवस्था को चला देते हैं यह फिक्सर और दलाल और कोई नहीं बल्कि कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी हैं इस कार्यक्रम में आगे जस्टिस रंजन गोगोई ने न्यायपालिका पर और भी बड़े सवाल उठाए जैसे कि यदि भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनना है तो जब तक भारत अपने न्याय व्यवस्था को नही बदलेगा तब तक वह 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था नहीं बन सकता क्योकि भारत की न्याय व्यवस्था इतनी बर्बाद हो गई है और वह घुन की तरह न सिर्फ इस देश को बल्कि इस देश की अर्थव्यवस्था और इस देश के ताने-बाने को छेद छेद कर कमजोर कर रही है उन्होंने आगे कहा कि एक मध्यम वर्ग जाए गरीब को भारत की न्याय व्यवस्था कभी भी न्याय नहीं दे सकती और यह एक कड़वा सच है यदि आप बहुत बड़े पैसे वाले हैं अरबपति हैं तब आप को न्याय मिलेगा और आपके वकील लोग ही हमारे जज लोगों को यह बताएंगे कि आपको क्या फैसला देना है और यह चंद बड़े वकील ही आज सुप्रीम कोर्ट के सबसे बड़े फिक्सर बन चुके हैं जस्टिस रंजन गोगोई के इस कथन पर सुप्रीम कोर्ट ने चाह कर भी कुछ नहीं किया क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के हर एक जज को पता है कि वह बड़े-बड़े फिक्सरो (दलालो) जैसे दुष्यंत दवे कपिल सिब्बल अभिषेक मनु सिंघवी प्रशांत भूषण के चंगुल में फंसे हुए हैं और यह लोग जब चाहे जैसा चाहे उस तरह से भारत के सुप्रीम कोर्ट को चलाते हैं अब आप कुछ उदाहरण समझिए कि जस्टिस रंजन गोगोई ने कितनी कड़वी बात कही थी काश वह कुछ उदाहरण भी और कुछ नाम भी देते तो बहुत अच्छा होता दो मामले हैं दोनो बिल्कुल एक जैसे हैं बीजेपी नेता किरीट सोमैया पर महाराष्ट्र सरकार ने यह आरोप लगाया कि उन्होंने आई एन एस विराट को बचाने के लिए लोगों से चंदा लिया और उस चंदे का कोई हिसाब सरकार को नहीं दिया और उनके खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिए गए किरीट सोमैया निचली अदालत और फिर मुंबई हाई कोर्ट में सेशन कोर्ट में यानी तीन अदालतों में अग्रिम जमानत के लिए गए लेकिन उन्हें तीनों अदालत ने अग्रिम जमानत नहीं दिया अब आप दूसरा उदाहरण देखिए गुजरात दंगों पर अपनी रोटी सेकने वाली तीस्ता जावेद सीतलवाड़ ने खाड़ी के देशों अमेरिका ब्रिटेन सहित कई जगहों से लगभग 100 करोड़ रुपए डोनेशन लिया जांच में पता चला कि उसकी तमाम खरीदारी का बिल उसके ट्रस्ट के खाते से किया गया है यहां तक कि दुबई एयरपोर्ट पर सोने के गहने खरीदने का बिल या ब्रिटेन के एयरपोर्ट पर ड्यूटी फ्री लिकर यानी शराब खरीदने का बिल भी उसने ट्रस्ट के पैसे से किया था फिर उसी के ट्रस्ट सबरंग के एक दूसरे ट्रस्टी ने ही पुलिस में केस दर्ज करवाया पुलिस ने पहले 6 महीने जांच किया सारे सुबूत इकट्ठा किए उसके बाद तीस्ता जावेद को गिरफ्तार करने मुंबई गई तीस्ता जावेद ने अपने घर का दरवाजा नहीं खोला 10 मिनट में इलाके के एक पुलिस स्टेशन में सुप्रीम कोर्ट का फैसला मेल से जाता है कि तीस्ता को गिरफ्तारी से रोक का आदेश दे दिया गया है पता चला कि कपिल सिब्बल ने फोन पर सुप्रीम कोर्ट के एक जज को यह आदेश पारित करवा दिया मतलब भारत के इतिहास में यह पहली मौका है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने टेलीफोन पर सुनवाई किया था और सिर्फ 3 मिनट की टेलीफोनिक सुनवाई में आदेश दे दिया ठीक इसी तरह का काम राना अय्यूब ने किया उन्होंने भी गुजरात दंगों के नाम पर जो डोनेशन इकट्ठा किया उसका ऑडिट नहीं करवाया और उसमें से 5 करोड़ रुपये अपने पिताजी के नाम फिक्स डिपाजिट कर दिए उनके खिलाफ भी सारे सबूत हैं वह जब विदेश जा रही थी और उन्हें विदेश जाने से रोका गया तब मुंबई हाईकोर्ट ने कहा कि 5 करोड़ की रकम कोई इतनी बड़ी रकम नहीं है कि इसे बड़ा फ्रॉड माना जाए एक बस कंडक्टर को 20 पैसे गबन करने के आरोप में 40 साल तक मुकदमा लड़ना पड़ा था तब हमारी अदालती सिस्टम ने यह नहीं कहा कि 20 पैसा कोई बड़ी रकम नहीं है जहांगीरपुरी का उदाहरण देखिए 10:30 बजे जैसे ही बुलडोजर जहांगीरपुरी पहुंचे 10:31 पर जमाते उलेमा के वकील कपिल सिब्बल दुष्यंत दवे और प्रशांत भूषण सीधे सुप्रीम कोर्ट में गए आनन-फानन में सुनवाई हुई और ठीक 10 बज कर 45 मिनट पर सुप्रीम कोर्ट अपना स्टे ऑर्डर दे दिया मैं तो आश्चर्यचकित हो गया कि ऐसे मामले मैं इतनी जल्दी सुनवाई और इतना जल्दी आदेश कैसे हो गया जबकि भारत की न्याय व्यवस्था का हायरकी यानी निचली अदालत में फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का भी ध्यान नहीं रखा गया

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

96,179 Aufrufe • vor 1 Jahr

• राजस्थान के व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के पास पत्थर की खदान के ठेके हैं • दिलीप सिंह राठौड़ का कहना है कि मैं राम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने के लिए तैयार था • राम मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों ने उनसे पत्थर लेने से मना कर दिया और फिर 500 रुपए स्क्वायर फिट के दाम पर पत्थर खरीदे गए • L&T ने कहा था कि हम 1 रुपए में मंदिर निर्माण कर देंगे, तो फिर निर्माण में 2100 करोड़ रुपए कैसे लग गए? • आज ट्रस्ट दान के आभूषण दिखा रहा है, लेकिन सवाल है- बाकी छोटे-छोटे आभूषण कहां हैं, सिंधी समाज की तरफ से दी गईं 200 किलो चांदी की ईंटें कहां है? • निर्मोही अखाड़े ने मंदिर आंदोलन के समय कहा था कि VHP के लोग 1,500 करोड़ रुपए का चंदा खा गए, वो कहां है? नरेंद्र मोदी, BJP-RSS ने सबसे बड़ा पाप तो यह किया कि ट्रस्ट को राजनीतिक अड्डा बना दिया और उसमें धर्माचार्यों को नहीं रखा। शायद ट्रस्ट में धर्माचार्यों को इसलिए भी नहीं रखा गया, क्योंकि इन्हें लूट करनी थी। : Surendra Rajput ‏ जी 📍 दिल्ली

Congress

288,139 Aufrufe • vor 1 Monat

4PM बैन हुआ। और संजय शर्मा मुस्कुराते रहे। चैनल बैन करने वाले को ललकारते रहे। दोगुनी आवाज में सवाल पूछते रहे। जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता, भले कोई बेतूकी सी वजह देकर, मिनटों में चैनल को पूरे भारत से ब्लैकआउट कर दे। संजय शर्मा ने साफ कर दिया, वे डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं, भले चौराहे पर खड़े होकर खबर बताना पड़े। भले सारे चैनल बैन कर दिए जाएं। और फिर संजय शर्मा, सुप्रीम कोर्ट चले गए। संजय शर्मा के साथ कपिल सिब्बल खड़े दिखाई दिए। भक्तों के पेट में बहुत जोर से दर्द हुआ। आखिर संजय शर्मा जैसा आदमी, कपिल सिब्बल की फीस कैसे चुका रहा है? भक्त चाहते हैं कि सरकार किसी पर कार्रवाई करे और वह कोर्ट तक भी ना पहुंच पाए। और कपिल सिब्बल जैसे वकील को देखकर, भक्तों की हालत बहुत ज्यादा खराब हो जाती है। खैर सुनिए, संजय शर्मा से ही, पूरा घटनाक्रम, और जानिए कपिल सिब्बल जी ने संजय शर्मा से कितनी मोटी फीस वसूल करी। और संजय शर्मा ने वे पैसे कहां से लाकर, सिब्बल को दिए।

4PM News Network

45,046 Aufrufe • vor 1 Jahr

Super Exclusive-- राम मंदिर पर सबसे विस्फोटक खुलासा। पहली बार नृपेंद्र मिश्रा की अगुवाई वाली राम मंदिर Construction committee पर सवाल। 27 जुलाई को राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह की SIT को दी गई 'विस्फोटक' गवाही। पहली बार सामने आई। "800 करोड़ का राम मंदिर, 2200 करोड़ में बना, और वो भी 'दोषपूर्ण' बना!! राम मंदिर के पैसे से, VHP का घर बना!!" 26 जुलाई को SIT ने महिपाल सिंह से ईमेल के माध्यम से मांगी थी जानकारी। 27 जुलाई को महिपाल सिंह ने SIT को दी जानकारी। महिपाल ने SIT को बताया- "जगन्नाथ मंदिर, लवकुश मंदिर और रंगमहल में राम मंदिर के लिए फ्री में मिल रहा था कार्यालय, फिर भी चंपत राय ने लाखों खर्च किए। चंपत राय के आवास पर बिना रसीद दिए ही, राम मंदिर के लिए चंदा लिया जाता रहा। उस राशि की चोरी हुई, पर कोई एक्शन नहीं हुआ। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में निर्माण किए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम किए गए। विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में रहने वाले लोगों को राम मंदिर के पैसों से मानदेय का भुगतान किया गया। निशुल्क मिल रहे पत्थरों की जगह घटिया क्वालिटी के पत्थर बहुत अधिक कीमत पर लिए गए। राम लला के झूले के लिए 150 किलो चांदी आई, मगर झूला सिर्फ 85 किलो में बनाया गया। चंपत राय ने अनेक विवादास्पद संपत्तियां खरीदी, जिनका कब्जा ही नहीं मिला। ट्रस्ट को करोड़ों का नुकसान हुआ। राम मंदिर निर्माण का एस्टीमेट 800 करोड़ का था, 2200 करोड़ से ज्यादा का खर्च हुआ। राम मंदिर का निर्माण वास्तु के विपरीत हुआ। राम मंदिर के लिए आया मुकुट गायब हुआ। मुकट गायब करने वालों को चंपत राय ने क्षमा किया। कोई पुलिस कार्यवाही नहीं की।" महिपाल सिंह ने यह भी लिखा- "मेरी दी गई जानकारी पूरी तरह 100 परसेंट सत्य है।" पूरी खबर TOP SECRET

abhishek upadhyay

257,296 Aufrufe • vor 1 Monat

कांग्रेस के कुकर्मों पर करोड़ पन्ने का एक गाथा लिखा जा सकता है आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 2008 में मनमोहन सरकार ने सियाचिन का चीन और पाकिस्तान के साथ समझौता कर लिया था जिसके तहत 60% सियाचिन पाकिस्तान को देना था और 40% सियाचिन चीन को देना था मनमोहन सिंह सरकार ने लेटर बनाकर उस वक्त के आर्मी चीफ के पास भेज दिया कि अब आप सियाचिन से पुरी सेना नीचे उतार लीजिए सियाचिन को चीन और पाकिस्तान को दे दिया गया है और यह लेटर जब उस वक्त के आर्मी चीफ जनरल जेजे सिंह के पास आया तो जनरल जेजे सिंह बहुत सख्ती से बोले कि मैं अपनी देश की एक इंच की जमीन भी आपको किसी और को नहीं देने दूंगा और आप इस तरह से देश के जमीन का सौदा दुश्मन देश के साथ नहीं कर सकते, हमने बड़ी मुश्किलों से सियाचिन अपने पास रखा है और इसकी रक्षा किया है जनरल जे जे सिंह के आक्रमक तेवर देखकर मनमोहन सरकार डर गए और अपना इरादा बदल दिया अब आप खुद यह सोचिए कि 420 मां बेटे ने कितने अरब रुपए में सियाचिन का सौदा चीन और पाकिस्तान के साथ किए होंगे जनरल जेजे सिंह कई मौका पर मोदी सरकार के खिलाफत भी किए हैं तो यह मत कहना कि जनरल जेजे सिंह कट्टर मोदी भक्त है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

34,256 Aufrufe • vor 3 Monaten

पूरी RSS और BJP की टीम हर टीवी चैनल पर ये झूठ फैलाती आई कि कपिल सिब्बल ने राम मंदिर के खिलाफ केस लड़ा..सच मुझे भी नहीं पता था आज पता चला कि आपने खिलाफ केस ही नहीं लड़ा..! कपिल सिब्बल कहते हैं मैं कभी राम मंदिर के खिलाफ कोर्ट में खड़ा नहीं हुआ मेरे खिलाफ झूठ प्रसारित किया गया..जब सुप्रीम कोर्ट में ये केस आया तो दिसंबर 2019 के चुनाव थे मैंने कोर्ट में सिर्फ चुनाव के समय सुनवाई न हो इतना कहा क्योंकि इसका दुरुप्रयोग होगा.. उसके बाद में एक बार भी विरोध में नहीं गया कभी बहस में नहीं गया.! राम मंदिर के शिलान्यास में दलित समाज के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और उद्घाटन में आदिवासी द्रौपदी मुर्मू नहीं जाती हैं लेकिन मोहन भागवत किस हैसियत से प्रधानमंत्री के बराबर प्रोटोकॉल लेकर जाते हैं क्या वो कहीं के राज्यपाल है.!

Jeetu Besla

76,839 Aufrufe • vor 14 Tagen

कांग्रेस के कुकर्मों पर करोड़ पन्ने का एक गाथा लिखा जा सकता है आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 2008 में मनमोहन सरकार ने सियाचिन का चीन और पाकिस्तान के साथ समझौता कर लिया था जिसके तहत 60% सियाचिन पाकिस्तान को देना था और 40% सियाचिन चीन को देना था मनमोहन सिंह सरकार ने लेटर बनाकर उस वक्त के आर्मी चीफ के पास भेज दिया कि अब आप सियाचिन से पुरी सेना नीचे उतार लीजिए सियाचिन को चीन और पाकिस्तान को दे दिया गया है और यह लेटर जब उस वक्त के आर्मी चीफ जनरल जेजे सिंह के पास आया तो जनरल जेजे सिंह बहुत सख्ती से बोले कि मैं अपनी देश की एक इंच की जमीन भी आपको किसी और को नहीं देने दूंगा और आप इस तरह से देश के जमीन का सौदा दुश्मन देश के साथ नहीं कर सकते, हमने बड़ी मुश्किलों से सियाचिन अपने पास रखा है और इसकी रक्षा किया है जनरल जे जे सिंह के आक्रमक तेवर देखकर मनमोहन सरकार डर गए और अपना इरादा बदल दिया अब आप खुद यह सोचिए कि 420 मां बेटे ने कितने अरब रुपए में सियाचिन का सौदा चीन और पाकिस्तान के साथ किए होंगे जनरल जेजे सिंह कई मौका पर मोदी सरकार के खिलाफत भी किए हैं तो यह मत कहना कि जनरल जेजे सिंह कट्टर मोदी भक्त है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

68,718 Aufrufe • vor 1 Jahr

अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के बाद अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार हो चुका है। सिर्फ पर्यटन से ₹20–25 हजार करोड़ तक की टैक्स कमाई हुई। IIM लखनऊ की एक केस स्टडी में सामने आया है कि राम मंदिर के निर्माण और उससे जुडे विकास कार्यों ने अयोध्या में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए, निजी और सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा दिया, पर्यटन के जरिये स्थायी आर्थिक लाभ हुआ। जो लोग मंदिर निर्माण का विरोध करते हुए यह सवाल उठा रहे थे कि “मंदिर बनने से क्या होगा?” उन्हें अब यह समझना चाहिए कि राम मंदिर केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला एक प्रभावी विकास मॉडल भी बन चुका है।

BJP

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