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Ana Sayfaya Dön

बड़ी खबर (Exclusive)- चंपत राय पर राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह का बहुत बड़ा खुलासा। “चंपत राय को 5 जून की शाम को ही चढ़ावा चोरी का पता लग गया था। रकम भी उसी दिन बरामद हो गई थी। मैं खुद 5 जून की शाम उनसे...

63,319 görüntüleme • 2 ay önce •via X (Twitter)

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Super Exclusive- संसद सत्र के पहले दिन बड़ा ख़ुलासा। “राम मंदिर का सच खोला तो RSS ने निकाल दिया! SIT को फोन किए, मेल किए, उसने पूछा तक नहीं!!” राम मंदिर चढ़ावा चोरी के 'स्टार विटनेस' महिपाल सिंह एक बार फिर से कैमरे पर। राम मंदिर SIT से लेकर RSS तक सारा सच बेपर्दा कर दिया। महिपाल सिंह ने टॉप सीक्रेट से कहा- “इंटरव्यू में सच बोला तो RSS ने निकाल दिया! मैने SIT को मेल किए, SIT चीफ को कई फोन किए पर SIT ने पूछा तक नहीं! SIT तो 5 जून 2026 के बाद की जांच कर रही है। मगर जो चोरी 2021 से शुरू हुई, उसका क्या? मंदिर के लिए बस 800 करोड़ चाहिए थे, मगर 3300 करोड़ से ज्यादा पहुंचा। मैं चंपत राय से 5 जून की शाम मिला था। उन्हें उसी शाम चढ़ावा चोरी का पता चल चुका था। रुपए भी बरामद हो गए थे। फिर भी चंपत राय ने सच छिपाया। L&T से बहुत ज्यादा कीमत पर काम कराया।” और भी बहुत कुछ….. जो हैरान करने वाला है। राम के भक्तों को परेशान करने वाला है।

abhishek upadhyay

34,331 görüntüleme • 2 ay önce

Super Exclusive-- राम मंदिर पर सबसे विस्फोटक खुलासा। पहली बार नृपेंद्र मिश्रा की अगुवाई वाली राम मंदिर Construction committee पर सवाल। 27 जुलाई को राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह की SIT को दी गई 'विस्फोटक' गवाही। पहली बार सामने आई। "800 करोड़ का राम मंदिर, 2200 करोड़ में बना, और वो भी 'दोषपूर्ण' बना!! राम मंदिर के पैसे से, VHP का घर बना!!" 26 जुलाई को SIT ने महिपाल सिंह से ईमेल के माध्यम से मांगी थी जानकारी। 27 जुलाई को महिपाल सिंह ने SIT को दी जानकारी। महिपाल ने SIT को बताया- "जगन्नाथ मंदिर, लवकुश मंदिर और रंगमहल में राम मंदिर के लिए फ्री में मिल रहा था कार्यालय, फिर भी चंपत राय ने लाखों खर्च किए। चंपत राय के आवास पर बिना रसीद दिए ही, राम मंदिर के लिए चंदा लिया जाता रहा। उस राशि की चोरी हुई, पर कोई एक्शन नहीं हुआ। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में निर्माण किए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम किए गए। विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में रहने वाले लोगों को राम मंदिर के पैसों से मानदेय का भुगतान किया गया। निशुल्क मिल रहे पत्थरों की जगह घटिया क्वालिटी के पत्थर बहुत अधिक कीमत पर लिए गए। राम लला के झूले के लिए 150 किलो चांदी आई, मगर झूला सिर्फ 85 किलो में बनाया गया। चंपत राय ने अनेक विवादास्पद संपत्तियां खरीदी, जिनका कब्जा ही नहीं मिला। ट्रस्ट को करोड़ों का नुकसान हुआ। राम मंदिर निर्माण का एस्टीमेट 800 करोड़ का था, 2200 करोड़ से ज्यादा का खर्च हुआ। राम मंदिर का निर्माण वास्तु के विपरीत हुआ। राम मंदिर के लिए आया मुकुट गायब हुआ। मुकट गायब करने वालों को चंपत राय ने क्षमा किया। कोई पुलिस कार्यवाही नहीं की।" महिपाल सिंह ने यह भी लिखा- "मेरी दी गई जानकारी पूरी तरह 100 परसेंट सत्य है।" पूरी खबर TOP SECRET

abhishek upadhyay

257,855 görüntüleme • 1 ay önce

राम मंदिर समर्पण राशि में हेरा फेरी के तार क्या कांग्रेस के कुछ नेताओं से भी जुड़े हुए हैं ? इसकी भी जांच होनी जरूरी है। निर्मल खत्री कांग्रेस के बड़े नेता हैं, सांसद रहे, यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। निर्मल खत्री का एक खास सहयोगी है अनूप मिश्रा। निर्मल खत्री ने अपने इस सहयोगी अनूप मिश्रा को चम्पत राय जी से कह कर राम मंदिर की व्यवस्था में लगवा दिया था। कांग्रेस के बड़े नेता खुद कभी भी राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए लेकिन निर्मल खत्री के कहने पर ही चंपत राय ने अनूप मिश्रा को मंदिर में VIP दर्शन कराने की जिम्मेदारी में लगा दिया। बताया जाता है कि कुछ महीने पहले ही अनूप मिश्रा पैसे लेकर मंदिर दर्शन के फर्जी पास बनवाने के मामले में पकड़ा गया था, इससे पूछताछ हुई और अनूप को हटा दिया गया। अब दिलचस्प बात देखिए अजय राय अभी 18 जून को जब अयोध्या पहुंचे तब मंदिर दर्शन करने के लिए उन्होंने इसी अनूप मिश्रा को साथ लिया। तस्वीर में अजय राय के पीछे अंगोछा बांधे व्यक्ति अनूप मिश्रा है। निर्मल खत्री अपने कार्यक्रमों में अक्सर चंपत राय जी को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाते रहे हैं। ऐसा ही एक कार्यक्रम का वीडियो और तस्वीरें हैं यहां।

Ashok Shrivastav

112,490 görüntüleme • 2 ay önce

ब्रेकिंग न्यूज़। वायरल वीडियो। अयोध्या। चढ़ावा चोरी में ट्रस्ट अपने ही बुने जाल में फंसा? 5 जून के CCTV ने खोली बड़ी कहानी। ये कांड जैसा दिख रहा है उससे कहीं ज्यादा गहरा, खतरनाक और और साजिशों से भरा हुआ है। ट्रस्ट वाले खुद चोरी करने के बाद दूसरे चोरों के यहां पुलिस के साथ छापे डालकर रुपए उठा रहे थे। चोर खुद पुलिस बन गए और पुलिस वाले उनके साथ हो लिए। अजब कांड का गजब वीडियो। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब बेहद बड़ा और गंभीर मोड़ सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट को गड़बड़ी की जानकारी 4 जून को ही मिल गई थी, जबकि मामला 6 जून को सार्वजनिक हुआ। दावा है कि 5 जून को ट्रस्ट पदाधिकारियों की टीम आरोपियों के घर पहुंची और करीब 58 लाख रुपये की रिकवरी की गई। शेष रकम 8 जून तक बैंक खातों से निकलवाकर वापस लिए जाने की बात कही जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 5 जून को ही गड़बड़ी सामने आ गई और रकम बरामद भी हुई, तो फिर करीब 20 दिन तक FIR क्यों नहीं कराई गई? ट्रस्ट घटना को झुठलाता क्यों रहा? चंपत राय ने यह बयान क्यों दिया कि कुछ उल्लेखनीय नहीं पाया गया?अब एक CCTV वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में आरोपी के घर से एक मोटा काला बैग ले जाते लोग दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि अयोध्या पुलिस का एक दरोगा और सिपाही भी साथ में मौजूद दिख रहे हैं। CCTV में 5 जून की तारीख रिकॉर्ड बताई जा रही है। अब सवाल उठता है ये छापेमारी किसके आदेश पर हो रही थी? ट्रस्ट खुद पुलिस की भूमिका में कैसे आ गया? किसके घर से क्या मिला? क्या रिकवरी की पूरी प्रक्रिया कानूनी थी? और अगर टिन्नू यादव का नाम इतना अहम था, तो पहले दिन टीम उसके घर क्यों नहीं गई? सूत्रों का दावा है कि ज्यादातर आरोपियों के घर टीम पहुंची, लेकिन टिन्नू यादव के घर पहले दिन टीम नहीं गई। इससे सबूत ठिकाने लगाने की आशंका और गहरी हो गई है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि कथित रिकवरी, देरी से FIR, CCTV, पुलिस की मौजूदगी और ट्रस्ट की भूमिका से जुड़ा गंभीर आपराधिक सिंडिकेट जैसा दिखाई दे रहा है। सवाल यह भी है कि यह वीडियो SIT और अयोध्या पुलिस को कब मिला और उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? #Ayodhya #RamMandir #UttarPradesh Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra AYODHYA POLICE UP POLICE IG Range Lucknow COMMISSIONER LUCKNOW DIVISION, LUCKNOW

भारत समाचार | Bharat Samachar

109,130 görüntüleme • 2 ay önce