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इनसे व्यवस्था संभल नहीं रही है. ये तो सनी लियोनी के खाते में भी पैसा डाल रहे हैं.

22,592 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

9 Kommentare

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CG_04vor 1 Jahr

ये सन्नी लियोन को दे रहे है आप दस जनपथ भेजते थे लूटने वाले बदले है जिनको लूटा जा रहा है वे कल भी वही थे आज भी वही है।

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Abducevor 2 Jahren

You know it's time for something else when: ⬜⬜🟨⬜⬜ ⬜🟨🟨⬜⬜ ⬜🟨🟨🟨⬜ 🟨🟨🟨🟨⬜ 🟨🟨🟨🟨🟨 🟨🟨🟩🟨🟨 🟨🟩🟩🟨🟨 🟨🟩🟩🟩🟨 🟩🟩🟩🟩🟨 🟩🟩🟩🟩⬛

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purna nayakvor 1 Jahr

Vishnu dev Sai ka chakar chal raha hai Sani Leon se

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Rahul Mahapatravor 1 Jahr

तोर व्यवस्था ठीक रहिस काका,, किसान मन बार🙂🙂🙂

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MAHESH SAHUvor 1 Jahr

कांग्रेसियों का दोहरापन🤣 तो देखिए सरकार की नीतियों का विरोध भी करना है और सरकार द्वारा संचालित नीतियों का लाभ भी लेने से पीछे नहीं हटते ये कांग्रेसी👇

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stingrayvor 1 Jahr

I know the bile you live with but why to show your true colour by naming your favourite characters

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vinayvor 1 Jahr

कहे sunny leone को पैसे की जरुरत नहीं है

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Hitesh Sahuvor 1 Jahr

पूरा पैसा भाजपाइयों के खाते में जा रही है! और कहते हैं वित्त नहीं है तो 33000 शिक्षक भर्ती नहीं करेंगे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं करा पाएंगे।

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Pravyamini Shriwasvor 1 Jahr

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आज अखबार में मुख्यमंत्री जी का आर्टिकल प्रकाशित होने और प्रदेश के हालातों पर : दूसरा जो है, आज आर्टिकल आया है मुख्यमंत्री महोदय का, आर्टिकल आया अच्छी बात है। पांच साल बनाम डेढ़ साल, कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं पूरे प्रदेशवासियों और प्रदेश के गांव गांव में तो ऐसी सरकार का निकम्मापन नाकारापन मैने कभी नहीं सुना किसी सरकार का। सरकारें बीजेपी की भी रही हैं सरकारें राजस्थान में कांग्रेस की भी बनी हैं बीजेपी की भी रही हैं इतना निकम्मा नकारापन मैंने कही देखा नहीं,और इतने कम समय के अंदर, आप बताइए तीन साल बाद में सरकार के बारे में लोग प्रतिक्रिया देते हैं काम नहीं हो रहे हमारे, करप्शन बहुत है सुनवाई नहीं हो रही है किस के पास जाएं सब बातें बोलते हैं लोग तीन साल के बाद में। यही सरकार ऐसी है 6 महीने में ही लोगों को समझ पड़ गया पूत के पांव पालने में होते हैं न वो कहावत चरितार्थ हुई है तो राजस्थान में हुई है। अरे ये क्या हो गया हम ने ये क्या कर दिया, चुनाव तो, सरकार तो पहले वाली चली गई कांग्रेस की पर नई सरकार में ये क्या हो रहा है जिसके पास जाएं, वो सरकार का मुख्या अगर दावा करे तो मैं ये बार बार कहता हूं ये उनका बहुत बड़ा साहस है हिम्मत है कि वो ये मुकाबला कर रहे हैं। और आज ही जिस अखबार में आर्टिकल लिखा गया कम से कम सीएमओ को चाहिए था डीआईपीआर को चाहिए था मैनेज करते आज तो उनके खिलाफ न्यूज नहीं आती। आज भास्कर के अंदर आर्टिकल भी आया है और मुख्यमंत्री के दावे को खोखला साबित कर रहे हैं वो ऐसी ऐसी घटनाएं आज आई हैं उसके अंदर कानून व्यवस्था की हो या अन्य घटनाएं हों तो आज तो मैनेज करना चाहिए था कम से कम। मैनेजमेंट भी नहीं किया आर्टिकल की खुद की धज्जियां उड़ गईं उसके अंदर ही। पत्रिका में क्या आता है अलग बात है और अखबारों में क्या आता है वो तो लंबी चौड़ी बाते हैं लगातार आ रही हैं।

Ashok Gehlot

13,496 Aufrufe • vor 1 Jahr

राजस्थान में राज RSS वाले कर रहे, ये खाली मुखौटे हैं जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की: अशोक गहलोत का जवाब: देखिए राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जी जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो। वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है। डोटासरा जी को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है। तो भाई एसीबी तो दबाव में जब से डीजी साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है डीजी। वो पूरी तरह सीएमओ के और सीएम के दबाव में है ये। और इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि एसीबी का जो डीजी है, वो खुद परेशान होगा, मेरे ख्याल से जहां तक मैं समझता हूँ या जहाँ तक मेरे पास वहां से रिपोर्ट आती है। वहाँ के जो काम करने वाले अधिकारी कहते हैं ना कि भाई क्या हो रहा है हमारे यहाँ? स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा भाई ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा। और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं आप इनको अरेस्ट करो। ऐसा मैंने आज तक कभी देखा नहीं। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहाँ पंचायतें नहीं हो रही हैं। आईओ कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं। आईओ ने मना किया। वो ऑलरेडी द्वारा वैसे ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहाँ वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा। आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। राज आरएसएस कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के। ऐसी इनकी स्थिति बनेगी इस बार राजस्थान की, जनता जो है वो जागरूक है। ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला है, अगली बार सरकार बदल के रहेगी। थैंक यू।

Ashok Gehlot

56,795 Aufrufe • vor 1 Monat