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उप्र में क़ानून-व्यवस्था पर ही बुलडोजर चल गया है।

61,330 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

11 Kommentare

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Rinki Yadavvor 1 Jahr

पुलिसवाले ने एकदम सही कहा कि लड़ना है तो बॉर्डर पर जाकर लड़ो लेकिन यहां शांत खड़े रहो।

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Solar Heavyvor 1 Jahr

where space meets sound

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Rekha Gupta Insightvor 1 Jahr

तेरी नाक पर भी बुलडोजर चला दे?

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Prerna Yadavvor 1 Jahr

सही बोले है अंकल जी....

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Sudhir Mishra 🇮🇳vor 1 Jahr

कानून व्यवस्था तो तब थी जब सीएम मुलायम सिंह यादव अतीक से कहते थे, अतीक तुम्हें मेरी जान की कसम पुलिस वाले को मत मारना, फिर भी वह हत्या करके DGP को फोन करता था, उठा ले जाओ, और याद रखना यह अतीक का इलाका है!

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Kamlesh Kumar Palvor 1 Jahr

यह सब होता रहेगा सरकार बादलों आराम पाओ नहीं तो परेशान होकर रह जाओ

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रेखा चौबे (मोदी का परिवार)vor 1 Jahr

इतना भी प्रैक्टिस करके नही बुलवाना चाहिए की साफ साफ पता चल जाये नाटक कंपनी वाले हैं😂 जब गुंडों को टिकट और अपराधियों को मंच मिले तो क़ानून-व्यवस्था पर बुलडोजर ही चले!

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Prof. Sarita Sidhvor 1 Jahr

अखिलेश यादव की बातों में विरोधाभास साफ़ झलकता है। जिनकी सरकार में गुंडाराज चरम पर था, अब वे क़ानून-व्यवस्था की दुहाई दे रहे हैं। सपा के कार्यकाल में अपराधियों को संरक्षण मिला, अब जब बुलडोज़र चला, तो दर्द सपा को हो रहा है।

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Sunita Siddharthavor 1 Jahr

रामगोपाल यादव पर आपकी क्या राय है जिन्होंने मोजुदा युद्ध में अपनी काबलियत दिखाने वाली सैनिक महिला को जातिसूचक शब्दों से नवाजा। इस तरह की जातिवादी मानसिकता के लोग कब तक रखोगे अपने साथ

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Sandeep Mishravor 1 Jahr

जब यूपी में अखिलेश यादव की सरकार थी, तब गुंडे-बलात्कारी-वसूलीबाज खुलेआम सत्ता की छाया में पलते थे। थानों में अपराधी बैठते थे, पीड़ित दर-दर भटकता था। गुंडों की लिस्ट तैयार होती थी लेकिन कार्रवाई नहीं होती थी क्योंकि ज़्यादातर खुद ‘समाजवादी’ झंडा लेकर घूमते थे। आज जब योगी आदित्यनाथ ने गुंडों की गुंडागर्दी पर बुलडोजर चलाया, माफिया के महल ढहाए, गैंगस्टरों की संपत्तियाँ जब्त कीं, तो अखिलेश यादव का दर्द जाग गया? सच ये है कि अखिलेश के लिए अपराधी वोटबैंक हैं, और जब उन पर कार्रवाई होती है, तो उसे कानून-व्यवस्था पर हमला बताया जाता है। दरअसल बुलडोजर कानून-व्यवस्था पर नहीं, समाजवादी जंगलराज और तुष्टिकरण की राजनीति पर चला है। जनता अब सब समझ चुकी है—यूपी अब गुंडों का नहीं, क़ानून का राज है।

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Rohit Tripathi journalistvor 1 Jahr

ये वीडियो देखा क्या अखिलेश जी @yadavakhilesh

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