Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

उम्मीदों की रोशनी तुमसे ही ❤️

29,457 görüntüleme • 1 ay önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

हेडलाइट की रोशनी में अंतिम संस्कार आपने स्ट्रीट लाइट की रोशनी में बच्चों को पढ़ते देखा होगा और ऑपरेशन थिएटर्स में मोमबत्ती और टाॅर्च की रोशनी में ऑपरेशन होते देखे होंगे। भरतपुर में कार की हेडलाइट की रोशनी में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। दरअसल, सोमवार को मोरी चार बाग निवासी 70 वर्षीय अशोक का निधन हो गया। शाम करीब 7 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए बी-नारायण गेट स्थित श्मशान पहुंचे। वहां पहुंचते ही परिजनों को गहरा झटका लगा। पूरे श्मशान परिसर में घना अंधेरा पसरा हुआ था। न रोशनी की कोई व्यवस्था थी और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था। अंधेरे के बीच परिजनों और रिश्तेदारों ने मोबाइल फोन की रोशनी में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कीं, लेकिन यह रोशनी नाकाफी साबित हुई। मजबूरी में वाहनों की हेडलाइट जलाकर रोशनी की गई। कारों की रोशनी में किसी तरह अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। ये हाल तब हैं जब राजस्थान पत्रिका के अभियान के बाद नगर निगम आयुक्त ने हाल ही में श्मशान का निरीक्षण भी किया था और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।

Arvind Chotia

15,387 görüntüleme • 7 ay önce