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एक-दूसरे के ख़िलाफ़ ‘चोर-पुलिस’ का जो खेल बचपन में खेला जाता था, वो अब भाजपा राज में नये नियम से खेला जा रहा है। इस बार ‘चोर-पुलिस’ दोनों मिलकर खेल रहे हैं, अब कोई किसी के ख़िलाफ़ नहीं है बल्कि उल्टा एक-दूसरे के साथ हैं। देश की सरहदों की...

128,846 views • 1 year ago •via X (Twitter)

10 Comments

Sudhir Mishra 🇮🇳's profile picture
Sudhir Mishra 🇮🇳1 year ago

सूप बोले तो बोले चलनी क्या बोले जिसमें 72 छेद-

VIKRAM's profile picture
VIKRAM1 year ago

शिकायतकर्ता दुबे है,सैनिक की पत्नी है और उसको भी पुलिस ने नहीं बक्शा अब और आम जनता क्या आशा रखेगी इस उत्तर प्रदेश में

बसावन इंडिया's profile picture
बसावन इंडिया1 year ago

◼️ नोयडा जिम ट्रेनर जीतेन्द्र यादव का फेक एनकाउंटर करने वाला दरोगा विजय दर्शन शर्मा निकला लुटेरा। ◼️ एसएचओ विजय दर्शन शर्मा रेल बाजार थाना में चोरी से बरामद 25 लाख का सोना अपने चार साथियों के साथ मिलकर बेच लिया और चोर को छोड़ दिया, कानपुर पुलिस ने SHO समेत उसके अन्य तीन सहयोगियों पर लूट का मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। ◼️ विवादों में रहने के बाद भी विजय दर्शन को चौकी व थानों का चार्ज मिलना सवालों के घेरे में आ गया है। विजय दर्शन शर्मा पर 2018 में जिम ट्रेनर जितेन्द्र यादव को गोली मारने के प्रकरण में केश चल रहा है। कानपुर में क्राइम ब्रांच और सनिगवां चौकी प्रभारी रहते भी कई सवाल उठे थे। इसके बावजूद भी सेटिंग व गेटिंग के खेल से थानों का चार्ज मिलता रहा। ◼️ जिम ट्रेनर जितेन्द्र यादव को गोली लगने से उसकी पूरी शरीर 85% पैरालाइज हो गया है, जितेन्द्र यादव का पूरा परिवार इस घटना से बिखर गया, लाडली बहन जितेन्द्र का यह हाल देख आत्महत्या कर ली, और नाना का सदमें में मौत हो गया। ◼️ मिस्टर उत्तराखंड का खिताब अपने नाम करने वाला जिम ट्रैनर जितेंद्र यादव आज भी सरकरी सुविधा से वंचित है, गोमतीनगर लखनऊ में विवेक तिवारी के फेक एनकाउंटर में 70 लाख सहायता राशि व पत्नी को ओएसडी का पद देने वाली सरकार ने जितेन्द्र यादव को उपेक्षित क्यों रखा? @myogiadityanath @yadavakhilesh @noidapolice @kanpurnagarpol @Uppolice @dgpup @igrangekanpur #Encounter #FakeEncounter

Priti Yadav's profile picture
Priti Yadav1 year ago

भक्त बनने का नतीजा बहुत ही खतरनाक होता है और आज नहीं तो कल सबको यह दिन देखना ही पड़ेगा जब आदमी भावनाओं में बह जाता है और वोट गलत व्यक्ति को कर देता है तो इसका दुष्परिणाम ही होता है

ShivRaj Yadav's profile picture
ShivRaj Yadav1 year ago

उत्तर प्रदेश की जनता 2027 चुनाव देख रही है! पीडीए नेता अखिलेश यादव ही न्याय देंगे ! #नहीं_बंटेगा_PDA #नहीं_चाहिए_भाजपा

Shailesh Verma's profile picture
Shailesh Verma1 year ago

गुजरातियों ने पूरे देश में कब्जा कर रखा है हर जगह ठेका के नाम पर भाजपा सरकार इनको फायदा करवाने में लगी हुई है

Ashish Tiwari's profile picture
Ashish Tiwari1 year ago

कैसे कह दू थक गया हूं मैं जाने किस- किस का हौसला हूं मैं तुझको मंजिल मुझे से मिलनी है तेरी मंजिल का रास्ता हूं मैं समाजवादी पार्टी जिंदाबाद

Anurag Yadav's profile picture
Anurag Yadav1 year ago

सपा सरकार में पुलिस जनता की रक्षा करती थी, भाजपा सरकार में पुलिस खुद जनता को लूट रही। यही विकास हुआ है योगी बाबा के आने के बाद यूपी में।

Arjun Yadav •'s profile picture
Arjun Yadav •1 year ago

भाजपा के जंगलराज में सिर्फ भ्रष्टाचार हो रहा है योगी जी! आपके राज में आपके भाजपा नेतागण/अधिकारी/पुलिस/ठेकेदारों ने मिलकर सिर्फ लूट मचाई है #नहीं_चाहिए_भाजपा #नहीं_बंटेगा_PDA

Shivi Sivanya ✨'s profile picture
Shivi Sivanya ✨1 year ago

सच कहा, जब सुरक्षा का जिम्मा लेने वाली सरकार खुद नाकाम हो जाए, तो जनता किस पर भरोसा करे? अब वक्त है कि जनता जवाब मांगे और ऐसी सरकार को बदलने की तैयारी करे जो हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती।

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उप्र में ‘सत्ता सजातीय’ और पुलिस का गठजोड़ साज़िश रचकर ‘जाति’ देखकर हत्या करवा रहा है। इसके लिए किसी को मिली सुरक्षा हटाने तक का षड्यंत्र किया जा रहा है। सत्ताधारियों को लग रहा है कि जब उनकी सरकार है तब न तो कोई जाँच होगी और न ही कोई पकड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ये क्यों नहीं स्वीकार कर लेते हैं कि उप्र की बागडोर अपराधियों के हाथ में चली गयी है? ऐसे शासन से अच्छी तो अराजकता होती है, जहाँ जनता सरकार के भरोसे तो नहीं होती है। सीसीटीवी के सबूत के बावजूद भी जब अपराधी पकड़ा नहीं जा रहा है, तो फिर न्याय के नाम पर उप्र में बचा क्या। उप्र की इंद्रिय शून्य सरकार को छोड़कर सबको मालूम है कि हत्यारा कौन है। उप्र की जनता इतनी असुरक्षित कभी न थी। न्यायालय स्वत: संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई करे, यही हमारी पुरजोर माँग है। हत्यारे, संलिप्त पुलिस और भाजपाई माफ़िया कोई बचना नहीं चाहिए। अगर शासन ने कुछ नहीं किया तो वो भी इस अपराध में भागीदार माना जाएगा और सबसे कमज़ोर, हताश और लाचार शासन भी। जिसका इक़बाल नहीं, वो सरकार नहीं। मुख्यमंत्री जी लखनऊ की जगह चंदौली को राजधानी घोषित कर दें और जहाँ जाना हो चले जाएं लेकिन उप्र की जनता को यूँ माफ़ियों की गोलियाँ खाने के लिए न छोड़ें। घोर निंदनीय व दंडनीय हत्याकांड। उप्र में ‘महा-अन्यायराज’ का दौर चल रहा है।

Akhilesh Yadav

86,937 views • 1 year ago

भाजपा सरकार के लिए ‘रोज़गार मेला’ सिर्फ़ एक इवेंट है और कुछ नहीं। यहाँ नौकरी के नाम पर युवाओं को ठगा जा रहा है। लगता है भाजपा के लोग विदेश में नौकरी के नाम पर ‘प्लेसमेंट एजेंसी’ के एजेंट बनकर नाममात्र के वेतन पर युवाओं की मजबूरी का फ़ायदा उठाकर बीच में कमीशन कमाना चाहते हैं। भाजपा के लिए नौकरी भी एक जुमला है। अब उप्र के सचेत युवा ‘भाजपाई झाँसे’ में आकर अपना शोषण नहीं होने देंगे, उन्हें नौकरी के नाम पर कोई गुमराह नहीं कर सकता है। जहाँ 9 साल इंतज़ार कर लिया है वो कुछ दिन और कर लेंगे और आगामी चुनाव में यही युवा भाजपा सरकार का टोकन काटेंगे और हमेशा के लिए पत्ता भी साफ़ कर देंगे क्योंकि अब वो समझ गये हैं कि ‘नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं’। युवा ये भी नहीं भूलेंगे कि ये वही मुख्यमंत्री जी हैं जिन्होंने उप्र के युवाओं के बारे में कहा था कि कमी नौकरी की नहीं है बल्कि युवाओं में योग्यता की है। मुख्यमंत्री जी ये भी बताएं कि विदेश में जानेवाले युवाओं का शोषण नहीं होगा इसकी गारंटी कौन देगा। इस तरह के आयोजन साबित कर रहे हैं कि निवेश और उससे सृजित होनेवाला रोज़गार का दावा फुस्स हो गया है। हमारे प्रदेश की युवतियों की नौकरी के लिए सरकार की कोई विशेष योजना क्यों नहीं है? भाजपा सरकार जवाब दे। युवा कहे आज का नहीं चाहिए भाजपा! भाजपा जाए तो नौकरी-रोज़गार आए!

Akhilesh Yadav

52,836 views • 11 months ago

जनता पूछ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के उप्र के पहले दौरे में जनता ने ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ के गुस्से की वजह से उनका बहिष्कार तो किया ही है, क्या डबल इंजन की टकराहट भी इस सन्नाटे की वजह है? दरअसल उप्र का भाजपा संगठन जन-आक्रोश के डर के मारे अपने घरों में दुबका बैठा है या प्रदेश से बाहर भाग गया है, नहीं तो कुछ लोग तो ज़रूर दिखाई देते, बेचारे ‘नव-निर्मित अध्यक्ष जी’ हाथ हिलाने के लिए तरसते दिखाई न देते। आज उन्हें भी पता चला होगा कि ‘5’ बड़ा या ‘7’। भगवान से धोखा करनेवालों का दुर्भाग्य देखिए कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करनेवालों का झंडा तक उठानेवाले अब कोई नहीं बचा, वो भी किराये पर ही लाए गए। उप्र ने भाजपा की रिटर्न टिकट कन्फ़र्म कर दी है।

Akhilesh Yadav

399,347 views • 1 month ago

उप्र भाजपा सरकार की ये नैतिक ज़िम्मेदारी बनती है कि वह मेले में घाटा खाकर बैठे दुकानदारों को वो राशि लौटा दे जिसको लेकर कारोबारियों को दुकानें आवंटित की गईं थीं। भाजपा सरकार की बदइंतज़ामी की वजह से जब मुख्य मार्ग बंद कर दिये गये या फिर रास्ते बदल दिये गये तो ग्राहक इन दुकानों तक पहुँचते कैसे और कैसे इन व्यापारियों की दुकानदारी चलती। इनके नुक़सान के लिए उप्र भाजपा सरकार पूरी तरह उत्तरदायी है। हम उप्र सरकार से माँग करते हैं कि इनसे लिया गया धन वापस किया जाए। एक तरफ़ सरकार ये दावा कर रही है कि महाकुंभ से प्रयागराज व उप्र की अर्थव्यवस्था में अरबों रुपए जुड़े हैं तो फिर भाजपा सरकार इन दुकानदारों के कुछ लाख रुपये क्यों नहीं लौटा सकती है। मेले के दुकानदारों के बीच ये चर्चा है कि वो सब लोग मिलकर उप्र भाजपा सरकार से नारे के रूप में ये माँग करेंगे : हमारे पैसे लौटाओ, हमारा घाटा पूरा कराओ। दुकानदार कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

93,814 views • 1 year ago

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के व्यापारी स्व. शुभम द्विवेदी की पत्नी ने इस बात पर सार्वजनिक तौर पर दुख प्रकट किया है कि वो उप्र के मुख्यमंत्री से कई महीनों से मिलने की लगातार कोशिश कर रही हैं परंतु उनकी तरफ़ से कोई जवाब नहीं आ रहा है। क्या यही है भाजपा का महिला सम्मान का असली सच? ये घोर निंदनीय है कि अपने राज्य की एक पीड़ित बेटी का दर्द सुनने का समय मुख्यमंत्री जी के पास नहीं है लेकिन दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार करने का समय है। भाजपा के घोर समर्थक तक मुख्यमंत्री जी के इस निर्दयी व्यवहार पर बेहद शर्मिंदा होंगे, खासतौर से एक औरत होने के नाते भाजपा की महिला सदस्यों को मुख्यमंत्री जी का ये रूखा व्यवहार बहुत खल रहा होगा। जिसके ऊपर दुखों का पहाड़ टूटा हो और ऊपर से वो उपेक्षा का शिकार भी तो निराश-हताश होकर और टूट जाता है। ये हालात कभी किसी की ज़िंदगी में न आएं। इस उपेक्षा के पीछे अगर और कोई वजह हो तो वो स्पष्ट की जाए। हमारी माँग है कि स्व. शुभम द्विवेदी को शहीद का दर्जा दिया जाए और महिला की सरकारी नौकरी की मांग पूरी करी जाए। अगर ये नहीं हुआ तो हम सरकार में आकर ये माँग पूरी करेंगे। भाजपा संवेदनहीन भी और हृदयहीन भी।

Akhilesh Yadav

82,096 views • 3 months ago

मेरठ में ‘हत्या-अपहरण’ के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा के वरिष्ठ सांसद को रोका जाना बेहद निंदनीय है। उप्र का भाजपा शासन-प्रशासन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। भाजपा अपराधी को बचा रही है। बुलडोज़र की कार्रवाई मूक दर्शक बन कर खड़ी है। एक माँ और घर की बहन-बेटी का महत्व और मान क्या होता है ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है कोई सियासतदार नहीं। भाजपा भी इस हत्याकांड और बेटी के अपहरण में पूरी तरह भागीदार है। ऐसे भ्रष्ट व पक्षपाती शासन से अच्छा तो शासन का न होना है। भाजपा के समर्थक तक इससे शर्मिंदा हैं, कल को इस आग की आँच उनके घरों तक भी पहुँचेगी। अपराधी किसी की नेमप्लेट देखकर नहीं घुसते हैं। घोर निंदनीय!

Akhilesh Yadav

113,119 views • 7 months ago

भाजपा सरकार के एजेंडे में न तो भर्ती है और न ही कोई और नौकरी। भाजपा नौकरी न देकर पीडीए के हक़ का आरक्षण मारना चाहती है। भाजपाई हर काम को आउटसोर्सिंग के ज़रिए करवाना चाहते हैं, इससे एक तरफ़ उन्हें आरक्षण नहीं देना पड़ता है और दूसरी तरफ़ जिनको आउटसोर्सिंग का ठेका मिलता है, उनसे कमीशन और चंदा वसूली करके ये भाजपाई अपना ख़ज़ाना भर लेते हैं। भाजपा की अग्निवीर जैसी योजनाओं ने देश की सुरक्षा के साथ ही युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को भी ख़तरे में डाल दिया है। आज बेरोज़गारी का जो हाल है, उससे न केवल युवाओं में बल्कि उनके परिवारों तक में मायूसी का माहौल है। लोग खेत-ज़मीन बेचकर अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद से पढ़ाते हैं लेकिन जब भर्ती-नौकरी की कहीं कोई बात नहीं होती है तो वो नाउम्मीदगी और निराशा से घिर जाते हैं। भाजपा के राज में कोई ख़ुशख़बरी नहीं आती है। लोग मुस्कुराना भूल गये हैं। भाजपा ने पीड़ा, दुख, अपमान-अन्याय के सिवा जनता को कुछ नहीं दिया है। इसीलिए जनता अब ‘हँसी-ख़ुशी छीननेवाली भाजपा’ को हटाकर ही सच्चा उत्सव-त्योहार मनाएगी। भाजपा जाए तो भर्ती-नौकरी आए!

Akhilesh Yadav

54,563 views • 10 months ago

गोरखपुर में शासनिक-प्रशासनिक मिलीभगत से सत्ता संरक्षित पशु तस्करों के ख़िलाफ़ जनता का जो गुस्सा फूटा है उसकी ज़िम्मेदार भाजपा सरकार ख़ुद है। जिन पशु तस्करों ने युवक की जान ले ली है उनको बचाने के लिए पुलिस आएगी तो तस्करी के इस कुकृत्य में सत्ताधारियों की साँठगाँठ का भंडाफोड़ होगा ही और जनता आक्रोशित भी होगी। अगर उप्र के ‘मुख्यनगर’ में ऐसा हो रहा है तो इसका मतलब है कि इस गोरखधंधे में किसी की मुख्य साझेदारी है या उसके हाथ से ये नगर भी निकल गया है और पूरे उप्र की तरह यहाँ भी अपराध चरम पर है और यहाँ भी अपराधियों का ही सिक्का चल रहा है। दोनों हालातों में ये ‘मुख्य नाकामी’ है। मृतक के पीड़ित परिजनों को न्याय मिले। भाजपा जाए तो इंसाफ़ आए!

Akhilesh Yadav

82,151 views • 11 months ago

उप्र के एक भाजपा विधायक द्वारा उप्र की एक भूतपूर्व महिला मुख्यमंत्री जी के प्रति कहे गये अभद्र शब्द दर्शाते हैं कि भाजपाइयों के मन में महिलाओं और खासतौर से वंचित-शोषित समाज से आनेवालों के प्रति कितनी कटुता भरी है। राजनीति मतभेद अपनी जगह होते हैं लेकिन एक महिला के रूप में उनका मान-सम्मान खंडित करने का किसी को भी अधिकार नहीं है। भाजपाई कह रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर हमने गलती की थी, ये भी लोकतांत्रिक देश में जनमत का अपमान है और बिना किसी आधार के ये आरोप लगाना कि वो सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री थीं, बेहद आपत्तिजनक है। भाजपा के विधायक के ऊपर, सार्वजनिक रुप से दिये गये इस वक्तव्य के लिए मानहानि का मुक़दमा होना चाहिए। भाजपा ऐसे विधायकों को प्रश्रय देकर महिलाओं के मान-सम्मान को गहरी ठेस पहुँचा रही है। अगर ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ भाजपा तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करती है तो मान लेना चाहिए, ये किसी एक विधायक का व्यक्तिगत विचार नहीं है बल्कि पूरी भाजपा का है। घोर निंदनीय!

Akhilesh Yadav

255,891 views • 2 years ago

देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द की परंपरा को खंडित करने का प्रयास भाजपा सरकार की संकीर्ण राजनीति का प्रतीक है। यहाँ मची भगदड़ भाजपाइयों की बदइंतज़ामी का प्रमाण है, जो नहीं चाहते हैं कि भाईचारे के ऐसे आयोजन सफल हों। बनारस के ‘नाटी इमली के भरत मिलाप’ की 480 साल से चली आ रही परंपरा में यदुकुल के कंधे पर ही रघुकुल का मिलन होता आ रहा है। सूर्यवंशी-चंद्रवंशी के आपसी प्रेम-स्नेह के बीच कमलवंशी लोग सियासी दरार पैदा कर रहे हैं। गोरखधंधे में व्यस्त उप्र की भाजपा सरकार जहाँ बैरिकेडिंग की जानी चाहिए वहाँ तो नहीं करती है, और जहाँ नहीं की जानी चाहिए वहाँ करती है। कहाँ करती है ये बताने की ज़रूरत नहीं, जनता बहुत समझदार है। निंदनीय!

Akhilesh Yadav

321,690 views • 1 year ago

भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं है। भाजपा ‘जन-तंत्र’ को ‘धन-तंत्र’ मानकर सिर्फ़ दोहन और दमन में विश्वास करती है। उप्र के हमीरपुर में एक सड़क बनने को लेकर जब सालों से कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों ने ज़िलाधिकारी के कार्यालय पर प्रभावशाली प्रदर्शन करके दिखा दिया कि ‘भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन’ यदि जनता तक नहीं पहुँचेगा तो जनता उन तक पहुँच जाएगी। भाजपाई ऊपर-से-नीचे का जो ‘एकतंत्र बनाना’ चाहते हैं, वो अब और नहीं चलेगा। जन-प्रतिनिधि हो या लोक सेवक, अब सबको ये समझना ही होगा कि ‘लोकतंत्र’ नीचे-से-ऊपर की ओर जाता है। अब हमारा यही समाजवादी मूल्य सबको अपनाना ही होगा कि ‘समाज के लिए सत्ता है’। भाजपा हमेशा सत्ता के लिए समाज का दुरुपयोग करती है जबकि समाजवादी सिद्धांत कहता है : समाज के उत्थान और कल्याण के लिए सत्ता का सदुपयोग किया जाना ही शासन-प्रशासन के औचित्य को सिद्ध करता है। यदि जन-कल्याण नहीं तो सरकार नहीं!

Akhilesh Yadav

245,321 views • 10 days ago