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कुछ बातें जिनका मैं व्यक्तिगत रूप से पालन करती हूँ।

13,459 views • 1 month ago •via X (Twitter)

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मैं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता के रूप में, आईपीएस अजय पाल शर्मा के बारे में एक वीडियो बनाया था। अब मेरी पार्टी ने मुझे सच बोलने के कारण निलंबित कर दिया है। वह क्लिप वायरल हो चुकी है और भाजपा का पूरा आक्रोश व्यक्तिगत रूप से मुझ पर आ रहा है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि मैंने वह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में, तृणमूल मुख्यालय से, पार्टी लाइन का पालन करते हुए बनाया था और वह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स से भी जारी किया गया था। यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी। फिर भी, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और मेरे कानूनी सलाहकार की सलाह पर — मैं आईपीएस अजय पाल शर्मा से अपनी टिप्पणियों के लिए बिना शर्त माफी मांगता हूँ, भले ही वह व्यक्तिगत नहीं थीं। मैं अब एक सामान्य व्यक्ति हूँ, जो अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने और अपनी आजीविका जारी रखने की आशा करता है। मुझे उम्मीद है कि यह मामला अब स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगा।🙏🏻

𝐑𝐢𝐣𝐮 𝐃𝐮𝐭𝐭𝐚

1,013,715 views • 3 months ago

आज के दिन सांसद के रूप में मेरे एक वर्ष पूरे हो गए हैं। यह मेरे लिए सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि आप सभी की उम्मीदों और विश्वास की ज़िम्मेदारी है। 4 जून 2024 को जब आपने मुझ पर भरोसा जताकर मुझे सबसे युवा महिला सांसद चुना, वह पल मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सम्मान था। इस एक वर्ष की यात्रा में आपने जो स्नेह, मार्गदर्शन और समर्थन दिया, उसके लिए मैं तहे दिल से आभार व्यक्त करती हूँ। मैं विशेष रूप से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी का धन्यवाद करती हूँ, जिनकी प्रेरणा और विश्वास ने मुझे हर मोड़ पर हौसला दिया। मैं मछलीशहर की जनता का हृदय से धन्यवाद करती हूँ, जिनके प्यार और आशीर्वाद ने मुझे हर रोज़ बेहतर काम करने की प्रेरणा दी। इस एक साल की कुछ झलकियाँ, कुछ यादगार पल आज आप सभी के साथ साझा कर रही हूँ। यह सफर आप सभी के साथ से ही सार्थक बना है, और मैं हमेशा प्रयास करूंगी कि आपके भरोसे पर खरी उतरूं।

Priya Saroj

143,870 views • 1 year ago

तवायफ, सभी मजबूरी से मजबूत स्त्री को समर्पित🙏🏻 हाँ, हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ उसी गली में रहती हूँ, जिस गली में तुम रात बिताते हो परिवार के सामने मुझे नीच बतलाते हो, रात होते ही मुझे अपना बनाते हो नाम मेरा रंडी रखा है, और खुद मेरे पास हवस मिटाते हो हाँ मैं वही मयख़ाना हूँ, जिसके जिस्म से तुम पैमाना भरते हो सांझ होते ही सजती सवंरती हूँ, हर रात तेरे लिए बिस्तर नयी सजाती हूँ हाँ तेरे पाप को अपने कोख़ में पनाह देती हूँ, बिन बाप के बच्चों को अपना नाम देती हूँ बस तुम लोग के वजह से नाम नहीं कमा पाती हूँ, पैसे होने के बाद भी रंडी नाम से जानी जाती हूँ भूख खुद की इज़्ज़त बेचने को मजबूर करती है, बस यही सोचकर आँसू पी लेती हूँ तब भी ज़िंदा हूँ, ना इस काम से शर्मिन्दा हूँ आँशु क्या ज़हर क्या रोज़ सबको अपना बना लेती हूँ हर एक की बाहों में जाकर इश्क़ बाँटना आसान नहीं है, मेरी बेरंग जिंदगी से तेरी रात रंगीन करती हूँ काजल में अश्क़ छुपाती, पल पल नाम छुपाती, हर रोज़ बिकती हूँ, हर पल तेरे मुँह के "मेरी रंडी" नाम को भी अपनाती हूँ हांँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, कुछ मज़बूरी के कारण, काजल के पीछे अश्क़ छुपाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, अपनी भूख के लिए तेरी प्यास बुझाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ
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तवायफ, सभी मजबूरी से मजबूत स्त्री को समर्पित🙏🏻 हाँ, हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ उसी गली में रहती हूँ, जिस गली में तुम रात बिताते हो परिवार के सामने मुझे नीच बतलाते हो, रात होते ही मुझे अपना बनाते हो नाम मेरा रंडी रखा है, और खुद मेरे पास हवस मिटाते हो हाँ मैं वही मयख़ाना हूँ, जिसके जिस्म से तुम पैमाना भरते हो सांझ होते ही सजती सवंरती हूँ, हर रात तेरे लिए बिस्तर नयी सजाती हूँ हाँ तेरे पाप को अपने कोख़ में पनाह देती हूँ, बिन बाप के बच्चों को अपना नाम देती हूँ बस तुम लोग के वजह से नाम नहीं कमा पाती हूँ, पैसे होने के बाद भी रंडी नाम से जानी जाती हूँ भूख खुद की इज़्ज़त बेचने को मजबूर करती है, बस यही सोचकर आँसू पी लेती हूँ तब भी ज़िंदा हूँ, ना इस काम से शर्मिन्दा हूँ आँशु क्या ज़हर क्या रोज़ सबको अपना बना लेती हूँ हर एक की बाहों में जाकर इश्क़ बाँटना आसान नहीं है, मेरी बेरंग जिंदगी से तेरी रात रंगीन करती हूँ काजल में अश्क़ छुपाती, पल पल नाम छुपाती, हर रोज़ बिकती हूँ, हर पल तेरे मुँह के "मेरी रंडी" नाम को भी अपनाती हूँ हांँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, कुछ मज़बूरी के कारण, काजल के पीछे अश्क़ छुपाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, अपनी भूख के लिए तेरी प्यास बुझाती हूँ हाँ हाँ मैं तवायफ़ हूँ, जिस्म का धंधा हर रात करती हूँ

तृप्त ...🖤

49,991 views • 2 years ago