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कानपुर का मशहूर पप्पू समोसा! 🥟 इन समोसों पर दिखने वाले अलग-अलग रंग सिर्फ सजावट नहीं हैं, बल्कि उनकी पहचान हैं। इन्हीं रंगों से पता चलता है कि समोसा मैगी, पास्ता, आलू, पनीर या मटर में से कौन-सा है। आपको समोसे पहचानने की यह अनोखी तकनीक कैसी लगी? अपनी...

65,983 views • 1 month ago •via X (Twitter)

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आपकी बात से साफ है कि यह स्थिति आपको मानसिक रूप से भारी लग रही है। 40 की उम्र के आसपास शादी न हो पाना कई बार सिर्फ “घरवालों की वजह से” नहीं होता, बल्कि इसके पीछे अलग-अलग कारण मिलकर काम करते हैं—परिवार की सोच, जिम्मेदारियाँ, रिश्ते न आना, या फिर आपकी अपनी प्राथमिकताएँ और परिस्थितियाँ भी। सबसे पहले एक बात ज़रूरी है: शादी का फैसला अंततः आपका भी होता है, सिर्फ घरवालों का नहीं। अगर आपको सच में शादी करनी है, तो अब आपको “इंतज़ार” से आगे बढ़कर कुछ ठोस कदम सोचने होंगे। आप कुछ व्यावहारिक रास्ते देख सकती हैं: आप घरवालों से सीधी और शांत बातचीत करें—यह पूछें कि असली रुकावट क्या है: रिश्ता नहीं मिल रहा, या वे टाल रहे हैं, या उनकी कोई चिंता है। जब कारण साफ होगा तभी समाधान निकलेगा। अगर रिश्ते नहीं आ रहे, तो आप खुद भी पहल कर सकती हैं—रिश्ते देखने वाले प्लेटफॉर्म, परिचितों का नेटवर्क, या भरोसेमंद मैट्रिमोनियल सेवाएँ। अगर घरवाले भावनात्मक या सामाजिक कारणों से रोक रहे हैं, तो धीरे-धीरे अपनी financial और personal independence बढ़ाना जरूरी हो जाता है, ताकि फैसले आपके हाथ में भी हों। और एक अहम बात—अगर उम्र को लेकर समाज क्या सोचेगा यह दबाव है, तो उसे बहुत ज्यादा वजन देना जरूरी नहीं है। सही जीवनसाथी उम्र से ज्यादा समझ, सम्मान और compatibility पर मिलता है।

RIYA🌸🌸

38,943 views • 3 months ago

होस्ट – लोग कहते हैं कि आप विपक्ष का समर्थन करते हैं और सिर्फ सरकार से सवाल पूछते हैं। क्या आपने कभी किसी सरकारी योजना की सिर्फ तारीफ़ करते हुए वीडियो बनाया है? अभिनय सर – सरकार का काम अच्छा काम करना है। उसकी तारीफ़ करने के लिए पहले से ही बहुत लोग और मीडिया मौजूद हैं। होस्ट – तो आपको नहीं लगता कि सरकारी योजनाओं की अलग से तारीफ़ करनी चाहिए? अभिनय सर – अगर मैं पेपर लीक, छात्रों की नौकरी और परीक्षा की गड़बड़ियों पर सवाल उठाता हूँ, तो यह विपक्ष का समर्थन नहीं है। यह एक शिक्षक होने के नाते मेरी ज़िम्मेदारी है।यह संस्करण अधिक सरल और बोलचाल की हिंदी में है। इसी वज़ह से Abhinay Maths सबसे अलग हैं

Sandeep Khasa

39,910 views • 3 months ago

सुना कुछ लोगों ने चुनाव आयोग की धांधली का पर्दाफाश करने पर राहुल गांधी की निंदा की है 👉कौन हैं यह लोग? 140 करोड़ के देश में यह 272 लोग कितने प्रतिष्ठित हैं यह तो नहीं पता - लेकिन BJP रोज़गार एक्सचेंज में आवेदनकर्ता ज़रूर हैं! 👉वरना वोट चोरी के इतने सारे सबूत देखकर भी आँखों पर पट्टी बाँधना और उल्टी बात करने वालों में कोई भी पूर्व चुनाव आयुक्त क्यों नहीं है? पुलिस वाले क़ानून व्यवस्था पर बात नहीं कर रहे, पूर्व उच्चायुक्त फेल्ड विदेश नीति पर नहीं बोल रहे हैं, RAW वाले पहलगाम से लेकर दिल्ली बम ब्लास्ट की विफल intelligence पर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन सब के सब चुनाव आयोग की पैरवी कर रहे हैं ▪️इन लोगों में से कितनों के अंदर हिम्मत है कि फ़र्ज़ी पते, फेक आईडी, फ़र्ज़ी फोटो, एक छोटे से घर में सैकड़ों लोगों के रजिस्टर होने पर सवाल उठायें? ▪️इनमें से कितनों की हिम्मत है यह पूछने की कि चुनाव के बीचोंबीच सरकार पैसे बांटती रही और चुनाव आयोग मूक दर्शक क्यों बना रहा? ▪️इनमें से कितनों की हिम्मत है कि चुनाव आयोग की संदिग्ध भूमिका पर सवाल पूछ सकें? ▪️इनमें से कितनों की हिम्मत है कि BJP के नेताओं के अलग अलग जगहों पर एक से ज़्यादा वोट डालने पर सवाल उठायें? ▪️असलियत तो यह है कि 2014 के पहले ‘ज़िम्मेदार प्रतिष्ठित’ नागरिक चुनी हुई सरकार से सवाल पूछते थे, आख़िर जिसके पास सत्ता संसाधन संस्थाएं हैं - सवाल भी तो उन्हीं से होगा. लेकिन अब सवालों के घेरे में वो व्यक्ति है जो इस देश के लोकतंत्र की धज्जियां उड़ने के ख़िलाफ़ मज़बूती से लड़ रहा है 👉और मीडिया वाले चरणचुम्बकों का तो क्या ही कहना?! यह तो नरेंद्र मोदी के दिन को रात कहने पर सियार की तरह हुआँ हुआँ करना शुरू कर देते हैं

Supriya Shrinate

167,799 views • 10 months ago

बिहार भर के अखबारों में पूरे पन्ने पर अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दी जाती हैं पर किसी को पता नहीं चलता है कि यह शुभकामनाएं देने वाला कौन है!! किसने इस पर लाखों रुपया खर्च किया है? इसका निवेदक कौन है? किसी मंत्रालय की तरफ से है नहीं क्योंकि मंत्रालय या बिहार सरकार का नाम नहीं लिखा हुआ है! पार्टी की तरफ से भी नहीं है क्योंकि इसमें पार्टी का नाम या प्रदेश अध्यक्ष की फोटो या नाम नहीं है! साफ जाहिर होता है कि यह मंत्री या उसके आदमियों या घूस देकर काम पाने वाले ठेकेदारों द्वारा काला धन या भ्रष्टाचार के पैसों से यह प्रचार करवाया गया है, मुख्यमंत्री और उनके भ्रष्ट मंत्रियों या अधिकारियों की चाटुकारिता के लिए, उन्हें खुश करने के लिए!! Tejashwi Yadav #TejashwiYadav #RJD #india #Bihar

Rashtriya Janata Dal

10,330 views • 2 years ago