Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

चंपत राय की डायरी से चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। यह स्पष्ट है कि बंगाल चुनाव से पहले ही मोदी शाह को चंदे में हुई डकैती का पता था लेकिन चुनाव की वजह से एफ़आईआर दर्ज नहीं कराई गई।

43,421 görüntüleme • 3 gün önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

सुना कुछ लोगों ने चुनाव आयोग की धांधली का पर्दाफाश करने पर राहुल गांधी की निंदा की है 👉कौन हैं यह लोग? 140 करोड़ के देश में यह 272 लोग कितने प्रतिष्ठित हैं यह तो नहीं पता - लेकिन BJP रोज़गार एक्सचेंज में आवेदनकर्ता ज़रूर हैं! 👉वरना वोट चोरी के इतने सारे सबूत देखकर भी आँखों पर पट्टी बाँधना और उल्टी बात करने वालों में कोई भी पूर्व चुनाव आयुक्त क्यों नहीं है? पुलिस वाले क़ानून व्यवस्था पर बात नहीं कर रहे, पूर्व उच्चायुक्त फेल्ड विदेश नीति पर नहीं बोल रहे हैं, RAW वाले पहलगाम से लेकर दिल्ली बम ब्लास्ट की विफल intelligence पर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन सब के सब चुनाव आयोग की पैरवी कर रहे हैं ▪️इन लोगों में से कितनों के अंदर हिम्मत है कि फ़र्ज़ी पते, फेक आईडी, फ़र्ज़ी फोटो, एक छोटे से घर में सैकड़ों लोगों के रजिस्टर होने पर सवाल उठायें? ▪️इनमें से कितनों की हिम्मत है यह पूछने की कि चुनाव के बीचोंबीच सरकार पैसे बांटती रही और चुनाव आयोग मूक दर्शक क्यों बना रहा? ▪️इनमें से कितनों की हिम्मत है कि चुनाव आयोग की संदिग्ध भूमिका पर सवाल पूछ सकें? ▪️इनमें से कितनों की हिम्मत है कि BJP के नेताओं के अलग अलग जगहों पर एक से ज़्यादा वोट डालने पर सवाल उठायें? ▪️असलियत तो यह है कि 2014 के पहले ‘ज़िम्मेदार प्रतिष्ठित’ नागरिक चुनी हुई सरकार से सवाल पूछते थे, आख़िर जिसके पास सत्ता संसाधन संस्थाएं हैं - सवाल भी तो उन्हीं से होगा. लेकिन अब सवालों के घेरे में वो व्यक्ति है जो इस देश के लोकतंत्र की धज्जियां उड़ने के ख़िलाफ़ मज़बूती से लड़ रहा है 👉और मीडिया वाले चरणचुम्बकों का तो क्या ही कहना?! यह तो नरेंद्र मोदी के दिन को रात कहने पर सियार की तरह हुआँ हुआँ करना शुरू कर देते हैं

Supriya Shrinate

167,799 görüntüleme • 9 ay önce

ब्रेकिंग न्यूज़ 🔥🔥 फाल्टा से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने घोषणा की है कि वे अब चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और मजे की बात यह की चुनाव प्रचार के अंतिम दिन चुनाव लड़ने से इनकार किया उन्होंने हार स्वीकार कर ली है और भाजपा के खिलाफ चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। यह घोषणा तब हुई जब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भाजपा उम्मीदवार देबांशु पांडा के लिए प्रचार कर रहे थे। क्योंकि इनको पता चल गया कि अब यह गुंडागर्दी नहीं कर सकते मतदाताओं को धमकी नहीं दे सकते उनकी हार तय है तब इसने चुनाव के पहले ही हार मान लिया अब आप समझ जाइए कि तृणमूल कांग्रेस के जमाने में किस तरह से चुनाव होते थे

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

77,401 görüntüleme • 3 ay önce

#WATCH | मुर्शिदाबाद: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रा की हत्या पर कहा, "बंगाल में कानून की हालत देखिए, यहां गुंडागर्दी कोई नई बात नहीं है। दरिंदों के पनपने के लिए यह सबसे अच्छी जगह मानी जाती है, चुनाव के नतीजों के बाद जब लोग शांति की उम्मीद कर रहे थे तब भी हम खून-खराबा होते देख रहे हैं। नई सरकार को यह देखना चाहिए, भाजपा की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि बंगाल में भय का माहौल नहीं रहेगा... लेकिन बंगाल भाजपा के कद्दावर नेता के PA की ही हत्या हो जाती है, इसका मतलब है कि बंगाल जहां था वहीं है। सरकार बदली लेकिन हालात नहीं बदले...दोषी को सख्त से सख्त सज़ा हो और सभी को पता होना चाहिए कि दरिंदे किस पार्टी से है। यह बहुत दर्दनाक घटना है, अपराधी को सज़ा होनी चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए।"

ANI_HindiNews

57,105 görüntüleme • 3 ay önce