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कॉमनवेल्थ गेम्स में यह पहली दफा नहीं हुआ है, 2010 में भी हमारे हरियाणा के खिलाड़ियों ने परचम लहराया था। हमारे खिलाड़ी बहुत होनहार हैं और उनकी मेहनत पर हमें गर्व है। हमें इस बात का गर्व है कि ​हमारे समय में बनी 'पदक लाओ, पद पाओ' खेल नीति...

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मुख्यमंत्री नायब सैनी जी, हुड्डा सरकार की 'पदक लाओ, पद पाओ' और 'SPAT' नीति के नींव पर बनी खेल नर्सरियों से निकले हमारे खिलाड़ी ही आज भारत माता की झोली को मेडलों से भर रहे हैं। ​इसी खेल नीति ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सुरक्षित भविष्य दिया। हुड्डा साहब की दूरदर्शी सोच से ही हर ब्लॉक में स्टेडियम, स्पोर्ट्स नर्सरी और SPAT जैसे कार्यक्रम शुरू हुए। जिसका नतीजा है कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगताओं में देश के कुल मेडल में 50% गोल्ड अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते है। आज का कड़वा सच तो यह है कि लापरवाही और खस्ता हालत के कारण स्टेडियमों में पोल गिरने से प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की जानें जा रही हैं। भाजपा सरकार अपनी नाकामी छुपाने की बजाय बताए कि उसने नयी प्रतिभाओं के लिए क्या किया? आपने तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 हरियाणा में कराने के लिए प्रस्ताव तक नहीं भेजा।

Deepender Singh Hooda

16,948 views • 1 month ago

निर्मला बूरा हरियाणा की एक अत्यंत सम्मानित और उपलब्धि-सम्पन्न खिलाड़ी हैं। वे भीम अवार्डी, कॉमनवेल्थ गेम्स सिल्वर मैडलिस्ट, एशियन चैम्पियनशिप सिल्वर मैडलिस्ट, तथा 20 बार सीनियर नेशनल मैडलिस्ट रही हैं, जिनमें से 14–15 गोल्ड मेडल सिर्फ सीनियर नेशनल स्तर पर हैं। वर्तमान में वे हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर सेवा दे रही हैं। कुश्ती में आज के समय में वे सबसे सीनियर सक्रिय खिलाड़ी हैं, और इस उम्र में भी उनका निरंतर खेलना हम सभी के लिए एक प्रेरणा है। लेकिन हाल ही में हरियाणा में नेशनल के लिए हुए ट्रायल में उनके साथ अत्यंत अनुचित व्यवहार किया गया… निर्मला बूरा की ट्रायल तक नहीं ली गई, न कोई कारण बताया गया और न कोई आधिकारिक सूचना दी गई। फेडरेशन में गुंडे-बदमाशों को बैठा दिया जो मनमर्जी से, बिना किसी पारदर्शिता के, खिलाड़ियों को शामिल या बाहर करने का निर्णय ले रहे हैं। दुर्भाग्य यह है कि हरियाणा और केंद्र का खेल मंत्रालय इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि खिलाड़ी पूरे वर्ष कड़ी मेहनत करते हैं और उचित अवसर की उम्मीद में रहते हैं। यदि निर्मला बूरा जैसी अनुभवी और देश के लिए अनगिनत पदक जीतने वाली खिलाड़ी की सुनवाई नहीं हो रही, तो आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा? यह स्थिति केवल एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे भारतीय खेल तंत्र पर एक प्रश्न है और अब इसमें सुधार अनिवार्य हो चुका है। खेलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता बहाल करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि हर खिलाड़ी को उसकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर पहचान मिल सके। मैं, निर्मला दीदी के सम्मान और हर खिलाड़ी के अधिकार के लिए खड़ी हूँ। मैं सरकार, खेल मंत्रालय और सभी जिम्मेदार अधिकारियों से आग्रह करती हूँ कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए और उनको न्याय दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।

Vinesh Phogat

23,936 views • 9 months ago

भाजपा सरकार 'राज्यधर्म' छोड़ कर 'राजधर्म' निभाए। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत के लिए गर्व का विषय है। लेकिन सरकार से हमारी मांग है कि हरियाणा को इसमें मेजबानी का मौका मिले। जब सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर करोड़ों खर्च कर रही है, तो इसका अवसर हरियाणा को मिलना चाहिए, जिसका फायदा पूरे देश को होगा। जहाँ के खिलाड़ी हर बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश के लिए 50% से ज्यादा मेडल लाते हैं। ​खेल इंफ्रास्ट्रक्चर वहीं बने जहाँ प्रतिभा है। लेकिन गुजरात का चयन किया गया। हमें किसी प्रदेश से कोई द्वेष नहीं है। लेकिन यह न्यायसंगत नहीं है। सरकार 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को नंबर-1 बनाने के लक्ष्य के साथ इस फैसले पर पुनर्विचार करे।

Deepender Singh Hooda

11,111 views • 1 month ago

राहुल गांधी का आज का बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और उनकी अराजकतावादी मानसिकता को दिखाता है। मैं यह मानता हूं कि भारतीय राजनीति में जहां सुचिता, सामाजिकता और एक-दूसरे को सम्मान देने की प्रक्रिया है, उसमें उनका यह बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मानता हूं कि लगातार हो रही हार और निराशा उनके स्वभाव और चरित्र में दिख रही है। मैं पूछना चाहता हूं, राहुल गांधी जी, आपके पूर्वजों ने इस देश की जमीन और जमीर को हमेशा गिरवी रखने का काम किया। कभी हमारे सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने का काम नहीं किया। लेकिन हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस देश की जमीन भी सुरक्षित हुई और देश के लोगों का ज़मीर भी मजबूत हुआ। आपके शासनकाल में, जब-जब आपके लोगों ने इस देश में राज किया, करप्शन में आकंठ आपकी पूरी सरकार डूबी रही। आज हम करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हैं। आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आतंकवाद जैसी चीजों पर पूर्ण रूप से लगाम लगाने का काम किया गया है और हमारे पड़ोसी भी आज हमारी इस नीति से नतमस्तक नजर आते हैं। राहुल गांधी जी, आपका बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। आपने केवल नरेन्द्र मोदी जी का ही अपमान नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का भी अपमान किया है। - भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री Nitin Nabin

BJP

21,415 views • 4 months ago

बजट सेशन में हमें उम्मीद है हरियाणा के हकों पर सरकार ध्यान देगी। मेरी मांग है कि - ◆ ​मैंने बड़ी मेहनत से हरियाणा के महम में अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, गोहाना में रेल कोच फैक्ट्री, AIIMS बाढ़सा में मेडिकल कॉलेज समेत 11 राष्ट्रीय संस्थान, गुड़गांव में इंडियन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी जैसी परियोजनाओं को मंजूर कराया था, उन्हें आगे बढ़ाया जाए। ◆ कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा में 88 Km. मेट्रो का विस्तार हुआ, लेकिन 12 साल से एक इंच भी मेट्रो विस्तार नहीं हुआ, उस मेट्रो को भी आगे बढ़ाया जाए। ◆ कॉमनवेल्थ खेल 2030 की सह-मेजबानी के लिए हरियाणा को चयनित किया जाए। लेकिन हम नाउम्मीद इसलिए हैं, क्योंकि केंद्र की बीजेपी सरकार ने 12 साल से हरियाणा के हितों को ठोकर मारने का काम किया है।

Deepender Singh Hooda

22,965 views • 8 months ago

आज मोदी सरकार की विफल विदेश नीति के कारण भारत का पूरी दुनिया में अपमान हो रहा है • कनाडा हमें G-7 के लिए नहीं बुलाता • ट्रंप लगातार सीजफायर का श्रेय ले रहे हैं • अब रूस भी मध्यस्थता की इस बात को मान रहा है • हम दुनिया में अलग-थलग पड़ गए हैं • हमारे सदाबहार मित्र हमसे किनारा कर रहे हैं • बड़े देश हमारे दुश्मन के खेमे में नजर आ रहे हैं जिस पाकिस्तान को हमने पूरी तरह से दरकिनार कर दिया था, वो हीरो बना घूम रहा है. उसे फण्ड मिल रहे हैं, संयुक्त राष्ट्र में कमिटो की अध्यक्षता मिल रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 45 दिनों में कश्मीर की तरफ झांका भी नहीं, लेकिन आज वे फीता काटने के लिए कश्मीर पहुंचे हैं कूटनीति का मतलब फ़र्ज़ी और खोखले दावे या लाल लेजर आंखों वाली रील बनाना नहीं है- अगर हमारी विदेश नीति सही होती, तो दुनिया के तमाम देश हमारे साथ मुस्तैदी से खड़े रहते

Supriya Shrinate

47,379 views • 1 year ago

जुलाना (जींद) स्टेडियम की यह भयावह हालत सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है। कागज़ों में यहाँ खेल नर्सरी चल रही दिखा दी गई है, लेकिन ज़मीन पर उसकी एक ईंट भी सही हालत में नहीं मिलती। इंडोर हॉल बिना लाइट, बिना पंखे और टूटी खिड़कियों के अंधेरे में पड़ा है। वॉलीबॉल ग्राउंड पर जंग लगे पोल और घास से भरी ज़मीन बताती है कि सालों से मेंटेनेंस का कोई नामोनिशान नहीं। रेसिंग ट्रैक टूटा हुआ है और बीच में लगे खतरनाक बिजली के खंभे ये सब किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं। यहाँ तक कि खिलाड़ियों के टॉयलेट भी जर्जर अवस्था में पड़े हैं। अब मेरा सवाल सरकार से है :- 1. जब काग़ज़ों में खेल नर्सरी चला रहे हो, तो ज़मीन पर उसकी हालत ऐसी क्यों है? 2. करोड़ों का स्पोर्ट्स बजट आखिर जाता कहाँ है? 3. खिलाड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और भविष्य सरकार की प्राथमिकता कब बनेंगे? हरियाणा के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते हैं, लेकिन सरकार की यह उदासीनता उनके सपनों को कुचल रही है।

Vinesh Phogat

10,508 views • 10 months ago

कांग्रेस के जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, पार्टी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी ही लेकिन, आने वाले समय में जनता उनको माफ नहीं करेगी और बदला लेगी। राज्य सभा चुनाव की अग्नि परीक्षा में बीजेपी ने हर तरह का खेला रचकर हमारे विधायकों को तरह-तरह का प्रलोभन देने, फंसाने, उलझाने, धमकाने, हर तरह का प्रेशर बनाने की कोशिश की। बावजूद कांग्रेस के सिपाही पार्टी के साथ डटे रहे। उन सभी विधायकों का सम्मान प्रदेश के लोगों और देश के लोगों के दिलों में और अधिक बढ़ गया है। हम उन विधायकों के इलाकों में जाएंगे और जनता के सामने बात करेंगे कि आज लोकतंत्र को बचाने में कांग्रेस पार्टी के ये हमारे नायक हैं।

Deepender Singh Hooda

19,795 views • 6 months ago